Saturday, 12 October 2019

नसबंदी ऑपरेशन के लिए पेट में चीरा लगाते ही दिखा कुछ ऐसा, महिला को छोड़ भाग गए डॉक्टर और नर्स


आजकल सरकार जनता के कल्याण के लिए हर तरफ कुछ न कुछ नई योजनाएं जरूर लेकर आ रही है जिससे देश का विकास हो सके और जनता को भी लाभ मिल सके। लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। जिसके चलते कई तरह के कार्यक्रम चलाए गए हैं। लेकिन लोगों पर इसका कोई असर होता नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं एक घटना ऐसी सामने आई जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो गया जी हां आपको बताते चलें की नसबंदी ऑपरेशन के दौरान मेहरौनी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है जो की काफी चौंका देने वाला था। दरअसल यहां एक महिला अपने नसबंदी के लिए आती है।
जानकारी के अनुसार चिकित्सकों ने महिला का चेकअप किए बिना ही उसकी नसबंदी के लिए पेट के चिरा लगा दिया। जब पेट खोला तो चिकित्सकों के होश उड़ गए। दरअसल आपको बता दें की इस दौरान हुआ ऐसा कि डॉक्टर जब महिला को ऑपरेशन करने ले गए तब उन्होने नसबंदी के लिए जैसे ही उस महिला के पेट में चीरा लगाया वैसे ही उन्हें पता चला की वो महिला गर्भवती थी फिर क्या था वहां उस महिला का ऑपरेशन करने के बाद टाँके लगाकर डॉक्टर गायब हो गए। यहां महिला की हालत देखकर जिला अस्पताल रेफर कर दी गई है।
जी हां इसके बाद जब मामला गंभीर होता दिखने लगा तो सीएमएचओ ने इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया और तो और ये भी बता दें की ये महिला मेहरौनी में बंजर्जिया गांव के निवासी 25 वर्षीय विंटा पत्नी वीरन कुशवाह, दरअसल बताया जा रहा है की कुछ समय पहले गांव में नसबंदी के लिए आशा कार्यकर्ता के साथ मेहरौनी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी जहां उन्होने महिला को नसबंदी ऑपरेशन के लिए कक्ष में भेजा गया था लेकिन उस दोरान डॉक्टर राकेश दत्त ने महिला के पेट के पेट की जाँच की और पाया कि वो महिला गर्भवती है, तो तुरंत ऑपरेशन को रोक दिया और सिलाई कर दिया। और फिर ऐसे में धीरे धीरे महिला की हालत खराब होने लगी।
फिर क्या था बताते चलें की डॉक्टर्स ने बाकी के पांच अन्य महिलाओं को भी बेहोशी के इंजेक्शन लगाया था पर डॉक्टर एक घटना बिगड़ते देख बाकी के महिलाओं को भी उसी बेहोशी हाल में छोड़कर डाक्टर के साथ साथ ऑपरेशन करने वाला स्टाफ गायब हो गया। जिसके बाद देर रात होने पर परिवार वालों को चिंता होने लगी और उन्होने वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रताप सिंह ने कहा कि नसबंदी के लिए आए महिला की 10 महीने की बेटी है। महिला को यह भी पता नहीं था कि वह गर्भवती है।
यही कारण है कि वह नसबंदी कराने की उम्मीद के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। अब गलती किसी की भी हो या फिर दोषी कोई भी हो डॉक्टर्स वहां से फरार होकर खुद को दोषी साबित कर गए। इस मामले में, जांच चल रही है, जो भी दोषी है अब इस मामले में जो भी डॉक्टर ने उनका ऑपरेशन किया उसे सजा मिलेगी।





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