Saturday, 18 May 2019

इस मंदिर की अजीब परंपरा, लोगों पर फेंके जाते हैं आग के गोले


जानकारी के अनुसार यहां एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है जिसमें एक-दूसरे पर आग फेंकी जाती है. भक्‍त इसमें अपनी जान की कोई परवाह नहीं करते. बता दें कि यह एक परंपरा है, जिसे उत्‍सव के रूप में 8 दिनों तक मनाया जाता है. यहां के लोगों का कहना है कि अग्नि केलि नाम की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. परंपरा दो गांव आतुर और कलत्तुर के लोगों के बीच होती है. मंदिर में सबसे पहले देवी की शोभा यात्रा निकाली जाती है, जिसके बाद सभी तालाब में डुबकी लगाते हैं. फिर अलग-अलग दल बना लेते हैं.

इन सब के बाद अपने-अपने हाथों में नारियल की छाल से बनी मशाल लेकर एक दूसरे के विरोध में खड़े हो जाते हैं. फिर मशालों जला जाता है. इसके लिए यह परंपरा शुरू हो जाती है. जलती मशालों को एक-दूसरे पर फेंका जाता है. यह खेल करीब 15 मिनट तक चलता है. एक शख्स को सिर्फ पांच बार जलती मशाल फेंक सकता है. बाद में वह मशाल को बुझाकर वहां से हट जाता है. ऐसा ही कुछ होता इस परंपरा में जिसमें किसी को कुछ नहीं होता.

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