Monday, 17 June 2019

IND VS PAK: रोहित शर्मा ने जड़ा शानदार शतक, बड़े स्कोर की ओर अग्रसर भारत


पाकिस्तान के विरुद्ध मैनचेस्टर में खेले जा रहे आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैच में टीम इंडिया के 'हिटमैन' रोहित शर्मा ने धमाकेदार अंदाज में शतक ठोंक दिया है. रोहित ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की बखियां उधेड़ते हुए अपने वनडे इंटरनेशनल करियर का 24वां शतक जड़ दिया है. यह 2019 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में रोहित शर्मा का दूसरा शतक है.

इससे पहले उन्होंने साउथ अफ्रीका के विरुद्ध मैच में 122 रनों की शानदार मैच जिताऊ पारी खेली थी. पाकिस्तान के विरुद्ध मैच में रोहित ने अपना शतक 85 गेंदों में पूरा किया. इस दौरान उन्होंने 9 चौके और 3 छक्के जड़े. इसी के साथ ही रोहित शर्मा ने विश्व कप में भारत की ओर से सबसे तेज शतक जड़ने के मामले में लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. गावस्कर ने 1987 के विश्व कप में न्यूजीलैंड के विरुद्ध नागपुर में 85 गेंदों पर शतक जड़ा था.

विश्व कप में भारत की ओर से सबसे तेज शतक जड़ने का रिकॉर्ड वीरेंद्र सहवाग के नाम है. सहवाग ने 2007 के विश्व कप में बरमूडा के खिलाफ 81 गेंदों पर शतक ठोंक दिया था. विश्व कप में रोहित शर्मा का यह तीसरा शतक है. इससे पहले उन्होंने इसी विश्व कप में साउथ अफ्रीका के विरुद्ध और 2015 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के विरुद्ध शतक जड़ दिया था.

4 गोलगप्पे की कीमत उड़ा देगी आपके भी होश, खाने के पहले सोचेंगे सौ बार


आज हम बात कर रहे हैं दिल्ली की ही एक जगह की. दिल्ली में एक जगह ऐसी भी है जहां 10-20 रुपये में बिकने वाले गोलगप्पों की कीमत 750 रुपये है. पानी-पूरी का यह स्पेशल रेस्टोरेंट नई दिल्ली एयरोसिटी में है. यहां गोलगप्पे की एक प्लेट का रेट 750 रुपये है, जिसमें सिर्फ चार गोलगप्पे मिलते हैं. यानी एक गोलगप्पा आपका करीब 187 रुपये का पड़ेगा. अब शायद ही कोई ऐसे गोल गप्पे खता होगा.

वैसे आपको बता दें, तो इन गोलगप्पों का रेट 600 रुपये है, लेकिन 18 प्रतिशत जीएसटी लगने के बाद गोलगप्पे की एक प्लेट का रेट 708 रुपये हो जाता है. इसके ऊपर रेस्टोरेंट अलग से कुछ चार्ज लेता है जिसके बाद इसकी कीमत 750 रुपये हो जाती है. वैसे तो यह गोलगप्पा दिखने में एकदम साधारण है. गोलगप्पे के अंदर भरा स्टफ आलू, खट्टी-मीठी चटनी, छोले और दही होती है. इसके साथ ही जायके के लिए कैवियर इनिटेशन दिया जाता है, जो उसके स्वाद को थोड़ा अलग बनाने का काम करता है.

स्कूलों का कर्ज चुकाने के लिए 2 बहनों ने किया ऐसा काम, सोशल मीडिया पर हुई वायरल


नार्थ कैरोलिना में रहने वाली दो बहनें 13 साल की हेली और 11 साल की हन्ना हैगर नींबू पानी का स्टाल लगाकर 41 हजार डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही हैं. कई बार ऐसा होता है कि पढ़ने की चाह रखने वालों के पास इतने पैसे नहीं होते कि वो पढ़ सके. उसी के कारण इन दोनों बहनों को ये कदम उठाना पड़ा. इनका मकसद जिले के स्कूलों के उस कर्ज को चुकाना है जो बच्चों के खाने का इंतजाम करते हैं.

हेली और हन्ना की मां एरिन हैगर का कहना है कि पहले यह दोनों बहने अपने दादा के अस्पताल के लिए पैसा जुटाना चाहती थीं, लेकिन जब उनकों पता चला कि जिले के तमाम स्कूल सरकार के 28 लाख के कर्जदार हैं. उसके बाद उन्होंने इस कर्ज को चुकाने का बीड़ा उठाया. जिले के स्कूलों की बात की जाए तो कुल रकम 28 लाख रुपए है. इस बारे में हैगर का कहना है कि अपने बच्चों का पेट भरने के लिए स्कूल सरकार के कर्जदार बन गए. बच्चों के पास खाने के पैसे नहीं थे. स्कूलों ने उन्हें खाना तो दिया पर इस प्रक्रिया में उन पर भारी भरकम कर्ज हो गया.

