Tuesday, 31 July 2018

भरतपुर: खेलते वक्त कलश में फंसा ढाई साल के बालक का सिर


क्षेत्र के गांव नगला होता में सोमवार सुबह एक ढाई वर्षीय बालक का सिर कलश में फंस गया। इस करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका। नगला होता में किसान लालचंद का करीब ढाई वर्षीय बेटा पीयूष घर में खेल रहा था। उसकी मां व अन्य परिजन घर में ही अन्य काम काम में जुटे थे। तभी उसका सिर अचानक से पानी भरने के कलश में फंस गया। ऐसे में बालक अचानक से घबरा गया और जोर-जोर से रोने लगा। परिजन आवाज सुनकर पीयूष के बाद पहुंचे तो उनको भी पसीना आ गया।

घटना सुबह करीब 7 बजे की थी। इसके बाद गांव में ही कलश निकालने का प्रयास किया गया। पर बालक के चोट लगने के डर से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद भी कलश नहीं निकाला जा सका। ऐसे में ग्रामीणों की सलाह पर अस्पताल ले जाया गया। वहां पर नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर ने भी हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद करीब 9 बजे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और परिजन बालक को बयाना के छोटा बाजार स्थित बर्तन बेचने वालों की दुकान व सर्राफे की दुकान पर पहुंचे। वहां सर्राफा व्यवसायी कपिल सोनी सहित 5 जनों ने मिलकर कलश को काट कर बालक के सिर से निकाला। तब तक 10 बजे चुके थे। यानी कि बच्चे और उनके परिजनों की सांसें करीब 3 घंटे तक अटकी रहीं। कलश निकलते ही बच्चे और परिजनों ने राहत की सांस ली।

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