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Wednesday, 19 June 2019

दो महीने बाद मिली वेडिंग रिंग, देखकर कपल हुआ...


अगर सोचिये आपकी कोई प्यारी चीज खो जाए और 2 महीने बाद मिले तो आप खुशी से फूले नहीं समाएंगे. अगर वह चीज आपकी 'वेडिंग रिंग' हो तो फिर क्या कहने. ऐसा ही एक मामला हम आपको बताने जा रहे हैं जो हैरानी भरी है.

दरअसल, ऐसा ही कुछ हुआ ब्रिटेन के रहने वाले स्टीव वाट्स के साथ जिनकी वेडिंग रिंग गुम होने के दो महीने बाद मिली. इस बात की जानकारी क्लीवडन मरीन लेक ने अपने फेसबुक पेज पर दी है. बता दें कि इसी लेक में यह वेडिंग रिंग गायब हुई थी. 2 महीने पहले स्टीव की रिंग क्लीवडन के मरीन लेक में गुम हो गई थी. लेक की ऐनुअल क्लीनिंग के कुछ बच्चों को कीचड़ से यह रिंग मिली जिसके बाद उनकी ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहा.

बता दें कि हर गर्मी में इस लेक की सफाई की जाती है और इससे कचड़ा बाहर निकाला जाता है. एक वॉलनटिअर के मुताबिक, 15,000 स्क्वेयर मीटर के लेक में रिंग के मिलने की संभावना लाखों में एक होती है. उन्होंने बताया कि रिंग देने के बाद बच्चे वहां से चले गए. रिंग के मालिक चाहते हैं कि बच्चों को उनकी ईमानदारी के इनाम दिया जाए, लेकिन मेरे पास बच्चों की कोई जानकारी नहीं है.

Tuesday, 18 June 2019

पानी के लिए हर रोज़ ट्रैन का जानलेवा सफर कर रहा 10 साल का बच्चा


देश के कई शहर और गांव इस समय सूखे की मार से जूझ रहे हैं. गर्मी के कारण पानी की समस्या कई जगहों पर होती है. ऐसे ही पानी की किल्लत के साथ ये लोग अपना जीवन कैसे व्यतीत कर रहे हैं, जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते. ऐसी ही एक कहानी आई है 10 साल के बच्चे की जिसके बारे में आपको जानकर हैरानी होगी. महाराष्ट्र के औरंगाबाद की कहानी है जिसका रियल हीरो एक 10 साल का मासूम बच्चा है. इस उम्र में जहां सभी बच्चे पढ़ने और खेलने जाते हैं, वहीं 10 वर्षीय सिद्धार्थ पानी के लिये रोज़ाना औरंगाबाद-हैदराबाद पैसेंजर ट्रेन से 14 किमी सफ़र करता है.

ये सफर कितना खतरनाक है ये आप सोच सकते हैं. सिद्धार्थ के साथ-साथ 12 साल की आयशा और 9 साल की साक्षी भी अपनी जान जोख़िम में डाल परिवार के लिये पानी लाने का काम करती हैं. पानी के लिए उन्हें क्या-क्या करना पड़ रहा है ये जानकर हैरान हो जायेंगे आप. रिपोर्ट के अनुसार, इस समय लगभग 700 गांव सूखे से प्रभावित हैं, जिसमें से एक औरंगाबाद का मुकुंदवाडी क्षेत्र भी है. सिद्धार्थ हर रोज़ डिब्बे पानी के लिये पैदल चलकर मुकुंदवाडी रेलवे स्टेशन पहुंचता है, जहां से शुरू होती है उसकी पानी यात्रा.

सिद्धार्थ का ये सफ़र रिस्की होने के साथ-साथ थकाऊ भी है. क्योंकि औरंगाबाद-हैदराबाद पैसेंजर ट्रेन अकसर 3 घंटे लेट होती है. यही वजह है कि सिद्धार्थ शाम 5.30 बजे से पहले घर नहीं पहुंच पाता. अब आप सोच ही सकते हैं कि कितना कठिन है ये काम।

करोड़ों में बिका ये मामूली दिखने वाला हैंडबैग


आज हम एक ऐसे बैग की बात बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत बहुत ज्यादा है और वो बिक भी चुका है.

