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Monday, 19 August 2019

मुंबई की पहली महिला बस ड्राइवर बनी प्रतीक्षा दास, अब कर रही ऐसी प्लानिंग...


मुंबई में जीवन बिताने वाली 24 साल की प्रतीक्षा दास की आजकल हर जगह पर चर्चाएं हो रही है। वो मुंबई की पहली औरत हैं, जिन्हें सड़क पर बस का लाइसेंस मिला है। खबरों की माने तो, मेकैनिकल इंजीनियरिंग करने के पश्चात प्रतीक्षा रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर बनना चाहती थीं।
जिसके लिए उनको वजन वाली गाड़ियां ड्राइव करना था। जिसके लिए उन्होंने गोरेगांव बस डिपो में प्रशिक्षण लिया। बेस्ट बस चलाने हेतु उनको प्रशिक्षण लेना पड़ा। उन्होंने बोला कि, ‘मैं बीते 6 साल से इसमें मास्टर बनना चाहती थी। मेरा प्यार वजन वाली गाड़ियों से बहुत पुराना है।
मैंने सर्वप्रथम बाइक, फिर बड़ी कारें तथा अब बस और ट्रक डाइव कर रही हूं।’ प्रतीक्षा का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान उनके ट्रेनर्स तनाव में रहते थे कि किस तरह एक औरत बस चला सकती है। क्योंकि कार की स्टीयरिंग के मुकाबले बस की स्टीयरिंग बहुत मुश्किल होती है।
उनकी 30 दिन की बेसिक से एडवांस लेवल्स तक प्रशिक्षण हुआ। पहले दिन प्रतीक्षा ने पहले गेयर पर बस चलाई एवं दूसरे दिन इस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर 16 किलोमीटर तक गाड़ी चलाई। लोग मुझे देखकर काफी घूरते थे। किन्तु मैंने सभी को अनदेखा किया और ड्राइविंग पर कॉन्सनट्रेट किया।
प्रतीक्षा का अगला प्लान हवाईजहाज चलाने का है। वो मुंबई के फ्लाइंग स्कूल में एडमीशन लेने हेतु पैसे बचा रही हैं। यही नहीं वो बाइक से लद्दाख ट्रिप पर जाने का विचार कर रही हैं।

Sunday, 18 August 2019

भारत के सबसे लंबे शख्स ने CM योगी से लगाई मदद की गुहार, जानें क्या मिला जवाब


यूपी के प्रतापगढ़ में रहने वाले देश के सबसे लंबे शख्स ने सीएम योगी से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है. धर्मेंद्र सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है. आपको बता दें कि धर्मेंद्र सीएम योगी से आर्थिक मदद चाहते हैं ताकि वे अपनी सर्जरी करा सकें.

मदद की उम्मीद के साथ धर्मेंद्र सीएम योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर उनसे मुलाकात के लिए पहुंचे थे. तो वहीं किन्ही कारणों की वजह से धर्मेंद्र की सीएम योगी से मुलाकात नहीं हो सकी.

जानकारी के मुताबिक भारत के संबसे लंबे इंसान धर्मेंद्र को इलाज के लिए 8 लाख रुपए की जरूरत है. धर्मेंद्र की मुलाकात भले ही सीएम योगी से नहीं हो पाई. लेकिन उन्हें मदद का भरोसा दिलाया गया है. सीएम आवास पर कार्यरत अधिकारियों ने उन्हें इलाज के अनुमानित खर्च का लेखा-जोखा लेकर आने को कहा है.

मिली जानकारी के मुताबिक धर्मेंद्र ने हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए सरकार से मदद मांगी है. उन्होंने बताया कि मैं मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहता था, लेकिन उनसे मिलना नहीं हो पाया। यहां आने से पहले मैंने उन्हें मदद के लिए पत्र लिखा था. सर्जरी पर कुल 8 लाख रुपए का खर्च आना है. मुझे मदद का भरोसा देते हुए अनुमानित खर्च का विवरण मांगा गया है.

बता दें कि धर्मेंद्र की लंबाई 8 फीट और 1 इंच है. उनकी लंबाई विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 2 इंच कम है. धर्मेंद्र को उम्मीद है कि सरकार से उन्हें मदद मिलेगी, जिससे वो अपना इलाज करा सकेंगे.

Saturday, 17 August 2019

मक्के के खेत में विमान की आपात लैंडिंग कर 230 यात्रियों को बचाया, पायलट को हीरो का दर्जा मिला


रूस में गुरुवार को पक्षियों से टकराने के तत्काल बाद एयरबस ए-321 विमान को आपातस्थिति में मक्के के खेत में उतारना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि विमान में 233 लोग सवार थे। हादसे में 23 लोग घायल हो गए।

रूस की रोसावत्सिया एयर ट्रांसपोर्ट एजेंसी ने कहा कि यूराल एयरलाइंस ए321 मॉस्को के जुकोव्स्की एयरपोर्ट से 226 यात्रियों और सात क्रू मेंबर्स को लेकर रूसी अधिकार वाले क्रीमिया के सिम्फरोपोल ले जा रही थी। टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान से पक्षी टकरा गया। इसकी वजह से इंजन में आग लग गई। इसके बाद पायलट ने तत्काल विमान की आपात लैंडिंग का फैसला किया।

