Friday, 13 September 2019

डॉक्टर का दावा, अब इंसानों में ट्रांसप्लांट किए जा सकेंगे सुअर के अंग


अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में वैज्ञानिकों के हाथ एक नई कामयाबी लगी है। अमेरिकी चिकित्सा विज्ञानियों ने दावा है कि अब से मनुष्यों में सुअर के अंग काफी सरलता से ट्रांसप्लांट किए जा सकते हैं।
बता दें कि वैज्ञानिकों ने जीन एडिटिंग टूल क्रिस्पर कास-9 की मदद से सूअर के डीएनए में मिलने वाला वो वायरस निकाल दिया है, जिसके चलते अभी तक उसके अंग को इंसान में ट्रांसप्लांट करने में दिक्कत आ रही थी। सूअर के डीएनए में पोरसिन इंडोजीनस रेट्रोवायरसेज मौजूद होते हैं, जिनकी वजह से ह्यूमन सेल को खतरा होता है।
मीडिया रिपोर्ट की माने तो, चिकित्सक टेरेन्स ने बताया कि  उनके एक सहयोगी चिकित्सक इसी वर्ष के आखिरी में 'सुअर' की किडनी को इंसान में ट्रांसप्लांट करने की कोशिश करेंगे। यदि किडनी का प्रयोग कामयाब रहता है, तो ये साफ है कि हार्ट ट्रांसप्लांट करने का प्रयोग भी कामयाब रहेगा।
बायोटेक कंपनी ई-जेनेसिस के को-फाउंडर एवं चीफ साइंटिस्ट डॉ. लुहान यांग के मुताबिक, ये रिसर्च ऑर्गन ट्रांसप्लांट में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। इसके  साथ ही क्रास स्पीसीज वायरल ट्रांसमिशन से होने वाले खतरे को कहा गया है। हमारी टीम आगामी वक्त में जीन एडिटिंग के माध्यम से पर्व्स फ्री सूअर के ऑर्गन डिलीवर करेगी।
उल्लेखनीय है कि सारे विश्व में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की मांग में  लगातार वृद्धि हो रही है। सिर्फ ब्रिटेन में 280 लोग हार्ट ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में यदि डॉ. इंग्लिश का ये प्रयोग कामयाब होता है, तो यह मेडिकल इतिहास में काफी बड़ी उपलब्धि होगी।
इससे पूर्व भी जानवरों के अंगों को लैब में उगाने के प्रयोग समक्ष आए थे। इसके सिवा कुछ ही दिन पूर्व जापान की सरकार ने भी विवादास्पद कानून को पास किया है, जिसमें मनुष्य एवं जानवरों के हाइब्रिड अंगों को उगाने का प्रयास किया जाएगा।



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