ये जानकर हैरानी होगी कि इस बैग की नीलामी हजार-दो हजार में नहीं बल्कि पूरे 1 करोड़ 44 लाख रुपये में हुई है. अब ये भी सोचने वाली बात है कि इसमें ऐसा क्या खास था. बता दें, दुनिया के सबसे महंगे हैंडबैग्स में शुमार हर्मीस बिर्किन का यह हैंडबैग 1.44 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ है. इस नीलामी के साथ ही यह दुनिया का दूसरा सबसे महंगा हैंडबैग बन गया है.

वहीं सबसे महंगे हैंडबैग का रिकॉर्ड भी इसी कंपनी के नाम पर है. इस बैग को 'द 2015 हिमालय निलोटिकस क्रोकोडाइल बिर्किन 35' नाम दिया गया है. नीलामी घर 'क्रिस्टी' ने इसकी अनुमानित कीमत 88793 से 114162 डॉलर रखी गई थी. साल 2018 में "द मैट हिमालय निलोटिकस क्रोकोडाइल बिर्किन 35' नाम का हैंडबैग 300322 डॉलर में नीलाम हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि इस बैग को खरीदने के लिए 41 देशों के लोगों ने बोली लगाई. इसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी. इस हैंडबैग का नाम चर्चित अभिनेता और गायक जेन बिर्किन के नाम पर रखा गया है और अब यह ऐसा ब्रांड बन चुका है जो हॉलीवुड के महिला सितारों के बीच बेहद लोकप्रिय है.

6 भारतीय राजनेताओं की अद्वितीय सुंदर पत्नियाँ जो भारतीय फिल्म अभिनेत्रियों को टक्कर देती हैं


जब भी खूबसूरत महिलाओं की बात आती है, हमारे समक्ष भारतीय फिल्म अभिनेत्रियों की छवि साकार हो जाती है। इसमें कोई संदेह नही है कि भारतीय फिल्म जगत की अभिनेत्रियाँ अद्वितीय सुंदरी हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत देश में ऐसी अनेक सुंदरियाँ हैं जो अभिनेत्री नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर कई भारतीय नेताओं की पत्नियाँ अद्वितीय सुंदरी हैं जो किसी फिल्म अभिनेत्री के कम नहीं हैं।

1. प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया

प्रयदर्शिनी राजे सिंधिया कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य की पत्नी हैं। प्रियदर्शिनी बरोडा के गायकवाड परिवार की राजकुमारी हैं। 2012 में फेमिना पत्रिका ने इन्हें विश्व की 50 सुंदरियों की सूची में स्थान दिया था।

2. डिंपल यादव

डिंपल यादव कर जन्म 15 जनवरी 1978 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। यह एक राजनेत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की धर्मपत्नी हैं। राजनीतिक क्षेत्र में पहला चुनाव हारने के बाद उनके पति अखिलेश अपनी जीती कन्नौज लोक सभा की सीट उनके लिए छोड़ दी। 2012 में लोकसभा उप चुनाव में इन्होंने निर्विरोध जीत कर एक कीर्तिमान स्थापित किया। इन्हें उत्तर प्रदेश में सेलिब्रिटी सांसद के रूप में भी जाना जाता है।

3.सारा अब्दुल्लाह पायलट

दिवंगत राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट की पत्नी सारा अब्दुल्लाह हैं। जो जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्लाह की पुत्री हैं। सचिन राजस्थान के गुज्जर परिवार के हैं जब कि सारा एक मुस्लिम परिवार से थीं। दोनों का परिवार उनके संबंध के विरोध में था। अब्दुल्लाह सचिन को पसंद करते थे लेकिन समाज के कारण बेबस थे। बाद में सारा ने सचिन से विवाह कर लिया। जिसमें अब्दुल्लाह परिवार से कोई भी शामिल नहीं हुआ। सारा ने पिछले कुछ सालों में समाजसेवा कर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

4. हरसिमरत कौर बादल

25 जुलाई 1966 में जन्मी हरसिमरत कौर शिरोमणी अकाली दल की सदस्य और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखवीर सिंह बादल की पत्नी हैं। जो स्वयं एक राजनेत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं। वे भटिंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा की सांसद हैं।

5. अमृता राय

1972 में जन्मीं अमृता राय पेशे से एंकर और पत्रकार हैं। अमृता राय ने आनंद प्रधान पत्रकार से विवाह किया था। 2014 में दोनों का तलाक हो गया। तलाक के बाद अमृता ने उम्र में 24 वर्ष बड़े 68 वर्षीय मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से 2015 में शादी की।

6. पूजा शेट्टी देओरा

प्रसिद्ध व्यवसायी मनमोहन शेट्टी की पुत्री पूजा शेट्टी मुंबई के राजनेता मिलिंद देवड़ा की पत्नी हैं। पूजा शेट्टी एक फिल्म निर्माता हैं। साथ ही ये एडलैब्स इमेजिका की एम डी हैं।


मोबाइल के बिना नहीं रह पाता है ये तोता, जिसके लिए मालिक करता है ऐसा काम...