रोसावत्सिया ने कहा कि विमान को रनवे से लगभग एक किलोमीटर दूर मक्के के खेत में उतारा गया। विमान का इंजन बंद हो गया था। यात्रियों को आपात सीढ़ियों से बाहर निकाला गया। घायल हुए कुछ लोगों को अस्पताल ले जाया गया और अन्य को एयरपोर्ट वापस भेज दिया गया।
रूसी पायलट को सभी यात्रियों की जान बचाने के लिए और विमान की इस तरह लैंडिंग के लिए ‘हीरो’ के रूप में सम्मानित किया गया। एक यात्री ने न्यूज चैनल को बताया कि यह सब कुछ ही सेकंड में हुआ। हमने उड़ान भरी और वापस नीचे आ गए।


जापान के 400 साल पुराने बौद्ध मंदिर में रोबोट पुजारी तैनात, दया और करुणा का संदेश देगा


जापान में क्योटो स्थित 400 साल पुराने बौद्ध मंदिर में एक रोबोट पुजारी तैनात किया गया है। यह रोबोट मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दया और करुणा का संदेश देता है। मंदिर में मौजूद अन्य पुजारी रोबोट की सहायता करते हैं। उन्हें यकीन है कि कृत्रिम इंटेलिजेंस के जरिए आने वाले दिनों में रोबोट और अधिक बुद्धिमान नजर आएगा।
मंदिर में रोबोट को तैनात करने से पहले काफी विवाद हुआ था, लेकिन पुजारियों और स्थानीय लोगों की सहमति से इस पर सहमति बनी।
कोदाइजी मंदिर के पुजारी थेनसे गोटो ने कहा-  "यह रोबोट कभी भी नहीं मरेगा। समय के साथ यह अपने में कुछ सुधार करता जाएगा और खुद को बदलते वक्त के साथ प्रासंगिक बनाएगा। यही इस रोबोट की खासियत है। बदलते हुए बौद्ध धर्म के अनुसार, यह लगातार अपने ज्ञान में वृद्धि करेगा और यह हमेशा वक्त के साथ चलता रहेगा।"

Friday, 16 August 2019

बाल काटने के लिए कैंची का नहीं, कुल्हाड़ी का इस्तेमाल करता हैं ये हेयर ड्रेसर!


क्या आपने कभी कुल्हाड़ी से अपने बाल कटवाएं हैं। दरअसल, एक हेयर ड्रेसर ऐसे भी हैं, जो बाल काटने हेतु  कैंची का नहीं बल्कि कुल्हाड़ी का उपयोग करते हैं।
कुछ ही दिन पूर्व रशियन हेयर ड्रेसर डेनियल इस्टोमिन के इसी अंदाज का एक वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया है। इस वीडियो को अब तक लगभग 148K बार देखा जा चुका है। इसे देखने वाले अनेक दर्शक जहां इसे कूल बता रहे हैं, वहीं कुछ को ये रोंगटे खड़े करने वाला लगा।
कुछ लोग ये जानकर चौंक गए कि लोग इस जोखिम भरे काम हेतु हेयर ड्रेसर को सेवा हेतु पैसा दे रहे हैं। डेनियल अपने सैलून पर आने वाले ग्राहकों के बाल कैंची से नहीं बल्कि कुल्हाड़ी से काटते हैं।
भले आपको ये बात सुनकर हैरानी तथा भय लग रहा हो, किन्तु डेनियल के ग्राहकों को उन पर पूर्ण विश्वास है।



बच्चे की सोनोग्राफी देख डरी औरत, नर्स ने तुरंत पकड़ लिया हाथ, फिर...


आज हम आपको एक ऐसी खबर के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, ये खबर ब्रिटेन की थी। यहां रहने वाली एक महिला रेबिका मेलिया जो बहुत वक्त के पश्चात गर्भवती हुई थी।
बता दें कि औरत का ये पहला बच्चा था जिसके कारण उसने पूरी सर्तकता बरती हुई थी किन्तु एक दिन वो ऐसे ही सामान्यत: रूटीन चेकअप हेतु डॉक्टर के पास पहुंची। जैसे ही उसने चिकित्सक से अपने बच्चे की स्थिति जानना चाहा तो डॉक्टर उसे सोनोग्राफी हेतु ले गए लेकिन वो अपने  बच्चे को स्क्रीन पर देखकर हैरान रह गई।
इतना ही नहीं, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्क्रीन में बच्चा अकेला ही दिखाई दे रहा था जो कि उसके साइड में एक चेहरा भी दिखाई दे रहा था। तत्पश्चात उसने शीघ्र नर्स का हाथ पकड़ लिया।
किन्तु थोड़े वक्त के पश्चात जब उसने ध्यान से देखा तो वो समझ गई कि उसके पेट में बच्चे संग किसका चेहरा दिखाई दे रहा था। बता दें कि उस सोनोग्राफी के दौरान औरत को उस स्क्रीन पर बच्चे की तस्वीर संग रेबिया की मां का ही चेहरा दिखाई दे रहा था।
औरत के मुताबिक, उसकी मां की मौत हाल ही में हुई थी। महिला ने दावा किया कि सोनोग्राफी में उसके बच्चे के नजदीक उसकी मां का चेहरा दिखना इस बात का यही अर्थ है कि उसकी मां दोनों को अशीर्वाद देने आई थी।
औरत के मुताबिक, जब मैं छह माह की गर्भवती थी तब मैंने चिकित्सक के पास जाने के दौरान कहा था कि काश मेरी मां इस समय मेरे साथ होती और ऐसा लगता है कि मेरी माता ने मेरे दिल की बात सुन ली तथा इसके उसने अपने होने का अहसास हमें दिला दिया है। उसने पेट में ही अपने होने वाले पोते को भी देख लिया एवं इस बात की प्रसन्नता उसे बहुत अधिक हुई।



