Monday, 3 June 2019

The Great Khali


द ग्रेट खली एक ऐसा नाम है जिसने देश विदेश के कई पहलवानों के छक्के छुड़ा दिये और पहलवानी के क्षेत्र में अपने देश का नाम रोशन किया |  दलीप सिंह राणा से जन्म लेकर पैदा हुए , खली ने भारत में एक ऐसा मुकाम प्राप्त किया जिसे कोई पहलवान नही कर पाया था | साधारण गाँव में जन्मे इस महाबली खली ने  professional wrestling में हिस्सा लेकर अपने करियर को एक नया मुकाम दिया | वर्तमान में खली का नाम इतना चर्चित है की उनको देखने के लिए लोगो को भीड़ उमड़ पडती है | आइये आपको उस महाबली खली का जीवन परिचय बताते है जिसने एक साधारण गाँव में जन्म लेकर देश का नाम रोशन किया |

दलीप सिंह राणा का जन्म 27 अगस्त 1972 को हिमाचल प्रदेश के धिरियाना गाँव के एक पंजाबी हिन्दू राजपूत परिवार में हुआ था | दलीप सिंह राणा के पिता का नाम ज्वाला रमा और माँ का नाम तांडी देवी है | दलीप सिंह राणा का परिवार एक बहुत गरीब परिवार था जिसमे उनके पिता को अपने सात बच्चो का पेट भरना बड़ा मुश्किल था | अपने सात भाई बहनों में दिलीप सिंह राणा बिलकुल अलग था क्योंकि वो अपने भाई बहनों से सबसे मजबूत कद काठी का था | कम उम्र में ही वो अपने वो अपने भीमकाय शरीर की वजह से हमेशा गाँव वालो में जिज्ञासा का विषय बना रहता था |

अब गरीब परिवार होने की वजह से दिलीप ज्यादा पढ़ नही पाया और अपने माता पिता की आर्थिक मदद करने के लिए उसने काम ढूँढना शूरू कर दिया | अब पढ़े लिखे नही होने की वजह से उसको मजदूरी करने के अलावा ओर कोई काम नही मिल सकता था | शुरुवात में वो अपने गाँव में ही मजदूरी किया करता था | उसको अधिकतर भारी भरकम पत्थरों को उठाने का काम दिया जता था क्योंकि उसकी कद काठी की वजह  से लोग उसको वही काम देना पसंद करते थे | इसके बाद जब उन्हें ज्यादा पैसा कमाने की आवश्कयता पड़ी तो वो अपने गाँव से शिमला के लिए रवाना हो गया और वहा पर मजदूरी करने लग गया |

उनके गाँव के लोग खली के बारे में बताते है कि खली की कद काठी इतनी विशाल थी कि उनको रास्ते में गुजरता देख लोग उन्हें ताकते रह जाते थे | अपनी विशाल कद काठी की वजह से उनके पैरो की नाप के जूते तक बाजार में नही मिल पाते थे इसलिए वो बाजार में मोची से अपने नाप के जूते बनवाकर पहनते थे | खली को देखकर कई लोग उन्हें चिढाते भी थे जिसे देखकर कभी कभी उनको खुद पर भी गुस्सा आता था लेकिन वो अपने शरीर को लेकर कुछ नही कर सकते थे |

खली को मजदूरी में जो पैसा मिलता था वो उनके परिवार के लिए पर्याप्त नही था क्योंकि उनकी कमाई का अधिकांश हिस्सा तो खुद उनके खाने में ही चला जाता था | कई बार उन्हें घर पर भेजने के लिए एक रुपया तक नही बच पाता था | ऐसा करते करते जब कई साल बीत गये और अब उनकी किस्मत बदलने वाली थी | एक दिन शिमला में पंजाब के एक पुलिस अफसर ने खली को देखा , जो उस समय शिमला में के जगह पर सिक्यूरिटी गार्ड था  , तो वो उसकी कद काठी को देखकर दंग रह गये |  उस पुलिस ऑफिसर ने खली को पंजाब आकर पुलिस में भर्ती होने का प्रस्ताव दिया