आज हम आपको एक ऐसे तोते की बात बताएंगे जो मोबाइल का आदी है। बता दें, हम बात कर रहे हैं कोको की, कोको एक तोते का नाम है। बेगमगंज के एसबीआई कालोनी के रहने वाले शरद शर्मा के बेटे ऋषि शर्मा ने इस तोते को पाला है तथा आज मोबाइल इस तोते का जीवन बन गया है।

कहा जा रहा है कि शख्स के जरिए पाले गए इस तोते को मोबाइल से इतना प्यार है कि वह इसके बिना बिल्कुल भी नहीं रह पाता है।

बता दें कि तोते को प्रत्येक आधे घंटे में मोबाइल देखने की लत पड़ गई है। जिसकी वजह से वो अपने तोते को मोबाइल दिखाते ही हैं। यदि इसको मोबाइल नहीं दो तो वो सारादिन चीखता रहता है। 

तोते की विशेषता ये है कि वो पिंजरे में नहीं रहता है और घर में खुले रूप से इधर-उधर घूमता रहता है। तोते की आदत के चलते परिवार के सदस्य उसे मोबाइल पर कुछ वीडियो दिखाते रहते हैं।

50 साल बाद देखे शख्स ने रंग, ऐसे दिया रिएक्शन


कलर ब्‍लाइंडनेस एक गंभीर समस्‍या है. यही बीमारी 50 साल के क्रिस स्‍मेलसर को थी. उनकी पूरी जिंदगी बेरंग ही बीती. अब एक खास प्रकार के चश्‍मे के माध्‍यम से उन्‍होंने पहली बार रंगीन दुनिया देखी. इसके बाद उनका रिएक्शन बेहद ही हैरानी भरा था और वो काफी खुश भी थे. क्रिस को इससे पहले हर चीज ब्‍लैक एंड व्‍हॉइट दिखती थी. क्रिस ने जैसे ही यह चश्‍मा लगाया, उन्‍हें सारी चीजें उनके असली रंग में दिखीं. आसमान से लेकर हरी-भरी हरियाली तक, क्रिस को सबकुछ वैसा ही नजर आया जैसा दिखना चाहिए.

हैरानी की बात ये है कि, क्रिस को एनकोरोमा ग्‍लासेस के चलते सबकुछ साफ-साफ दिखा. उनके 50वें जन्‍मदिन पर दोस्‍तों और परिजनों ने मिलकर यह तोहफा दिया. क्रिस इस खास प्रकार के चश्मे का डिब्बा खोलते ही भावुक हो उठे थे और रोने लगे. चश्‍मा आंखों पर पहनते ही वह अपनी फीलिंग्‍स को कंट्रोल नहीं कर पाए. इस दौरान वह हंसते भी रहे और रोते भी. वह भागकर खुले आसमान के नीचे आए. हरे भरे पेड़ों को देखा और आसमान की ओर सर उठाकर देखा... ओह माई गॉड! इसी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. 

Monday, 17 June 2019

49 बच्चों का पिता बना चिकित्सक, सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान


नीदरलैंड में एक चिकित्सक ने अजीब कारनामा किया जिसकी चौंकाने वाली खबर आजकल चर्चा में बनी हुई है। हांलाकि अब ये डॉक्टर इस दुनिया में नहीं रहा है। दरअसल, जन करबात नाम का ये चिकित्सक साल 2017 में ही इस संसार से विदा ले चुके है।
बता दें कि ये डॉक्टर अपने क्लीनिक में डोनेट किए गए स्पर्म को अपने स्पर्म से परिवर्तित कर डालता था। अपनी इस हरकत की वजह से वो आईवीएफ तकनीक से लगभग 49 बच्चों का बाप बन गया। खबरों के मुताबिक, डॉक्टर का क्लीनिक भी अनियमितताओं एवं अन्य गैरकानूनी काम करने की शिकायतों की वजह से 2009 में बंद कर दिया गया था।
जानकारी के अनुसार, चिकित्सक के धोखे का खुलासा कुछ ही दिन पूर्व हुई डीएनए जांच के पश्चात हुआ। एक सामाजिक संगठन की विनती पर ये जांच निजमेगन शहर में अदालत के आदेश पर कराई गई थी।
चिकित्सक करबात से जुड़ी ये सारी कहानी इसी वर्ष फरवरी में समक्ष आई जब डच अदालत ने मामले की सूचना प्राप्त होने पर डॉक्टर के डीएनए को बच्चों के डीएनए से मिलान करके जांच करने की अनुमति दी। डॉक्टर के विरुद्ध अदालत में पूर्व 2017 में शिकायत की गई थी।
जो क्लिनिक की सहायता से पैदा हुए बच्चों एवं उनके अभिवावकों के एक समूह ने चिकित्सक की हरकतों पर शक होने के पश्चात की थी। शक होने का कारण था अनेक बच्चों की मिलती-जुलती शक्लें और आदतें। यहां तक की एक बच्चा चेहरे मोहरे से एकदम चिकित्सक की तरह नजर आ रहा था।