22 साल की लड़की के कारनामे के आगे नतमस्तक हो जाएंगे आप, हर कोई हो रहा हैरान


उत्तर कोरिया में एक ऐसी लड़की है, जिसकी याददाश्त इतनी मजबूत है कि वह पल भर में कुछ भी याद कर लेती है. यूं तो आमतौर पर उत्तर कोरिया की चर्चा वहां के तानाशाह किम जोंग उन और परमाणु मिसाइल परीक्षणों की वजह से होती ही रहती है, हालांकि अब उत्तर कोरिया की चर्चा इस लड़की की वजह से भी खूब हो रही है.
22 साल की इस लड़की का नाम पांग उन सिम है. प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, पांग की याददाश्त इतनी मजबूत है कि वह महज 18 सेकेंड में पांच हजार से ज्यादा अंकों को याद कर लेती हैं और वह इसके अलावा एक मिनट से भी कम समय में ताश के सभी 52 पत्तों का क्रम याद कर फिर उसी क्रम में उन्हें लगा भी देती हैं.
2018 के दिसंबर माह में हांगकांग में हुए 27वें वर्ल्ड मेमोरी चैंपियनशिप में भी पांग उन सिम द्वारा भाग लिया गया था और ऐसा यह पहली बार था, जब उत्तर कोरिया ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया हो. जहां इसमें उत्तर कोरियाई टीम द्वारा कुल सात स्वर्ण, सात रजत और पांच कांस्य पदक जीते थे, जिसमें पांग का रजत पदक भी शामिल है. देश की ओर से टीम का प्रतिनिधित्व पांग द्वारा ही किया गया था. पांग द्वारा वर्ल्ड मेमोरी चैंपियनशिप में 5187 बाइनरी नंबरों और ताश के 1772 पत्तों का क्रम याद कर फिर उसी क्रम में सजाया गया था. इन सबके अलावा उन्होंने एक घंटे का समय भी लिया था. जहां ताश के सभी 52 पत्तों को उसी क्रम में महज 17.67 सेकेंड में जमाने का रिकॉर्ड भी पांग के ही नाम पर दर्ज है.



चमगादड़ के पंख में होती है ये खास चीज़, रात में इसलिए कर पाते हैं कलाबाज़ी


चमगादड़ के बारे में आप ये जानते हैं कि वो अंधेरे में ही उड़ते है. रात में वे अच्छे से देख लेते हैं. लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि कैसे चमगादड़ अंधेरे में इन कलाबाजियों को कर पाती है. कई बार देखा जाता है कि वो अँधेरे में भी अच्छे से उड़ पाते हैं. ऐसे में आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि चमगादड़ के पंखों की विशिष्ट बनावट ही इस सबके लिए जिम्मेदार है. उसके पंखों के कारण ही वो रात में उड़ पाता है.
दरअसल हाल ही में किए गए एक शोध से यह पता चला है कि चमगादड़ के पंखों में सेंसर्स लगे होते है यानि कि कुदरती सेंसर्स होते है. इन्हीं सेंसर्स की मदद से चमगादड़ अंधेरे में भी बड़ी सफाई के साथ इन कलाबाजियों को दिखा पाती हैं. इस बारे में शोधकर्ताओं ने बताया कि चमगादड़ बड़ी ही अद्भुतता के साथ उड़ान भरने में एकदम सक्षम होते है. वहीं इसके पीछे का कारण होता है चमगादड़ों के पंख में पाया जाने वाला संवेदनशील मोशन सेंसर्स. बता दें, चमगादड़ अपने इन्हीं सेंसर्स की मदद से हवा में होने वाले उन छोटे-छोटे परिवर्तन को बड़ी आसानी के साथ महसूस कर लेते हैं.  चमगादड़ के रात में उड़ने के पीछे का कारण है चमगादड़ के शरीर से निकलने वाली पराध्वनिक तिरंगे यानी कि अल्ट्रासाउंड तिरंगे होती हैं.
दरअसल हाल ही में किए गए इस शोध को जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया था. और किए गए इस शोध में यह सामने आया कि ये स्पर्श सेंसर्स आखिर किस प्रकार से चमगादड़ की इस तरह की कलाबाजी को करने में मदद करते हैं. वहीं शोध की मानें, तो चमगादड़ के पंख में लगे हुए यह सेंसर्स हवा में होने वाले मामूली से परिवर्तन को भी उसके दिमाग की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मददगार होते हैं.  शोधकर्ता ने चमगादड़ के पंखों में इस प्रकार के विशेष सेंसर्स के बारे कोई जिक्र नहीं किया है. 


