Thursday, 12 July 2018

मिल वर्कर हुआ करते थे दारा सिंह, 'हनुमान' के रोल से मिली पहचान


दारा सिंह एक प्रोफेशनल रेसलर होने के अलावा अच्छे अभ‍िनेता भी थे. रामायण में हनुमान का रोल निभाकर उन्होंने करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई थी. 19 नवंबर 1928 को जन्मे दारा सिंह मई 1968 में फ्री स्टाइल कुश्ती के वर्ल्ड चैंपियन बने थे. ये खिताब उन्होंने अमेरिका के रेसलर लोउ थेसज को हरा कर हासिल किया था. दारा सिंह की पुण्यतिथ‍ि पर जानिए उनके बारे में ऐसी ही खास बातें.

दारा सिंह का जन्म पंजाब के एक गांव में हुआ था.साल 1947 में दारा सिंह सिंगापुर चले गए थे और वहां उन्होंने एक ड्रम बनाने की मिल में काम किया था और तभी उन्होंने हरनाम सिंह से कुश्ती की ट्रेनिंग लेनी शुरू की. सिंगापुर में उन्होंने तारलोक सिंह को हराकर चैंपियन ऑफ मलेशिया का खिताब जीता.

दारा सिंह ने एक्ट‍िंग और डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया. उन्होंने बतौर एक्टर 50 से ज्यादा फिल्में की हैं. 1962 में आई फिल्म किंग कॉन्ग में उन्होंने लीड रोल किया था. इसके अलावा वे चोरों का चोर, मेरा नाम जोकर, रामू उस्ताद, आनंद, धरम करम आदि फिल्मों में नजर आए. सबसे ज्यादा पहचान उन्हें रामायण में हनुमान का किरदार निभाकर मिली.

दारा सिंह हमेशा से ही लंबे चौड़े थे. उनकी लंबाई 6 फुट 2 इंच थी और उनका वजन लगभग 127 किलोग्राम था. दारा सिंह ने कुश्ती के 500 मैच खेले लेकिन कभी कोई उन्हें हरा नहीं सका.

साल 1954 में 26 साल की उम्र में ही वो नेशनल रेस्लिंग चैंपियन बने. अपनी कुश्ती के लिए उन्हें दुनियाभर से सम्मान मिला.

साल 1959 में किंग कॉन्ग, जॉर्ज गोडिएनको और जॉन डेसिलवा को हराकर वो कॉमनवेल्थ चैंपियन बने.

इतना ही नहीं इसके बाद दारा सिंह ने किंग कॉन्ग को उठाकर रिंग से बाहर फेंक दिया.

किंग कॉन्ग के साथ हुआ उनका मुकाबला बहुत हैरान करने वाला था. किंग कॉन्ग 200 किलो के थे और दारा सिंह लगभग 130 किलो के और उस मुकाबले में दारा सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी को सिर पर उठाकर घुमाया और फेंक दिया. इसे देखकर हर कोई हैरान रह गया था.


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