बदल जाएगा दुनिया का नक्शा, यहां अचानक फटनी शुरू हुई धरती


इस्लाम में भी प्रलय को जलजले के रूप में दिखाया गया है। इन प्राचीन ग्रंथों में जिन बातों का जिक्र किया गया है, वो धीरे-धीरे सच साबित होता जा रहा है। भूगर्भशास्त्रियों के मुताबिक, दुनिया का नक्शा एक बार फिर बदलने वाला है और इसकी शुरुआत अफ्रीकी महाद्वीप से हो चुकी है। अफ्रीकी महाद्वीप पर विशाल दरार पड़ चुकी है जो धीरे-धीरे इसे दो हिस्सों में बांट देगा।

बता दें कि दक्षिण पश्चिम केन्या में मीलों लंबी और काफी चौड़ी दरार पड़ चुकी है। लगातार इसका आकार-प्रकार बढ़ रहा है। यहां का नैरोबी-नरोक हाईवे पूरी तरह तहस-नहस हो चुका है। भूकंप की गतिविधियां यहां तेज हो चुकी हैं। फाल्ट डायनामिक्स रिसर्च ग्रुप लंदन रॉयल होलोवे के लुसिया पेरेज डियाज ने इसकी वजहें बताई है।

उनके मुताबिक, धरती का लिथोस्फेयर कई टेक्टॉनिक प्लेटों में बंटा होता है। ये प्लेटें स्थिर नहीं होतीं। अलग-अलग गति से ये एक-दूसरे की तरफ बढ़ती रहती हैं। ये ज्यादा चलायमान एस्थेनोस्फेयर के ऊपर सरकती रहती हैं। माना जाता है कि एस्थेनोस्फेयर के बहाव और प्लेटों की बाउंड्री से पैदा हुए बल इन्हें गतिमान बनाए रखते हैं। ये ताकतें प्लेट को सामान्य रूप से चलाती ही नहीं हैं, बल्कि कभी-कभी प्लेटों को तोड़ भी देती हैं। इससे धरती में दरार पैदा होती है और एक नई प्लेट बाउंड्री के निर्माण की स्थितियां बनती हैं।

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