आखिर क्यों काला कोट और सफेद शर्ट ही पहनते हैं वकील ? सदियों पुराना है इतिहास


अक्सर आप फिल्मों में या असल लाइफ में भी वकीलों को देखते ही होंगे और यह बात तो अच्छी तरह से सभी जानते ही होंगे कि वकील काला कोट और सफेद शर्ट ही पहने हुए पाए जाते हैं. हालांकि क्या आप यह जानते हैं कि वकील काला कोट ही क्यों पहनते हैं, किसी और रंग का कोट क्यों नहीं वे पहनते हैं? तो आइए जानें इसके बारे में...
आपको जानकारी के लिए बता दें कि वकालत की शुरुआत वर्ष 1327 में एडवर्ड तृतीय द्वारा की थी और उस समय ड्रेस कोड के आधार पर न्यायाधीशों की वेशभूषा तैयार की गई . अतः उस समय में जज अपने सर पर एक बालों वाला विग पहनते थे. वकालत के शुरुआती समय में वकीलों को चार भागों में विभाजित किया था, जो कि इस प्रकार से थे- स्टूडेंट (छात्र), प्लीडर (वकील), बेंचर और बैरिस्टर. ये सभी जज का स्वागत करते थे.
बता दें कि उस समय अदालत में सुनहरे लाल कपड़े और भूरे रंग से तैयार गाउन को पहना जाता था और फिर उसके बाद वर्ष 1600 में वकीलों की वेशभूषा में बदलाव किया गया और 1637 में यह प्रस्ताव रखा गया था कि काउंसिल को जनता के अनुरूप ही कपड़े पहनने चाहिए. जबकि इसके बाद वकीलों द्वारा लंबे वाले गाउन पहनने शुरू कर दिए गए.  ऐसा माना जाता है कि उस समय कि यह वेशभूषा न्यायाधीशों और वकीलों को अन्य व्यक्तियों से अलग बनाती थी. वहीं साल 1694 में ब्रिटेन की महारानी क्वीन मैरी की चेचक से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनके पति राजा विलियम्स द्वारा सभी न्यायधीशों और वकीलों को सार्वजनिक रुप से शोक मनाने के लिए काले गाउन पहनकर इकट्ठा होने का आदेश दिया गया था. इस आदेश को कभी भी रद्द नहीं किया गया, जिसके बाद से आज तक यह प्रथा जारी है.



Thursday, 15 August 2019

कोई नहीं पढ़ पाया यह रहस्यमयी किताब, 600 साल पुराना है इतिहास


आप इस बात से वाक़िफ़ है कि यह दुनिया रहस्यों से भरी पड़ी है और कुछ रहस्यों को तो इंसानों ने सुलझाने में सफलता भी हासिल की है, हालांकि आज भी दुनिया में ऐसे कई रहस्य मौजूद हैं, जिन्हें सुलझाना लगभग नामुमकिन रहा है और एक ऐसा ही रहस्य है 240 पन्नों की एक किताब का, जिसके बारे में यह कहते हैं कि इसे आज तक कोई भी पढ़ नहीं सका है.
इतिहासकारों की माने तो, यह रहस्यमयी किताब 600 साल पुरानी है और कार्बन डेटिंग से जानकारी मिली है कि इसे 15वीं सदी में लिखा गया था और इस किताब को हाथ से लिखा गया है, हालांकि इसमें क्या लिखा हुआ है और कौन-सी भाषा में लिखा गया है, यह आज तक कोई नहीं समझ सका है. यह किताब एक अनसुलझी पहेली है और इसे 'वॉयनिक मैनुस्क्रिप्ट' नाम दिया है, इस किताब में इंसानों से लेकर पेड़-पौधों तक के कई चित्र बने हुए हैं, हालांकि इसमें सबसे हैरानी की बात यह है कि किताब में कुछ ऐसे भी पेड़-पौधों के चित्र हैं, जो कि धरती पर मौजूद किसी भी पेड़-पौधे से मेल नहीं खाते हैं.
बता दें कि किताब का नाम 'वॉयनिक मैनुस्क्रिप्ट' इटली के एक बुक डीलर विलफ्रीड वॉयनिक के नाम पर रखा है और माना जाता है कि उन्होंने ही इस रहस्यमयी किताब को साल 1912 में कहीं से खरीदा था. साथ ही बताया जा रहा है कि रहस्यमयी किताब में कई पन्ने भी हुआ करते थे, हालांकि समय के साथ इसके कई पन्ने खराब भी होते चले गए. अब इसमें महज 240 पन्ने ही बचे हैं.

