Monday, 30 July 2018

अंडरवियर पहनते तो हैं, लेकिन जानते क्या हैं उसके बार में ?


अंडरवियर का इस्तेमाल इंसान लगभग 7000 सालों से करता आ रहा है. सबसे पहले इसे चमड़े के पट्टे के रूप में प्रयोग किया जाता था, इसे लोग पैरों के बीच में से निकल कर बाँध लेते थे, ये लोग इसे इसलिए पहनते थे, ताकि उन्हें भागने में कोई परेशानी न हो.

इसके बाद रोम में एक चौड़ी बेल्ट वाली अंडरवियर का अविष्कार हुआ जिसे अंग्रेजी में Subligaculum कहते थे, इस बेल्ट में कपडा लगा होता था, जो निजी अंगों को आगे पीछे से ढक लेता था. इसका इस्तेमाल योद्धा सबसे ज्यादा करते थे, यहीं से अंडरवियर पहचान में आया. तेरहवीं शताब्दी में जब लोग ढीले-वाले कपडे पहनते थे, तब उनके लिए ढीले अंडरवियर बाजार में आए, लेकिन ये जिस कपड़े से बने होते थे, उससे उपभोक्ताओं को समस्या शुरू हो गई, इस कारण इन्हे बंद कर दिया गया.

फिर एक समय बाद जब लोगों के पहनावे में बदलाव आया और वे टाइट कपड़े पहनने लगे तो अंडरवियर का आकार छोटा हो गया और उसमे पेशाब करने के लिए एक फ्लैप दिया जाने लगा, लेकिन ये डिज़ाइन भी ज्यादा दिन नहीं चला.

इसके बाद सूती कपड़े के बड़े-बड़े अंडरवियर चलन में आए जो काफी लम्बे समय तक प्रचलन में रहे क्योंकि ये आरामदायक थे. बदलते वक़्त के साथ अंडरवियर भी बदल रहे थे, अब इसका आकार और टाइट हो चुका था. सबसे पहले इसे एक बॉक्सर  ने रिंग में पहनकर फाइट की थी तो इसका नाम बॉक्सर रख दिया गया.

जिसके बाद 1935 में मार्केट में आया Y-Front Jockey Pant. जो अब आपका फेवरेट बन चुका है. बाजार में चल निकला Jockey.

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