Saturday, 23 June 2018

बाप-बेटी की वजह से बची रेल यात्रियों की जान, अगर ये न होते तो तय थी..


पूर्व राज्य त्रिपुरा में एक तरफ बाढ़ के कारण हालात खराब हो रखे हैं, वहीं जगह-जगह जमीन धंसने से कई बड़े हादसे हो रहे हैं। लेकिन 15 जून को त्रिपुरा में बड़ा रेल हादसा हो जाता अगर ये पिता और बेटी समय पर वहां नहीं पहुंचते।

दरअसल, इन दोनों की वजह से समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया, नहीं तो तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन जमीन में धंस चुके ट्रैक के ऊपर से गुजर जाती। इस ट्रेन में 2 हजार यात्री सवार थे।

त्रिपुरा के धलाई गांव के रहने वाले स्वप्न देबबर्मा और उनकी बेटी सोमती रेलवे लाइन के किनारे से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक जगह पर लैंड स्लाइड की वजह से जमीन धंस चुकी है और ट्रैक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रखा है। इससे पहले ये दोनों किसी को सूचना देते, सामने से ट्रेन आती दिख गई। बेटी सोमती ने पिता को शर्ट उतारकर ट्रेन के आगे लहराने को कहा। देबबर्मा ने तुरंत अपनी शर्ट निकाली और जोर-जोर से शर्ट हिलाकर लोको पायलट को ट्रेन रोकने का इशारा किया।

ट्रेन के ड्राइवर सोनू कुमार मंडल तुरंत इनका इशारा समझ गया और उसने ब्रेक लगा दिए। ड्राइवर ने बताया कि अगर समय रहता उनका इशारा समझकर ट्रेन नहीं रोकता तो बहुत बड़ा हादसा होना तय था। पिता और बेटी की इस बहादुरी के बाद राज्य के मंत्री ने अपने घर पर बुलाया और उनके साथ नाश्ता किया। त्रिपुरा के स्वास्थ्य और विज्ञान एवं तकनीक मंत्री सुदीप रॉय बर्मन ने कहा, अगर ये दोनों बड़ी जिम्मेदारी निभाते हुए उस ट्रेन को नहीं रोकते तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। जैसे मैंने इनके बारे में सुना, इन्हें अपने घर पर बुलाया और उनके साथ नाश्ता किया।

इससे पहले त्रिपुरा विधानसभा में दोनों पक्षों ने स्वप्न देबबर्मा और उनकी बेटी को धन्यवाद दिया था। जब उन्हें धन्यवाद दिया गया तब वह दोनों विधानसभा की वीआईपी गैलरी में मौजूद थे। मंत्री सुदीप रॉय बर्मन ने जीरो आवर में ये मुद्दा उठाते हुए दोनों को पुरस्कृत करने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से इन दोनों का नाम केंद्र और रेलवे को भी भेजने का अनुरोध किया, ताकि दोनों को सम्मान और सहायता दी जा सके।

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