Thursday, 13 August 2020

अयोध्या: मस्जिद निर्माण के लिए दान मांगेगा सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड, खोलेगा बैंक अकाउंट


श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण में श्रद्धालुओं से सहयोग लेने के लिए क्यू आर कोड सार्वजनिक किया है. तो सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भी निर्णय ले लिया है कि वो धन्नीपुर गांव में मिली भूमि पर मस्जिद, अस्पताल और इंडो इस्लामिक कल्चरल सेंटर के लिए चंदा जमा करेगा. इसके लिए बोर्ड कुछ ही दिनों में दो अकॉउंट भी खोल देगा, जिसमें चंदे की राशी दान की जा सकेगी.

2 अकाउंट में जमा होगी मिलने वाली रकम

सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा गठित किए गए इण्डो-इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन दो बैंक अकाउंट खोलने वाला है. इनमें से एक बैंक खाता केवल मस्जिद के निर्माण के लिए धन एकत्रित करने के लिए होगा. जबकि दूसरे बैंक अकाउंट में मस्जिद परिसर में बनने वाले अस्पताल और रिसर्च सेंटर के लिए धन जमा किया जाएगा.

25 अगस्त को खुल जाएगा अकाउंट

जुटाए जाने वाले धन की सारी जानकारी ऑनलाइन रखने के लिए एक पोर्टल भी बनवाया जाएगा. इस काम के लिए कंपनी भी निर्धारित की जा चुकी है. इस पोर्टल के लिए iicf.com के नाम से डोमेन भी आवंटित करवा लिया गया है. उम्मीद है कि 25 अगस्त तक खुल फाउंडेशन को दोनों बैंक अकाउंट खुल जाएंगे. 

बड़ी खबर: अब बिना PUC गाड़ी चलाने पर लगेगा 10,000 तक जुर्माना


यदि आपके पास वैलिड प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र नहीं है, तो अब गाड़ी लेकर सड़क निकलना आपको बेहद महंगा पड़ सकता है। दरअसल, बिना PUC के गाड़ी चलाने पर आपको 10 हजार तक का जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के परिवहन विभाग ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान आरंभ किया है। इस अभियान के तहत, ऐसे काफी सारे वाहनों के चालान काटे गए जिनके पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं था।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने निजी न्यूज़ चैनल को बताया कि, 'हमने दिल्ली में 40 टीमें तैनात की हैं, जो PUC प्रमाणपत्र देखेंगी और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का चालान बनाएंगी। ये टीमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा चिन्हित किए गए 13 पॉल्यूशन हॉटस्पॉट पर फोकस करेंगी। इनमें आनंद विहार, आरके पुरम, जहांगीरपुरी, विवेक विहार, मायापुरी सहित अन्य स्थान शामिल हैं।' उन्होंने आगे कहा कि इन हॉटस्पॉट्स पर हमारी प्रवर्तन टीम की संयुक्त टीमें, DPCC अधिकारी और दिल्ली के ट्रैफिक पुलिसकर्मी लोगों के वाहनों से डीजल और पेट्रोल के नमूने भी ले रहे हैं ताकि उसमें मिलावट और अशुद्धियों की पड़ताल की जा सके।
1 सितंबर, 2019 से दिल्ली में लागू हुए संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के तहत वैध PUC प्रमाणपत्र के बगैर वाहन चलाने पर 1,000 रुपये लगने वाले जुर्माने को 10,000 रुपये तक बढ़ा दिया गया था। जुर्माने में दस गुना इजाफे की वजह से दिल्ली के तक़रीबन 1,000 PUC केंद्रों में अचानक भीड़ बढ़ गई थी और परिवहन विभाग ने उस एक माह में 14 लाख PUC प्रमाणपत्र जारी किए थे।

सुशांत केस में सामने आई स्टन गन की थ्योरी, जानिए कैसे हुआ था इस्तेमाल!


