Saturday, 23 June 2018

खतरनाक तरीके से पिघल रही है अंटार्टिका की बर्फ


एक इंटरनेशनल साइंटिस्ट की टीम ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें उन्होनें बताया है कि अंटार्टिका जो कि पूरा बर्फ से ढका हुआ है, धीरे-धीरे उसकी बर्फ पिघलती ही जा रही है। जिसका कारण और कोई नहीं हमारा ग्लोबल वॉर्मिंग और इस धरती के मनुष्य हैं।

अगर ये बर्फ ऐसे ही पिघलती रही तो इसकी वजह से पृथ्वी के समुंद्र स्तरों को बढ़ा सकता है जो तबाही का कारण बन सकती है। रिसर्चर की दुनिया की 42 देशों के 84 साइंटिस्ट ने बताया कि साल 2012 से 2017 तक अंटार्टिका की पहले ही बहुत ज्यादा बर्फ पिघल चुकी है। इन पांच सालों में लगभग 219 बिलियन टन हर साल पिघली है। जो कि साल 2012 से पहले सालों से पिघलने से तीन गुणा ज्यादा है।

प्रोफेसर Andrew Shepherd ने बताया कि इतनी तेजी से बर्फ का पिघलना बहुत ही ज्यादा हैरान करने वाला है। साल 2100 तक सभी समुंद्र का स्तर 15 सेंटीमीटर तक बढ़ सकता है। अगर कुछ नहीं किया गया तो साल 2100 तक भारत में भी समुंद्र स्तर बढ़ सकता है जिससे तबाही हो सकती है।

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