Thursday, 8 November 2018

इस देश में लकड़बग्घों को बुलाया जाता है दावत पर, खिलाते हैं अपने हाथ से खाना


दुनिया के तमाम कोनों में इंसानी बस्तियां बसती जा रही हैं। नतीजा ये कि इस धरती के दूसरे बाशिंदों यानी दूसरे जानवरों के लिए जगह कम पडती जा रही है। नतीजा ये कि जंगली जानवर इंसानी बस्तियों पर धावा बोल रहे हैं।

अफ्रीका के चितकबरे लकड़बग्घे शिकार के लिए बहुत बदनाम हैं। वो शेरों के बाद अफ्रीका के दूसरे बडे शिकारी जानवर माने जाते हैं। ये लकड़बग्घे अफ्रीका के कई देशों में बस्तियों पर धावा बोलते रहते हैं।

मगर दिलचस्प किस्सा ये है कि इथियोपिया में एक शहर ऐसा है, जहां के लोग इन खतरनाक लकड़बग्घों को दावत पर बुलाते हैं। इथियोपिया के इस शहर का नाम है हरार।

हरार में रहने वाले यूसुफ ऐसे शख्स हैं जो इन खतरनाक लकड़बग्घों को अपने हाथ से खिलाते हैं। उन्होंने इन लकड़बग्घों से अच्छा राब्ता बना लिया है। यूसुफ इन लकड़बग्घों को अपने घर में बुलाकर दावत देते हैं। अपने हाथ से मांस खिलाते हैं।

दुनिया पर इंसान की दादागीरी चलती है। ऐसे में जानवरों के लिए इंसानी बस्तियों में रहना आसान नहीं है। लेकिन दुनिया में कई ऐसे जानवर हैं, जिन्होंने इंसानों के बीच जाना-आना सीख लिया है।

मुंबई में अक्सर तेंदुए रिहाइशी बस्तियों में घुस आते हैं। ये स्थानीय लोगों के पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाते हैं। कई बार ये तेंदुए इंसानों पर भी हमला कर देते हैं। हालांकि ये हमला अक्सर वो घबराहट में करते हैं।

इसी तरह न्यूयॉर्क में शिकारी बाज बहुमंजिला इमारतों के बीच मंडराते दिख जाते हैं। वो इंसानों के बीच अपना शिकार तलाशते हैं।

वहीं रोम के अर्श पर अक्सर लोगों को स्टार्लिंग नाम के परिंदों के झुंड दिखाई दे जाते हैं। ये शर्मीले पक्षी अब इंसानों के बीच रहना सीख गए हैं।

हमारे पुरखे कहे जाने वाले बंदर वो जानवर हैं, जो सबसे ज्यादा इंसान के पास रहते देखे गए हैं। इनके झुंड मथुरा-आगरा से लेकर जयपुर और चित्रकूट तक लोगों को परेशान करते, सामान छीनते देखे जा सकते हैं। बंदरों के लिए इंसानों के बीच रहना आम बात हो गई है।

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला पक्षी बॉवर इंसानों की चीजों से अपना घोंसला बनाता है, ताकि मादा को लुभा सके। इसके लिए वो अक्सर इंसानों के रंग-बिरंगे सामान चुरा ले जाता है।

कुल मिलाकर हम ने कुदरत के संसाधनों पर जिस तरह से एकाधिकार कर लिया है, उससे बाकी जानवरों के लिए जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई है। नतीजा वो जिंदगी को दांव पर लगाकर इंसानों के बीच आते हैं, ताकि अपने रहने-खाने का इंतजाम कर सकें।











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