Friday, 10 July 2020

हाथ बंधे क्यों नहीं थे? विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर उठ रहे हैं ये 5 सवाल


8 पुलिसकर्मियों के हत्यारे गैंगस्टर विकास दुबे शुक्रवार सुबह पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उज्जैन से कानपुर लाए जाने के दौरान बर्रा इलाके में एसटीएफ की वह गाड़ी पलट गई जिसमें दुबे भी मौजूद था। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना का फायदा उठाकर विकास दुबे ने एक पुलिसकर्मी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और मारा गया। हालांकि, पुलिस की इस थ्योरी पर कई सवाल भी उठ रहे हैं, जिनका अभी जवाब दिया जाना बाकी है।

सवाल 1:
पहला सवाल यह है कि क्या आखिर काफिले की वही गाड़ी अचानक कैसे पलटी जिसमें विकास मौजूद था। यदि इसे संयोग मान लिया जाए तो भी बड़ा सवाल यह है कि जब इतने बड़े अपराधी को पुलिस गाड़ी में ला रही थी तो उसके हाथ खुले क्यों थे? क्या उसे हथकड़ी नहीं लगाई गई थी?

सवाल 2:
एक दिन पहले जिस तरह विकास दुबे की गिरफ्तारी हुई उसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उसने खुद मंदिर परिसर में कुछ लोगों को अपनी पहचान बताई थी। यदि वह गिरफ्तारी के लिए तैयार नहीं था तो एक हाई सिक्यॉरिटी जोन में क्यों गया? यदि कल गिरफ्तारी के लिए तैयार था तो आज उसने भागने की कोशिश क्यों की?

सवाल 3:
गुरुवार को प्रभात और शुक्रवार को विकास दुबे, इन दोनों का जिस तरह दो दिन में एनकाउंटर हुआ और पूरे घटनाक्रम को देखें तो यह सवाल जरूर उठता है कि क्या यह संयोग है? प्रभात के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने इसी तरह का घटनाक्रम बताया था कि पहले पुलिस की गाड़ी पंक्चर हुई फिर प्रभात पुलिसकर्मियों से पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश करने लगा और फिर एनकाउंटर में मारा गया। आज भी सबकुछ ठीक उसी तरह से हुआ है।

सवाल 4:
दो दिन में दो बार अपराधी पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लेते हैं। जानकार सवाल उठा रहे हैं कि क्या पुलिसकर्मियों ने अपने हथियार रखने में लापरवाही बरती जो उनके गिरफ्त में मौजूद कोई बदमाश हथियार छीन लेता है।

सवाल 5:
मीडियाकर्मियों का दावा है कि वे भी उस काफिले के साथ ही उज्जैन से आ रहे थे, लेकिन दुर्घटना स्थल से कुछ पहले मीडिया और सड़क पर चल रही निजी गाड़ियों को रोक दिया गया था। न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी इसका फुटेज जारी किया है। आखिर क्यों मीडिया को आगे बढ़ने से कुछ देर के लिए रोक दिया गया था? यदि विकास ने भागने की कोशिश की तो उसके पैर में गोली क्यों नहीं मारी गई? इस तरह के और भी कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका अभी पुलिस को जवाब देना होगा।

