Monday, 8 July 2019

वैज्ञानिक भी हार गए इस कुंड के आगे, महाभारत काल से जुड़ा है रहस्य



आज भी दुनिया में ऐसे कई रहस्य हैं, जो अभी तक रहस्य ही हैं, वैज्ञानिक भी इनका पता नहीं लगा सके हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही रहस्यमयी कुंड के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जो कि भारत में है और इसके बारे में यह भी कहा जाता है कि कुंड की गहराई के बारे में वैज्ञानिक भी नहीं जान सके हैं.
यह बताए जा रहे रहस्यमयी कुंड का नाम है भीम कुंड, जो कि मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से करीब 70 किलोमीटर दूर बाजना गांव में बना है. जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि इस कुंड की कहानी महाभारत काल से संबंध रखती है. ऐसा कहा जाता है कि महाभारत काल में जब पांडव अज्ञातवास पर थे, तो उन्हें बहुत जोर से प्यास लगी, हालांकि उन्हें कहीं भी पानी नहीं मिला. तब भीम ने अपनी गदा से जमीन पर मारकर यह कुंड बनाया था और अपनी प्यास बुझाई थी. कहते हैं कि 40-80 मीटर चौड़ा यह कुंड देखने में बिल्कुल एक गदा के जैसा ही नजर आता है. कुंड को लेकर ऐसा भी कहा जाता है कि जब भी एशियाई महाद्वीप में कोई प्राकृतिक आपदा घटने वाली होती है, तब कुंड का पानी अपने आप ही बढ़ने लगता है.
ऐसा भी कहा जाता है कि इस रहस्यमयी कुंड की गहराई पता करने की कोशिश स्थानीय प्रशासन से लेकर विदेशी वैज्ञानिक और डिस्कवरी चैनल तक ने की है, हालांकि सबको अंत में निराशा के सिवाय कुछ ना मिला. जानकारी के मुताबिक, एक बार विदेशी वैज्ञानिकों ने कुंड की गहराई पता करने के लिए 200 मीटर पानी के अंदर तक कैमरा भेजा था, हालांकि फिर भी गहराई को लेकर कोई भी खबर नहीं आई. वहीं इसका पानी गंगा की तरह बिल्कुल ही पवित्र है और यह कभी खराब भी नहीं होता, जबकि आमतौर पर ठहरा हुआ पानी धीरे-धीरे खराब होने लगता है.



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