Saturday, 30 June 2018

पर्यावरण को बचाने के लिए बनाई ऐसी योजना, नारियल के खाली खोलों में लगाए पौधे, लोगों ने की तारीफ


शहरों को हरा-भरा बनाने के लिए सरकार हर समय एक नया एंजेडा लेकर चलती है कि कैसे शहरों और छोटे गांवों को शुद्ध और हरा-भरा रख सकें। ऐसी एक छोटी सी पहल गुजरात वन विभाग की तरफ से भी गई है।

इस पहल का मुख्य उदेश्य  पौधे उगाने के लिए हो रहे प्लास्टिक के पॉट का इस्तेमाल न कर प्राकृतिक चीजों का ज्यादा से ज्यादा यूज करना है। गुजरात वन विभाग ने का मानना है कि इसे पर्यावरण भी बचा रहेगा और प्लास्टिक के कचरे का प्राबंधन भी हो जाएगा।

वन-विभाग ने शुरुआत में नीलगिरि, तुलसी और सात तरह के पौधे लगाये जिन्हें नारियल के खोलों में मिट्टी भरकर लगाया गया। वन विभाग ने शुरूआत में कुल 1500 सौ पौधे लगाये। वन विभाग के डिप्टी कंज़र्वेटर पवार ने बताया, कि पौधए लगाने से पहले इस खोल को नीचे से काट दिया जाता है ताकि पौधे को नारियल-खोल के साथ ही जमीन में लगाया जा सके। जड़ों के बढ़ने के लिए भी काफी जगह मिल जाती है।  इसके अलावा नारियल के खोल बायोडीग्रेडेबले होते हैं, तो पौधे को कोई नुकसांन भी नहीं होता। और प्लास्टिक के बैग से भी छुटकारा मिल जाता है।

ऐसा पहली बार नहीं है किसी ने पर्यावरण के ऐसी अनोखी पहल की हो। इससे पहले भी लोगों ने पर्यावरण बचाने के लिए इक्रो-फ्रेंडली शादी का सहारा लिया और अपनी शादी में बेकार की फिजूल खर्ची को रोक कर पर्यावरण के अनुकूल चीजों का इस्तेमाल किया। पेड़ों को बचाने के लिए व्हाटअप के जरिए अपने रिश्तेदारों को न्योता भेजा.

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