वहीं इन दोनो बहनों की मां कहती हैं कि कब तक रकम जुटेगी, वे खुद भी नहीं जानतीं. नींबू पानी के स्टाल पर वे स्नैक भी बेचती हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा रकम जुटा सकें. इसी तरह से वो रकम जुटाने में लगे हैं.

नासा का दावा, चाँद से लाइ हुई मिटटी और पत्थर से खुले ब्रम्हांड के कई राज़


आज से तक़रीबन 50 वर्ष पूर्व नासा के मिशन अपोलो 11में सवार अंतरिक्ष वैज्ञानिक नील आर्मस्ट्रांग द्वारा एकत्रित की गई चांद की मिट्टी और पत्थर के नमूनों ने ब्रह्मांड की हमारी समझ को बदलने में हमारी काफी सहायता की है।

अब उन्होंने कहा है कि इन सभी नमूनों ने ब्रह्मांड को समझने में हमारी काफी सहायता की है। नासा के एक खगोल वैज्ञानिक सैमुअल लॉरेंस ने इस बात का दावा  किया है। नासा के खगोल वैज्ञानिक सैमुअल लॉरेंस के अनुसार चांद पर मिले ये पत्थर पृथ्वी पर सबसे मूल्यवान चीजों में से एक हैं। ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में कार्य करने वाले लॉरेंस ने मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि, 'चांद पर मिलने वाला पत्थर सौरमंडल के रोसेटा स्टोन हैं। यह खगोल विज्ञान का आधार है।

हालांकि लोगों को इस बात की प्रशंसा करनी चाहिए कि अपोलो मिशन से आए नमूनों का अध्ययन करना सौरमंडल और हमारे चारों तरफ के ब्रह्मांड को समझने के लिए कितना अहम् था। खगोल विज्ञान में कई खोज जो हम कर पाए न सिर्फ चंद्रमा बल्कि बुध, मंगल ग्रह और कुछ क्षुद्र ग्रहों पर भी, ये सभी शोध सीधे अपोलो मिशनों के दौरान प्राप्त हुए कुछ नतीजों से संबंधित हैं।'

Sunday, 16 June 2019

स्कूलों का कर्ज चुकाने के लिए 2 बहनों ने किया ऐसा काम, सोशल मीडिया पर हुई वायरल


नार्थ कैरोलिना में रहने वाली दो बहनें 13 साल की हेली और 11 साल की हन्ना हैगर नींबू पानी का स्टाल लगाकर 41 हजार डॉलर (करीब 28 लाख रुपए) जुटाने की कोशिश कर रही हैं. कई बार ऐसा होता है कि पढ़ने की चाह रखने वालों के पास इतने पैसे नहीं होते कि वो पढ़ सके. उसी के कारण इन दोनों बहनों को ये कदम उठाना पड़ा. इनका मकसद जिले के स्कूलों के उस कर्ज को चुकाना है जो बच्चों के खाने का इंतजाम करते हैं.
हेली और हन्ना की मां एरिन हैगर का कहना है कि पहले यह दोनों बहने अपने दादा के अस्पताल के लिए पैसा जुटाना चाहती थीं, लेकिन जब उनकों पता चला कि जिले के तमाम स्कूल सरकार के 28 लाख के कर्जदार हैं. उसके बाद उन्होंने इस कर्ज को चुकाने का बीड़ा उठाया. जिले के स्कूलों की बात की जाए तो कुल रकम 28 लाख रुपए है. इस बारे में हैगर का कहना है कि अपने बच्चों का पेट भरने के लिए स्कूल सरकार के कर्जदार बन गए. बच्चों के पास खाने के पैसे नहीं थे. स्कूलों ने उन्हें खाना तो दिया पर इस प्रक्रिया में उन पर भारी भरकम कर्ज हो गया.
वहीं इन दोपनो बहनों की मां कहती हैं कि कब तक रकम जुटेगी, वे खुद भी नहीं जानतीं. फेसबुक पर चलाई मुहिम के बाद लोग मदद के लिए आगे आए जिससे उन्हें भी मदद मिलेगी. किसी ने कप डोनेट किए तो किसी ने कोई दूसरी चीज. नींबू पानी के स्टाल पर वे स्नैक भी बेचती हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा रकम जुटा सकें. इसी तरह से वो रकम जुटाने में लगे