सुशांत सिंह राजपूत केस में दिन पर दिन सभी अपनी अपनी बात रख रहे हैं. अब इस केस में सामने आई है स्टन गन थ्योरी. जी दरअसल हाल ही में इस थ्योरी को एक यूजर ने सोशल मीडिया पर डाला. इसी के बाद से यह थ्योरी तेजी से वायरल हो रही है. जी दरअसल एक यूजर ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को टैग किया. उसके बाद यूजर ने लिखा- 'आज मैंने स्टन गन के बारे में पढ़ा और यह भी जाना कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है. यह भी देखा कि इनसे किस तरह के निशान शरीर पर पड़ते हैं. एकदम वैसे ही निशान हैं भाइयों (जैसे सुशांत की बॉडी पर थे). उन लोगों ने पैरालाइज्ड करने के लिए स्टन गन का ही इस्तेमाल किया.'
यह लिखने के बाद हैशटैग अरेस्ट रिया लिखा गया है जो आप देख सकते हैं. वैसे इस ट्वीट के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सुब्रमण्यम स्वामी ने मामले की जांच एनआईए से किए जाने के बारे में कहा है. हाल ही में उन्होंने ट्वीट में लिखा कि 'क्या यह गन अरब सागर की सीमा से लगने वाले किसी देश से भेजी गई थी? एनआईए को इसकी जांच करनी चाहिए.' वैसे यहाँ जिस स्टनगन के बारे में बात हो रही है वह अमेरिका के इंटरनल मेडिसिन में प्रैक्टिशनर डॉक्टर राजू बाधवा ने पोस्ट की थी. बीते दिनों ही उन्होंने एक पोस्ट के माध्यम से कहा था कि 'सुशांत के मामले में स्टन गन का इस्तेमाल किया गया है.'
इसके अलावा उन्होंने सुशांत की गर्दन की बाईं ओर पड़े जलने के निशान का जिक्र करते हुए अपनी थ्योरी को पुष्ट करने की कोशिश भी की थी. जी दरअसल उन्होंने लिखा- 'इसी तरह से स्टन गन का इस्तेमाल अमेरिका के एक नेवी सील अफसर को मारने के लिए किया गया था. ऐसा दिखाने की कोशिश की गई थी कि उसने आत्महत्या की है. लेकिन, फॉरेंसिक जांच करने वालों ने हत्यारों को पकड़ लिया.'

आपके घर भी पहुँच सकता है रहस्यमयी बीजों का पैकेट, सरकार ने जारी की चेतावनी


कृषि मंत्रालय ने रहस्यमयी बीजों के पैकेट को लेकर तमाम राज्यों को चेतावनी जारी की है।  दरअसल पूरी दुनिया में लोगों को मिस्ट्री बीजों के पैकेट प्राप्त हो रहे हैं. भारत में भी लोगों को इस प्रकार के पैकेट मिले हैं. कृषि मंत्रालय के अनुसार, इन बीजों को रोपने से बायोडायवर्सिटी को खतरा पैदा हो सकता है. बताया जा रहा है कि ये बीज मौजूदा फसल को तबाह कर सकते हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी ये बीज बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं. कई देशों को इस किस्म के पैकेट से एग्री टेररिज्म की आशंका जाहिर किया है.
कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि ‘अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने इनके पैकेट पर दिए गए आंकड़ों को घोटाला (ब्रशिंग स्कैम)’’ और ‘‘कृषि तस्करी’’ बताया है. USDA ने यह भी बताया है कि अनचाहे बीज पार्सल में विदेशी आक्रामक प्रजाति के बीज या रोगजनकों या रोग को पेश करने की कोशिश हो सकती है, जो पर्यावरण, कृषि पारिस्थितिकी तंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं.
इन आशंकाओं के चलते सरकार ने रहस्यमय बीजों के पैकेटस को लेकर अलर्ट जारी किया है. सरकार ने स्पष्ट कहा है कि रहस्यम बीजों का पौधारोपण नहीं होने दे. पूरी दुनिया में लोगों को रहस्य में बीजों के पैकेट मिल रहे हैं. भारत, अमेरिका, जापान के लोगों को पैकेट मिले है. पैकेट में विभिन्न तरह के पौधों के बीज है. ज्यादातर पैकेट चीन से भेजे गए है.

