Friday, 27 July 2018

स्कूल की छत टपकती है,प्लास्टर भी गिरता है,इसलिए छाता लेकर पढ़ते हैं बच्चे


छत्तीसगढ़ के देवडांड गांव में पूर्व माध्यमिक स्कूल के बच्चे छाता लेकर क्लास में पढ़ते हैं, क्योंकि छत टपकती रहती है। छाता नहीं होने के किताब-कॉपी के साथ-साथ वह खुद भी भीग जाते हैं। छत का प्लास्टर भी गिरता रहता है। हालत ये है कि छत की छड़ें भी आसानी से गिनी जा सकती हैं। बच्चे इतनी मुश्किलों के बीच भी छाता लेकर पढ़ाई कर रहे हैं।

स्कूल गेट से लेकर कमरों के सामने तक पानी भरा हुआ है। बारिश के समय यही पानी कमरों के अंदर तक पहुंच जाता है। बारिश के इसी पानी के बीच से गुजरने के बाद बच्चे और टीचर क्लास तक पहुंच पाते हैं। बारिश के पानी के बीच घुसकर कमरों तक पहुंचना किसी खतरे से कम नहीं है।

इतना ही नहीं स्कूल परिसर में लगे हैंडपंप बरसात के पानी में आधे से अधिक डूबे हुए हैं। शौचालय भी बारिश के पानी से घिरे हुए हैं। वहीं स्कूल के अधिकारी का कहना है कि- विभाग के पास ऐसा कोई बजट नहीं जिससे ऐसे स्कूलों की जमीन को ऊंचा कराया जा सके। छतों की मरम्मत कराई जा सके।

झमाझम बारिश होने से किसानों के साथ-साथ गर्मी से परेशान लोग भी खुश हैं। लेकिन, बारिश सरकार की पोल खोल रही है। शहर की लगभग सभी सड़कों पर तालाब दिखने लगा।

No comments:

Post a Comment