Friday, 12 July 2019

भारत का सबसे अनोखा गांव, इसका मुखिया खाता भारत में और सोता म्यांमार में...


आज हम आपको भारत के एक ऐसे गांव के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिसका मालिक कहता भारत का है, लेकिन वह सोने के लिए म्यांमार जाता है. गांव का नाम लोंगवा है , जिसका आधा हिस्सा भारत में और आधा म्यांमार में है. इस गांव की एक खास बात यह भी है कि सदियों से यहां रहने वाले लोगों के बीच दुश्मन का सिर काटने की परंपरा चल रही थी, जिस पर 1940 में प्रतिबंध लगाया गया था.

लोंगवा नागालैंड के मोन जिले में घने जंगलों के बीच म्यांमार सीमा से सटा हुआ भारत का आखिरी गांव है और यहां कोंयाक आदिवासी रहते हैं और इन्हें बेहद ही खूंखार भी माना जाता है. वहीं अपने कबीले की सत्ता और जमीन पर कब्जे के लिए वे अक्सर पड़ोस के गांवों से लड़ाईयां लड़ते हैं. जानकारी के माने तो साल 1940 से पहले कोंयाक आदिवासी अपने कबीले और उसकी जमीन पर कब्जे के लिए अन्य लोगों के सिर काट देते थे. वहीं कोयांक आदिवासियों को हेड हंटर्स भी कहा जाता है और इन आदिवासियों के ज्यादातर गांव पहाड़ी की चोटी पर ही होते थे, ताकि वे दुश्मनों पर आसानी से नजर रख सकें. लेकिन 1940 में ही हेड हंटिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था साथ ही माना जाता है कि 1969 के बाद हेड हंटिंग की घटना इन आदिवासियों के गांव में नहीं हुई है।



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