यहां मिला 40 हजार साल पुराने जानवर का सिर, हकीकत जानकर रह जाएंगे दंग


आज​ हम आपको एक ऐसी खबर के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल, रूस में एक 40 हजार वर्ष पुराने साइबेरियन भेड़िए का सिर प्राप्त हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, जिस समय आर्कटिक के क्षेत्र में इस भेड़िए की मौत हुई होगी, तभी से उसका सिर बर्फीली चट्टानों वाले क्षेत्र में धरती के नीचे दबा हुआ था। माना जाता है कि विश्व में इस समय लगभग 2 लाख भेड़िए हैं। इस भेड़िए के अवशेष बीते वर्ष अगस्त में रूस के आर्कटिक क्षेत्र यकुतिया में तिरेख्याख नदी के किनारे प्राप्त हुए थे।
भेड़िए का सिर ‘यकुतिया साइंस अकेडमी’ के शोधकर्ताओं को दिया गया। उन्होंने जापान तथा स्वीडन में दूसरे शोधकर्ता संग मिलकर इस पर कार्य किया, जिससे वे इसकी आयु का मालूम कर सकें। अकेडमी के वालेली प्लोतनिकोव के मुताबिक, यह भेड़िए की एक प्राचीन उप-प्रजाति है, जो मैमथों संग निवास करती थी एवं लुप्त हो गई।
इस भेड़िये की 40 हजार वर्ष पूर्व मौत हो चुकी थी। लेकिन बर्फीली जमीन में दबा रहने की वजह से उसके फर, दांत, कान, चीभ और दिमाग लगभग उसी अवस्था में हैं। इससे पूर्व भेड़ियों की केवल खोपड़ी प्राप्त हुई हैं।
ये सिर जिस भेड़िए का कहा जा रहा है, वो शरीर के आकार में आज के भेड़ियों से लगभग 25% अधिक बड़ा था। हालांकि, आधुनिक साइबेरियन भेड़िए भिन्न-भिन्न आकार के होते हैं।उनका वजन 31 से 60 किलोग्राम हो सकता है।



युवक ने निगल लिया एयरपॉड, पेट के अंदर भी चालू था काम


ताइवान का एक युवक उस समय भौंचक्का रह गया था, जब उसे पता चला कि रात को उसने एक एयरपॉड को निगल लिया है और वह तब अधिक चौंक गया था, जब उसे पता चला कि एयरपॉड उसके पेट में भी कार्यरत है.
बताया जा रहा है कि बेन सू नाम का यह शख्स सोते वक्त कान से एयरपॉड निकालना भूल गया था और सुबह जब वह उठा तो उसे एक एयरपॉड नहीं मिल था. जब उसने सब जगह ढूंढा तो इसमें उसे कामयाबी नहीं मिली और बाद में आईफोन ट्रैंकिंग फीचर के जरिए जब उसने एयरपॉड खोजा तो पता यह चला कि एयरपॉड अभी भी कमरे में ही मौजूद है.
आगे शख्स ने कहा कि 'मैंने अपनी चादर के नीचे देखा, फिर चारों तरफ खोजा लेकिन मुझे एयरपॉड कहीं नहीं मिला. वहीं बाद में मैंने महसूस किया था कि बीप की आवाज मेरे पेट से आ रही थी और निगलने के बाद भी उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई. डेली मेल की एक खबर की माने तो बेन सू पास में काउसियंग यूनाइटेड हॉस्पिटल गया और वहां पर डॉक्टरों ने कहा कि एयरपॉड उसी के पेट में है और डॉक्टरों ने यह कहा कि एयरपॉड ने पाचन तंत्र तक पहुंच गया था और अगर वह नैचुरल तरीके से (शौच के रास्ते) बाहर नहीं आता तो उसे सर्जरी के जरिए बाहर निकालना पड़ता.

