Sunday, 24 June 2018

ये है दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर... चावल से भी छोटे इस सिस्टम से कैंसर के इलाज में मिलेगी मदद


इस सिस्टम को बनाने वाली टीम को लीड करने वाले और इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डेविड बलाऊ का कहना है कि वो इसे लेकर श्योर नहीं है कि इसे अभी क्या नाम दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि कंप्यूटर के रूप में कम से कम जितना काम किया जाना चाहिए, उतना इससे कर सकते हैं।

इस टीम के हेड और इलेक्ट्रिकल ऐंड कंप्यूटर इंजिनियरिंग के हेड प्रफेसर डेविड ब्लॉ ने कहा, 'हमें नहीं पता कि इन्हें कंप्यूटर कहा जाना चाहिए या नहीं। यह लोगों पर निर्भर करता है कि वे इन्हें क्या समझते हैं हालांकि वह कंप्यूटर के रूप में कम से कम जितना काम किया जाना चाहिए, कर सकते हैं।

इस नई माइक्रो कंप्यूटिंग डिवाइस 'मिशिगन माइक्रो मोट' में रैम और फोटोवोल्टिक्स के अलावा प्रोसेसर और वायरलेस ट्रांसमीटर्स और रिसीवर्स भी हैं। ये डिवाइसेज विजिबल लाइट के रूप में डेटा रिसीव और ट्रांसमिट करती हैं। इनका बेस स्टेशन पावर और प्रोग्रामिंग के लिए लाइट उपलब्ध कराता है और डिवाइस डेटा रिसीव कर लेती हैं।

टेंपरेचर सेंसर के तौर पर डिजाइन की गई ये डिवाइस टेंपरेचर को टाइम इंटरवल में इलेक्ट्रॉनिक प्लस के रूप में कन्वर्ट कर देती हैं। बेस स्टेशन द्वारा भेजे गए टाइम इंटरवल को चिप द्वारा नोट किया जाता है और इसके बाद इसे टेंपरेचर में कन्वर्ट कर दिया जाता है। इसलिए यह कंप्यूटर सेल क्लस्टर जैसी छोटी जगहों पर टेंपरेचर पता लगा सकते हैं और इसमें केवल 0.1 डिग्री सेल्सियस से भी कम का अंतर होता है।

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