यूपी राज्यसभा चुनाव: भाजपा उम्मीदवार जयप्रकाश निषाद ने भरा पर्चा, निर्विरोध चुना जाना तय


समाजवादी पार्टी नेता बेनी प्रसाद वर्मा के देहांत के बाद रिक्त हुई राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी जयप्रकाश निषाद ने गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल कर दिया. राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दायर करने का आज ही अंतिम दिन है. जयप्रकाश निषाद का निर्विरोध चुना जाना निश्चित माना जा रहा है. आगामी 24 अगस्त को वोटिंग होगी.
बता दें कि राज्यसभा सदस्य के रूप में जयप्रकाश निषाद का कार्यकाल 5 मई 2022 तक रहेगा. वह गोरखपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष हैं. निषाद बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर 2012 में चौरीचौरा असेंबली सीट से विधायक चुने गए थे. वह सपा में भी रह चुके हैं. जयप्रकाश 2018 में भाजपा में आ गए थे. उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दल ब्राह्मण वोटों को रिझाने की कोशिश में लगे हैं.
इसके लिए बकायदा भगवान परशुराम की प्रतिमा लगाने को लेकर भी सपा और बसपा में जुबानी जंग शुरू हो गई है. इस बीच भाजपा ने जयप्रकाश निषाद पर दांव खेलकर पूर्वांचल में अति पिछड़ों में पकड़ सशक्त करने के की रणनीति को आगे बढ़ाया है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में निषाद समुदाय की आबादी 14 फीसद के आसपास है, जो गोरखपुर और आसपास की कुछ विधानसभा सीटों पर खासा असर रखते हैं.

मुन्ना भाई को कैंसर होने पर सर्किट ने कही यह बात


बीते दिनों ही खबर मिली है कि संजय दत्त को कैंसर है वह भी चौथी स्टेज का. ऐसे में कई सेलेब्स ने अब तक इस पर रिएक्शन दे दिया है. अब हाल ही में फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस में सर्किट का किरदार निभा चुके बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी ने इस बारे में अपना रिएक्शन दिया है. उन्होंने एक वेबसाइट से बातचीत में कहा कि, 'संजू एक फाइटर है और वह एक विजेता के तौर पर बाहर आएगा.' इसके अलावा आगे अरशद ने यह भी कहा, "मैं किसी भी ऐसे इंसान को नहीं जानता हूं जिसने उन चीजों का सामना किया है जिन्हें संजय ने सीना तान कर फेस किया है."
उन्होंने कहा, 'उस शख्स में हालातों के विरुद्ध लड़ने का हुनर है. मैंने कभी भी उसे अपनी तकलीफों के लिए रोते हुए नहीं देखा है. वह यहां भी एक योद्धा की तरह लड़ेगा. वह एक फाइटर है.' आप सभी जानते ही होंगे संजय दत्त और अरशद वारसी की सुपरहिट जोड़ी मुन्नाभाई में दिखाई दी थी. इस फिल्म में दोनों को बहुत पसंद किया गया था. इसके अलावा दोनों की जोड़ी जल्द ही फिल्म ब्लॉकबस्टर में एक बार फिर से दिखाई देगी.
वैसे अभी तो संजय दत्त ने काम से कुछ वक्त का ब्रेक लेने के बारे में कहा है. वहीं अपने इंटरव्यू में अरशद ने आगे यह भी कहा कि, 'फिल्में आती जाती रहती हैं लेकिन उसके जैसे लोग बहुत मुश्किल से दुनिया में आते हैं. मैं ईश्वर से दुआ करूंगा कि वह जल्द ही अच्छा हो जाए.' इसी के साथ अरशद ने कहा, 'संजू ने उनसे बातचीत में कहा कि वह फिक्र नहीं करें वो ठीक हैं.'

