Friday, 3 August 2018

जेट एयरवेज पर संकट,कर्मचारियों से कहा,सैलरी कम नहीं की तो 60 दिनों में बंद करनी पड़ेगी एयरलाइन


निजी क्षेत्र की बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक जेट एयरवेज पर वित्तीय संकट उत्पन्न हो गया है और कंपनी बंद होने के कगार पर पहुंच गई है।

वित्तीय संकट से जूझ रही एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज ने कर्मचारियों की सैलरी में 25 फीसदी की कटौती के बाद खर्चे कम करने की सलाह दी है। कंपनी ने अपने कर्मचारियो से यहां तक कह दिया है कि अगर खर्चे कम नहीं किए गए तो एयरलाइन को 60 दिनों के बाद चलाना नामुमकिन होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी को दो महीने के बाद चलाना असंभव है और मैनेजमेंट को सैलरी कट और दूसरे उपायों से खर्चे घटाने की जरूरत है। अगर ऐसा किया गया तभी 60 दिनों के बाद इसका कामकाज जारी रखा जा सकेगा। इससे कर्मचारियों की घबराहट बढ़ गई है। जेट के दो अधिकारियों ने भी इस खबर की पुष्टि है।

एयरलाइन ने कर्मचारियों से कहा था कि उन्हें 25 पर्सेंट तक सैलरी में कटौती बर्दाश्त करनी होगी। इससे कंपनी को सालाना 500 करोड़ रुपए की बचत हो सकती है। गोयल की अगुवाई में एयरलाइन की मैनेजमेंट टीम ने मुंबई में कर्मचारियों से मुलाकात कर उन्हें बताया कि सैलरी में कटौती दो साल के लिए होगी और इसे रिफंड नहीं किया जाएगा।

कंपनी के मैनेजमेंट ने ‌अपनी मुश्किलों के लिए कच्चे तेल के दाम में तेजी और बाजार के बड़े हिस्से पर इंडिगो का कंट्रोल होना बताया है। उसने कहा है कि पिछले 6 साल से कंपनी कोई विस्तार नहीं कर पाई और इससे उसकी वित्तीय स्थिति कमजोर हुई है। 2016 और 2017 तक लगातार दो साल के मुनाफे के बाद वित्त वर्ष 2018 में जेट को 767 करोड़ का घाटा हुआ था।

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