Sunday, 24 June 2018

जब प्रशासन ने नहीं सुनी फरियाद, तब महिलाओं ने खुद फावड़ा लेकर 3 दिन में बना दी..


प्रशासन की मानें तो पांच साल पहले उन लोगों ने इन गांव के लिए सड़क बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण करने का प्रयास किया था लेकिन भूमि मालिकों के विरोध के चलते वे लोग ऐसा नहीं कर सके। गांव की महिलाओं और बच्चों को सड़क न होने से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही थी इसलिए उन्होंने खुद सड़क बनाने की सोची।

उन लोगों ने फैसला लिया कि बारिश का मौसम आने से पहले वे लोग अपने गांव के लिए खुद सड़क बनाएंगीं। महिलाएं सुबह सूरज उगने के बाद सड़क बनाने के काम में लग जाती थीं और सूरज ढलने के बाद ही घर लौटती थीं।

महिलाओं के साहस कार्य को देखते हुए बांका डीएम कुंदन कुमार ने महिलाओं के इस प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने जो सड़क बनाई है, अब प्रशासन उस सड़क को कंक्रीट की बनाएगा। प्रशासन की मानें तो इन गांव में 500 घर हैं और इनकी आबादी लगभग 2000 की है।

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