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Wednesday, 11 September 2019

कार के नीचे आया बिल्ली का बच्चा, शख्स ने ऐसे बचाई जान


सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला वीडियो वायरल हो रहा है. वैसे सोशल मीडिया की बात करें तो इस एकै वीडियो आते रहते हैं जो वायरल हो जाते हैं. ऐसे ही वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कार के नीचे एक बिल्ली आ गई थी. लेकिन एक शख्स ने उसकी जान बचा ली. एक शख्स ने भागकर उसको बचाया. गाड़ी पार्किंग में खड़ी थी. एक बिल्ली आई और गाड़ी के नीचे जाकर बैठ गई.
कार के नीचे बैठा बिल्ली का बच्चा टायर के नीचे ही बैठा जिसके बाद इस बात से अनजान चालक ने कार इंजन स्टार्ट किया. पीछे कार में बैठे शख्स ने देख लिया और हॉर्न मारकर ड्राइवर को अलर्ट किया. लेकिन उन्होंने सुना नहीं. शख्स भागते हुए गया और बिल्ली को निकाल लिया. तुरंत ही गाड़ी आगे बढ़ गई. कार में लगे डैशकैम में ये घटना रिकॉर्ड हो गई. इसी का वीडियो सामने आया है जिसे आप भी देख सकते हैं जो काफी भावुक है.
आगे जाकर चालक ने कार रोकी तो शख्स ने उसे बिल्ली के बच्चे की तरफ इशारा किया. शख्स ने बिल्ली के बच्चे को पास में छोड़ दिया. जिसके बाद वो भाग निकली. यूट्यूब के मुताबिक, ये घटना रूस के सरगटकोए में हुई जिसका वीडियो काफी वायरल किया जा रहा है.


इस कारण घर में गुडलक के लिए रखा जाता है लाफिंग बुद्धा, जानें खास बातें


आपने अक्सर दुकानों या घरों में लाफिंग बुद्धा की कई तरह की मूर्तियां देखी होगी और गिफ्ट भी की होगी. कहा जाता है लाफिंग बुद्धा को गुडलक के तौर पर देखा जाता हैं और इसी कारण लोग इसे घर में भी रखते हैं. इसके अलावा इसे लोग सुख-समृद्धि का प्रतीक भी मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर लाफिंग बुद्धा कौन थे और इनकी हंसने का राज क्या हैं.आज हम आपको बताने जा रहे हैं इसी के बारे में. जानते हैं इसके बारे में खास बातें.
दरअसल, होतई जापान के रहने वाले थे और महात्मा बुद्ध के एक शिष्य हुआ करते थे. मान्यताओं के अनुसार जब होतेई को ज्ञान की प्राप्ति हुई, तब वह जोर-जोर से हंसने लगे. तभी से उन्होंने लोगों को हंसाना और खुश देखना अपने जीवन का एकमात्र उद्देश्य बना लिया. होतेई जहां भी जाते वहां लोगों को अपना बड़ा पेट दिखाकर हंसाते रहते. इसी वजह से जापान और चीन में लोग उन्हें हंसता हुआ बुद्धा बुलाने लगे, जिसको अंग्रेजी में लाफिंग बुद्धा कहते हैं.
चीन में तो होतई यानी लाफिंग बुद्धा के अनुयायियों ने उनका इस कदर प्रचार किया कि वहां के लोग उन्हें भगवान मानने लगे. उनका मानना है कि उनके कारण ही घर में ख़ुशी बनी हुई है. इसी के कारण वहां लोग इनकी मूर्ति को गुड लक के तौर पर घरों में रखने लगे. हालांकि चीन में लाफिंग बुद्धा को पुताइ के नाम से जाना जाता है. होतई की तरह ही उनके अनुयायियों ने भी उनके एकमात्र उद्देश्य यानी लोगों को हंसाना और खुशी देना, को देश-दुनिया में फैलाया.

आपको बता दें, जिस तरह भारत में भगवान कुबेर को धन का देवता माना जाता है, ठीक उसी प्रकार चीन में लाफिंग बुद्धा को ही सब कुछ माना जाता है. माना जाता है कि इनको घर में लाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.

