Tuesday, 28 May 2019

सुष्मिता ने जीता MISS TEEN WORLD 2019 का ख़िताब..


भारत की सुष्मिता सिंह ने अल सल्वाडोर में हुए मिस टीन वर्ल्ड (मुंडियाल) प्रतियोगिता का ताज जीत लिया. इस शो के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है और जीत के लिए और भी दुगनी मेहनत करनी होती है. ऐसे ही इस शो के इंटरनेशनल डायरेक्टर फ्रांसिस्को कोर्टेज की ओर से सुष्मिाता को विजेता घोषित किया गया, जबकि ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लेने वाली डोमेनिकन रिपब्लिक और पनामा की सुंदरियों को क्रमश: रनरअप के खिताब से सम्मानित किया गया.
बता दें, सुष्मिता सिंह को पिछले साल यह प्रतियोगिता जीतने वाली डोमेनिकन रिपब्लिक की मिस एंगिवेटे टोरिबियो ने यह ताज पहनाया. इस प्रतियोगिता में जजों ने प्रतियोगियों को उनके व्यवहार, बुद्धिमत्ता, बातचीत करने के तरीके, फैशन, फिटनेस और ग्लैमर की कसौटी पर आंका. यह पूरी प्रक्रिया 8 दिन की अवधि में की गई. जैसा कि आपको बता दें, यहां सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सुंदरियों ने कई गतिविधियों में भाग लिया, जिसमें फैशन परेड, मेयर के यहां विजिट, दर्शनीय स्थल देखने, फोटो सेशन, स्पॉन्सर गतिविधियां और चैरिटेबल इवेंट्स शामिल थे.
उनके बारे में बता दें, 18 वर्ष की मास मीडिया की छात्रा सुष्मिता एक चित्रकार, खिलाड़ी, वक्ता और 'परंपरागत सीमाओं को तोड़ने' वाली युवती हैं. उनसे जब यह सवाल पूछा गया कि अगर वह प्रतियोगिता जीतती हैं तो किस तरह विश्व की सेवा करनी चाहेंगी तो उनके उत्तर ने प्रतियोगिता में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया. उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया था कि मैं खूबसूरत नहीं हूं, पर मैंने कड़ी मेहनत की और आज मैं इस मुकाम पर हूं. मैं उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हूं, जो अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं."
उन्होंने कहा कि उन्होंने वह ताज पहना है, जो इंग्लैंड के किंग एनरीक फोर्थ के ताज से प्रेरणा लेकर निर्मित किया गया है और वह विश्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
वहीं सुष्मिता के माता-पिता सत्यभामा और नवीन सिंह ने कहा, "हम दोनों आज बहुत खुश हैं. हमारा हमेशा से अपने दिलों में यह विश्वास था कि हमारी बेटी ही विजेता बनेगी, मगर जब हम प्रतियोगिता में गए तो हमने वहां सभी लड़कियों को बेहद संगठित तरीके से और अनुशासन में रहकर कड़ी मेहनत करते देखा. अब पूरी दुनिया के लोगों से हमारी दोस्ती हो गई है. हमारा उद्देश्य सभी लड़कियों का प्रतिनिधित्व करना है क्योंकि सभी लड़कियां अपने-अपने क्षेत्र में विजेता हैं."


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