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Monday, 16 September 2019

दुनिया का सबसे खतरनाक पुल, जिसकी तस्वीरें ही पैदा कर देगी आपमें डर


आज के समय में दुनिया में एक से बढ़कर एक मौजूद पुल हैं, जिनमें कि कुछ बेहद ही खूबसूरत तो कुछ बेहद ही खतरनाक भी नजर आते हैं और एक ऐसा पुल चीन के हुनान प्रांत में है, जहां जाना तो दूर की बात, लोग पुल की तस्वीरें देखकर ही डर से भर जाते हैं.
आपको जानकारी के लिए बता दें कि यह पुल 100 मीटर लंबा है और पांच फीट चौड़ा यह बना हुआ है, जो 1500 मीटर की ऊंचाई पर 'तीयानमैन माउंटेन' पर स्थित है. खास बात यह है कि यह दुनिया का सबसे खतरनाक स्काईवॉक है, जिसे कि साल 2016 में लोगों के लिए खोला गया था. बता दें कि इस पुल का नाम 'कॉइलिंग ड्रैगन क्लिफ' है और इसे अगर 'मौत का पुल' कहें तो भी कुछ गलत नहीं होगा, ऐसा इसलिए क्योंकि यहां थोड़ी सी भी चूक और मौत का सामना तय है.
दुनिया के डरावने पुलों में भी यह शुमार है. हालांकि डर के साथ ही इसकी और इसकी आस-पास की खूबसूरती सबका मन मोह लेती है. सांसे थाम देने वाले इस पुल पर जाने की हिम्मत हर कोई नहीं कर पाता है, हालांकि जो जाते हैं वो रोमांचित हुए बिना नहीं रहते हैं. 



'वीरू सहस्त्र बुद्धि' की तरह ही दोनों हाथ से लिख सकती है ये बच्ची


देश के हर कोने में प्रतिभा छिपी हुई है, कहीं ना कहीं आपको ये प्रतिभा देखने को मिल ही जाती है. बस तलाशने की जरूरत है. कईबार ऐसे लोग सामने आते हैं जिनमें इतनी खूबियां होती हैं कि आप जानकर हैरान रह जाते हैं. ऐसे ही एक 13 साल की बच्ची भी सोशल मीडिया पर छाई हुई है. बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 3 इडियट्स से प्रेरित रायपुर की 13 वर्षीय काव्या चावड़ा दोनों हाथों से परफेक्ट मिरर राइटिंग करती हैं. आपने फिल्म में देखा ही होगा कि किस तरह से एक्टर बोमन ईरानी दोनों  हाथों से लिखते हैं. वैसा ही ये लड़की भी कर सकती है.
बता दें, अपने इस टैलेंट के बारे में एएनआई से बात करते हुए काव्या ने बताया कि, 'इसमें बहुत अधिक एकाग्रता लगती है, मिरर राइटिंग के लिए मैं पिछले तीन से चार वर्षों से प्रैक्टिस कर रही हूं. उन्होंने कहा मैं लिखते हुए भी मिरर राइटिंग करती हूं. काव्या ने ये भी बताया कि इसकी प्रेरणा मुझे 3 इडियट्स फिल्म से मिली, फिल्म में वायरस दो हाथों से लिखते हुए दिखाए गए हैं. उसी के देखा देखि ये भी ऐसा करने लगी. बता दें, कक्षा 7वीं में पढ़ने वाली काव्या का कहना है कि वो हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में एक ही तरह की मिरर राइटिंग कर सकती हैं.
जहाँ 7वीं के बच्चे एक हाथ से ही लिख पाते हैं वहीं ये बाछिन दोनों हाथों से लिख लेती है. काव्या ने बताया कि पहले उसने इंग्लिश में लिखना सीखा उसके बाद मैंने हिंदी में भी लिखना शुरू किया. आगे काव्या ने कहा कि,' मैं सबको ये सन्देश देना चाहती हूं कि आज के दौर में लोग अंग्रेजी सिखने के पीछे भाग रहे हैं, जबकि हमें अपनी भाषा हिंदी को बढ़ावा देना चाहिए. काव्या ने आगे कहा कि वह हर दिन अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मिरर राइटिंग की प्रैक्टिस करती थी. इस बीच काव्या की मां, नेहा चावड़ा ने कहा, "मैं उसे पढ़ाई के बाद आराम करने के लिए कहती थी लेकिन, वो मानती नहीं थी और प्रैक्टिस में लगी रहती थी. सिर्फ 6 महीने में ही हमें उसकी प्रतिभा के बारे में पता चल गया, वह हिंदी को बढ़ावा देना चाहती है."
वहीं बेटी के इस काम पर उसके माता पिता को बह गर्व है. काव्या के पिता, प्रितेश चावड़ा ने कहा कि, "हमें गर्व है कि मेरी बेटी के पास ऐसी अनोखी प्रतिभा है. मैं उनकी बातों का समर्थन करता हूं." 