103रे माले पर शीशे की बालकनी में आई दरार, लोगों की जान अटकी


दरअसल, अमेरिका के शिकागो के विलिस टॉवर स्काईडेक में हुआ लेकिन ये कोई प्रैंक नहीं था. इसे देखकर तो किसी भी जान अटक जाये. बता दें, विलिस टॉवर में 103वें माले पर लोगों को शहर के नज़ारे देखने के लिए एक शीशे की बालकनी बनाई गई है. उसका फ़र्श भी शीशे का है. हर साल उस टावर में 17 लाख पर्यटक आते हैं.
विलिस टॉवर का स्काईडेक जांचा परखा हुआ था लेकिन अचानक से उसकी फ़र्श चटक गई और कांच पर कई दरारें आ गईं. इससे किसी के जान को ख़तरा तो नहीं हुआ लेकिन वहां जो लोग खड़े हुए थे उनकी जान पर बन आई. इस बारे में अधिकारियों ने बताया कि ख़तरे की कोई बात नहीं है, फ़र्श पर शीशे की जो सुरक्षात्मक लेयर बनाई गई थी, वो इसी काम आती है. वो मामले की जांच करेंगे.
बता दें कि साल में 2009 में पर्यटकों के लिए इसे बनाया गया था. ये ज़मीन से 1,353 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है और बिल्डिंग से 4.3 फ़ीट बाहर की ओर निकला हुआ है.

बच्ची के मुंह में काला निशान देख घबराई माँ, पता चला तो छूट गई हंसी


आज हम आपको  कुछ ऐसा बताने जा रहे हैं जिससे आपको भी हैरानी होगी. जहां एक मां अपनी बच्ची की छोटी सी हरकत की वजह से परेशान हो गई. यह अजीब किस्सा पढ़ कर आपको थोड़ा अजीब लगेगा पर हंसी भी आएगी. आइये जानते हैं उस हरकत के बारे में.
दरअसल, खेल-खेल में मां की नजर उसकी बेटी के मुंह में जाती है जहां उसने देखा बेटी की मुंह का ऊपरी हिस्सा काला है. यह देख बच्ची की मां डर गई. निशान को देखकर बच्ची की मां डारियन डिप्रेता उस काले निशान को मिटाने की कोशिश करने लगी. ऐसे में उसने डॉक्टर से संपर्क किया तो डॉक्टर ने बेटी की जांच के बाद बताया कि ये उसका जन्मचिह्न हो सकता है. लेकिन बच्ची की मां ने इस बात को इनकार करते हुए कहा कि नहीं ऐसा नहीं हो सकता है मैं रोज उसका मुंह साफ करती हूं. उसकी मां ने परेशान होकर बच्ची को दूसरे डॉक्टर पर दिखाया. लेकिन जब उसकी मां उसे दूसरे डॉक्टर के पास लेकर गई तो उसने देखा वो निशान थोड़ा सफेद हो गया था.
जब नर्स ने इस निशान को हटाने की कोशिश की तो वह साफ हो गया. नर्स ने बताया काला निशान बॉक्स का एक टुकड़ा था जिसे बच्ची ने चबाया होगा और वो टुकड़ा उसके मुंह में ही फंस गया. यह सुन महिला रो पड़ी और राहत के सांस लेते हुई महिला को हंसी भी आई।

स्कूलों का कर्ज चुकाने के लिए 2 बहनों ने किया ऐसा काम, सोशल मीडिया पर हुई वायरल


नार्थ कैरोलिना में रहने वाली दो बहनें 13 साल की हेली और 11 साल की हन्ना हैगर नींबू पानी का स्टाल लगाकर 41 हजार डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही हैं. कई बार ऐसा होता है कि पढ़ने की चाह रखने वालों के पास इतने पैसे नहीं होते कि वो पढ़ सके. उसी के कारण इन दोनों बहनों को ये कदम उठाना पड़ा. इनका मकसद जिले के स्कूलों के उस कर्ज को चुकाना है जो बच्चों के खाने का इंतजाम करते हैं.

