Friday, 22 June 2018

यहाँ 173 साल पुराने खास मछली प्रसादम तरीके से होता है लाखों का मरीजों का इलाज वो भी बिलकुल फ्री !


अस्थमा के इलाज के लिए मरीज हर साल हजारों रूपए खर्च करते है पर आपको बता दें की भारत में एक ऐसा परिवार भी है जो पिछले कई सालों से एक ख़ास तरह से अस्थमा का इलाज करता है।

फिश रेमेडी इस ख़ास विधि का नाम मछली प्रसादम Fish Remedy ! आपको जानकार हैरानी होगी की ये इलाज भी मुफ्त में किया जाता है। हैदराबाद के नमपल्ली में गौड़ परिवार सालों से इस विधि से इलाज कर रहा है जो करीब 173 साल पुरानी है।

1. हर साल बठिनी गौड़ परिवार हैदराबाद के नमपल्ली स्थित एग्जिबिशन ग्राउंड में मछली प्रसादम का आयोजन करता है।

2. पूरे भारत से हर साल नमपल्ली में लाखों की संख्या में लोग अस्थमा के इलाज के लिए आते हैं।
3. आपको बता दें की ये इलाज Fish Remedy गौड़ परिवार फ़्री में करता है.

4. गौड़ परिवार की माने , हर धर्म के लोग वर्षों से यहां ये प्रसाद लेने आ रहें हैं और ठीक हो रहे हैं.

5. गौड़ परिवार के मुताबिक, बीते साल एक लाख से भी ज्यादा अस्थमा के मरीज़ प्रसादम Fish Remedy लेने पहुंचे और साल दर साल ये संख्या बढ़ रही है।

6. इस इलाज के लिए मत्स्य विभाग से एक विशेष प्रकार की मछली ख़रीदी जाती है जो इस दवाई में उपयोग की जाती है।

7. इस इलाज में ज़िंदा मछली के मुंह में पीले रंग का पेस्ट डालकर उसे मरीज़ के मुंह में डाल दिया जाता है।

8. ऐसी मान्यता है कि जो भी अस्थमा मरीज़ इस मछली को ज़िंदा निगल लेता है, उसकी बीमारी जड़ से ठीक हो जाती है.

9. लेकिन जानना जरूरी है की इस बीमारी के पूरी तरह ठीक होने के लिए लगातार तीन साल तक इस ‘दवा’ Fish Remedy को ग्रहण करना होता है।

10. साथ ही इस बात का ध्यान रखना जरूरी है की ‘प्रसादम’ Fish Remedy लेने से दो घंटे पहले और बाद तक मरीज़ को कुछ खाना नहीं होता है.

11. वहीँ अगर वैज्ञानिक और डॉक्टरों की माने तो वो इसे अंधविश्वास बता रहे है पर लोग इस पर यकीन रखते हैं।

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