Paytm Payments Bank ने शुरू की वीडियो KYC, अब आसानी से चलता रहेगा खाता


मोबाइल वॉलेट फिनटेक कंपनी पेटीएम द्वारा संचालित पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए वीडियो केवाईसी की सुविधा को शुरू कर दिया है. इससे लोगों को वीडियो कॉल के जरिए अपने खाते की केवाईसी कराने में काफी सहूलियत मिलेगी.
हमारी सहयोगी वेबसाइट के अनुसार पेटीएम ने सुबह 9 बजे से लेकर के रात 8 बजे तक किसी भी दिन केवाईसी कराने का समय रखा है. इससे लोगों को महामारी के बीच घर बैठे ही ये सुविधा मिल जाएगी और उनको बाहर नहीं जाना पड़ेगा. इस अवसर पर पेटीएम पेमेंट बैंक के सीईओ और एमडी सतीश कुमार गुप्ता ने कहा कि तकनीक की मदद से बैंक हमेशा अपने ग्राहकों की सुविधा का ध्यान रखेगी. हम बैकएंड पर अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को फिलहाल विकसित कर रहे हैं ताकि रोजना 15 हजार वीडियो केवाईसी को किया जा सके.
गुप्ता ने कहा कि हमने कोरोना काल में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के क्रम में कैश ऐट होम सेवा शुरू किया था. यह सेवा उन लोगों के लिए शुरू की गई थी, जो बीमारी या फिर बढ़ती उम्र की वजह से एटीएम या फिर बैंक नहीं जा सकते हैं.
कैश ऐट होम सर्विस का उपयोग करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों के पास पेटीएम पेमेंट बैंक का बचत खाता होना चाहिए. बैंक के ऐप पर जाकर उनको जितना पैसा चाहिए वो एंटर करना होगा. इसके बाद अपने आवेदन को सबमिट करना होगा. इसके बाद बैंक का एग्जिक्यूटिव उनके रजिस्टर्ड पते पर दो दिन के अंदर कैश डिलीवर कर देगा. इस सेवा से वरिष्ठ नागरिकों कम से कम एक हजार रुपये और अधिकतम पांच हजार रुपये तक प्राप्त कर सकते हैं.
बैंक ने हाल ही में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर सेवा भी शुरू कर दिया है, जिसमें सरकार की तरह से जारी 400 योजनाओं की सब्सिडी सीधे ग्राहकों के बैंक खातों में ट्रांसफर हो सकती हैं. 

LED लाइट का करें कारोबार, सिर्फ 5000 रुपये का खर्चा और फिर झमाझम पैसे की बरसात


देश में इन दिनों लाइट के नाम पर सिर्फ LED लाइट की ही डिमांड होती है. इसकी वजह ये है कि एक तो ये जल्दी फ्यूज नहीं होते और दूसरा इससे बिजली की खूब बचत होती है. इन दिनों पॉपुलर होने की वजह से ज्यादातर दूकानदार भी सिर्फ यही लाइट रखते हैं. इसीलिए ज्यादातर विशेषज्ञ अब इसके कारोबार से जुड़ने की सलाह देते हैं. हम बता रहे हैं कैसे जुड़े सकते हैं आप इस कारोबार से.
ऐसे में, अगर आप अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो LED बल्ब का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) के तहत कई संस्थान एलईडी बल्ब बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं.
दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी LED बल्ब बनाने का एक कोर्स करवाती है. करीब 5000 रुपए इस कोर्स की फीस रखी गई है. हमारे सहयोगी के अनुसार यहां आपको एलईडी के बारे में हर बारीक से बारीक जानकारी दी जाएगी और एलईडी बनाने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा.
एलईडी बल्ब बनाने की ट्रेनिंग के दौरान आपको बेसिक आफ एलईडी, बेसिक ऑफ पीसीबी, एलईडी ड्राइवर, फिटिंग-टेस्टिंग, मैटेरियल की खरीद, मार्केटिंग, सरकारी सब्सिडी स्कीम आदि के बारे में बताया जाएगा.
अगर आप ट्रेनिंग लेकर एलईडी बल्ब बनाने का खुद का बिजनेस शुरु करना चाहते हैं तो आप 99711-2866, 82175-82663 या 88066-14948 पर कॉल कर सकते हैं.
एलईडी बल्ब CFL की तुलना में कम बिजली खपत करता है. CFL से एक वर्ष में  करीबन 80% की  ऊर्जा लागत होती है. LED बल्ब सीएफएल की तुलना में महंगा होता है. एक LED बल्ब की लाइफ आमतौर पर 50000 घंटे या अधिक होती है जबकि सीएफएल CFL बल्ब की 8000 घंटे तक ही होती है. एलईडी बल्ब टिकाऊ और लंबे समय तक चलता है.

चाय वाले ने गजब अंदाज में बनाई कोल्ड कॉफी, IAS बोला- 'कभी नहीं देखी ऐसे बनते हुए...' - देखें Viral Video


केरल में चाय वाले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसको देखकर आप हैरान रह जाएंगे. चाय वाले ने गजब अंदाज में कोल्ड कॉफी बनाई, जिसको देखकर आप भी सोचेंगे कि शख्स ने कैसे यह कॉफी बनाई. आईएएस ऑफिसर अवनीश शरण ने इस वीडियो को शेयर किया है. यह वीडियो केरल का बताया जा रहा है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स चक्कर के पानी में कॉफी मिलाता है. फिर दूध की थैली को काटता है और दूर से धार मारकर गिलास में दूध डालता है. जिस तरह चाय वाले ने कोल्ड कॉफी बनाई, उसको देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे. अवनीश शरण ने वीडियो शेयर करते हुए मजेदार कैप्शन लिखा.
अवनीश शरण ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'केरल के चाय स्टॉल वाले ने गजब का करतब दिखाया. क्या तरीका है कोल्ड कॉफी बनाने का. मैंने कभी इस तरह की कोल्ड कॉफी बनते नहीं देखा है.'इस वीडियो को 9 जुलाई को शेयर किया गया है,

