Monday, 24 June 2019

बिना ऑपरेशन के भी गुर्दे की पथरी को कर सकते हैं गायब, अपनाये ये आयुर्वेदिक तरीके


आजकल की खराब जीवनशैली और पानी की कमी की वजह से किडनी स्टोन अर्थात पथरी की समस्या बहुत होने लगी हैं। गुर्दे की पथरी, यह काफी दर्द भरी होती है। पथरी का आकार हर इंसान के शरीर में अलग-अलग होता है। अगर पथरी का आकार छोटा है तो वह पेशाब के रास्ते से बाहर निकल जाती है। लेकिन अगर पथरी का आकार बड़ा हो तो वह पेशाब के रास्ते से बाहर नहीं निकल पाती। इस परेशानी से मुक्ति के लिए लोग ऑपरेशन का सहारा लेते हैं। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे आयुर्वेदिक तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से बिना ऑपरेशन के भी पथरी का इलाज कराया जा सकता हैं। तो आइये जानते हैं इन आयुर्वेदिक तरीकों के बारे में।

१.  तुलसी के रस के साथ पानी पीना

तुलसी पूरी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। किडनी के लिए भी इसका सेवन बेहद उपयोगी माना जाता है।  यह हमें हाइड्रेटेड रहने में मदद करता है और यह रोगमुक्त जीवन के लिए शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखता है। यह पाचन और अवशोषण की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है।गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोगों को मूत्र के माध्यम से इन पत्थरों को बाहर निकालने के लिए बहुत सारा पानी पीना चाहिए। सर्वोत्तम प्रभावों के लिए, तुलसी के रस के साथ पानी पीता चाहिए, क्योंकि तुलसी को शरीर में तरल पदार्थ, खनिज और यूरिक एसिड संतुलन बनाए रखने के लिए बेहतर माना जाता है।

२  .नारियल पानी

नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है। पथरी होने पर नारियल का पानी पीना चाहिए। नारियल पोषक तत्वों से भरा है और स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। नारियल पानी जो एक कच्चे हरे नारियल के अंदर मौजूद होता है, स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा होता है और अगर किसी को किडनी में पथरी है तो इसका सेवन करना चाहिए। यह गुर्दे की पथरी के आयुर्वेदिक उपचार का एक अच्छा रूप है और पथरी को गलाने में मदद करता है और अंत में मूत्र के माध्यम से बाहर निकाल देता है।

३  .जौ का पानी

किडनी की पथरी के लिए भी यह अचूक औषधि है। एक गिलास जौ के पानी का रोजाना सेवन करने से किडनी की पथरी शरीर से बाहर निकल जाती है और आपकी किडनी स्वस्थ रहती है।

नीम

४  .नीम आयुर्वेद में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला पेड़ है। इसीलिए पथरी के उपचार के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए आप नीम के पत्तों का सुखाकर इसे जला लें और इसकी राख तैयार कर लें। इस राख को रोगी नियमित रूप से दिन में 3 बार पानी के साथ सेवन करें।

लेमन जूस के साथ ऑलिव ऑयल

५  .नींबू भी गुर्दे में पथरी को रोकने में काफी फायदेमंद साबित होता है। नींबू का रस और खाद्य तेल का संयोजन थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह एक बहुत प्रभावी किडनी स्टोन का आयुर्वेदिक उपचार है। जो लोग अपने गुर्दे से पत्थरों को हटाने की इच्छा रखते हैं, उन्हें प्राकृतिक रूप से इस तरल को रोजाना पीना चाहिए जब तक कि पथरी निकल न जाए। नींबू का रस पत्थरों को तोड़ने में मदद करता है जबकि जैतून का तेल उनके लिए स्नेहक के रूप में कार्य करता है ताकि बिना किसी परेशानी से स्‍टोन बाहर निकल सके। गुनगुने पानी में आधा नीबू का रस डालकर रोजाना पी सकते हैं।


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