इस शख्स को बंदर ने सिखाया अच्छा सबक, वीडियो देख नहीं रुकेगीं आपकी हंसी


सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, इस वीडियो को देख आप अपनी हंसी पर काबू नहीं कर पाएंगे. इस वीडियो में बंदर ने राह चलते शख्स की ऐसी खबर ली है कि व्यक्ति आखिरी तक समझ नहीं पाता है कि उसे ऐसा धक्का किसने दिया है. जब शख्स को कुछ समझ नहीं आता है तो वह भूत-प्रेत की बात मान उठकर आगे की और बढ़ जाता है.
इस वीडियो में साफ़ नजर आ रहा है कि एक शख्स मस्ती में अपने निवास या मार्केट की तरफ जा रहा है. रास्ते के बीच एक बंदर घात लगाए हुए बैठा था. इस वीडियो देख ऐसा ला रहा है कि बंदर की उस शख्स से कोई पुरानी दुश्मनी है. हालांकि, इस वक्त शख्स बंदर से बेखबर रहता है. वह अपनी चाल आगे की और लगातार बढ़ाते रहता है. जब बंदर की नजर उस शख्स पर पड़ती है, तो वह विचार करता है कि आज मौका मिल गया है. आज तो इसे सबक जरूर सीखा के रहूंगा.
इसके बाद जब वह शख्स कुछ कदम आगे बढ़ जाता है. तब वह बंदर तेजी से दौड़कर आता है और शख्स को पीछे से धक्का देकर झट से नौ दो ग्यारह हो जाता है. बंदर के धक्के से शख्स सड़क पर नीचे गिर जाता है. इसके बाद जब वो उठकर खड़ा होता है, और इधर-उधर अपनी नजरें फिराता है. उस वक्त शख्स को चारों और कुछ दिखाई नहीं देता है. वह विचार में पड़ जाता है कि शायद कोई भूत-प्रेत है. उस वक्त वह बिना वक्त गवाएं, वहां से भाग निकलने में ही अपनी भलाई समझता है. यह वीडियो बेहद ही हास्यास्पद है. बता दें की यह वीडियो भारतीय वन सेवा के अफसर सुशांत नंदा ने अपने ट्विटर अकांउट पर साझा किया है. इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है-फेक एनकाउंटर. इस साझा किए गए वीडियो को अब तक 17 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं.  

15 अगस्त को लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराने का प्लान, दिल्ली में मचा हड़कंप


एक दिन बाद आने वाले 15 अगस्त को लेकर इंटीलिजेंस ब्यूरो ने बड़ा अलर्ट जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका में रहने वाले सिख फॉर जस्टिस के आकाओं में से एक गुरुवतपंत सिंह पन्नू ने 14, 15 और 16 अगस्त को लाल किले पर खालिस्तान का ध्वज फहराने वाले सिख को सवा लाख डालर देने का ऐलान किया है.
खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरुवतपंत सिंह पन्नू का एक वीडियो सामने आया है. हाल ही में गुरुवतपंत सिंह पन्नू को भारत सरकार से डिजिनेटेड टेरररिस्ट घोषित किया गया है. गुरुवतपंत सिंह पन्नू ने घोषणा की है कि जो 15 अगस्त को खालिस्तान का झंडा लाल किले पर फहराएगा, उसे सवा लाख डॉलर का इनाम दिया जाएगा.
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ मिलकर गुरुवतपंत सिंह पन्नू रेफरेंडम 2020 का अभियान भी चला रहा है. इस वीडियो के बाद जांच एजेंसियां अलर्ट पर हैं. आपको बता दें कि रेफरेंडम 2020 को लेकर निरंतर दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में लोगों को गुरुवतपंत सिंह पन्नू का ऑटोमेटिक कॉल्स आ रहा है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है. आपको बता दें कि हाल ही में पन्नू का एक और वीडियो सामने आया था, जिसमे दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई थी। 

