Saturday, 14 July 2018

देश की सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना, सोते-सोते ही हजारों लोगों की हुई मौत


6 जून 1981 को बिहार के खगड़िया के धमारा घाट पर सबसे बड़ी रेल घटना हुई। ये घटना तब हुई जब ट्रेन एक पुल से निकल रही थी।

बाहर बारिश हो रही थी और ट्रेन के भीतर यात्री अपने में मस्त, सभी को घर पहुंचने की जल्दी थी। अचानक ड्राइवर ने ब्रेक लगाया और ट्रेन की नौ में से सात बोगियां फिसलकर पुल तोड़ते हुए लबालब नदी में विलीन हो गईं।

आंकड़ों के हिसाब से दुर्घटना में करीब 800 लोगों की मौत हुई। बाद में मौत की संख्या कई गुना अधिक बताई गई। यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना थी। विश्व की सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना श्रीलंका में 2004 में हुई थी।

तब 'सुनामी' की तेज लहरों में 'ओसियन क्वीन एक्सप्रेस' विलीन हो गई थी। उसमें 1,700 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। आज की दुर्घटना ने देश की उस सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना की याद ताजा कर दी है। जो बच गए, वे आज भी उस मंजर को याद कर सिहर पड़ते हैं।

बोगियों के नदी में गिरने के बाद, जाहिर सी बात है कि चीख-पुकार मच गयी। कुछ चोट लगने या डूब जाने से जल्द मर गए, कुछ जो तैरना जानते थे, उन्होंने किसी तरह गेट और खिड़की से अपने और अपने प्रियजनों को निकाला। पर इसके बाद जो हादसा हुआ, वह मानवता के दामन पर बदनुमा दाग बन गया।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 500 लोग ही ट्रेन में थे। लेकिन, बाद में रेलवे के दो अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में मृतकों की संख्या 1000 से 3000 के बीच बताई थी।

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