कब-कैसे और कहाँ से आया 'कोरोना' वायरस ? जांच के लिए बीजिंग पहुंची WHO की टीम


वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वूहान शहर से हुई थी, अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कुछ विशेषज्ञ ये जानने के लिए चीन पहुंच रहे हैं कि ये शुरुआत हुई कैसे थी. WHO के दो विशेषज्ञ अगले दो दिन बीजिंग में रहेंगे, जहां पर इस जांच की तैयारियां शुरू होंगी. इनमें एक एनिमल एक्सपर्ट और एक एपिडिमिलोजिस्ट एक्सपर्ट शामिल है, इस जांच के दौरान ये देखा जाएगा कि ये वायरस जानवरों से मनुष्यों में किस तरह आया.
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस वायरस का प्रसार चमगादड़ से हुआ था, जिसके बाद ये कुछ और जानवरों के माध्यम से आम लोगों में फैल गया. चीन की तरफ से इसके बाद जानवरों का मार्केट, उनकी बिक्री को लेकर कुछ परिवर्तन किए गए हैं. लेकिन अब भी चीन दुनिया के निशाने पर लगातार बना हुआ है. इसी दबाव के बीच WHO ने घोषणा की थी कि वो वायरस की उत्पत्ति जानने के लिए अपनी टीम को चीन पहुँचाएगा, जिस पर चीन ने सहमति जताते हुए कहा था कि दुनिया के प्रत्येक देश में इसकी जांच होनी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि WHO पर आरोप लगाए गए थे कि कोरोना वायरस के मामले में वह चीन का बचाव कर रहा है, इसी वजह से अमेरिका ने WHO को छोड़ दिया. आपको बता दें कि दुनिया के लगभग 120 देशों ने इस वायरस की उत्पत्ति की जांच की मांग थी, जिसके बाद चीन ने कहा था कि पहले कोरोना महामारी को समाप्त होने दें. अब चीन में कोरोना करीब-करीब समाप्त हो गया है, हालांकि यहां दूसरी वेव देखी गई है.

UP में रात 10 बजे से 55 घंटे का Lockdown, जानें क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद?


उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार ने आज (10 जुलाई) रात 10 बजे से 13 जुलाई सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है. राज्य में तीन दिन के पूर्ण लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रहेगी.
जानकारी के मुताबिक, 10-12 जुलाई तक राज्य में स्वच्छता और सैनिटाइजेशन के अभियान चलाया जाएगा. शुक्रवार रात दस बजे से 13 जुलाई की सुबह पांच बजे तक के लिए सभी कार्यालय, बाजार, कारखाने बंद रखने का आदेश मुख्य सचिव आरके तिवारी ने दिया है.
राज्य सरकार ने तीन दिन या 55 घंटे के लॉक डाउन के लिए ऐसा समय चुना है, जब खास तौर पर सरकारी कामकाज प्रभावित न हो. महीने के दूसरे शनिवार और रविवार को भी सरकारी ऑफिसों में छुट्टी रहेगी. आपको बता दें कि सोमवार की सुबह पांच बजे तक गतिविधियों पर रोक रहेगी, उसके बाद स्थिति सामान्य कर दी जाएगी.
उत्तर प्रदेश में सभी कार्यालय, शहरी व ग्रामीण बाजार, गल्ला मंडी, कारखाने बंद रहेंगे. हालांकि स्वास्थ्य, चिकित्सकीय सेवाएं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पहले की तरह चलती रहेगी. आवश्यक सेवाओं से जुड़े व्यक्तियों, कोरोना वॉरियर, स्वच्छता कर्मी और डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े व्यक्तियों के आने-जाने पर कोई पाबंदी नहीं होगी.
इस दौरान रेलवे का आवागमन भी पहले की तरह ही रहेगा. ट्रेनों से आने वाले यात्रियों के लिए बसों की व्यवस्था उप्र परिवहन निगम करेगा. रेल यात्रियों के मूवमेंट के लिए लगी बसों के अलावा परिवहन निगम की अन्य बसों का प्रदेश में संचालन प्रतिबंधित रहेगा.
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं चालू रहेंगी. माल गाड़ियों के आवागमन पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा. लॉकडाउन को दौरान राष्ट्रीय व राज्य मार्गों पर परिवहन जारी रहेगा. साथ ही इनके किनारे स्थित पेट्रोल पंप और ढाबे खुले रहेंगे.
आपको बता दें कि यूपी में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 31 हजार के पार पहुंच चुका है. अब तक 862 लोगों की संक्रमण से मौत भी हो चुकी है.