हेली और हन्ना की मां एरिन हैगर का कहना है कि पहले यह दोनों बहने अपने दादा के अस्पताल के लिए पैसा जुटाना चाहती थीं, लेकिन जब उनकों पता चला कि जिले के तमाम स्कूल सरकार के 28 लाख के कर्जदार हैं. उसके बाद उन्होंने इस कर्ज को चुकाने का बीड़ा उठाया. जिले के स्कूलों की बात की जाए तो कुल रकम 28 लाख रुपए है. इस बारे में हैगर का कहना है कि अपने बच्चों का पेट भरने के लिए स्कूल सरकार के कर्जदार बन गए. बच्चों के पास खाने के पैसे नहीं थे. स्कूलों ने उन्हें खाना तो दिया पर इस प्रक्रिया में उन पर भारी भरकम कर्ज हो गया.

वहीं इन दोनो बहनों की मां कहती हैं कि कब तक रकम जुटेगी, वे खुद भी नहीं जानतीं. नींबू पानी के स्टाल पर वे स्नैक भी बेचती हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा रकम जुटा सकें. इसी तरह से वो रकम जुटाने में लगे हैं.

Sunday, 16 June 2019

हर 30 साल में अंडे देती है ये चट्टान, जानिए रहस्य!


आज​ हम आपको एक ऐसी खबर के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, हम बात कर रहे है चीन की जो बहुत ही अद्भुत वस्तुओं से भरा पड़ा है। दरअसल, आज हम आपको ऐसी चट्टान के संबंध में बताएंगे जो प्रत्येक 30 साल में अंडे देती है।
यह अंडे पहले तो एक कवच में होते हैं तथा चट्टान इनको सेती है किन्तु थोड़े ही दिनों के पश्चात ये अंडे सतह पर गिर जाते हैं। इस चट्टान ने वैज्ञानिकों का भी दिमाग हिलाकर रख दिया है।
जानकारी के मुताबिक, ये चट्टान चीन के दक्षिण-पश्चिमी में 'गिझोउ' प्रांत में मौजूद है जो लगभग 20 मीटर लंबी तथा 6 मीटर ऊंची है। इसका नाम 'चन दन या' है। जब ये अंडे जमीन पर गिरते हैं तो ग्रामीण इन्हें उठाकर अपने घर ले आते हैं।
ये चट्टान 500 लाख वर्ष पूर्व बनी थी। ये एक काली और ठंडी चट्टान है, जो अनेक इलाकों में आमतौर पर प्राप्त हो जाती है।



इस कपल ने बाथरूम में रचाई शादी, वजह कर देगी हैरान


आज हम शादी को लेकर बात करे तो आपको ये बता दें कि विवाह प्रत्येक किसी की जिंदगी का खास दिन होता है। दरअसल, आजकल बाथरूम में शादी करने की खबर इंटरनेट पर काफी वायरल हो रही है।
बता दें कि, ब्रायन स्कूल्ज एवं मारिया स्कूल्ज ने बाथरूम में विवाह किया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दूल्हे की माता को बाथरूम में सांस लेने में दिक्कत हुई तथा उनको बाथरूम में ही ऑक्सीजन देने का निर्णय लिया गया।
ब्रायन के मुताबिक, हम अदलात के बाहर बैठे थे तथा भीतर जाने का इंतजार कर रहे थे। तभी उनकी माता का कॉल आया और उन्होंने कहा कि उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उस समय उनकी माता बाथरूम में ही थी।
देखा कि उनका चेहरा पीला हो चुका था, पसीना आ रहा था एवं वो किसी संग बात भी नहीं कर पा रही थी। मोनमाउथ काऊंटी के अधिकारियो ने ब्रायन की माता को बाथरूम में ही ऑक्सीजन देने का निर्णय लिया।
इसके सम्बन्ध में मॉनमाउथ काउंटी पुलिस कार्यालय ने फेसबुक पर लिखा- जोड़ी माता को लेकर बहुत दुखी थी एवं विवाह को 45 दिन हेतु टालने का निर्णय ले रही थी क्योंकि उन्हें शादी का लाइसेंस लेने में 45 दिन का समय लगता।
अधिकारी महिला को बाथरूम से बाहर नहीं लाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने बाथरूम में ही विवाह कराने का निर्णय लिया। न्यायाधीश कैटी गुमर बाथरूम में विवाह हेतु मान गई।