75 की उम्र में इस महिला को बनवाना पड़ा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें वजह


ड्राइविंग लाइसेंस हर किसी के लिए जरुरी होता है जिसे लोग गाड़ी के समय ही बनवा लेते हैं. लेकिन एक महिला ने ये अधेड़ उम्र में बनवाया है. बता दें, एक महिला को ऐसी जरूरत पड़ गई कि उसे 75 की उम्र में लाइसेंस बनवाना पड़ा. बात ये है कि अपनी बहन को अस्पताल ले जाने के लिए पिलबरा क्षेत्र के हेडलैंड में रहने वाली 75 साल की विन्नी सैम्पी ने खुद का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है. जानते हैं इस महिला के बारे में.
इस महिला के बारे में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. बहन को अस्पताल ले जाने के लिए विन्नी सैम्पी को लाइसेंस बनवाना पड़ा. लाइसेंस दिलवाने में मदद करने वाली एक गैर लाभकारी संस्था ब्लडवुड ट्री एसोशिएशन ने सोशल मीडिया पर विन्नी की स्टोरी पोस्ट की है. फेसबुक पोस्ट में एसोशिएशन ने लिखा, 'लाइसेंस हासिल करने के बाद अब विन्नी अपनी बड़ी बहन को रेगुलर चेकअप के लिए डॉक्टर के पास, शॉपिंग कराने और बीच पर ले जाने में सक्षम है. अहम यह है कि इस उम्र में भी वह किसी से न तो लिफ्ट मांगती हैं और न ही टैक्सी लेती हैं. उन्होंने 75 की उम्र तक कभी कंम्प्यूटर इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन लाइसेंस का टेस्ट कंप्यूटर से भी दिया. हालांकि, जिस दिन उनका ड्राइविंग टेस्ट था, वह काफी नर्वस थीं, लेकिन कुछ देर चैटिंग करने के बाद सामान्य हो गईं.'
वहीं  विन्नी ने एसोशिएन का आभार माना है जिसने उन्हें लाइसेंस दिलाने बहुत मदद की. ब्लडवुड ट्री एसोशिएशन की ड्राइविंग निर्देशक तान्या होममैन ने कहा, 'लाइसेंस लेने वालों में विन्नी सबसे उम्र दराज कैंडिडेट थीं.'


Sunday, 15 September 2019

सावधान! यहां मरे व्यक्ति का भी काटा जा रहा है चालान, मौत के 8 साल बाद भेजा नोटिस


मोटर व्हीकल एक्ट में बदलावों के बाद पुलिस हर शहर में धड़ाधड़ चालान काट रही है। ट्रैफिक पुलिस जिंदा लोगों का चालान तो काट ही रही है। साथ ही जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं , यातायात विभाग उनको भी नहीं छोड़ रहा है। ऐसा ही अनोखा या विभाग की लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां 8 साल पहले मर चुके एक व्यक्ति के घर नोटिस भेज दिया है।
दरअसल यह अनोखा चालान का मामला राजस्थान के झालावाड़ में सामने आया हैं। जहां के परिवहन विभाग ने एक ऐसे इंसान का चालान काट दिया है, जिसकी मौत करीब 8 साल पहले हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम राजेंद्र कसेरा है। हाल ही में यहां के परिवहन विभाग ने कसेरा के खिलाफ एक पत्र जारी किया है। जिसमें लिखा है, कि राजेंद्र हाई स्पीड में अपनी कार चला रहा था, लेकिन उसने सीट बेल्ट नहीं बांधी हुई थी। इसलिए विभाग उनका लाइसेंस रद्द कर हा है।
जानकारी के मुताबिक मृतक राजेंद्र के परिजन को 11 सितंबर को परिवहन विभाग का यह नोटिस मिला है। जिसमे मृतक को विभाग के कार्यालय में बुलाया गया था। वहीं मृतक के बेटे मनोज कसेरा ने बताया मेरे पिता जी ने कभी कोई कार ही नहीं खरीदी है। उनके पास तो एक बाइक थी जिस पर वह बर्तन बेचते थे। बेटे ने कहा- विभाग के अधिकारियों ने मेरे मर चुके पिता जी को नए मोटर व्हीकल कानून के तहत लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसे कार्यालय बुलाया गया था।


अखिलेश यादव से मिलने के लिए सपा नेता दूल्हा बने, कार्यकर्ता बाराती


उत्तरप्रदेश के रामपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने के लिए सपा नेता को शुक्रवार को दूल्हा का वेश धारण करना पड़ा। कार्यकर्ता नेता के पीछे बाराती की तरह चले। इस तरह उन्हें रामपुर में प्रवेश मिल गया। इनका आरोप है कि रामपुर प्रशासन सपा के कार्यकर्ताओं को अखिलेश यादव से मिलने की अनुमति दे नहीं रहा था। इसलिए बारात की तरह जाना पड़ा।
दरअसल, अखिलेश यादव सपा नेता और सांसद आजम खान के समर्थन के लिए रामपुर दौरे पर हैं। इस वजह यहां प्रदेश भर से सपा कार्यकर्ता पहुंचने लगे, जिसके मद्देनजर रामपुर में धारा 144 लगा दी गई है। आजम खान पर अब तक अलग-अलग मामलों में 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
संभल जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने बताया. "हमारे पास कोई और तरीका नहीं था। हमें हमारे नेता अखिलेशजी से मिलना था। मैंने शेरवानी पहनी और चेहरा फूलों के सेहरा से चेहरा ढक लिया। मेरे साथ कार्यकर्ता बाराती बनकर चल रहे थे।" उधर, दूसरे जिलों जैसे अमरोहा से पूर्व मंत्री कमाल अख्तर, सदर विधायक सपा के महबूब अली और एमएलसी परवेज को पुलिस ने जिले से बाहर नहीं निकलने दिया।