कोरोना ने दी है बहुत बड़ी सीख, आपको भी अपनानी चाहिए


साल 2020 से पूरी दुनिया में शुरू हुई कोरोना महामारी ने सभी लोगों को परेशान कर दिया है. भारत में भी इस महामारी का प्रसार रोकने के लिए मार्च के आखिरी हफ्ते में लॉकडाउन लगाया था. हालांकि अब पूरे देश में अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है. इस महामारी ने लोगों को एक वित्तीय सीख भी दे दी है.
महामारी ने लोगों को बता दिया है कि निवेश से ज्यादा जरूरी है बीमित होना. एक आदमी पैसा तो कमा सकता है, लेकिन अगर व्यक्ति के पास टर्म बीमा या फिर स्वास्थ्य बीमा नहीं है तो कमाया हुआ पैसा किसी काम का नहीं है. ऐसे में अब लोगों के लिए पूरे परिवार का बीमा खरीदना काफी जरूरी हो गया है.
सेबी से रजिस्टर्ड कर व निवेश सलाहकार मनीकरण सिंघल ने हमारी सहयोगी वेबसाइट से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले लोगों को टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए. जल्दी उम्र में बीमा लेने से काफी कम प्रीमियम देना होता है. इसके बाद लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए. अगर आपके पास कंपनी की तरफ से भी बीमा है तो भी पर्सनल स्वास्थ्य बीमा लेना जरूरी है.
कोरोना ने लोगों के बीच स्वास्थ्य बीमा लेने के लिए जागरूक कर दिया है. अस्पतालों का बिल लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं कोरोना महामारी का इलाज भी 10 से 20 लाख रुपये में हो रहा है. ऐसे में लोगों के पास स्वास्थ्य बीमा होना काफी जरूरी हो गया है. 

Union Bank में मिलेगा बेहद सस्ता लोन, ग्राहकों को लुभाने के लिए आई नई स्कीम


होम लोन और ऑटो लोन लेने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अब यूनियन बैंक एक शानदार खबर लेकर आया है. इस सरकारी बैंक ने अपने ब्याज दरों में कटौती कर दी है. अगले सोमवार से इस कम ब्याज में लोन लेने का फायदा उठाया जा सकता है.
सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को विभिन्न अवधि के लिए सीमांत लागत धन-आधारित उधारी दर (MCLR) में 0.20 प्रतिशत कटौती की घोषणा की. नई दरें 11 जुलाई से लागू होंगी.
बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा कि संशोधित एक वर्षीय एमसीएलआर 7.60 प्रतिशत की जगह 7.40 प्रतिशत होगी. तीन महीने और छह महीने के एमसीएलआर को घटाकर क्रमश: 7.10 फीसदी और 7.25 फीसदी कर दिया गया है. पिछले साल जुलाई से बैंक द्वारा लगातार 13 बार दर में कटौती की गई है.
इससे पहले देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने शुक्रवार को छोटी अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.05 से 0.10 प्रतिशत की कमी की थी. सार्वजनिक क्षेत्र के एक अन्य बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक ने सभी अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.25 प्रतिशत तक कटौती की है. इस हफ्ते की शुरुआत में केनरा बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी एमसीएलआर में कटौती की थी.