जब अदालत में खुद को साबित करने आईं गाय, जज को कुर्सी छोड़ आना पड़ा बाहर


अक्सर आपने इंसानों को अदालत में पेश होते हुए देखा और सुना होगा, हालांकि क्या कभी आपने गाय को भी अदालत में पेश होते हुए देखा है. राजस्थान के शहर जोधपुर में एक ऐसा ही मामला देखने को मिला है, जिसमें एक गाय अदालत में पेश हुई थे और तब जाकर जज ने फैसला भी सुनाया.
मामला कुछइस तरह से है कि शिक्षक श्याम सिंह और कांस्टेबल ओमप्रकाश के बीच गाय के मालिकाना हक को लेकर अगस्त 2018 से ही विवाद जारी था और इस मामले को लेकर मंडोर थाने में केस दर्ज हुआ था. लेकिन थाना प्रभारी ने अपने स्तर पर इस मामले को सुलझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके.
थाना अधिकारी ने विवाद निपटारे के लिए गाय को बीच में खड़ा किया और फिर एक तरफ शिक्षक श्याम सिंह और दूसरी तरफ कांस्टेबल ओम प्रकाश को खड़ा किया गया औरइन दोनों से गाय को आवाज देने के लिए कहा गया, हालांकि गाय ने दोनों की बातों को ही अनसुना कर दिया. आगे एक पक्ष ने दावा किया  कि गाय जब दूध देती है तो वो अपना दूध खुद पीती है और इसके बाद गाय को मंडोर गौशाला में रखा गया था. जबकि यहां पर सीसीटीवी कैमरा भी लगाए गए थे. लेकिन अंत में यह तरीका भी फेल हो गया. बाद में मामला अप्रैल 2018 में अदालत पहुंचा तो उसे जज के सामने पेश किया गया. लेकिन इस मामले की सुनवाई के लिए न्यायधीश को अपनी कुर्सी से उठकर कोर्ट रूम के बाहर आना पड़ा और उसके बाद उन्होंने गाड़ी में खड़ी गाय के आसपास दोनों फरियादियों को खड़ा किया. बाद में जज द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए.


वर्ल्डकप की दीवानगी में इस शख्स ने बना डाले सोने के बैट-बॉल


वर्ल्ड कप 2019 का शबाब चरम पर है. खिलाड़ियों से लेकर फैंस तक में इसके जुनून को महसूस किया जा सकता है. इस समय एक अलग सी ही धूम होती है. कई कई लोग इसके लिए काफी दीवाने होते हैं और जूनून में न जाने क्या क्या कर जाते हैं. इसी जूनून में अहमदाबाद के मनीष सोनी ने वर्ल्ड कप से जुड़ी चीजें जैसे वर्ल्ड कप, स्टम्प, बैट और गेंद सोने की बना डाली. उनकी बनाई चीजों को लोग देखने भी पहुंच रहे हैं. आइये आपको भी बता देते हैं इसके बारे में.
जानकारी के लिए बता दें, तकरीबन 1.5 लाख रुपये की लागत में बनी इन चीजों में 50 ग्राम सोने का इस्तेमाल किया गया है. इसमें करीब 3 इंच का वर्ल्ड कप, 2 इंच का बल्ला और करीब 1 इंच का स्टम्प बनाया गया है. मनीष द्वारा बनाई गई इन चीजों को देखने के लिए क्रिकेट प्रशंसक उनके घर पहुंच रहे हैं. मनीष इसे लोगों को दिखा भी रहे हैं. इन्हें देखकर सभी हैरान हैं.
इस बारे में मनीष का कहना है की बचपन से ही उन्हें क्रिकेट के प्रति लगाव है. वे क्रिकेटर बनना चाह रहे थे लेकिन नहीं बन पाए. अब वे क्रिकेट के प्रशंसक बन गए हैं. इसीलिए उन्होंने सोने की चीजें बनाकर क्रिकेट के प्रति अपनी दीवानगी जाहिर की है.

जाफराबाद के दरिया में फंसा 'आकेर' जहाज, देखें वीडियो


गुजरात के अमरेली में जाफराबाद के दरिया में आकेर नाम के एक जहाज के फंसने की खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि पानी का बहाव तेज़ होने की वजह से जहाज दरिया में चला गया. खबर है कि बढ़ती लहरों के चलते देर रात तक जहाज डूब सकता है. एंकर पर जहाज को बांधकर जहाज के साभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. दरिया में उठ रही लहरों की वजह से जहाज को किनारे पर लाना मुश्किल लग रहा है.


