Sunday, 24 June 2018

इस महल में जैसे ही ड्यूटी पर सोता है गार्ड, पड़ता है जोरदार थप्पड़,आती हैं हाहाहाहाह


बताया जाता है कि ब्रिटिश शासनकाल में यहां अंग्रेजी सेना का अधिकारी मेजर बर्टन रहता था। वो इतना क्रूर था कि आम लोगों के साथ उसके सैनिक भी मेजर से बहुत त्रस्त रहते थे। उसके सैनिक हमेशा उसे मारने का मौका तलाशते रहते थे।

1857 में जब प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल बजा तो इसी महल में मेजर बर्टन को अंग्रेजी सेना में शामिल भारतीय सिपाहियों ने मौत के घाट उतार दिया। यही नहीं उसे बचाने के लिए आए उसके दो बेटों को भी सिपाहियों ने मार डाला। इसके बाद सालों तक यह भवन वीरान बना रहा। आजादी के बाद इस भवन को राजघराने के सुपुर्द कर दिया गया।

महल के चौकीदार राजाराम के बेटे माधव ने बताया कि "उसके पिता जी इस बात की चर्चा करते थे कि साल 1980 में उस मेजर के भूत को रानी ने अपनी आंखों से उसी हाल में देखा था, जहां उसे मारा गया था। तब से ये बात तेजी से फैल गई कि इस भवन में अंग्रेज का भूत रहता है। जिसके बाद यह शानदार महल हॉन्टेड पैलेस कहा जाने लगा।

माधव का कहना है- इस महल के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहां ड्यूटी पर अगर कोई गार्ड सोया तो उसे सोते समय एक जोरदार थप्पड़ पड़ता है। यह थप्पड़ किसने मारा यह पता नहीं चलता। लोग मानते हैं कि उस मेजर की आत्मा ही थप्पड़ मारती है। यही नही सिगरेट पीने वाले लोगों को भी इसका शिकार होना पड़ता है। हांलाकि, मेरे पिता के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ।

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