Sunday, 15 July 2018

अस्पताल ने पत्नी को इस तरीके से बताई पति की मौत की खबर, पलभर में अनाथ हो गई दो बच्चियां


 कानपुर के एक निजी अस्पताल वेदान्ता में ऑपरेशन के दौरान पति की मौत के बाद उसकी पत्नी ने अस्पताल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद मृतक दंपति की दो लड़कियां अनाथ हो गई हैं। इस प्रकरण में अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता भी सामने आई है।

 
सीसीटीवी कैमरे में कैद ये दृश्य केवल इतना दिखाता है कि एक महिला ऊपर से जमीन पर गिरी और मर गयी। लेकिन इसके साथ मरने वाली संवेदनाओं को केवल दिलों में महसूस किया जा सकता है। उसे कोई कैमरा नहीं देख सकता। दरअसल बेनाझाबर कालोनी में रहने वाले पचास वर्षीय सुरेश की आंतों में संक्रमण था। उसे सर्जरी के लिए 22 जून को आर्य नगर स्थित वेदान्ता अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीती देर रात उसका ऑपरेशन किया गया जो सफल नहीं रहा और सुरेश की मौत हो गई।

सुरेश का परिवार अस्पताल की छत पर बैठकर उसकी तबियत में सुधार की प्रार्थना कर रहा था तभी उसकी मौत की खबर आई। परिवार वाले बेसुध होकर नीचे सीढियों की तरफ भागे लेकिन पत्नी रानी को गहरा सदमा लगा और वो वहीं तुरन्त अस्पताल की छत से नीचे कूद गई। उस हादसे में उसकी मौके पर मौत हो गई। किसी मरीज की मौत के बाद जिस मनोवैज्ञानिक तरीके से परिवार वालों को दुखद खबर देनी चाहिये, यहां उसे पूरी तरह नजरअन्दाज किया गया और सपाट तरह से दी बुरी खबर दी गई जिसने रानी के दिलोदिमाग पर हथौड़े की तरह चोट की।



इस हादसे की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, रानी की लाश का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। पुलिस रानी की मौत को सदमे के कारण हुआ एक हादसा मान रही है लेकिन चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में यह बहस छिड़ना जरूरी है कि ऑपरेशन के सफल न रहने पर मरीज की मौत की सूचना उसके परिवार को किस संवेदनशीलता के साथ दी जानी चाहिए। अगर ये संवेदनशीलता अपनाई जाय तो फिर किसी और परिवार या अनाथ हुए बच्चों को इस तरह रोना बिलखना नहीं पड़ेगा।




No comments:

Post a Comment