Sunday, 1 July 2018

क्या इंदिरा गांधी के असल बेटे है अमिताभ बच्चन…!


बॉलीवुड के शंहशाह कहे जाने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन का 74वां जन्मदिन है। बिग बि के फैंस सुबह से बिग ब को जन्मदिन की शुभकानांए दे रहे है। तो वहीं अमिताभ की जिंदगी से जुड़ी आज हम आपको बात बताने जा रहे हैं उस पर यक़ीन करना आपके लिए बेहद मुश्किल हो सकता है ।

दरअसल ये जो कहानी है ये जुड़ी है देश की पूर्व प्रधानमंत्री श्री मती इंदिरा गांधी और अमिताभ बच्चन की निजी जिंदगी से। हम ये कहानी आपको बताना चाहते हैं जो देश के इतिहास से तो जुड़ी ही है बल्कि इन दोनों परिवारों की नजदीकियों ने एक ऐसी कहानी को जन्म दे दिया जिसका बेतहाशा जिक्र किया गया ।

उस समय में जब इंदिरा गांधी ज़िंदा थी और राजीव अमिताभ की दोस्ती जगज़ाहिर थी तो कुछ लोगों के बीच एक धारणा ये बनी कि हो ना हो अमिताभ बच्चन इंदिरा गांधी के ही बेटे हैं लेकिन इन दोनों के बीच के रिश्ते का असल और पूरा सच क्या है ये शायद देश में कम ही लोग जानते हैं।

हुआ यूँ था कि एक बार इंदिरा गांधी ने अमिताभ बच्चन के लिए लिखी थी सिफारिशी चिट्ठी लिखी थी नेहरू-गांधी परिवार के साथ जुड़ी अनगिनत कथाओं में से एक किस्सा ये है कि अमिताभ इंदिरा गांधी के पुत्र थे। अब जबकि इंदिरा गांधी की मौत के अब तीन दशक बीत चुके हैं और खुद अमिताभ बच्चन भी उम्र के सातवें दशक में हैं।

लेकिन आज भी लोग बड़े चटखारे ले लेकर इस किस्से को बयान कर रहे हैं। अमिताभ बच्चन को इंदिरा गांधी का पुत्र बताने के पीछे कई अलग अलग तर्क दिए जाते हैं। अक्सर सुनाई जाने वाली एक कहानी तो ये है कि अमिताभ बच्चन को फिल्मों में मौक़ा दने के लिए इंदिरा गांधी ने खुद सिफारिशी चिट्ठी लिखी थी। हालांकि आज भी कुछ लोग इस किस्से पर बिलकुल यकीन नहीं करते हैं।

दूसरा किस्सा भी पहले ही की तरह बेहद ही दिलचस्प है। इस किस्से में कहा गया है कि जब अमिताभ बच्चन कुली के सेट पर घायल हुए थे तो हो इंदिरा गांधी ने ख़ुद से ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉक्टरों और प्रशासन को खास हिदायतें दी थी और कहा था किसी भी क़ीमत पर अमिताभ को कुछ नहीं होना चाहिए ।

ये इंदिरा गांधी का ही असर था कि अगले ही दिन विदेश से आए कुछ डॉक्टरों की टीम ने अमिताभ का इलाज किया था। केवल इतना ही नहीं इंदिरा गांधी की आखिरी यात्रा के दौरान अमिताभ बच्चन फूट-फूट कर रो रहे थे। चश्मदिदों कि माने तो अमिताभ उनके शव के पास ऐसे खड़े रहे जैसे एक पुत्र अपनी मां को आखिरी विदाई दे रहा हो।

इन ऊपरलिखित सभी बातों में सो फ़ीसदी सच्चाई है पर फिर भी ये बातें कहीं से अमिताभ बच्चन को इंदिरा का पुत्र साबित नहीं कर सकती हैं या नहीं ही करती हैं । दूसरी तरफ़ ये भी एक हकीकत है कि अमिताभ बच्चन के पिता कवि हरिवंशराय बच्चन के बड़े अच्छे संबंध जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी से थे।

इंदिरा गांधी की दोस्ती अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन से भी थी। इन दोनों परिवारों का संबंध इलाहाबाद से एक दूसरे से जुड़ा हुआ था। पारिवारिक रिश्ते थे तो दोंनो परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। और केवल और केवल इस पारिवारिक रिश्ते या दोस्ती के नाते ही इंदिरा गांधी अमिताभ को अपने बेटे की तरह स्नेह करती थीं।



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