PNB में हुई 3,688 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, जानिए क्या है ताजा मामला


पंजाब नेशनल बैंक ने गुरुवार को कहा कि उसने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के एनपीए खाते में 3,688.58 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बारे में आरबीआइ को जानकारी दी है. डीएचएफएल उस समय सुर्खियों में आई थी जब एक रिपोर्ट में कहा गया कि उसने कई मुखौटा कंपनियों के जरिये कुल 97,000 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज में से कथित रूप से 31,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की.
उसने कहा कि बैंक पहले ही तय मानदंडों के तहत इसके लिए 1,246.58 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुका है. रिजर्व बैंक ने पिछले साल नवंबर में समस्या में फंसी आवास ऋण देने वाली कंपनी डीएचएफएल को ऋण शोधन कार्यवाही के लिये भेजा था. वह पहली वित्तीय सेवा कंपनी है जो कर्ज समाधान को लेकर एनसीएलटी गई. कंपनी में पिछले साल नियमों के कथित उल्लंघन की रिपोर्ट के बाद एसएफआईओ समेत विभिन्न एजेंसियों ने जांच शुरू की.
डीएचएफएल देश की पहली फाइनेंशियल कंपनी है जिसे बैंकरप्सी कोर्ट में ले जाया गया. इसका कुल कर्ज 85,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का है. इसके प्रमोटर कपिल वधावन पर आरोप हैं कि वे मनी लांड्रिंग करते थे.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे बैंक के ग्राहकों को पर कोई असर नहीं होगा. उनका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है. लेकिन, शेयर में गिरावट आ सकती है. ऐसे में निवेशकों को कुछ नुकसान हो सकता है.

एक ऐसी एक्ट्रेस, जिसने कपूर खानदान की चार पीढ़ियों के साथ किया काम


मशहूर अभिनेत्री जोहरा सहगल का निधन आज ही के दिन 102 साल के उम्र में वर्ष 2014 में हुआ था. पारंपरिक मुस्लिम परिवार में जन्म लेने वालीं जोहरा सहगल ने लाहौर के क्वीन मैरी कॉलेज से पढ़ाई की थीं, जहां महिलाओं को पर्दे में रखा जाता था. जोहरा सहगल ने ब्रिटेन में एक्टिंग की ट्रेनिंग ली थी, और फिर डांस की ट्रेनिंग के लिए जर्मनी चली गईं.
अभिनेत्री जोहरा सहगल ने 'बाजी', 'सीआईडी', 'आवारा' और 'नौ दो ग्यारह' जैसी सुपरहिट फिल्मों के लिए कोरियोग्राफी की थी. जोहरा सहगल जब तक जीवित रहीं उनकी उम्र भारतीय सिनेमा से एक साल ज्यादा रही. ऐसा इसलिए क्योंकि, पहली भारतीय फिल्म राजा हरिश्चंद्र वर्ष 1913 में आई थी. जबकि जोहरा सहगल का जन्म 1912 में हुआ था.
जोहरा सहगल ने पृथ्वीराज कपूर से लेकर उनके परिवार की चौथी पीढ़ी रणबीर कपूर तक के साथ अदाकारी के जलवे बिखेरे थे. उनका जन्म सहारनपुर में ढोली खाल के पास मोहल्ला दाऊद सराय में 27 अप्रैल 1912 को पठान मुस्लिम परिवार में हुआ था. उनके बचपन का नाम साहेबजादी जोहरा बेगम मुमताज उल्ला खान था. उनके पिता मुमताज उल्ला खान और नातिका उल्ला खान उतर प्रदेश के रामपुर निवासी थे.

50 करोड़ कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में मोदी सरकार, तय होगा न्यूनतम वेतन


श्रम कानूनों में संशोधन को लेकर सरकार के खिलाफ बनती धारणा और राजनीतिक हमलों के मद्देनज़र अब केंद्र सरकार ने कामगारों के न्यूनतम वेतन निर्धारित करने के लिए अधिक प्रभावी कानून लाने की तैयारी शुरू की है. सरकार द्वारा ड्राफ्ट कोड ऑन वेज सेंट्रल रूल्स के लिए गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इससे पूरे देश के 50 करोड़ कर्मचारियों-श्रमिकों को लाभ हो सकता है. सरकार द्वारा मंगलवार को ही यह गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया गया है और इसमें सभी पक्षों की राय मांगी गई है जिसके बाद नियम-कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि संसद में एक वर्ष पूर्व ही कोड ऑन वेजेज बिल पास हो चुका है. सरकार का दावा है कि इसमें न सिर्फ लोगों की जीविका बल्कि उनके बेहतर जीवन का ध्यान रखा गया है. प्रारूप के अनुसार, न्यूनतम वेतन निर्धारित करने का अधिकार केंद्र और राज्य सरकारों के पास रहेगा. श्रम सुधारों के तहत सरकार द्वारा चार लेबर कोड प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से पहला न्यूनतम वेतन का अधिकार ही है. कोरोना महामारी के बीच हाल में कई प्रदेश सरकारों ने श्रम कानूनों को इंडस्ट्री के पक्ष में लचीला बना दिया है, जिसके कारण ट्रेड यूनियन्स उनकी आलोचना कर रहे हैं और केंद्र सरकार की छवि पर भी प्रभाव पड़ा है.
पहले के विपरीत इस मसौदे में एक बड़ा परिवर्तन यह किया गया है कि नियोक्ता को प्रत्येक कर्मचारी को सैलरी स्लिप देना होगा, चाहे वह फिजिकल हो या इलेक्ट्रॉनिक रूप में. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कामगारों का उत्पीड़न कम होगा. सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, इसमें 123 तरह के पेशे को शामिल किया गया है. 

