Saturday, 4 August 2018

हिमालय पर 14 साल में 1 बार खिलता है ये ब्रह्म कमल, देखने वाले की हर मनोकामना होती है पूरी


ब्रह्म कमल सुंदर, सुगंधित और दिव्य फूल है। देवताओं का प्रिय यह फूल, आधी रात को खिलता है। वनस्पति शास्त्र में ब्रह्म कमल की 31 प्रजातियां बताई गईं हैं। यह फूल हिमालय पर खिलता है।

प्रकृत्ति से जुड़ी हर चीज बहुत खूबसूरत है, चाहे वो नदियां हों या तालाब, फूल हों या पेड़-पौधे, ये सभी ना सिर्फ आकर्षक हैं बल्कि कई ऐसे गुणों से भरपूर भी हैं जो मानव हित के काम आते हैं। इनमें से कुछ तो पूरी तरह दैवीय शक्ति वाले माने जाते हैं। उदाहरण स्वरूप वृक्षों में पीपल और बरगद के पेड़ को ईश्वरीय शक्ति का प्रतीक माना गया है, नदियों में तो लगभग सभी पवित्र नदियां दैवीय अस्तित्व रखती हैं वहीं अगर फूलों की बात करें तो एक फूल ऐसा है जिसके विषय में भले ही कम लोग जानते हों लेकिन यह इसकी अलौकिक शक्ति को कम नहीं करता।

इसे स्वयं सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी का पुष्प माना जाता है। हिमालय की ऊंचाइयों पर मिलने वाला यह पुष्प अपना पौराणिक महत्व भी रखता है। इस फूल के विषय में यह माना जाता है कि मनुष्य की इच्छाओं को पूर्ण करता है। यह कमल सफेद रंग का होता है जो देखने में वाकई आकर्षक है, इसका उल्लेख कई पौराणिक कहानियों में भी मिलता है।

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