Saturday, 4 August 2018

इस होटल में 89 सालों से एक मरी हुई दुल्हन कर रही है अपने दूल्हे का इंतज़ार


हर इंसान रोज किसी न किसी तकलीफ और गम से गुजरता है। जिंदगी भर खुशी किसी को नहीं मिलती। दिल टूट जाने का गम सबसे बड़ा होता होता है। इस तकलीफ को चाह कर भी कोई मिटा नहीं पाता। 1927 में ऐसा ही कुछ ऐसा ही हुआ।

एरिजोना में Hassayampa Hotel में तन्हा दिल टूटा था। उस टूटे दिल की तड़प आज भी इस होटल को अपने आंसुओं से भिगोये हुए है। एक दिन फेथ समर्ज नाम की एक नई-नवेली दुल्हन अपने पति के साथ हनीमून मनाने का सपना लेकर इस होटल के कमरा नंबर 426 में रहने आई थी। अगले दिन उसका पति सिगरेट खरीदने के लिए होटल से बाहर गया था और वापिस नहीं लौटा। किसी को नहीं पता वो कहां गया।

उस दिन के बाद उसे किसी ने नहीं देखा। फेथ उसका तीन दिन तक अपने कमरे में इंतज़ार करती रही। उसके बाद जब तकलीफ सारी हदें पार कर गई, तो फेथ ने फांसी का फंदा लगाकर अपनी जान ले ली।

उस डरावने दिन से लेकर आज तक फेथी की भटकती आत्मा इस होटल में भटक रही है। वो चाह कर भी इस होटल को छोड़ नहीं पाती. होटल में आने वाले अनेक मेहमानों और होटल स्टाफ ने कई बार उसे होटल के गलियारों में भटकते हुए देखा है। आज भी लोगों को कमरा नंबर 426 में उस कमरे में मौजूद सूने पलंग के किनारे उसके रोने की आवाजें सुनाई देती हैं।

जब भी कोई औरत इस कमरे में रहने आती है, तो फेथ अपना प्यार जताते हुए उनके पैरों की मसाज कर उन्हें आराम देती है। पर जब भी कोई मर्द इस कमरे में रहने आता है, तो उसे रात को डरावने सपने आते हैं। मर्दों को यहां के माहौल में अज़ीब-सी खुशबू का एहसास होता है।

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