1993 में खली को पंजाब पुलिस में नौकरी मिल गयी |  उस समय खली अपने भाई के साथ पंजाब आकर बस गये थे | इसके बाद खली के भाई को भी पंजाब पुलिस में नौकरी लग गयी थी | अब जालन्धर में ही उनकी कद काठी को देखते हुए उन्हें स्थानीय जिम में wrestler बनने के लिए तैयार किया गया | उन दिनों wrestling अमेरिका में बहुत पोपुलर था लेकिन भारत का कोई भी wrestler वहा पर टिक नही पाया था इसलिए उनको प्रोफेशनल wrestler की ट्रेनिंग दी गयी थी |

अब wrestler की ट्रेनिंग मिलने के बाद दलीप सिंह राणा को सन 2000 में अमेरिका के All Pro Wrestling में भेजा गया |  तब उसने World Championship Wrestling के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइंड किया था | उसने 8 महीने वहा बिताये और उसके बाद उसे World Wrestling Federation द्वारा New Japan Pro Wrestling में भेजा गया जहा उनके साथ दुसरे भीमकाय पुरुष Giant Silva की टीम में रखा गया | उन दोनों ने मिलकर जापान के कई पहलवानों को धुल चटा दी थी | इसके बाद 2006 तक वो  All Japan Pro Wrestling में शामिल रहे जब तक कि उनको WWE से बुलावा नही आ गया |

2 जनवरी 2006 को दिलीप सिंह World Wrestling Entertainment में शामिल होने वाले भारत के पहले professional wrestler बने | दिलीप सिंह का पहला ही मुकाबला WWE में कई सालो से राज करने वाले Undertaker से हुआ था लेकिन इस मुकाबले में किसी की जीत नही हुयी थी | इसके बाद से उनको The Great Khali नाम दिया गया | रिंग में उन्होंने सबसे पहली मात Funaki. को दी थी | इसके बाद खली ने एक से बढकर एक WWE के पहलवानों को धुल चटाई जिसके कारण दुसरे पहलवानों में खली का खौफ छा गया था | खली ने 2007,08 में World Heavyweight Champion का ख़िताब भी अपने नाम कर लिया था |

अपनी Wrestling के दम पर उन्होंने कई मुकाबले जीते और कई पुरुस्कार अपने नाम किये | उनकी इस प्रसिधी की वजह से वो मालामाल हो गये और उन्होंने इनमे से अधिकतर पैसो से अपने गाँव का आर्थिक विकास किया था | अपनी लोकप्रियता के चलते उनको कई हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मो के ऑफ़र आये और उन्होंने कई फिल्मो में भी अभिनय किया लेकिन ज्यादा सफल नही रहे | फिल्मो में  नही चल पाने का सबसे बड़ा कारण उनकी आवाज थी क्योंकि एक तो वो हिंदी और अंग्रेजी सही तरीके से बोल नही पाते है और दूसरा उनकी आवाज बहुत भारी है जिसके कारण उनकी हर फिल्म में उनकी आवाज को डब करना पड़ा था | खली की पत्नी का नाम हरमिंदर कौर है और हाल ही उनके एक पुत्री का जन्म हुआ है |

The Great खली रोज शाम को 10 लीटर दूध , 20 उबले हुए अंडे , 5 ग्लास मिक्स जूस और 5 ग्लास अनार का जूस पीता था

Body Building North India Championship 1997-98 में खली ने मि .यूपी रहे अर्णव बेनर्जी और मो.सगीर को बाइसेप्स से लटकाकर व्यायाम करवाया था

एक बार खली किसी मेहमान के यहाँ रुका तो वो 10 मिनट के अंदर 40 रोटिया , 4 किलो सब्जी और 8 कटोरे दाल पी गया तो उन मेहमान की पत्नी ने उनके पति से कहा “इनको वापस लेकर कभी मत आना

रिंग में भी वो माँ काली बोलकर फाइट करता था इसलिए विदेशी रेसलर ने उनका नाम खली रख दिया | खली वैसे माँ काली का परमभक्त है

एक बार खली जब होटल में खाना खाकर वापस अपने कमरे में लौट रहा था तब उसका पैर 40 प्लेटो पर पड़ गया और वो सभी प्लेटे एक सेकंड में चकनाचूर हो गयी


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