Saturday, 30 June 2018

हिंदी फिल्मों की वो खूबसूरत हीरोइन पाई-पाई को मोहताज है !


फिल्म लव स्टोरी से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने वाली विजेता पंडित का आज जन्मदिन है। 80 के दशक में विजेता बॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस हुआ करती थीं। विजेता पंडित का जन्म मुंबई के जाने माने संगीत घराने में 25 अगस्त 1967 को हुआ।

इनके पिता का नाम प्रताप नरेन पंडित है, जो जाने-माने संगीतकार हुआ करते थे। पंडित जसराज विजेता पंडित के चाचा है। ये सात भाई-बहन सुलक्षणा पंडित, ललित पंडित, संध्या पंडित, मनधीर पंडित, जतिन पंडित और माया पंडित हैं. इनकी बहन सुरक्षणा पंडित भी 1975 से 1988 तक के दौर की बॉलीवुड की बेहतरीन अदाकारा हुआ करती थीं और भाई ललित और जतिन पंडित बॉलीवुड के जाने माने संगीतकार हैं

मशहूर अभिनेता और फिल्म निर्देशक राजेन्द्र कुमार 1980 में अपने बेटे कुमार गौरव के बॉलीवुड में डेब्यू की तैयारी कर रहे थे और वह उनके अपोजिट किसी नए चेहरे को लेना चाहते थे।  विजेता को कुमार गौरव के अपोजिट कास्ट किया गया।

विजेता पंडित की डेब्यू फिल्म ‘लव स्टोरी’ 1981 में रिलीज हुई, जो बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही। 1981 में बनी फिल्म ‘लव स्टोरी’ से बॉलीवुड एक्टर कुमार गौरव के साथ डेब्यू किया था। विजेता पंडित ने 15 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।

विजेता ने फिल्म ‘जीते है शान से’, ‘दीवाना तेरे नाम का’, ‘जलजला’  और ‘प्यार का तूफान’ में लीड रोल निभाया । फिल्म  लव स्टोरी की शूटिंग के दौरान विजेता और कुमार गौरव एक दूसरे से प्यार करने लगे थे और शादी करना चाहते थे।

लेकिन इस शादी के खिलाफ कुमार गौरव के पिता राजेंद्र कुमार थे।  दोनों परिवार के खिलाफ जाकर शादी नहीं करना चाहते थे इसलिए दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए ।  इसके बाद 1984 में राजेंद्र कुमार ने कुमार गौरव की शादी सुनील दत्त की बेटी नम्रता से कराई ।

कुमार गौरव के साथ ब्रेकअप के बाद विजेता ने 4 सालों तक घर पर समय बिताया ।  इसके बाद 1985 में बनी फिल्म ‘मोहब्बत’ और ‘मिसाल’ से कमबैक किया। हालांकि कमबैक के बाद उनको फिल्मों में सफलता मिलना कम हो गया ।

1986 में बनी फिल्म ‘कार थीफ’ में विजेता का पहली बार परदे पर बोल्ड अवतार देखने को मिला। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई । इस फिल्म के निर्देशक समीर माकलन के साथ ही 1986 में उन्होंने शादी की।   उनकी यह शादी ज्यादा समय तक नहीं चल सकी और आपसी मतभेद होने की वजह से विजेता ने 1988 में तलाक ले लिया। 

भाईयों के संगीत से जुड़े होने की वजह से मशहूर गीतकार आदेश श्रीवास्तव का विजेता के घर पर आना जाना होता था और वह ललित और जतिन पंडित के बहुत अच्छे दोस्त भी हुआ करते थे इसलिए तलाक के बाद विजेता ने 1990 में आदेश श्रीवास्तव से शादी की इनसे इन्हें दो बेटे अनिवेश श्रीवास्तव और अवितेश श्रीवास्तव हुए। 

आपको बता दें कि विजेता इन दिनों बहुत परेशानी में हैं। पति आदेश श्रीवास्तव की मौत के बाद विजेता आर्थिक परेशानी झेल रही हैं। पति आदेश श्रीवास्तव के बकाया पैसो के लिए इधर उधर भटक रही है। साल 2015 में कैंसर की वजह से आदेश श्रीवास्तव की मौत हो गई । विजेता पर दो बेटों के परवरिश की जिम्मेदारी हैं। आर्थिक तंगी से वो इस कदर घिर गई हैं कि उन्हें अपनी कार तक बेचनी पड़ी। 

 वहीं बहन सुरक्षणा पंडित की मानसिक हालत ठीक नहीं है।  विजेता आज भी अपनी बहन का सहारा बनी हुई हैं। कहते हैं विजेता पंडित की बड़ी बहन सुलक्षणा पंडित के शादी के प्रस्ताव को संजीव कुमाप ने जब ठुकरा दिया, तो सुलक्षणा पंडित की दिमागी हालत बेहद खराब हो गई। इसके बाद सुलक्षणा की शादी नहीं हो सकी और वह विजेता के साथ ही रहने लगी।

अपनी बहन को इस घटना से उबारने में भी विजेता को काफी समय लगा। 1985 में संजीव कुमार के निधन की खबर सुनकर सुलक्षणा अपने बिस्तर से गिर गई थी, जिसके बाद उनकी कमर की हड्डी भी टूट गई और इसका 4 बार ऑपरेशन कराया गया । इसके बाद विजेता उन्हें अपने घर में ही रखती थी । 







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