Monday, 25 June 2018

ट्रेन की सीट के नीचे झोले में लावारिस पड़ी थी 5 दिन की बच्ची, भगवान बनकर आए चौकी इंचार्ज अमित


दुनिया में ऐसे भी मां बाप हैं जो शौक के लिए बच्चे पैदा करते हैं और बच्चा पैदा होने के बाद अगर उसे नहीं रख पाते तो फेंक देते हैं।

ऐसा ही एक मामला उत्तरप्रदेश में सामने आया है।   खजुराहो पैसेंजर ट्रेन में पांच दिन की एक बच्ची भूख-प्यास से तड़पती झोले में मिली है। नवजात को जीआरपी पुलिस ने गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन से बरामद किया है।

बच्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है। उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मां-बाप को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन वो नहीं मिले।

वहीं, गोविंदपुरी स्टेशन में तैनात चौकी इंचार्ज अमित के मुताबिक, शनिवार को प्लेटफार्म नंबर दो पर खजुराहो पैसेंजर 54161 खड़ी थी।

'मैं उधर से गुजर रहा था, पता नहीं मेरे मन में क्या आया और मैं डिब्बे में चढ़ कर देखने लगा कि सब कुछ ठीक है या नहीं। मेरी नजर खूंटी में टंगे एक सफेद रंग के झोले पर पड़ी। ऐसा लगा उसके अंदर कोई पैर चला रहा था, शक हुआ तो पास जाकर देखा। झोले में झांकते ही हैरान रह गया।'

'भूखी-प्यासी होने की वजह से बच्ची के होंठ सफेद हो गए थे। फौरन उसे झोले से निकाला और पानी पिलाया। फिर दूध की व्यवस्था की, तब जाकर उसे राहत मिली।

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