विकास दुबे एनकाउंटर : कांग्रेस पर भड़के नरोत्तम मिश्रा, कहा-अब उसमें क्या बचा है...


यूपी के खौफनाक बदमाश विकास दुबे को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया है. वही, एमपी के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कानून ने अपना कार्य कर रहा है. दुख और मातम की बात उन लोगों के लिए होनी चाहिए. जो कल उसके हिरासत में आने के बाद कह रहे थे कि क्यों पकड़ लिया? आज मारा गया तो बोल रहे हैं कि मर क्यों गया? कई राज पता नहीं चले. कल कुछ बोल रहे थे और आज कुछ बोल रहे हैं. कल कह रहे थे कि दोनों स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. एमपी की पुलिस ने अपना कार्य किया है. उन्होंने मामले में कांग्रेस द्वारा सीबीआइ से पड़ताल करवाने की मांग पर बोला कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है.
गृहमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि विकास दुबे को हिरासत में लेकर एमपी पुलिस द्वारा यूपी पुलिस को अपराधी सौप दिया गया था. मध्यप्रदेश पुलिस उसे यूपी की सीमा तक रात को सुरक्षित लेकर गई थी. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने विकास दुबे को लेकर ट्वीट किया है. जिसमें उन्होने भाजपा पर हमला किया है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी कल प्रश्न खड़े कर रही थी. कि इतना खौफनाक अपराधी को जिंदा कैसे ह​थैचढ़ गया ? आज मारा गया तो बोल रहे हैं कि मर कैसे गया? बहुत सारे राज दफन हो गए.
अपने बयान में नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कभी आप लोगों ने देखा है कि दिग्विजय सिंह ने इतनी जल्दी किसी आतंकवादी को लेकर कभी ट्वीट किया हो, नहीं कर सकते हैं. कांग्रेस के विचार और मानसिकता सबके सामने आ चुकी है. कभी सेना पर सवाल खड़े करना, तो कभी बहादुर पुलिस अफसरों पर प्रश्न खड़े करना, यही उनकी मानसिकता है. सीबीआइ पड़ताल की मांग पर उन्होंने बताया कि अब उसमें क्या शेष रह गया है.

900 साल से इस गांव में नहीं मना रक्षाबंधन, वजह जान रो पड़ेंगे आप


रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इस त्यौहार को हर साल बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है और बदले में भाई उन्हें तोहफ़े के साथ ही उनकी रक्षा करने का वचन भी देते हैं। हालांकि इसी बीच आप रक्षाबंधन से जुड़ी एक ख़बर को लेकर सोच में पड़ जाएंगे जो कि हम आगे आपको बताने जा रहे हैं।
रक्षाबंधन का पर्व इस बार 3 अगस्त को देशभर में मनाया जाएगा। लेकिन गाजियाबाद के मुरादनगर में ऐसा नहीं होता है। यहां पर पिछले 900 वर्षों से छाबड़िया गोत्र के भाइयों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र नहीं बंधा है। इतना ही नहीं जिसने भी इसे तोड़ने का प्रयास किया, उसके साथ कुछ अनर्थ ही हुआ। लगभग 15 हजार से अधिक आबादी वाले मुरादनगर के गांव सुराना में ज्यादातर छाबड़िया गोत्र के लोग निवास करते हैं।
महंत सीताराम शर्मा बताते हैं कि राजस्थान से आए पृथ्वीराज चौहान के वंशज छतर सिंह राणा द्वारा सुराना में अपना डेरा डाला गया था। छतर सिंह के पुत्र सूरजमल राणा के दो पुत्र विजेश सिंह राणा व सोहरण सिंह राणा थे। बताया जाता है कि साल 1106 में राखी के त्यौहार के दिन ही गांव पर मोहम्मद गोरी द्वारा हमला किया गया था, इस दौरान गोरी ने युवकों, महिला, बच्चों व बुजुगों को हाथी के पैर से कुचलवा कर उन्हें मौत के घाट उतरा दिया था। तबसे यहां पर राखी का त्यौहार नहीं मनाया जाता है। लेकिन यदि इस दिन गांव में किसी महिला को पुत्र या गौमाता को बछड़े की प्राप्ति होती है तो वह परिवार त्यौहार मनाता है। 

