Saturday, 30 June 2018

इस गुफा के अंदर जाने पर चारों धाम की यात्रा हो जाती है, लेकिन जाना बेहद मुश्किल


आपको बता दें कि उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में गंगोलीहाट कस्बे में ये रहस्यमयी गुफा बना हुआ है। इस गुफा से जुड़ीं ऐसी मान्यताएं हैं जिनका उल्लेख कई पुराणों में भी किया गया है। इस गुफा के बारे में बताया जाता है कि इसमें दुनिया के समाप्त होने का भी रहस्य छुपा हुआ है।

इस गुफा को पाताल भुवनेश्वर के नाम से जाना जाता है। स्कंद पुराण में इस गुफा के विषय में कहा गया है कि इसमें भगवान शिव का निवास है। सभी देवी-देवता इस गुफा में आकर भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। गुफा के अंदर जाने पर आपको इसका कारण भी समझ में आने लगेगा। गुफा में पहुंचते ही थोड़ी देर के लिए आप बाहरी दुनिया को बिल्कुल भूल जाएंगे। गुफा के अंदर एक अलग ही दुनिया बसी हुई है।

गुफा के अंदर जाने का रास्ता काफी संकरा है। जमीन के अंदर आठ से दस फीट नीचे जाने पर गुफा की दीवारों पर ऐसी आकृतियां नजर आने लगती हैं जिसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे। दीवारों पर हंस बने हुए हैं जिसके बारे में ये माना जाता है कि यह ब्रह्मा जी का हंस है। गुफा के अंदर एक हवन कुंड भी है। इस कुंड के बारे में कहा जाता है कि इसमें जनमेजय ने नाग यज्ञ किया था जिसमें सभी सांप जलकर भष्म हो गए थे।

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