यहां पर मिला 12 फीट लंबा कोबरा, देखकर लोगों के उड़े होश


आज हम सांप को लेकर बात करे तो आपको ये बता दें कि आपने कई तरह के सांप देखे होंगे। वहीं, लंबे सांपों की बात करे तो अजगर का नाम सबसे ऊपर आता है।

किन्तु  उड़ीसा के रायगढ़ा के सेशाखल क्षेत्र में सीआरपीएफ कैंप से एक 12 फीट लंबा कोबरा प्राप्त हुआ है, जिसे देखकर लोगों के होश उड़ गए। जिससे यहां दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया। बाद में विशेषज्ञों की सहायता से उसे पकड़ा जा सका।

यहां कोबरा देखे जाने के पश्चात लोगों ने वन विभाग को इसके बारे में बताया, तत्पश्चात सांप पकड़ने वाले विशेषज्ञ वहां पहुंचे। उन्होंने कोबरा को कड़ी मेहनत के पश्चात वहां से पकड़ा और वापस गुमा के जंगल में इसे छोड़ दिया गया।

मीडिया ने इसकी कुछ फोटोज जारी की हैं, जो रोंगटे खड़ी कर देने वाली हैं। इसका वजन लगभग 30 किलोग्राम था।

किचन में मगरमच्छ देखा महिला के उड़े होश...


फ्लोरिडा में रहने वाली घर की मालकिन ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जब उन्हें अपने किचन में खटपट की आवाज सुनाई दी, तो उनको लगा कि कोई सामान अलमारी पर से गिर गया होगा. लेकिन जब वो किचन में पहुंची, तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ. इस बारे में उन्होंने बताया कि मगरमच्छ को देखते ही उनकी चींख निकलने वाली थी, लेकिन वो शांत रही और पुलिस को फोन किया. जानकारी दे दें, मगरमच्छ की लम्बाई तक़रीबन 11 फीट थी.

वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों की मदद से मगरमच्छ को किचन से बाहर निकाला और दूर जंगल में जाकर छोड़ दिया. घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. क्लियर वॉटर शहर के पुलिस डिपार्टमेंट ने खुद इन तस्वीरों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए पुलिस ने अपने ट्विटर पर लिखा, 'क्लियर वॉटर के एक घर में रात के समय खिड़की तोड़कर मगरमच्छ किचन में घुस गया.

Saturday, 15 June 2019

गर्मी से बचने के लिए बस ड्राइवर ने अपनाया ये तरीके


सिंगापुर में छत पर गार्डन वाली बसें शुरू की गई है. गर्मी को देखते हुए लोग ना जाने क्या क्या उपाय करते हैं. ऐसे ही एक बस ड्राइवर ने कमाल का काम किया है जिसे जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे. बता दें, इन बसों से काफी ठंडक मिलती है और कहीं हद तक गर्मी कम लगती है. बता दें, इससे बस के अंदर का तापमान 5 डिग्री तक कम रहता है.
प्रोजेक्ट एडवाइजर डॉ. चेन लुआंग के मुताबिक, ग्रीन बसों में एयर कंडीशनर नहीं चलाना पड़ता, इसलिए फ्यूल भी कम खर्च होता है. अनुमान के मुताबिक, दिन भर में एक बस में करीब 15-20% फ्यूल खर्च घट जाता है. बस की छत पर और अंदर की ओर सेंसर लगाए गए हैं, इससे तापमान का अंतर पता चल जाता है. जीडब्ल्यूएस लिविंग आर्ट सिंगापुर ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल और एनपी पार्क्स के निर्देशन में यह प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है. इसके अलावा एक ग्रीन रूफ की कीमत करीब 10 हजार रुपए है. फिलहाल सिंगापुर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की 10 बसों में 4 लाख रुपए खर्च कर ग्रीन रूफटॉप बनाया गया है.
पहले तीन माह तक इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग की जाएगी, फिर जरूरी सुधार कर 400 बसों पर ग्रीन रूफ लगाई जाएंगी.गार्डन ऑन द मूव अभियान के तहत इन्हें चलाया जा रहा है. इन बसों की छत पर 1.8 गुणा 1.5 मीटर साइज के दो ग्रीन पैनल लगाए गए हैं. इसमें पानी सोखने वाले रेशों की लेयर रहती है. इनका वजन महज 40 किलो तक ही है. इनमें ज्यादा पानी भी नहीं देना पड़ता, साल में दो या तीन बार मैंटेनेंस की जरूरत पड़ती है.