16 साल की किशोरी हर दो घंटे बाद भूल जाती है क्या किया, क्या खाया, किससे मिली

 21 जून को फ्यूचर फार्मर्स ऑफ अमेरिका कन्वेंशन में एक डांस परफॉर्मेंस के बाद 16 साल की किशोरी रिले हॉर्नर की जिंदगी में कई परेशानियां बढ़ गईं। डांस एक्ट के दौरान उसके सिर में लगी चोट के बाद वह कोई भी चीज 2 घंटे से अधिक देर तक याद नहीं रख पाती। हर दो घंटे के बाद वह उसके साथ होने वाली हर घटना भूल जाती है। न तो उसे कोई चीज याद रहती है और न ही किसी इंसान से की गई कोई मुलाकात। यहां तक कि क्या किया, क्या खाया जैसी छोटी-छोटी चीजें भी याद नहीं रहतीं।
चोट लगते ही रिले को अस्पताल ले जाया गया लेकिन कई टेस्ट और स्कैन के बाद भी डॉक्टरों को उसकी बीमारी समझ नहीं आई। अब डॉक्टर कहते हैं कि जब उन्हें बीमारी ही नहीं पता तो वे उसकी दवा क्या देंगे।
रिले कहती है, मैं कोई भी चीज याद नहीं रख पाती हूं और यह काफी डरावना है। लोग इसे समझ नहीं पा रहे हैं क्योंकि उनके लिए शायद यह एक फिल्मी कहानी है। मैं अभी इंटरव्यू दे रही हूं लेकिन कुछ ही वक्त बाद भूल जाउंगी कि किसी को अपनी हालत के बारे में बताया था। मेरे कमरे के दरवाजे पर कैलेंडर लगा है। मैं रोज इसे देखती हूं और सितंबर महीना देखकर खुश होती हूं, लेकिन चंद पलों के लिए क्योंकि मुझे अपनी डांस परफॉर्मेंस की चोट के बाद अब तक मेरी जिंदगी में आए लम्हों की कोई जानकारी नहीं। मैं बहुत कोशिश करती हूं लेकिन कुछ याद नहीं रख पाती। कुछ याद रहता है तो बस 11 जून और कुछ नहीं।
रिले की मां सारा हार्नर की मानें तो डॉक्टरों ने उन्हें कहा था कि वक्त के साथ रिले की हालत में सुधार होगा मगर ऐसा नहीं हो रहा। अब तो लग रहा शायद ताउम्र रिले ऐसी ही रहे। उसे हर चीज के लिए नोट्स बनाकर देने पड़ते हैं ताकि जब दो घंटे बाद कुछ भूले तो नोट्स काम आ सकें। हम हर रोज उसे याद दिलाते हैं लेकिन उसे कुछ फर्क नहीं पड़ता। मेरी बेटी मेडिकल फील्ड में जाना चाहती थी, लेकिन अगर उसकी ऐसी ही हालत रही तो शायद ही उसे कोई जॉब भी न मिलेगी।
रिले की बीमारी जैसा ही एक मामला अमेरिका के ग्रीन्सबोरो की कैटलिन लिटल का भी इस साल आया था। कैटलिन भी 2017 में इसी तरह सिर में चोट लगने के बाद एंटिरोग्रेड एमनीशिया यानी एक किस्म की भूलने की बीमारी की शिकार हो गई थी। इस बीमारी में इंसान नई यादें सहेज नहीं पाता और कुछ देर बाद चीजें भूलने लगता है। जहां रिले दो घंटे के बाद सबकुछ भूलती है, वहीं कैटलिन को सिर्फ 12 घंटे तक की यादें याद रहती हैं और उसका दिमाग 2017 में ही फंसकर रह गया है।




रेलवे ट्रैक बनाने के लिए केबल ब्रिज का 248 मीटर लंबा और 18 टन वजनी हिस्सा घुमाया


चीन में हुबेई प्रांत के वुहान शहर से प्रभाहित होने वाली यांग्सी नदी के पास बने केबल ब्रिज का 248 मीटर लंबा व 18 हजार टन वजनी हिस्सा घुमाया गया है। ताकि ब्रिज के नीचे से बन रही रेलवे लाइन का काम आसानी से हो सके।
यह ब्रिज दो किमी लंबा है। ब्रिज के 46 मीटर चौड़े हिस्से को घुमाया गया है। इंजीनियर्स ने बताया कि यह डबल डेक सस्पेंशन ब्रिज है। यह यांग्सी नदी के किनारे बसे दो बड़े इलाकों को जोड़ता है।,
रेलवे लाइन बनने के बाद ब्रिज के इस हिस्से को सस्पेंशन की मदद से और ऊंचा उठाया जाएगा। ताकि भविष्य में ट्रेनों के गुजरने से किसी प्रकार की परेशानी न हो। इंजीनियर्स के मुताबिक, रोबोटिक मशीनों के जरिए ब्रिज को घुमाने में 6 दिन लगे।


