Friday, 13 September 2019

अब ब्रेन कैंसर से नहीं जाएगी किसी की जान, भारतीय मूल के डॉक्टर ने बनाई ऐसी दवा...

 आज हम ब्रेन कैंसर को लेकर बात करे तो आपको ये बता दें कि जो भी रोगी इस ला इलाज बीमारी से जूझता है उसके 5 साल तक जिंदा रहने की भी संभावना कम होती है। किन्तु एक भारतीय मूल के चिकित्सक के नेतृत्व में कुछ छात्रों ने ब्रेन कैंसर के उपचार हेतु ऐसी दवा बनाई है, जिसे खाने से इस बीमारी से पीड़ित रोगी ठीक हो सकते हैं।
दरअसल ओहियो में फाइंडले कॉलेज ऑफ फार्मेसी के विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक ऐसा रासायनिक यौगिक तैयार किया है जो ब्रेन कैंसर के उपचार में फायदेमंद हो सकता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ़ फाइंडले में औषधीय रसायन विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. राहुल खुपसे का बताना है कि, 'इन यौगिकों से हम न सिर्फ दिमाग एवं और मस्तिष्क कैंसर तक पहुंच सकते हैं बल्कि सामान्य कोशिकाओं में होने वाली दिक्कतों को भी दूर कर सकते हैं।'
मीडिया रिपोर्ट की माने तो, ये छात्र ग्लियोब्लास्टोमा पर कार्य कर रहे थे। छात्रों ने कहा कि दिमाग कैंसर एक ला इलाज रोग है जो पारंपरिक चिकित्सा विधियों के माध्यम से सरलता से ठीक नहीं होता।
ऐसा इसलिए है क्योंकि हानिकारक कोशिकाओं को समाप्त करने हेतु खून का दिमाग में होने वाली बाधा से गुजरने हेतु रासायनिक रूप से ताकतवर होना सचमुच में मुश्किल है। छात्रों की माने तो, हमने देखा कि ये यौगिक ग्लियोब्लास्टोमा से प्रभावित हानिकारक कोशिकाओं को समाप्त कर रहे थे।
इनमें से एक यौगिक आरके -15 ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। छात्रों में एक जैकब रेयेस का बताना है कि, आरके -15 को जब स्वस्थ दिमाग में डाला गया तो वो हानिकारक कोशिकाओं पर धावा बोलने में कामयाब रहा। अभी इस पर और रिसर्च जारी है।



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