एथलीट ने बर्फ के बॉक्स में 2 घंटे बैठकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, लोग बोले- यह बेवकूफी है


ऑस्ट्रिया के एथलीट जोसेफ कोएबर्ल ने शनिवार को दो घंटे, आठ मिनट और 47 सेकंड तक आइस क्यूब्स के बॉक्स में बैठकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान उन्होंने सिर्फ स्विम सूट पहन रखा था। जोसेफ से पहले 2014 में चाइनीज एथलीट जिन सोंगहाओ के नाम यह रिकॉर्ड था।उन्होंने 53 मिनट,10 सेकंड तक बर्फ में बैठकर रिकॉर्ड बनाया था।

जोसेफ ने रिकॉर्ड बनाने के लिए विएना के मेन स्टेशन को चुना, जहां आइस क्यूब्स से भरे पारदर्शी बॉक्स में बैठ गए। उनके कंधों तक आइस क्यूब्स रखी गई थीं।

इन दो घंटों के दौरान डॉक्टरों की एक टीम ने उनका बॉडी टेंप्रेचर चेक किया और रिकॉर्ड पूरा होते ही उनका फुल चेकअप हुआ। रिकॉर्ड बनाने के बाद उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि मैं और ज्यादा वक्त तक बर्फ में बैठ सकता था, लेकिन मुझे उसकी जरूरत नहीं थी। इसीलिए दो घंटे के बाद बाहर आ गया। अब मैं अपने रिकॉर्ड के टूटने तक का इंतजार करूंगा।

 जोसेफ तो रिकॉर्ड बनाकर काफी खुश थे, लेकिन वहां आए कुछ लोगों को शायद यह नागवार गुजरा। वहां आए एक युवक ने कहा, यह बेहद ही बेवकूफाना सी हरकत है। कोई पागल और बेवकूफ ही वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए दो घंटे तक बर्फ के बक्से में बंद रह सकेगा। वैसे यह पहली बार नहीं है,जब जोसेफ इस तरह बर्फ के बॉक्स में बैठे हों। इससे पहले वह एक टीवी शो में भी एक चैलेंज के लिए घंटा भर ऐसे ही बॉक्स में बैठे थे। वह चैलेंज सफल होने के बाद ही उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना का ख्याल आया। 

Wednesday, 14 August 2019

15 वर्षों से इस मंदिर में हो रहा अनोखा चमत्कार, जानिए वजह!


सावन का माह भगवान शिव का काफी प्रिय होता है। इस पूरे माह में लोग भगवान शिव की आराधना करते है। कलयुग में इस धरती पर आज भी भगवान शिव के चमत्कार हजारों मंदिरों में नजर आते है।
पौराणिक मान्यताओं की माने तो, भगवान शिव को नाग काफी प्रिय हैं। वे गले में हार की जगह पर नाग को ही धारण करते हैं। ये बात कितनी सत्य है यह सलेमाबाद में एक मंदिर में नजर आया है।
जानकारी के मुताबिक, यूपी के आगरा के नजदीक मौजूद सलेमाबाद एक गांव है। जहां एक प्राचीन शिव मंदिर है। यहां के लोगों के मुताबिक, यहां बीते लगभग 15 वर्षों से ज्यादा एक नाग रोज आकर भगवान शिव को नमन करता है।
इस मंदिर में दूर-दूर से भक्त शिवजी की आराधना करने आते हैं किन्तु नाग का ऐसे आना जिज्ञासा का विषय बना हुआ है। यह नाग रोज मंदिर में आता है एवं लगभग 5 घंटे तक यहां रुकता है।
नाग सुबह 10 बजे आता है तथा शाम को 3 बजे वापस लौट जाता है। इस अवधि में यह शिवलिंग के नजदीक ही बैठा रहता है। यहां इर्द-गिर्द के गांवों में भी इस नाग की चर्चा है। इससे भक्तों को कोई भय नहीं है और न इसने कभी किसी को कोई नुकसान पहुंचाया।
हालांकि नाग के मंदिर में प्रवेश करने के पश्चात मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान कोई अन्य शख्स मंदिर में नहीं आ सकता। लगभग 3 बजने के बाद नाग वहां से चला जाता है। तत्पश्चात ही लोग मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने जाते हैं।



अपनी मां को कॉपी करने के चक्कर में बेड से कूदा 3 साल का बच्चा, फिर हुआ कुछ ऐसा...


इंटरनेट पर अनेक ऐसे खतरनाक स्टंट्स वायरल होते हैं जिसको करने से लोगों का जीवन समाप्त हो जाता है या फिर वो गंभीर रूप से जख्मी हो जाते हैं। ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक बच्चा अपने मां-बाप को कॉपी करने का प्रयास करता है और बेड से कूद जाता है।
3 वर्ष का बच्चा अपनी माता को कॉपी करने के चक्कर में बेड से कूदा। नीचे बेड लगा हुआ था जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। इस वीडियो को बच्चे के इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया है।
इस वीडियो में नजर आ रहा है कि गैबरियल की माता वेटा अनानास पति एंड्री पर कूद रही हैं। बेटा माता को कॉपी करने का प्रयास करता है तथा वो ऊपर बेड से नीचे कूद जाता है। इस वीडियो को स्लो मोशन में दिखाया गया है।
ये वीडियो बहुत वायरल हो रहा है। बच्चा गद्दे पर गिरता है एवं बच जाता है। इस वीडियो को देखने के पश्चात लोग कपल की काफी बुराई कर रहे हैं।