67 के हुए 'बॉलीवुड के दा', ऐसा रहा नक्सलवादी से लेकर सुपरस्टार तक का सफर


हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार मिथुन चक्रवर्ती के लिए आज का दिन बेहद ख़ास है. बॉलीवुड में 'मिथुन दा' के नाम से ख़ास पहचान रखने वाले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का आज जन्मदिन है. आज ही के दिन साल 1952 में उनका जन्म बांग्लादेश में हुआ था. मिथुन द्वारा अभिनय की शुरुआत कला फिल्म मृगया से की गई थी, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए पहला राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था. आइए आज जानते हैं मिथुन दा के 67वें जन्मदिन पर उनसे जुड़ी कुछ ख़ास बातों के बारे में...
कहते हैं कि 'ऐल्टिट्यूड' हो तो माउंट एवरेस्ट जैसा, और ऐटिट्यूड हो तो मिथुन दा जैसा'. एक डाकू वाल्मीकि बन चुका था और एक नक्सलवादी गौरांग था जो सुपरस्टार मिथुन दा बना. जी हां, फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले मिथुन दा एक नक्सलवादी हुआ करते थे. लेकिन अपने भाई की मौत के बाद उन्होंने अपने जीवन को एक सही दिशा दिखाई.
अब बात आती है रेसलिंग की. कोई नहीं जानता था कि 1967 में 'वेस्ट बंगाल स्टेट रेसलिंग चैंपियनशिप' जीतने वाला शख्स एक दिन बॉलीवुड का डिस्को किंग और सुपरस्टार बन जाएगा. उसके बाद तो समय का पहिया कुछ इस तरह से घूमा कि मिथुन दा को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला.
बंगाल की राजधानी कोलकाता से उभरे इस सुपरस्टार ने 1976 से फिल्मों में आना शुरू किया था और पिछले करीब साढ़े चार दशकों में उन्होंने कुल मिलाकर बॉलीवुड की 350 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर डाला. बांग्ला, उड़िया और भोजपुरी में भी बहुत सारी फिल्में उनके नाम है. म्यूजिकल फिल्म डिस्को डांसर (1982) से तो उनकी इमेज ही बदल गई थी और उसके बाद दूसरी म्यूजिकल फिल्मों, कसम पैदा करनेवाले की (1984) और डांस डांस (1987) ने उन्हें एक बेहतरीन डांसर के रूप में पहचान दिला दी.


RBI ने बैकों को दिया झटका, इस लापरवाही पर लगेगा भारी जुर्माना


बैंकों को कड़े निर्देश रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एटीएम में कैश की किल्लत को देखते हुए जारी किए हैं. आरबीआई ने सभी बैंकों को इसको लेकर दिशानिर्देश जारी किया है. सूत्रों के मुताबिक RBI का कहना है कि अगर अब किसी एटीएम में 3 घंटे से ज्यादा कैश नहीं रहेगा तो बैंक पर जुर्माना लगाया जाएगा. जो कि भारतीय लोगो के लिए (RBI) की और से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.
कुछ ही दिनो में अब जब भी एटीएम पैसा निकालने जाएंगे तो वहां नो कैश का बोर्ड नहीं देखने को मिलेगा. कई बार देखा गया है कि जिस एटीएम में पैसे कम निकाले जाते हैं वहां पैसा खत्म होने के बाद कई दिनों तक या ये कहें कि कई हफ्तों तक पैसा नहीं डाला जाता है. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है. जिससे बैंको के रवयै मे सुविधार होने की उम्मीद है.
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि बैंकों के पास एटीएम में कितना कैश है उसकी जानकारी के लिए पूरा सिस्टम है. दरअसल, एटीएम में जो सेंसर लगा होता है उसके जरिए बैंकों को रियल टाइम बेसिस पर एटीएम में कितना कैश बचा है, कब तक खाली होने जा रहा है और कितनी रकम डालनी है, इसकी पूरी जानकारी रहती है. रिजर्व बैंक यह चाहता है कि जब बैंकों को एटीएम में कैश के बारे में सारी जानकारी पता है, तो बैंक एटीएम में कैश ना डालने को लेकर बहानेबाजी क्यों कर रहे हैं.छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में एटीएम में पैसे की कमी की समस्या सबसे ज्यादा है. ग्राणीण इलाकों से इसको लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं.  रिजर्व बैंक ने इसी के आधार पर यह सख्त कदम उठाया है. बहुत समय से ग्राहको द्वारा ऐटीएम मे कैंश न मिलने की शिकायत की जा रही थी.