कमलनाथ सरकार दूध के साथ बेचेगी कड़कनाथ मुर्गे का मांस, भाजापा ने जताया इसका विरोध

 मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार दूध के पार्लर पर कड़कनाथ मुर्गे का मांस बेचने की योजना बना रही है, ताकि इसकी बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। हालांकि, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने सरकार के इस कदम पर यह कहते हुए ऐतराज जताया है कि इससे हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी क्योंकि हिंदू धर्म में गाय और उसका दूध ‘‘पवित्र’’ माना जाता है।
मध्यप्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम ने कड़कनाथ की बढ़ती मांग को देखते हुए भोपाल के वैशाली नगर क्षेत्र में दूध के पार्लर पर कड़कनाथ मुर्गे का मांस बेचने की योजना शुरू की है।
मंत्री ने कहा, ‘‘हमने प्रदेश की राजधानी भोपाल में कड़कनाथ मुर्गे का मांस बेचने के लिए प्रायोगिक तौर पर एक बूथ स्थापित किया है। हम ऐसे पार्लर पूरे राज्य में खोलने की योजना पर चर्चा कर रहे हैं।’’यादव ने कहा कि हालांकि, इस योजना का भविष्य पायलट प्रोजेक्ट की सफलता पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कड़कनाथ का मांस 900 रूपये प्रति किलोग्राम की दर पर बेचा जा रहा है।
इसी बीच, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हिंदू धर्म में गाय और उसका दूध बेहद पवित्र माना जाता है। इसका कई त्योहारों में और उपवास में इस्तेमाल किया जाता है। गाय का दूध और कड़कनाथ का मांस एक बूथ में नहीं बेचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सरकार से दूध और कड़कनाथ का मांस बेचने के लिए अलग अलग पार्लर स्थापित करने का आग्रह करेंगे। इस आपत्ति के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि दोनों चीजें बेचने के लिए पार्लर के भीतर अलग अलग केबिन बनाये जाएंगे।
मालूम हो कि कड़कनाथ मुर्गे की उत्पत्ति मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार कड़कनाथ के मांस में आयरन एवं प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है, जबकि कॉलेस्ट्राल की मात्रा अन्य प्रजाति के मुर्गों से काफी कम पायी जाती है। इसलिए यह अन्य प्रजातियों के मुर्गों से अधिक कीमत में बेचा जाता है।


इस जगह उथली खदानों से 8 माह में मिले दो दुर्लभ हीरे


रंक से राजा बनने का चमत्कार यदि कहीं घटित होता है, तो वह मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती से होता है। ऐसा ही 13 सितंबर,शुक्रवार की सुबह पन्ना शहर के बड़ा बाजार निवासी बृजेश उपाध्याय की जिंदगी में घटित हुआ, जब उन्हें अपनी उथली खदान से 29 कैरेट 46 सेंट वजन का बेशकीमती नायाब हीरा मिला।
जेम क्वालिटी के इस हीरे की कीमत करोडों रूपये बतायी जा रही है। इसके पूर्व 8 माह पहले पन्ना के ही गरीब मजदूर मोतीलाल को 42 कैरेट 59 सेंट वजन का नायाब हीरा मिला था। यह 42.59 कैरेट वजन वाला हीरा खुली नीलामी में 6 लाख रूपये प्रति कैरेट की दर से 2 करोड़ 55 लाख रूपये में बिका था, जिसे झांसी के निवासी राहुल अग्रवाल ने खरीदा था।
13 सितम्बर को जमा हुये नायाब हीरे की अनुमानित कीमत अधिकृत रूप से अभी नहीं बताई गई लेकिन जानकार इसकी कीमत करोड़ों रूपये बता रहे हैं। इस माह बीते 15 दिनों में जिला मुख्यालय स्थित हीरा कार्यालय में उज्जवल किस्म के चार हीरे जमा हो चुके हैं लेकिन बीते 8 माह के दौरान उथली खदानों से दो बड़े और दुर्लभ हीरे मिले हैं।
हीरा खदानों से हीरा मिलने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे हीरों की तलाश करने वाले लोगों में जहां भारी उत्साह है वहीं हीरा कार्यालय में भी खुशी का माहौल है। हीरा अधिकारी कार्यालय द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के मार्गदर्शन में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिससे जिले की उथली खदानों से लगातार प्राप्त होने वाले हीरे कार्यालय में जमा हो रहे हैं।
जिले के कृष्णा कल्याण पुर क्षेत्र में बृजेश कुमार उपाध्याय को हीरा कार्यालय द्वारा उत्खनन पट्टा जारी किया गया था। फलस्वरूप उसे यहाँ 29.46 कैरेट का उज्जवल हीरा प्राप्त हुआ है। प्राप्त हीरे को कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की उपस्थिति में हीरा कार्यालय में जमा कराने की कार्यवाही की गयी। कलेक्टर द्वारा हीरा प्राप्त करने वाले व्यक्ति को हीरा कार्यालय में पावती रसीद दी गयी।
जिला मुख्यालय पन्ना स्थित हीरा कार्यालय के हीरा पारखी अनुपम सिंह के अनुसार बृजेश उपाध्याय को मिला हीरा वजन और क्वालिटी के लिहाज से बहुमूल्य हीरा है, जिसे सरकारी खजाने में जमा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात आगामी माह में आयोजित होने वाली हीरों की शासकीय नीलामी में इस हीरे को भी बिक्री के लिये रखा जायेगा।