सुशांत की बहन हाथ जोड़कर बोलीं- सच जानने का हक है


सुशांत सिंह राजपूत केस में सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है. पटना में केस दर्ज होने के बाद मुख्‍य आरोपित व सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं. फिर जब केस सीबीआई तो सौंपा गया तो खुद सीबीआई की जांच की मांग करने वाली रिया सुप्रीम कोर्ट में इसका भी विरोध किया. इस मामले की सच्चाई को जानने के लिए परिवार लगातार जांच की मांग कर रहा है, जिससे इस केस की सच्चाई दुनिया के सामने आ सके. सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच कौन करेगा, मुंबई पुलिस, बिहार पुलिस या फिर सीबीआई, इसे लेकर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला दे सकता है. सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक वीडियो जारी कर फिर की मांग की है.
सुप्रीम कोर्ट में आज सभी पक्ष लिखित दलीलें जमा करवाएंगे. कोर्ट को तय करना है कि मामले की जांच CBI या मुंबई पुलिस में कौन करेगा. सुशांत का परिवार चाहता है कि केस की जांच अब सीबीआई करे. वहीं, सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार और रिया चक्रवर्ती ने सीबीआई की तरफ से दर्ज एफआईआर मुंबई पुलिस को सौंपने की मांग की है. जबकि बिहार सरकार और सुशांत के पिता के वकील ने इसका विरोध किया है.
इसी को लेकर सुशांत की बहन श्वेता ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, सभी को हेलौ, मैं सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति. आप सभी से ये गुजारिश करती हूं कि एक साथ फिर खड़े हो और इस केस के लिए सब एकजुट होकर सीबीआई जांच की मांग करें. उन्होंने कहा कि हम सच्चाई को जानना चाहते हैं और हमें ये हक है कि हम सच को जान सके. उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सच्चाई तक नहीं पहुंच सकेंगे. हम शांति भरा जीवन नहीं जी सकेंगे.

गजब की टेक्नोलॉजी से बना है ये हेलमेट, बिना लगाए नहीं होगी आपकी बाइक स्टार्ट, देखें VIDEO

 

सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर लोगों की मौत दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनने से होती हैं. 2015 से 2016 के बीच 45,500 लोगों की मौत एक्सीडेंट से हुई है. जिसमें से 60% लोग वो हैं जिन्होंने हेलमेट नहीं लगाया था. इन मौतों का आंकड़ा देखते हुए लगता है कि अगर कोई ऐसा हेलमेट आ जाए जिसकों बिना पहने गाड़ी ही ना चले तो एक्सीडेंट में जान गवाने वालों की संख्या में भारी कमी आ जाएगी. आज हम एक ऐसे छात्र के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने ये कारनामा कर दिखाया है.
बीटेक के छात्र हिमांशु गर्ग ने एक ऐसा हेलमेट बनाया है, जिसे पहने बगैर बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी. हेलमेट को उतारते ही इंजन खुद ब खुद बंद हो जाएगा. बल्केश्वर के लोहिया नगर निवासी हिमांशु गर्ग आरबीएस कॉलेज का छात्र है. उसने बताया कि मार्च 2014 को उसकी मां जयमाला की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. वह हेलमेट नहीं लगाए थीं. इसके बाद ही उसने सोच लिया था कि वह कुछ ऐसा कर दिखाएगा, जिससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सके. एक साल के प्रयोग के बाद उसने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और पल्स सेंसर से लेस एक हेलमेट तैयार किया है.
हिमांशु ने बताया कि हेलमेट की एक डिवाइस को बाइक और स्कूटर के इंजन से जोड़ने पर यह काम करने लगता है. हेलमेट पहनने पर ही बाइक स्टार्ट होगी. अगर, गाड़ी स्टार्ट होने के बाद हेलमेट उतार देंगे तो इंजन खुद ही बंद हो जाएगा. इसके अलावा हेलमेट में ऐसी तकनीक भी है जिसके माध्यम से शराब पीने पर भी गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी. मोबाइल चार्ज भी कर सकेंगे. अगर, इस टेकनीक का इस्तेमाल दो पहिया वाहन बनाने में किया जाए तो लोगों को काफी फायदा मिलेगा.