ISRO ने निकाली भर्ती….10-12वीं पास हैं तो आज ही कर दीजिए आवेदन


सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में टेक्नीशियन और अन्य पदों पर भर्तियां निकली हैं। ISRO कुल 86 पदों पर भर्तियां करेगा। इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया चल रही है।
आवेदन करने की आखिरी तारीख 13 सितंबर, 2019 है। इच्छुक लोग इसरो की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी के संबंध में और अधिक जानकारी नीचे दी गई है।
पद का नाम और संख्या :  फिटर- 20 पद।इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक- 15 पद। प्लंबर- 2 पद। वेल्डर- 01 पद। मैकैनिस्ट- 01 पद। ड्रॉउटमैन बी- 12 पद। टेक्नीकल असिस्टेंट- 35। योग्यता : टेक्निशियन/ ड्राफ्टमैन के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार 10वीं या 12वीं पास होना चाहिए। साथ ही संबंधित ट्रेड में आईटीआई/एमटीसी/एमएसी सर्टिफिकेट होना चाहिए। वहीं, टेक्नीकल असिस्टेंट के लिए उम्मीदवार के पास इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना चाहिए। योग्यता के संबंध में अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देखें।
उम्र सीमा : उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 35 होनी चाहिए। उम्र की गणना 13 सितंबर 2019 के हिसाब से की जाएगी। इस आधार पर होगा चयन : उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के माध्यम से किया जाएगा।
सैलरी : टेक्निशियन/ ड्राफ्टमैन- 21,700/-। टेक्नीकल असिस्टेंट- 44,900/-। ऐसे करें आवेदन : इच्छुक लोग इसरो की वेबसाइट www.isro.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।


Tuesday, 10 September 2019

शैंपू के विज्ञापन यूं बनाते हैं मूर्ख, लहराते बालों की असलियत देख हो जाएंगे हैरान


 आपने टीवी पर शैंपू और कंडीशनर्स के कई विज्ञापन देखे होंगे। इनमें मॉडल्स के लहराते बाल देख आप उस प्रॉडक्ट को खरीद लेते हैं। आप ऐसी उम्मीद करते हैं कि उत्पाद के इस्तेमाल के बाद आपके बाल भी वैसे ही मुलायम हो जाएंगे। लेकिन क्या आपको इन विज्ञापनों की असलियत पता है?
मशहूर शैंपू कंपनी की हेयर स्टाइलिस्ट ने इन विज्ञापनों की असलियत दिखाई। साराह लैडलॉ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो अपलोड कर मॉडल्स की बालों की खूबसूरती के पीछे का राज बता दिया।
वीडियो में मॉडल के बालों को हेयर स्टाइलिस्ट हेयर स्प्रे के जरिये रेडी करती दिख रही हैं। इसमें मॉडल के लहराते बालों की असलियत साफ पता चल रहा है। इस वीडियो को अभी तक हजारों लोग देख चुके हैं।


पूरी दुनिया के लिए मनहूस है 13 नंबर, लेकिन ऐसा क्यों ?


पूरी दुनिया 13 नंबर को बेहद अशुभ मानती है और इसके पीछे का कारण शायद ही किसी को पता हो. अगर आपको भी नहीं पता है तो फिर इसे जानना जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी जिंदगी में भी कई ऐसे मौके आएंगे जहां आपको 13 नंबर मिल जाए. तो जानिए इसका कारण...
खासतौर से पश्चिमी देशों में आपको इसका अच्छा खासा डर देखने और सुनने को मिलेगा. वहां के लोगों के बीच 13 नंबर का भय अलग ही नजर आएगा. आपको शायद ही कहीं ओर ऐसा देखने को मिलें.
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो 13 तारीख को इसलिए अशुभ माना जाता है, क्योंकि एक बार यीशु मसीह के साथ एक ऐसे शख्स द्वारा विश्वासघात किया गया था जो कि उन्ही के साथ रात्रिभोज कर रहा था और वह शख्स 13 नंबर की कुर्सी पर बैठा था. अतः बस तभी से लोगों द्वारा इस अंक को दुर्भाग्यपूर्ण समझ लिया गया और उसके बाद से इस नंबर से वह दूर भागने लगे. इसे मनोविज्ञान द्वारा ट्रिस्काइडेकाफोबिया या थर्टीन डिजिट फोबिया नाम दिया गया है.
13 नंबर का यह डर न सिर्फ पश्चिमी देशों पर बल्कि भारत में भी देखने को मिलते हैं और यहां भी बहुत से लोग इस अंक को अशुभ माना करते हैं. आपको यह बात शायद ही मालूम हो कि भारत के सपनों के शहर कहे जाने वाले चंडीगढ़ में सेक्टर 13 नहीं है और यह डर का साफ तौर पर सबूत है.