Saturday, 14 September 2019

बारिश से परेशान हुए लोग, जिन्होंने कराई शादी उन्होंने ही करा दिया तलाक


आपने सुना होगा कि अन्धविशवास के चलते ना जाने कैसे कैसे टोटके करते रहते हैं. ऐसे ही लोग बारिश के लिए मेंढक और मेंढकी की शादी करवा देते हैं जिससे बारिश होने लगती हैं. इसके बारे में आपने सुना ही होगा. इसी कड़ी में भोपाल में मानसून में आने की देरी से फिक्रमंद लोगों ने मेंढक-मेंढकी की शादी करा दी और ये टोटका काम कर गया और राज्य में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. लेकिन अब बारिश से परेशान भोपाल के लोगों ने इसे रोकने के लिए फिर एक टोटका किया है. आइये आपकी भी बता दें इस टोटके के बारे में.
दरअसल, बारिश के लिए लोग मेंढक-मेंढकी की शादी तो करवा देते हैं और अब जब बारिश नहीं रुक रही है तो बारिश से परेशान लोगों को फिर मेंढक-मेंढकी की याद आई और उन्होंने फिर टोटके का सहारा लेते हुए दोनों का तलाक (Divorce) करा दिया. हैरानी की बात तो है लेकिन ऐसा ही कर रहे हैं भोपाल के लोग. मध्य प्रदेश का एक बड़ा हिस्‍सा बारिश से परेशान है. शहडोल, सीधी और सतना को छोड़कर बाकी़ जगह बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. राजधानी भोपाल में भी रोज़ मूसलाधार बारिश हो रही है. मौसम विभाग अभी भी कह रहा है कि इस पूरे महीने बारिश होगी. मौसम विभाग ने 35 ज़िलों के लिए रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है. इसी के चलते लोगों ने मेंढक-मेंढकी का तलाक करवा दिया है.
आपको बता दें, भोपाल में जिन लोगों ने मेंढक-मेंढकी की शादी कराई थी, उन्हीं ने मेंढक-मेंढकी का तलाक़ करा दिया. इसके लिए बकायादा पूजा की गई. उसमें प्रतीक के तौर पर मिट्टी के मेंढक-मेंढकी रखे गए और दोनों को पूरे विधि-विधान से अलग किया गया. बाद में मिट्टी के ये मेढ़क-मेढ़की पानी में विसर्जित कर दिए गए.  मध्य प्रदेश में एक टोटका काफी प्रचलित है जिसमें अगर बारिश नहीं होती तो लोग मेंढक-मेंढकी की शादी करा देते हैं. शादी बड़े धूमधाम से होती है. इस साल भी जब काफी देर तक मॉनसून नहीं आया तो घबराए लोगों को लगा कि इस बार कहीं सूखा न पड़ जाए.




पन्ना की खदान में निकला एक और बेशकीमती हीरा, देखने के लिए लगा लोगों का तांता


मध्य प्रदेश का पन्ना जिला जो कि विश्व में उज्जवल किस्म के हीरों के लिए जाना जाता है. फिल्म इंडस्ट्री में भी इसके लिए किशोर कुमार द्वारा गया एक मशहूर गाना है कि 'पन्ना की तमन्ना है कि, हीरा मुझे मिल जाए'. पन्ना जिला समेत आस-पास के कई जिले और देश के कोने-कोने से लोग यहां हीरे की खोज में खदान लगाने आते हैं.
पन्ना की धरती कब किसको रंक से राजा बना देती है यह कोई नहीं कह सकता. पन्ना में बीते 10 दिनों में चार हीरे, हीरा कार्यालय में जमा किए गए है. आज पन्ना के कृष्णकल्याणपुर के अंतर्गत आने वाले पटी में बृजेश कुमार उपाध्याय को 29 कैरेट 46 सेंट का उच्च गुणवत्ता का बेशकीमती हीरा मिला है, जिसे हीरा कार्यालय में जमा किया गया है. हीरा मिलने से बृजेश की किस्मत ही चमक उठी है. बृजेश बताते हैं कि उन्होंने पट्टा लेकर पटी में खदान लगाई गई थी और शुक्रवार को जब वह खदान से निकलने वाली चाल को धोकर सुखा रहे थे, इसी दौरान उनकी नज़र एक चमचमाते हुए पत्थर पर पड़ी और उसे लेकर बृजेश हीरा कार्यालय पहुंचे जब पारखी ने उस उन्हें चेक करके बताया कि यह उच्च क्वालिटी का हीरा है, तो जैसे बृजेश के होश ही उड़ गये.
हीरे को हीरा कार्यालय में जमा कर लिया गया है जिसे नीलामी में रखा जाएगा. वहीं हीरा अधिकारी का कहना है कि यह हीरा बेहद अच्छी क्वालिटी का है, जिसकी कीमत करोड़ों में लगेगी. इतना बड़ा हीरा मिलने के बाद कलेक्टर पन्ना भी हीरे को देखने के लिए हीरा दफ्तर पहुंचे हैं.