इन एक्टर्स ने कृष्ण बनकर पढ़ाया धर्म का पाठ, मशहूर हुआ हर किरदार


श्रीकृष्णा पर आधारित कई शोज टीवी पर बने जो खासा पॉपुलर भी रहे हैं. शोज में कृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर लोगों में बेहद मशहूर हैं. जन्माष्टमी पर आइए जानें टीवी के उन स्टार्स को जिनकी इमेज श्रीकृष्णा के रूप में आज भी यादगार है.

नीतीश भारद्वाज

कृष्ण का नाम लेते ही सबसे पहले नीतीश भारद्वाज का जिक्र होता है. बीआर चोपड़ा के हिट शो 'महाभारत' में उन्होंने कृष्ण का रोल इतनी बेहतरीन अंदाज से निभाया कि लोग उन्हें पूजने लगे.

सर्वदमन डी बनर्जी

रामानंद सागर के शो 'श्री कृष्ण' में बड़े कृष्ण का रोल सर्वदमन डी बनर्जी ने निभाया था. कृष्ण का किरदार सर्वदमन ने ऐसा निभाया कि उन्हें आज भी याद किया जाता है. उनकी मनमोहक हंसी और डायलॉग डिलीवरी आज भी लोगों को याद है.

सौरभ राज जैन

एक्टर सौरभ राज जैन टीवी का जाना माना चेहरा हैं. वे कई माइथोलॉजिकल महादेव, कृष्ण, विष्णु बने हैं. लेकिन सबसे ज्यादा लोकप्रियता उन्हें 2013 में आए शो महाभारत से मिली.

सुमेध

कृष्णा के रोल में सुमेध को टीवी इंडस्ट्री में अपार सफलता हासिल की है और सोशल मीडिया पर उनके फैंस की संख्या रोज बढ़ रही है.

धृति भाटिया

कलर्स के शो 'जय श्री कृष्ण' में नन्हे कान्हा ने खूब सुर्खियां बटोरी. दिलचस्प बात ये है कि शो में कृष्ण का रोल बच्ची धृति भाटिया ने निभाया था. धृति की क्यूटनेस, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी ने लोगों का दिल जीत लिया था.

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर थ्री व्हीलर खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर- सरकार ने आसान किए रजिस्ट्रेशन के नियम


इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बिना प्री-फिटेड बैटरी के इलेक्ट्रिक व्हीलक के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी है. यानी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर व्हीकल की बिक्री और रजिस्ट्रेशन बिना बैटरी के भी हो सकेगा. इलेक्ट्रिक व्हीकल की कुल लागत में बैटरी की कीमत 30 से 40 फीसदी होती है. सरकार के फैसले से इन वाहनों की अपफ्रंट कॉस्ट कम हो जाएगी.
मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि टेस्ट एजेंसी द्वारा जारी किए गए प्रकार अनुमोदन प्रमाण पत्र के आधार पर बिना बैटरी के वाहनों को बेचा और पंजीकृत किया जा सकता है. इसके अलावा, रजिस्ट्रेशन के उद्देश्य के लिए मेक / टाइप या बैटरी के किसी अन्य विवरण को निर्दिष्ट करने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रोटोटाइप और बैटरी को केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 126 के तहत निर्दिष्ट परीक्षण एजेंसियों द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है.
सरकार देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ाने के लिए एक इकोसिस्टम बनाने का प्रयास कर रही है. वाहनों के प्रदूषण और तेल आयात बिल को कम करने के लिए व्यापक राष्ट्रीय एजेंडा को प्राप्त करने के लिए संयुक्त रूप से काम करने का समय आ गया है. यह न केवल पर्यावरण की रक्षा और आयात बिल को कम करेगा बल्कि उभरते हुए उद्योग को अवसर प्रदान करेगा.
इलेक्ट्रिकल टू व्हीलर और थ्री व्हीलर वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने वाहन लागत से बैटरी की लागत को अलग करने की सिफारिश की थी. इस तरह दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को बाजार में बिना बैटरी के बेचा जा सकता है. इससे इलेक्ट्रिकल 2 व्हीलर और 3 व्हीलर्स की अपफ्रंट कॉस्ट ICE 2 और 3W से कम हो जाएगी. बैटरी को अलग से OEM या एनर्जी सर्विस प्रोवाइडर द्वारा उपलब्ध कराया जा सकता है.