Tuesday, 13 August 2019

इस देश के अजीबोगरीब कानूनों को जानकर आप रह जाएंगे दंग


आज हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताएंगे जहां ऐसे-ऐसे अजीबोगरीब कानून बने हैं, जिनके बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, हम जिस देश की बात कर रहे है वो ईरान है, जहां हाथ मिलाने से लेकर संबंध बनाने तक, लोगों पर अनेक तरह के प्रतिबंध हैं। इस देश में औरतों का गैर मर्दों से हाथ मिलाना एक जुर्म है। 
अगर औरत किसी से हाथ मिलाते हुए पाई जाती है, तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है एवं कुछ ही दिन पूर्व यहां की महिला वॉलीबॉल टीम के जरिए ग्लोबल चैलेंज टूर्नामेंट की अंडर-23 कैटेगरी का फाइनल जीता गया था, हालांकि औरत खिलाड़ी जीत के पश्चात भी टीम के मर्द कोच संग हाथ नहीं मिला सकी थी तथा कोच के जरीर खिलाड़ियों से एक क्लिपबोर्ड की सहायता से हाथ मिलाकर जीत की खुशियां मनाई गई थी।
इसके साथ ही बता दें कि यहां औरतों का टाइट कपड़े पहनना भी जुर्म माना जाता है और इसके साथ ही यहां पर यह भी कानून है कि औरतें अपने पति को यौन संबंध कायम करने हेतु मना भी नहीं कर सकती हैं। जबकि यहां सबसे हैरान करने वाला कानून यह है कि यहां पिता अपनी बेटी से भी विवाह कर सकता है।
जानकारी के मुताबिक, साल 2013 में यहां यह कानून पास हुआ था, जिसके तहत कोई भी बाप अपनी गोद ली हुई पुत्री संग विवाह कर सकता है, हालांकि इसके लिए शर्त यह है कि पुत्री की आयु कम से कम 13 वर्ष की होने अतिआवश्यक है।



लीची जैसा दिखने वाले इस फल के फायदे जानकर आप भी रह जाये दंग


लीची की तरह नजर आने वाले रामबुतान फल के बारे में काफी कम लोग जानते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में बहुतायत पाया जाने वाला रामबुतान स्वादिष्ट और गुणकारी फल है। अकेले ऑस्ट्रेलिया में इसकी 50 से ज्यादा प्रजातियों की पहचान की गई है, जिनमें से 15 की व्यापारिक रूप से खेती की जाती है। ये फल दिखने में लीची की तरह ही होता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, कॉपर, प्रोटीन, आयरन पाया जाता है। 100 ग्राम रामबुतान फल में सिर्फ 84 कैलोरी पाई जाती हैं। इसके अलावा इस फल में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद हैं, जो शरीर से फ्री रेडिकल्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इस फल के सेवन से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
पाचन स्वास्थ्य में सुधार।  रामबुतान में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण आंतों में मौजूद विषैले जीवाणुओं को मारने का काम कर सकते हैं। रामबुतान दस्त से भी आपको निजात दिला सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। यह पाचन तंत्र को ठीक बनाए रखने के साथ-साथ कब्ज को रोकने का काम भी कर सकता है।
त्वचा के लिए फायदेमंद- रामबुतान फल का बीज त्वचा को हेल्दी बनाने के काम करता है। इसके बीजों से बने पेस्ट को चेहरे पर लगाने से स्किन के दाग-धब्बे दूर होने के साथ त्वचा में निखार भी आता है। ये फल त्वचा को हाइड्रेट करने का काम भी करता है। रोजाना चेहरे पर इसके बीज का पेस्ट लगाने से त्वचा कोमल और मुलायम बनती है। साथ ही लंबे समय तक त्वचा पर झुर्रियां भी नहीं पड़ती हैं।
हड्डियों को मजबूत बनाता है- फास्फोरस से भरपूर रामबुतान फल हड्डियों के लिए बहुत लाभदायक होता है। फास्फोरस पाया हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके सेवन से लंबे समय तक हड्डियां मजबूत रहती हैं।
डायबिटीज में फायदेमंद- एक चाइनीज अध्ययन के अनुसार रामबुतान के छिलके एंटी-डायबिटिक गुणों से समृद्ध होते हैं।  जो डायबिटीज की बीमारी में फायदेमंद साबित होते हैं।
कामोत्तेजक के रूप में:  माना जाता है कि रामबुतान प्रजनन क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं, कुछ स्रोत के अनुसार रामबुतान की पत्तियां कामोत्तेजक के रूप में काम कर सकती हैं। माना जाता है कि पत्तियों को पानी में डुबोकर सेवन करने से कामोत्तेजना बढ़ाने वाले हार्मोंस सक्रिय हो जाते हैं। लेकिन इसे साबित करने के लिए कोई शोध उपलब्ध नहीं है। इस उद्देश्य के लिए रामबुतान का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें।




दुनिया में एक ऐसा पेड़ जिसे काटने पर निकलता है खून!


आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, आपने अब तक पेड़ों-पौधों की अनेक सारी प्रजातियों के बारे में सुना होगा। जिसमें अनेक तरह के गुण मौजूद होते हैं। आपकी जानकरी के लिए बता दें कि इंसानों जैसे वृक्षों में भी जीवन होता है उनका भी विकास होता है तथा वो भी बढ़ते हैं और इंसानों जैसे दुख-दर्द महसूस करते हैं।
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका में एक ऐसा पेड़ पाया गया, जिसे काटने पर बिल्कुल लाल रंग का खून निकलता है। इस वृक्ष को कियात, मुकवा तथा मुनिंगा बोला जाता है। साथ ही इसे 'ब्लडवुड ट्री' भी बोलते है।
जानकारी के मुताबिक, इसे काटने पर रक्त की तरह पदार्थ निकलता है। यही नहीं इस वृक्ष से निकलने वाला लाल रंग का ये चिपचिपा पदार्थ बड़ी काम की वस्तु है। यह वृक्ष इसलिए भी मशहूर है क्योंकि इसमें से कुछ ऐसा पदार्थ निकलता है जो खून जैसे नजर आता है।
इसके सिवा कहा जाता है इसे लोग जानवरों की चर्बी संग मिलाकर एक तरह की कॉस्मेटिक क्रीम तैयार करते है। जो दाद, कट जाने पर, आंखों की समस्या, मलेरिया एवं पेट की समस्याओं को समाप्त करने लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इस वृक्ष के गुणकारी होने के कारण पूरी दुनिया में इसकी बहुत मांग है। जिसके चलते लोग जंगलों से इसे खोजते रहते हैं। अफ्रीका मे लोग इस बड़ी संख्या में उगाते है तथा बाद में इसे काटकर अपना गुजारा चलाते है।



सावधान: चलती गाड़ी से चोर ऐसे चोरी कर रहे हैं सामान, देखें VIDEO


दिल्ली में चोरों ने चोरी करने का नया फार्मूला खोज निकाला है। चोर अब चलती बाइक से सामान चुरा रहे हैं। इस वीडियो को देखकर आप भी दंग रह जाएंगे। दिल्ली के उत्तम नगर में ये घटना हुई जिसने हर किसी को सन्न कर डाला।
सीसीटीवी में साफ नजर आ रहा है कि किस तरह चोर और नशेड़ी बाइक से गुजर रहे लोगों के बैग की चैन खोलकर समान निकालने का प्रयास कर रहे है। बता दें कि ये वीडियो उत्तम नगर की आर्य समाज सड़क का है।
जिस पर बहुत ट्रैफिक होता है। जिसका लाभ चोरों को प्राप्त हो रहा है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि एक शख्स बाइक चला रहा है तथा उसने बैग लटकाया हुआ है। पीछे से चोर आया एवं उसने बैग की चेन खोलकर सामान चुरा लिया।
उसके कुछ साथी नजदीक में ही खड़े हैं और ये सब नजारा देख रहे हैं। चोरी करने के पश्चात वो मित्रों संग खडे़ हो जाता है और बाइक सवार निकल जाता है। चौंकाने वाली बात तो ये है कि इतनी भीड़ में लोग इन्हें देख भी रहे है किन्तु कोई रोकने या फिर पुलिस को बुलाने की आपत्ति नही मोल रहा।
दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में सरेआम चोरी,सैकड़ों लोगों की भीड़ के सामने बाइक सवार के बैग से सामान निकाल रहे हैं बदमाश,केस दर्ज,आरोपियों की तलाश जारी
अभी पुलिस इस वीडियो के वायरल होने के पश्चात कार्रवाही कर रही है। ये वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है एवं आरोपियों की खोज जारी है।



इंसानों की तरह ये काम करता दिखा बंदर, वीडियो हुआ वायरल


आप ये जानते हैं कि हमारे पूर्वज वानर हुआ करते थे, इसलिए इंसानों और बंदरों के व्यवहार में अगर कोई समानता दिख भी जाए तो इसमें हैरान होने वाली कोई बात नहीं है. कई बार बंदर ऐसी हरकतें करते दिख जाते हैं जिसे देखकर हैरानी होती है. इसके अलावा बंदरों में यह खासियत पाई जाती है कि वो इंसानों की हर हरकत की हुबहू नकल उतार सकते हैं. चाहें इंसानों के खाने का तरीका हो या बैठने का, ये बंदर आसानी से उनकी कॉपी कर सकते हैं. वैसे ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसके बारे में आपको बताने जा रहे हैं. 
दरअसल, इन दिनों इंटरनेट पर एक ऐसे बंदर का वीडियो वायरल हो रहा है, जो इंसानों की तरह कपड़े धोता नजर आ रहा है. जिस तरह पहले के समय में लोग बिना वाशिंग मशीन के कड़पे धोते थे वैसे ही ये बंदर भी धो रहा है. इसका वीडियो काफी तेज़ी से वायरल हो रहा है. देसी अंदाज में कपड़े धोते हुए इस बंदर के मजेदार वीडियो  को सुशांत नंद नाम के एक आईएफएस अधिकारी ने शेयर किया है.
इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह से एक बंदर कपड़े को बर्तन में रखे पानी में डुबो देता है और फिर उसे धोने लगता है. देसी अंदाज में कपड़े धो रहे इस बंदर के मजेदार वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है. लेकिन बता दें ये पता नहीं चला है कि ये वीडियो कहाँ का है और कब का है. पर सभी को ये वीडियो काफी पसंद आ रहा है. 


