Sunday, 12 August 2018

हज़ारों सालों से एक लकड़ी के खंबे पर टिका है यह मंदिर


यह मंदिर साल 1146 में बनाया गया था और यह आज भी वैसा ही दिखता है जैसा पहले दिखता था. इस मंदिर को एक लकड़ी के खंबे पर टिकाया गया है और यह जब से बना है उसी एक लकड़ी के खंबे पर टिका हुआ है. मंदिर को लेकर लोगों की अलग-अलग तरह की मान्यताएं भी है. कहा जाता है कि यहाँ पर उन लोगों को संतान की प्राप्ति हो जाती है जिन्हे कभी संतान सुख ना प्राप्त होने का कहा जाता है. इस मंदिर में कोई संतान प्राप्ति के लिए दुआ मांगता है तो उसकी दुआ जरूर पूरी होती है. आपको बता दें कि यह मंदिर मुराद पूरी करने के मामले में काफी प्रचलित है.

इस मंदिर का नाम ओस की बूंद के ना पर रखा गया है. आपको बता दें कि Ganlu का हिंदी अर्थ "ओंस की बूंद" ही होता है. इस मंदिर को Ye Zuqia नाम के एक राजा ने अपनी माँ कि याद में बनवाया था और हर साल इस मंदिर में हज़ारों लोग आते हैं जो अपनी मन्नतों को मांगने के बाद यहाँ कुछ ना कुछ चढ़ा कर जाते हैं.

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