भारत ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका, आज से 26 अमेरिकी प्रोडक्ट हो जाएंगे महंगे


भारत ने अमेरिका को तगड़ा झटका देते हुए 28 अमेरिकी उत्पादों पर एडिशनल कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है. आज से इन सभी उत्पादों पर नई कस्टम ड्यूट लागू हो जाएगी. इस सूची में बादाम, अखरोट और दालें भी शामिल हैं. भारत का यह कदम अमेरिकी निर्यातकों को बड़ा झटका दे सकता है, क्योंकि अब उन्हें 28 उत्पादों पर ज्यादा ड्यूटी चुकाना करना होगा.
इससे भारतीय बाजार में ये तमाम अमेरिकी उत्पाद महंगे हो जाएंगे. कई दफा समय सीमा बढ़ाने के बाद आखिरकार भारत ने 29 अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाने का निर्णय लिया है. अपने 30 जून 2017 के नोटिफिकेशन को संशोधित करते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स ने शनिवार को बताया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में बने या निर्यात किए जाने वाले 28 उत्पादों पर अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाएगी. इससे पहले 29 प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जानी थी, किन्तु इसमें से एक उत्पादों को अलग कर दिया है. अमेरिकी उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से देश को तक़रीबन 217 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा.
अमेरिका ने गत वर्ष मार्च में स्टील पर 25 फीसदी और एल्युमीनियम उत्पादों पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया था. भारत अमेरिका में इन वस्तुओं के मुख्य निर्यातकों में से एक है, जिस वजह से अमेरिका के इस कदम से भारत के राजस्व पर प्रभाव पड़ा. इसके जवाब में ही भारत ने अब 28 अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाने का फैसला लिया है.


हर 30 साल में अंडे देती है ये चट्टान, जानिए रहस्य!


आज​ हम आपको एक ऐसी खबर के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, हम बात कर रहे है चीन की जो बहुत ही अद्भुत वस्तुओं से भरा पड़ा है। दरअसल, आज हम आपको ऐसी चट्टान के संबंध में बताएंगे जो प्रत्येक 30 साल में अंडे देती है।
यह अंडे पहले तो एक कवच में होते हैं तथा चट्टान इनको सेती है किन्तु थोड़े ही दिनों के पश्चात ये अंडे सतह पर गिर जाते हैं। इस चट्टान ने वैज्ञानिकों का भी दिमाग हिलाकर रख दिया है।
जानकारी के मुताबिक, ये चट्टान चीन के दक्षिण-पश्चिमी में 'गिझोउ' प्रांत में मौजूद है जो लगभग 20 मीटर लंबी तथा 6 मीटर ऊंची है। इसका नाम 'चन दन या' है। जब ये अंडे जमीन पर गिरते हैं तो ग्रामीण इन्हें उठाकर अपने घर ले आते हैं।
ये चट्टान 500 लाख वर्ष पूर्व बनी थी। ये एक काली और ठंडी चट्टान है, जो अनेक इलाकों में आमतौर पर प्राप्त हो जाती है।



इस कपल ने बाथरूम में रचाई शादी, वजह कर देगी हैरान


आज हम शादी को लेकर बात करे तो आपको ये बता दें कि विवाह प्रत्येक किसी की जिंदगी का खास दिन होता है। दरअसल, आजकल बाथरूम में शादी करने की खबर इंटरनेट पर काफी वायरल हो रही है।
बता दें कि, ब्रायन स्कूल्ज एवं मारिया स्कूल्ज ने बाथरूम में विवाह किया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दूल्हे की माता को बाथरूम में सांस लेने में दिक्कत हुई तथा उनको बाथरूम में ही ऑक्सीजन देने का निर्णय लिया गया।
ब्रायन के मुताबिक, हम अदलात के बाहर बैठे थे तथा भीतर जाने का इंतजार कर रहे थे। तभी उनकी माता का कॉल आया और उन्होंने कहा कि उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उस समय उनकी माता बाथरूम में ही थी।
देखा कि उनका चेहरा पीला हो चुका था, पसीना आ रहा था एवं वो किसी संग बात भी नहीं कर पा रही थी। मोनमाउथ काऊंटी के अधिकारियो ने ब्रायन की माता को बाथरूम में ही ऑक्सीजन देने का निर्णय लिया।
इसके सम्बन्ध में मॉनमाउथ काउंटी पुलिस कार्यालय ने फेसबुक पर लिखा- जोड़ी माता को लेकर बहुत दुखी थी एवं विवाह को 45 दिन हेतु टालने का निर्णय ले रही थी क्योंकि उन्हें शादी का लाइसेंस लेने में 45 दिन का समय लगता।
अधिकारी महिला को बाथरूम से बाहर नहीं लाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने बाथरूम में ही विवाह कराने का निर्णय लिया। न्यायाधीश कैटी गुमर बाथरूम में विवाह हेतु मान गई।