Monday, 11 June 2018

इधर दरवाजे पर खड़ी थी बारात उधर पांच लोगों के साथ बिस्तर पर थी दुल्हन लेकिन फिर भी हुई शादी


यूट्यूब पर पिछले साल नैरोबी में एक नववधू के साथ उसकी शादी के दिन हुए गैंगरेप की वीडियो वायरल होने पर पूरी दुनिया सकते में आ गयी थी। केन्या की टैरी गोबान्गा ने बिना झिझक पूरी दुनिया के सामने अपनी आपबीती सुनायी थी और इस सभ्य समाज को बदनाम कर दिया था। अब कानपुर में केन्या की तरह एक घटना सामने आ रही है।

यहां भी एक दुल्हन के साथ इलाके के पांच दबंगों ने उस समय गैंगरेप किया जब उसकी बारात आ चुकी थी। ये घटना 12 मई की है। आठ घण्टे तक वहशी दरिन्दों के चंगुल में रही को छोडऩे के लिये उसकी मां गुहार लगाती रही। अपनी बेटी की अस्मत बचाने के लिये उसकी बारात दरवाजे आने की बात कहकर अपना सिर पटकती रही लेकिन दबंगों ने उसे उस लड़की को बर्बाद करके छोड़ा जो कुछ देर बाद अपने दूल्हे के साथ सात फेरे लेकर नयी जिन्दगी की शुरूआत करने वाली थी।

इस घटना के बाद इज्जत का वास्ता देकर माता-पिता ने उसे चुप रहने को कहा और उसके फेरे करा दिए, लेकिन अगले ही दिन ससुरालवालों ने उसके जिस्म पर घाव देखकर मामला पूछा और घर से निकाल दिया। अब अल्पना की जिन्दगी तार-तार हो चुकी थी। एक बार उसने जान देने की सोची लेकिन फिर अपने गुनहगारों को उसके किए की सजा दिलवाने का इरादा ठान लिया। वो रेप की शिकायत दर्ज कराने रसूलाबाद पुलिस थाने पहुंची लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की बजाय उसे भगा दिया। पुलिस इसे आपसी और पुरानी रंजिश के तहत गढ़ी गयी एक कहानी मान रही थी। पुलिस ने इस बात की जरूरत भी नहीं समझी कि पीडि़त युवती का मेडिकल परीक्षण करा लिया जाय। थकहार कर अल्पना ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की शरण ली।

No comments:

Post a Comment