Thursday, 12 July 2018

कानपुर IIT का खुलासा, क्यों खेलते समय स्विंग होती है क्रिकेट बॉल


शोध में पाया कि जब बॉल की गति की दिशा में 20 डिग्री झुकाया जाता है तो बॉल 30 से 119 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्विंग होती है। गति 125 किमी प्रति घंटा से ऊपर होने पर बॉल में रिवर्स स्विंग हो जाता है। शोध में यह भी ध्यान दिया गया है कि स्विंग आमतौर पर ठंडी जगहों में अच्छी तरह से होती है जहां हवा गर्म, और मौसम चिपचिपा होता है, वहां स्विंग करना थोड़ा मुश्किल हो जाता हैं। वहीं दर्शको के बीच एक बात भम्र की तरफ फैली हुई है कि अगर गेंद नई होगी, तभी उसे स्विंग किया जा सकता है। लेकिन बॉल नई हो या पुरानी इसका बॉल के स्विंग होने से कोई लेना देना नहीं है।

बॉल को स्विंग कराने के लिए सबस जरुरी है बॉल की स्पीड और उस दिशा की तरफ बॉल का झुकाव। साथ ही पिच का खुदरापन और गेंद दोनों स्विंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।वहीं ध्यान देने वाली बात ये हैं कि बॉल टेंपरिंग जैसे मामलों में एक तेज गेंदबाज गेंद की मोटाई को एक मिलीमीटर तक कम करने के लिए किसी न किसी चीज का इस्तेमाल करता है। या यू कहें कि गेंद के साथ छेड़छाड़ करता हैं। ऐसा करने पर गेंद, सामान्य गेंद की तुलना में ज्यादा तेजी से स्विंग होती है।

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