घर पर कैद हुए सीएम बीएस येदियुरप्पा, जाने क्यों


घर और कार्यालय के कई स्टाफ के कोरोना वायरस संक्रमित होने की खबर मिली है. जिसके बाद कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने बताया है कि वे सुरक्षा की वजह से घर से ही कार्य करेंगे.  शुक्रवार यानी आज अलसुबह मात्र 24 घंटो में देश में  संक्रमित मरीजों में 26 हजार 5 सौ 6 नए मामले सामने आए है. इसके अलावा ही भारत में अब तक कुल संक्रमित मामलों की तादाद 7 लाख 93 हजार के पार पहुंच गई है.
कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार यानि आज बताया कि वे एक हफ्ते के लिए होम क्वारंटाइन होने वाले है. क्योकि उनके कार्यालय में तीन स्टाफ कर्मचारी में कोरोना फैल गया है. टेस्ट के बाद तीन स्टाफ की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई है. सीएम अपने कार्यालय के कार्य को घर से ही करने वाले है.कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र का फाइनल ईयर की एग्जाम के आयोजन का निर्णय गलत है.उन्होंने बताया कि परीक्षा को रोक दिया जाना चाहिए. जिसके बाद विद्यार्थियों को उनके बीते प्रदर्शन के आधार पर प्रमोट कर देना चाहिए.

CBSE बोर्ड के नतीजे जल्द होंगे जारी, इस तरह कर सकेंगे चेक


बीते दिनों MP बोर्ड के नतीजे जारी किये थे. उसके बाद अब CBSE बोर्ड भी जल्द ही 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी करने जा रहा है. लेटेस्ट मिली जानकारी के मुताबिक, 15 जुलाई 2020 को 10वीं और 12वीं के नतीजों का ऐलान करेगा. परन्तु इसके पूर्व सीबीएसई बोर्ड ने स्टूडेंट्स को डिजीलॉकर ऐप को डाउनलोड करने या फिर उस पर खुद को रजिस्टर करने के निर्देश दिए हैं. सीबीएसई ने स्टूडेंट्स को यह निर्देश दिए है, की डिजीलॉकर ऐप डाउनलोड करने के बाद स्टूडेंट्स अपनी मार्कशीट डिजीलॉकर ऐप के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे.
इसे डाउनलोड करने की प्रक्रिया बताते हुए उन्होंने बताया, की 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को डिजीलॉकर ऐप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट digilocker.gov.in पर जाना होगा. वहा जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा. इसे रजिस्टर करने के लिए एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा आप खुद को रजिस्टर कर सकते है. जैसे- सबसे पहले digilocker.gov.in ऐप को डाउनलोड करें. हालांकि 10वीं और 12वीं के स्टूडेंटस इस बात का भी ध्यान रखें कि डिजीलॉकर के ऑफिशियल पोर्टल digilocker.gov.in पर भी मार्कशीट चेक कर सकते हैं.
तत्पश्चात, लॉगिन करने के लिए सीबीएसई बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करें. याद रहे की ये वही नंबर हो, जो बोर्ड परीक्षा के आवेदन फाॅर्म के दौरान उपलब्ध कराया गया था. इसके बाद अब आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा. छात्रों को सुरक्षा पिन के रूप में अपने सीबीएसई रोल नंबर के अंतिम छह अंको का प्रयोग करना होगा. इसके बाद एक बार लॉगइन करने के पश्चात् स्टूडेंट्स अपना मार्कशीट डिजीलॉकर पर देख पाएंगे. बात दे, की कोरोना महामारी के कारण ही नतीजों में देरी हो रही है.