ट्रैफिक चेकिंग के बाद ड्राइवर का गुस्सा देखिए, पुलिसवाला गुलाब देकर मनाता रहा, वो नहीं माना


नया मोटर व्हीकल्स एक्ट लागू होने के बाद देशभर में ट्रैफिक चेकिंग को लेकर हंगामे का माहौल बना हुआ है। कई जगहों पर लाखों रुपए के चालान काटे जाने के मामले सामने आए हैं। वहीं ऐसे वीडियो और फोटो भी वायरल हुए, जिनमें पुलिस लोगों को पीट रही या दोनों आपस में झगड़ रहे। लिहाजा कई राज्यों ने दूसरा तरीका अपनाया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने अगले डेढ़ महीने तक लोगों को ट्रैफिक रूल्स के बारे में बताने की मुहिम छेड़ी है। चंडीगढ़ में भी ऐसा ही तरीका अपनाया जा रहा है। हरियाणा से एक दिलचस्प वीडियो वायरल हुआ है। इसमें एक पुलिसवाला बस ड्राइवर को सीट बेल्ट बांधने की सलाह दे रहा है। पुलिसवाला ड्राइवर को गुलाब का फूल देता है। लेकिन ड्राइवर ने फूल नहीं लिया। हालांकि उसने सीट बेल्ट जरूर बांध लिया। चंडीगढ़ में पुलिसवाले लोगों को रोक-रोककर हेलमेट पहनने की सलाह दे रहे हैं।


ये है गुजरात का शापित गाँव, जहाँ रहते हैं केवल एक ही सरनेम के लोग, अगर कोई दूसरा आ जाए तो...


गुजरात के मोरबी जिले के अंतर्गत आने वाला एक गांव कथित तौर पर शापित है। यहां रहने वाले लगभग हर व्यक्ति का सरनेम एक है। तक़रीबन 700 लोगों के इस गांव में हर कोई 'चरवड़िया' है। कहा जाता है कि जिसे भी इस गांव में रहना है, उसे चरवड़िया सरनेम रखना अनिवार्य है। बताया जाता है कि वर्षों पहले कुछ दूसरे सरनेम के लोगों ने यहां रहने का प्रयास किया, किन्तु बाद में उन्होंने बीमारियों से तंग आकर गांव छोड़ दिया।
मोरबी जिले के वांकानेर कस्बे से 13 किलोमीटर की दूरी पर चरवड़िया लोगों का बोकाड़थंभा नाम का ग्राम है। इस गांव में पिछले सौ वर्षों से एक ही सरनेम के लोग रहते आए हैं। चरवड़िया उपनाम न रखने वाले लोगों का प्रवेश इस गांव में वर्जित है। ग्रामीण इसके पीछे एक शाप को वजह बताते हैं। ऐसा बताया जाता है कि चरवड़िया सरनेम के बिना इस गांव में रहने वाले लोगों पर उस शाप का नकारात्मक असर पड़ने लगता है।  गांव के एक बुजुर्ग घनश्याम महाराज बताते हैं कि ऐसी मान्यता है कि यह गांव शापित है और चरवड़िया उपनाम के बिना यहां कोई नहीं रह सकता।
उन्होंने कहा कि कई वर्षों पूर्व कुछ परिवारों ने यहां रहने की कोशिश की, किन्तु बाद में वे गांव छोड़कर चले गए। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में लोग बारी-बारी बीमार पड़ने लगे थे, इसलिए उन्होंने गांव छोड़ देना ही उचित समझा। गांव के 85 वर्षीय मंगबापा चरवड़िया गांव के बसने की कहानी बताते हुए कहते हैं कि हजारों वर्ष पहले वांकानेर के शासकों ने चार भाइयों को इस गांव में बसाया था। यह पूरा गांव उन्हीं चार भाइयों का वंशज है।


मछली पकड़ने नदी गई थी महिला, भूखे मगरमच्छ ने दौड़ाकर किया ऐसा हाल


सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर ऑस्ट्रेलिया के काकडू नेशनल पार्क में शूट किया गया एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया। 
इस वीडियो में एक महिला फिशिंग के लिए नदी में कांटा डाले नजर आ रही है। थोड़ी देर में महिला के कांटे में मछली फंस गई। इसके बाद उसने कांटा बाहर निकाल लिया। उसके कांटे में एक बड़ी मछली फंस गई थी। 
लेकिन तभी मछली के लालच में महिला को एक मगरमच्छ ने दौड़ाना शुरू किया। ये देखकर महिला डर गई और भागने लगी। लेकिन मगरमछ ने उसे दौड़ाना जारी रखा। इसके बाद उसने महिला के कांटे में फंसी मछली को जबड़े में दबा लिया और खाकर वापस पानी में चला गया।
इस दौरान महिला काफी डर गई थी। पार्क में किसी ने इसका वीडियो बना लिया और फेसबुक पर शेयर कर दिया, जहां से ये वायरल हो गया। 


करंट लगने पर मिट्टी में गाड़कर किया आदमी का 'देसी इलाज', 5 घंटे बाद...


