Tuesday, 29 May 2018

बचपन में खो दिए दोनों हाथ-पांव, दसवीं में लाए 98 प्रतिशत


11 साल का था शिवम, जब उसे बिजली का करंट लगा। तब उसने अपने दोनों हाथ-पांव गवां दिए। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी, अपनी पढ़ाई जारी रखी और अब दसवीं की परीक्षा में उसने ९८.५३ प्रतिशत मार्क्स लाए। अब उसे डॉक्टर बनकर माता-पिता का सपना पूरा करना है।

शहर के बरानपुरा के विजयनगर में शिवम सोलंकी माता-पिता के साथ रहता है। छोटी उम्र में उसके जीवन में नया मोड़ आया। हाथ-पांव चले जाने के बाद वह हताश हो गया। पिता नौकरी करते थे, इसलिए शिवम की सारी जिम्मेदारी मां हंसाबेन पर आ गई। उसने बेटे को हिम्मत बंधाई। उसने शिवम के कटे हुए हाथ पर मोजा पहनाया, उसमें पेन फंसा दी। फिर लिखने की प्रेक्टिस शुरू करवा दी। मां की मेहनत और शिवम की लगन का परिणाम यह रहा कि उसने दसवीं में ९८.५३ प्रतिशत मार्क्स प्राप्त किए।