ये है सबसे महंगी आलू चिप्स, 5 पीस के लिए देने होंगे 5000 रूपए

 जब भीआप आलू की चिप्स खाना पसंद करते हैं तो आप बाजार से खरीद लेते हैं जो कुछ खास महँगी नहीं आती. ये आप किइस भी समय खा सकते हैं. लेकिन आज हम आपको ऐसे आलू की चिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत सुनकर ही आपके होश उड़ जायेंगे. आपने कभी नहीं होगा कि सिर्फ 5 आलू की चिप्स की कीमत 4000 रूपए भी हो सकती है. आज हम इसी के बारे में बताने जा रहे हैं. आइये जानते हैं क्या है इसमें ऐसा खास.
दरअसल, एक स्वीडिश आलू के चिप्स की कंपनी है जो अपने विशेष आलू होने के कारण उसकी चिप्स के चलते बाजार में मशहूर है. बता दें, सेंट एरिक नामक एक स्वीडिश ब्रेवरी ने दुनिया के सबसे महंगे आलू के चिप्स बनाए हैं. अजीब और चौकाने वाली बात ये है कि इन चिप्स के पैकेट में केवल 5 चिप्स होते हैं, जिसकी कीमत 56 डॉलर है, यानी पांच हजार रूपये के करीब. इसका मतलब है कि एक चिप्स की कीमत 784 रूपये के करीब.
आप देख सकते हैं इन चिप्स का पैकेट ज्वेलरी बॉक्स की तरह है. इसमें पांच चिप्स के लिए अलग-अलग किट हैं. इसकी पैकिंग देखने के लिए आप कंपनी की वेबसाइट पर जा सकते हैं. वहीं सेंट एरिक्स कंपनी के ब्रांड मैनेजर मार्क एरीस का कहना है कि, हम अपनी कंपनी की बीयर के साथ एक विशेष स्नैक परोसना चाहते थे और उसी हैसियत का. उनका कहना है कि हमने बहुत मेहनत की और दुनिया का सबसे खास आलू के चिप्स बनाए'.
इसी के साथ आपको बता दें कि ये नॉर्डिक क्षेत्र में उपलब्ध कुछ सबसे विशिष्ट सामग्रियों से बने हैं और स्वीडिश राष्ट्रीय टीम के प्रतिभाशाली शेफ ने तैयार किए हैं. इसके अलावा ये चिप्स मैत्स्कुट मशरूम ट्रफल्ड सीवीड इंडिया पेल एले वोर्ट क्राउन डिल लेक्सैंड प्याज जैसे पांच फ्लेवर्स में उपलब्ध है. 


बिछड़े भाई से फेसबुक पर मिली बहन, अब 14 साल बाद मनाएगी राखी


आप सभी जानते ही हैं कि राखी आने में कुछ ही समय बचा है. ऐसे में भाई-बहन इस दिन का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं और हाल ही में आई एक खबर में कुछ ऐसा हुआ है कि सुनकर आप खुश हो जाएंगे. जी हाँ, दरअसल इस मामले में फेसबुक ने सालों पहले बिछड़े भाई-बहन को मिलवा दिया है और अब चौदह साल बाद ये बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेगी. जी हाँ, खबरों के मुताबिक़ किशोरी जब तीन साल की थी, तब उसके माता-पिता अलग हो गए थे और भाई पिता के साथ और वो मां के साथ रहने लगी. वहीं उसके बाद मां ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन मां और सौतेले पिता परेशान करते थे.
वहीं पिता और भाई की शक्ल भी लड़की को याद नहीं थी और एक दिन बातों-बातों में मां ने भाई का नाम लिया तो किशोरी ने फेसबुक पर उसकी आईडी सर्च की. उसके बाद फेसबुक पर दिए नंबर को लेकर भाई से संपर्क किया जिसके बाद भाई अपनी बहन को लेने आ गया. जी हाँ, वहीं जब यह मामला पुलिस तक पहुंचा तो एसएचओ संजीव शर्मा ने एसडीएम कोर्ट में किशोरी के बयान दर्ज करवाए और उसे भाई के साथ भेज दिया. इस मामले में पुलिस ने बताया कि ''किशोरी नाबालिग है.
उसने भाई और पिता के साथ रहने की इच्छा जताई, इसलिए उसे एसडीएम कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद भाई के साथ दिल्ली भेज दिया. अब दोनों भाई-बहन 14 साल बाद 15 अगस्त पर रक्षाबंधन मनाएंगे. ये दोनों भाई बहन अब फेसबुक को धन्यवाद दे रहे हैं.''