यूपी के पीलीभीत जिले में एक आदमी को करंट लगने के पश्चात उनके घर के लोगों ने उसका 'देसी इलाज' करने हेतु पांच घंटे तक मिट्टी में गाड़ दिया, जिससे वो मर गया। दरअसल, पीलीभीत के गजरौला क्षेत्र के पिंडरा गांव में सरदार जोगा सिंह का फार्म है एवं उसमें ही उनका घर है।
उनके घर के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजरी है। जोगा सिंह अपने आंगन में खड़े थे तभी हाई टेंशन लाइन टूटकर आंगन में गिरी जिससे उन्हें करंट लग गया एवं वो मौत के घाट उतर गया।
उनके परिजनों का ऐसा भरोसा है कि अगर किसी को लगा हो तो उसे यदि रेत में गाड़ दिया जाये तो वह सही हो जाएगा। लिहाज़ा उन सब ने शख्स को गढ्ढा खोदकर उसमें मिट्टी भरकर उन्हें गाड़ डाला। सिर्फ इस बात का ख्याल रखा गया कि उसका सिर, हाथ और पैर के पंजे बाहर हों।
व्यक्ति को मिट्टी में गाड़ने के पश्चात उनके घर वाले पांच घंटे तक उनके हाथ-पैर के पंजे सहलाते रहे, किन्तु वो मर गया। शख्स के रिश्तेदार कहते हैं कि जोगा की मृत्यु बिजली विभाग की लापरवाही से हुई है क्योंकि उनका घर 40 वर्ष पुराना है, किन्तु इसके बावजूद भी उसके ऊपर से हाई टेंशन लाइन खींची गयी।
क्षेत्र के चिकित्सक कहते हैं की जली हुई हालत में यदि उसे शीघ्र इलाज हेतु अस्पताल ले जाया जाता तो उनकी जान बच सकती थी।



इस शख्स को फॉलो करने पर मिल रहे 6 करोड़ रुपए, जानें चौंकाने वाली वजह


आज हम आपको एक ऐसे आदमी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका फॉलो करने हेतु लगभग करीब 6 करोड़ रुपए मिल रहे हैं।
बता दें कि इस व्यक्ति नाम युसाकू माएजावा है जिसने 5 जनवरी को एक घोषणा करते हुए बोला था कि इस ट्वीट को रिट्वीट करने एवं फॉलो करने वाले 100 लकी विनर्स के मध्य वह 100 मिलियन येन इनाम के तौर पर वितरित करेंगे। 
फिर कुछ ही घंटे में यह ट्वीट वायरल हो गया एवं थोड़ी ही देर में इस ट्वीट के 5.8 मिलियन रिट्वीट हो गए। जानकारी के मुताबिक, युसाकू सबसे बड़े ऑनलाइन फैशन रिटेलर जोजोटाउन के संस्थापक हैं।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा-'जोजोटाउन की अनेक वर्ष की सेल इतिहास में सबसे तेज रही है तथा अब तक हमने 10 बिलियन येन का सामान बेचा है। तत्पश्चात तो देखते-देखते उनके ट्वीट ने रिकॉर्ड कायम कर दिया। इससे पूर्व ये रिकॉर्ड कार्टर विलकिंसन के पास था।



अनोखी शादी: पहले दूल्हे ने भगवान राम की तरह धनुष तोड़ा, फिर...


आज हम आपको बुलंदशहर के एक स्वयंवर के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इस स्वयंवर में दूल्हा भगवान राम जैसे पहले धनुष तोड़ता है। तत्पश्चात दुल्हन के गले में वरमाला डालता है। फिर अपनी पत्नी को उड़न घटोला से लेकर अदृश्य हो जाता है। इस विवाह की चर्चा पूरे यूपी में हो रही है।
खबरों के मुताबिक, इस बारात में हेलीकॉप्टर से दूल्हे के साथ-साथ थोड़े लोग ही आए थे। बारात आने के पश्चात दूल्हे ने वरमाला से पूर्व सीता स्वयंवर जैसे फुलों से सजे धनुष को तोड़ा। तत्पश्चात उसने दूल्हन को वरमाला पहनाया।
विशेष बात तो ये है कि विवाह के शीघ्र पश्चात दुल्हे राजा हेलीकाप्टर से अपनी दुल्हन को लेकर घर चले गए। जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के भरतपुर से दूल्हे राजा हेलीकॉप्टर से आए थे। दूल्हे का नाम मनोज कुमार है। मनोज कपूरथाला मौजूद सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
शख्स ने बुलन्दशहर के अनूपशहर मौजूद फतेहपुर की पूर्व ग्राम प्रधान रानी की बेटी साधना से विवाह किया है। मनोज का बताना है कि उनके पिता की इच्छा थी कि वह उड़न खटोले से बारात लेकर जाए एवं सीता स्वयंवर जैसे धनुष तोड़ने के पश्चात शादी रचाए।



यहां आज भी मौजूद है समुद्र मंथन से निकला अमृत कलश, जानिए सच्चाई...


