Thursday, 8 November 2018

जमीन के नीचे क्या है देखने के लिए सैंकड़ों किमी अंदर खोद दी जमीन.फिर नजर आया नर्क का दरवाजा


 रूस में एक ऐसी जगह है जहां दुनिया का सबसे गहरा गड्ढा (बोरहोल) है। कोला सुपरडीप बोरहोल नाम के इस होल को 1970 में रूस के वैज्ञानिकों ने खोदना शुरू किया था। अमेरिकी वैज्ञानिकों को चुनौती देने के लिए वे ज्यादा से ज्यादा गहरा खोदना चाहते थे।

लगातार 19 साल की खुदाई के बाद साइंटिस्ट 12.24 किमी गहराई (40,230 फीट) तक पहुंच चुके थे। ये इतनी गहराई है, जिसमें 240 फीट के 167 कुतुब मीनार समा जाएं। इस गहराई पर जाकर साइंटिस्ट्स को खुदाई रोकनी पड़ी थी। इस खुदाई के लिए Uralmash नामक भीमकाय ड्रिलिंग मशीन बनाई गई थी, जो किसी भी परिस्थिती में ड्रिल करने में सक्षम थी। मल्टी लेयर ड्रिलिंग सिस्टम वाली इस मशीन की टारगेट डेप्थ 15000 मीटर (49000 फीट) थी। सालों की कड़ी मेहनत के बाद जब रूसी वैज्ञानिक 262 मीटर (40,230 फीट) की गहराई पर पहुंचे, तब मशीनों ने काम करना बंद कर दिया।

उस वक्त जमीन का तापमान 180 डिग्री सेलसियस से भी ज्यादा मापा गया। इतना ही नहीं, तापमान तेजी से बढ़ने भी लगा था। इसे देख तत्काल काम रोक दिया गया। तब साइंटिस्ट्स ने इस होल का नाम Door to Hell (नर्क का दरवाजा) रख दिया। इसके बाद सोवियत संघ के विघटन के बाद इसकी खुदाई दोबारा शुरू नहीं की गई।

जमीन में 12 किलोमीटर की खुदाई करना अपने आप में के किसी अजूबे से कम नहीं है पर आपको जानकर हैरानी होगी कि सतह से लेकर धरती के कोर तक जितनी गहराई है ये उसका 0.2 पर्सेंट भी नहीं है। साइंटिसट के मुताबिक धरती का तल 6371 किलोमीटर नीचे है, जहां पहुंचने का सोचा भी नहीं जा सकता।

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