ऑटो रिक्शा चालक मोहम्मद हबीब ने 1.4 लाख रुपये से भरा बैग यात्री को लौटाया

 

ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिससे साबित होता है कि देश-दुनिया में ईमानदारी और सच्चाई आज भी जिंदा है। हैदराबाद में ऑटो रिक्शा चालक मोहम्मद हबीब ने कोरोना महामारी के बीच ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए 1.4 लाख रुपये से भरा बैग यात्री को वापस कर दिया।
दरअसल, हर दिन की तरह दो बच्चों के पिता मोहम्मद हबीब अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपना ऑटो रिक्शा लेकर घर से निकले। सिद्दीम्बर बाजार क्षेत्र के पास दो महिलाओं को छोड़ने के बाद वह लगभग 2.30 बजे तक तडबन लौट आए। जब वह पानी की बोतल के लिए यात्री की सीट के पीछे देखा तो वहां पर उन्हें एक बैग दिखाई दिया। इस बैग के अंदर क्या हो सकता है, यहीं सोचकर वह वापस वहां गए जहां उन्होंने पिछली यात्रियों को छोड़ा था। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने बैग खोला तो उसे देखकर वह दंग रह गए, क्योंकि उसमें बहुत सारे पैसे रखे हुए थे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो रिक्शा चालक मोहम्मद हबीब ने बताया कि, “चूंकि यात्रियों का पता लगाने के लिए उसमें कोई चीज नहीं था, इसलिए उन्होंने स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क करना सबसे अच्छा समझा।” मोहम्मद हबीब अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ हसन नगर में रहता है।
कालापत्थर पुलिस स्टेशन में पुलिस अधिकारियों को जब बैग खोला तो उसमें उन्हें 1.4 लाख रुपये मिले। स्टेशन हाउस अधिकारी (SHO) एस सुदर्शन के अनुसार, आयशा नाम की यात्री ऑटो रिक्शा में अपना बैग भूल गई थी और हबीब के पुलिस स्टेशन पहुंचने से पहले उसने इस मामले को लेकर पुलिस से संपर्क किया था।
एसएचओ ने कहा, “यात्री बैग को भूल गए थे और ड्राइवर ने इसे नहीं देखा था। जब उसने बैग देखा तो उसके बाद वह यात्री को खोजने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मिले तो उसके बाद वह लगभग 4 बजे तक हमारे पास आया। बैग खोने वाली महिला भी तब तक पुलिस स्टेशन पहुंच गई थी।” उन्होंने कहा, “इस मामले में उस समय तक कोई शिकायत नहीं लिखी गई थी। दोनों ने एक-दूसरे को पहचान लिया और नकदी से भरा बैग यात्री को सौंप दिया गया।”
ईमानदारी की मिसाल पेश करने वाले हबीब को महिलाओं ने 5,000 रुपये से सम्मानित किया। वहीं, एसएचओ ने हबीब को शाल और माला पहनाकर सम्मानित किया। हबीब ने कहा, “वे अपना पैसा पाकर बहुत खुश थे। उन्होंने मुझे बहुत धन्यवाद दिया।”

Life Insurance Policy पर भी मिलता है आसानी से लोन, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई


कोरोना वायरस के चलते वैसे ही लोगों को कई तरह की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में बहुत से लोग लोन लेकर अपना समय काट रहे हैं, क्योंकि उनके पास आय के साधन फिलहाल पूरी तरह से खत्म हो गए हैं. अगर आप लोन लेने की सोच रहे हैं और आपके पास पहले से किसी भी कंपनी की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है तो फिर इसका फायदा उठाकर कम ब्याज पर लोन लिया जा सकता है. इंश्योरेंस कंपनियों के अलावा बैंक और एनबीएफसी पॉलिसी के बदले लोन देते हैं.
लाइफ इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी भी अपने ग्राहकों को पॉलिसी के बदले लोन की सुविधा दे रही है. इसमें ब्याज दर सिर्फ नौ फीसदी है. इसके लिए आप ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं.
इंश्योरेंस पॉलिसी के बदले लोन की अमाउंट पॉलिसी के और उसकी सरेंडर वैल्यू पर निर्भर होती है. लोन का अमाउंट पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू का 80 से 90 फीसदी तक हो सकती है. हालांकि, इसमें कुछ शर्तें होती हैं. इतना कर्ज आपको उसी स्थिति में मिलेगा जब आपके पास मनी बैक या एंडाउमेंट पॉलिसी है.
सबसे अच्छी बात है कि यह लोन आपको चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि, पॉलिसी मैच्योर होने पर लोन का अमाउंट कंपनी काट लेगी और बचे हुए पैसे आपको वापस कर दिए जाएंगे. ऐसे में आपको सिर्फ लोन का ब्याज चुकाना होगा. कुछ इंश्योरेंस कंपनियां लोन की रकम तय करने के लिए यह देखती हैं कि आपने कितना प्रीमियम चुकाया है. ऐसे में वह चुकाए गए प्रीमियम का 50 फीसदी तक कर्ज देने को तैयार होती हैं.
इंश्योरेंस पॉलिसी पर लोन के लिए ज्यादा डाक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं होती है. इसमें अप्लाई फार्म के साथ आपको लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के सभी जरूरी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं. लोन का अमाउंट प्राप्त करने के लिए एक कैंसिल चेक अप्लाई फार्म के साथ लगाना होगा. यह चेक नाम, अकाउंट नंबर आईएफसी कोड की सही जांच के लिए लगाया जाता है. इंश्योरेंस पॉलिसी के बदले लोन लेने पर एक Letter of contract पर भी हस्ताक्षर करना होता है.

मुंबई में मिला दुर्लभ प्रजाति की व्हेल शार्क का शव, मछुआरों के जाल में फंस गई थी


मुंबई में एक शार्क का शव मिलने से राज्य सरकार सकते में है. बुधवार 12 अगस्त को शहर के सैसन डॉक में एक व्हेल शार्क का शव पाया गया, जिसके बाद राज्य सरकार का फिशरीज डिपार्टमेंट और मैंग्रोव सेल हरकत में आ गए. दोनों विभाग मिलकर इस घटना की जांच कर रहे हैं, कि खतरे में पड़ी इस प्रजाति की मछली की मौत कैसे हुई.
वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह शार्क मछुआरों के जाल में फंस गई थी और इस दौरान उसने जाल से बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन असफल रही और उसकी मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि यह शार्क 8 मीटर लंबी और करीब 2 हजार किलो वजनी है. ये प्रजाति शार्क मछलियों में सबसे लंबी होती हैं और इन्हें एन्डेंजर्ड स्पेशीज यानी विलुप्ति की कगार पर मौजूद प्रजातियों में रखा गया है.
भारत में व्हेल शार्क को वाइल्डलाइफ एक्ट 1972 के तहत संरक्षित प्रजातियों में शामिल किया गया है और इनके शिकार या पकड़ने को गैरकानूनी माना गया है.
व्हेल शार्क का दुनियाभर में काफी शिकार होता रहा है. इनके शिकार के पीछे बड़ा कारण है इनसे मिलने वाला लिवर ऑइल. इसका इस्तेमाल कई तरह की दवाईयों के निर्माण में होता है. खास तौर पर कैंसर के मरीजों के बनाई जाने वाली दवाओं में इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है.