हिंदू पुराणों में समुद्र मंथन को लेकर अनेक किस्से बताए गए हैं। उन्हीं में से एक है समुद्र से अमृत कलश का निकलना। वैेसे तो अनेक लोग इसे काल्पनिक मानते हैं, परन्तु कुछ विद्वानों की माने तो, मुस्लिम देश इंडोनेशिया में आज भी वो अमृत कलश उपस्थित है।
कहा जाता है इंडोनेशिया के मध्य एवं पूर्वी जावा प्रांतों की सीमा पर माउंट लावू नामक जगह है। जहां कंडी सुकुह नामक एक मंदिर मौजूद है। माउंट लावू पर्वत पर उपस्थित ये मंदिर करीबन 2990 फीट ऊंचा है।
विद्वानों की माने तो, मंदिर के बी भीतर एक कलश मौजूद है। जिसे समुद्र मंथन से निकला हुआ अमृत कलश माना जाता है। वर्ष 2016 में इंडोनेशिया के पुरातत्व विभाग की तरफ से मंदिर की मरम्मत का कार्य करते वक्त उन्हें यहां की दीवार की नींव से एक तांबे का कलश प्राप्त हुआ था।
जिसके ऊपर एक पारदर्शी शिवलिंग स्थापित था एवं कलश के अंदर कोई द्रव्य भरा हुआ था। जानकार बताते है कि ये कलश 1000 ईसा पूर्व का है, जबकि मंदिर 1437 ईसा पूर्व के इर्द-गिर्द बना था। यह कलश तांबे का है। इसकी विशेषता ये है कि कलश को ऐसे जोड़ा गया था कि उसे कोई खोल न पाए।
साथ ही चौंकाने वाली बात तो ये है कि जिस दीवार की नींव से कलश प्राप्त हुआ उस पर समुद्र-मंथन की नक्काशी हुई थी एवं महाभारत के आदिपर्व का वर्णन किया गया था। खा जाता है कि कलश में भरा द्रव्य हजारों वर्षों से उपस्थित है, परन्तु इतने वर्ष व्यतीत हो जाने के बावजूद भी द्रव्य सूखा नहीं है।



इन जनाब को है कांच खाने का शौक, देखते ही देखते चबाकर निगल जाते हैं किलो भर कांच!


इंटरनेट पर आजकल एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसको देखने के पश्चात आप विचार करेंगे कि जो कांच जरा सा चुभ जाए तो दर्द से जान निकल जाती है भला उसका कोई शख्स कैसे सेवन कर सकता है, किन्तु ये एकदम सत्य बात है।
यह चौंकाने वाला मामला एमपी के डिंडोरी का है जहां एक शख्स पिछले 45 सालों से कांच सेवन कर रहा है। दरअसल दयाराम साहू नाम के आदमी को बचपन से ही कुछ भिन्न करने की चाह थी एवं इसी के चलते उन्होंने कांच का सेवन करना शुरू किया जो पहले उनका शौक फिर बाद में नशा बन गया।
शख्स की पत्नी के मुताबिक, विवाह के ठीक बाद जब वह ससुराल पहुंची थी तब अपने पति को चुपचाप कांच का सेवन करता देख वह हैरान रह गई थी। उन्होंने अनेक बार उन्हें कांच खाने से रोकने की कोशिश भी की लेकिन वो नहीं माने, लिहाजा उनकी पत्नी अब स्वयं कांच लाकर उन्हें देती है।
पेशे से वकील दयाराम बड़े ही आनंद से कांच का सेवन करते हैं। दयाराम का बताना है कि पहले वो एक किलो तक कांच चबा जाते थे। हालांकि दांत कमजोर होने की वजह से अब उन्होंने कांच खाना धीरे-धीरे बंद करने का फैसला लिया है।



Friday, 13 September 2019

सांपों की प्रेमलीला में महिला की मौत


कई बार लोगों को चेतावनी दी जाती है कि फोन पर बात करते हुए अपने आसपास भी ध्यान देना चाहिए। वरना कभी भी दुर्घटना हो सकती है। चाहे आप सड़क पर हों या घर पर। लेकिन लोग इन बातों पर ध्यान नहीं देते। यही वजह है कि कई बार फोन पर बिजी होने के कारण बड़ी दुर्घटना हो जाती है। कई मामलों में तो इसमें लोगों की जान भी चली जाती है।
ऐसा ही एक अजीबोगरीब मामला उत्तर-प्रदेश के गोरखपुर से सामने आई है। यहां एक अजीबोगरीब मामले में एक महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला अपने घर में मोबाइल पर बात कर रही थी। बात करते हुए वो अपने कमरे में पहुंची और बेड पर बैठ गई। लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया कि उसके बिस्तर पर दो सांप रासलीला कर रहे थे।
महिला के बैठते ही दोनों सांपों ने उसे डस लिया। कुछ ही मिनट में महिला की मौत हो गई। मामला गोरखपुर के रियांव गांव का है। यहां रहने वाली गीता का पति जय सिंह थाईलैंड में रहता है। घटना के वक्त गीता अपने पति से बात कर रही थी। महिला के बेड पर रंगबिरंगी बेडशीट बिछी हुई थी। इस कारण गीता को सांप नजर नहीं आए और वो जाकर उनपर बैठ गई।
सांप के काटने से गीता बेहोश हो गई। जब परिजन वहां पहुंचे तब भी सांप बिस्तर पर मौजूद थे। परिजनों ने दोनों को पीट-पीटकर मार दिया। गीता को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।