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Friday, 12 July 2019

तुलसी का पानी पीने से बढ़ता है शरीर का ऑक्सीजन लेवल, होते हैं अन्य कई सारे फायदे


रोज़मर्रा की जिंदगी में, बाजार या फिर ऑफिस जाते समय हर कोई भारी प्रदूषण के संपर्क में आता हैं| ऐसे में जहरीली गैस और गाड़ियों से निकलने वाला धुआँ हमारे साँसो के जरिये हमारे शरीर के अंदर जाता हैं तो कई तरह की सांस संबंधी परेशानियाँ खड़ी करता हैं| दरअसल इस तरह प्रदूषण सिर्फ बाहर निकलने पर ही नहीं बल्कि हमारे घर के आस-पास भी कई ऐसी चीजें हैं जो प्रदूषण को जन्म देती हैं| जिसकी वजह से व्यक्ति अस्थमा, सिरदर्द रहना, खांसी, आंखों की रोशनी कमजोर होना, फेफड़ों में इन्फेक्शन होनी कई तरह की परेशानियों का सामना करता हैं| हालांकि कुछ एहतियात बरत कर हम खुद को स्वस्थ्य रख सकते हैं| ऐसे में आइए जानते हैं कुछ उपायों के बारे में जो हमे स्वस्थ्य रखने में कारगर हो सकती हैं|

यदि तुलसी के पत्ते से बने काढ़े का नियमित सेवन किया जाए तो इससे आप प्रदूषण के असर को कम कर सकते हैं| काढ़े बनाने के लिए, तुलसी के 10 पत्ते, जरा सी अदरक, गुड़ और दो कालीमिर्च डालकर एक गिलास पानी के साथ उबाल लें और जब यह पानी उबाल कर एक चौथाई रह जाए तब इसे छान ले और ठंडा कर पी ले|

तुलसी ऐसा पौधा हैं जो पूजनीय तो हैं ही, इसके अलावा इसके अंदर कई तरह के औषधीय गुण भी पाएँ जाते हैं| यह कई तरह की बीमारियों से निजात दिलाता हैं और इसके साथ ही यह आपके त्वचा में निखार भी लाता हैं| बता दें कि तुलसी एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल होती है, इसीलिए यह त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करती है और रक्त को साफ करती हैं और इसकी वजह से चेहरे की चमक बढ़ जाती है|

यदि आप चाहती हैं कि कम पैसो में आपके शरीर में आक्सीजन की मात्रा बनी रहे हैं तो इसके लिए आप अनुलोम-विलोम, कपालभांति, भस्त्रिका प्राणायाम और ओम का जाप करे| इन्हें मात्रा 15 मिनट करने से आपके शरीर का आक्सीजन लेवल ठीक रहता हैं और इसकी वजह से आप अंदर से काफी रिलैक्स महसूस करते हैं|


Thursday, 4 July 2019

बीजेपी नेता की बेटी की हैरान कर देने वाली तस्वीरें हो रही है वायरल, आप भी देखें


बीजेपी के नेता और पूर्व मिनिस्टर जय नारायण व्यास की बेटी   सपना व्यास पटेल की कई तस्वीरें सामने आई है। जो किसी एक्ट्रेस से काम नहीं है। वह दिखने में काफी खूबसूरत भी हैं।
1989 में पैदा हुईं सपना अभी मॉडल के तौर पर वर्क कर रही है। साथ ही वो बॉलीवुड मूवीज में बतौर एक ट्रेनर के तौर पर वर्क भी करती है।
बता दें कि वह एक फिटनेस ट्रेनर, यूट्यूब, मॉडल है। 19 साल की उम्र में सपना का वजन 83 किलो था। लोग उनके मोटापे को लेकर उनका मजाक उड़ाते थे। लेकिन बाद में उन्होंने 1 साल के अंदर 30 किलो वजन कम कर लिया था।
आज सपना एक प्रोफेशनल सर्टिफाइट ट्रेनर है। सोशल मीडिया पर सपना की बहुत फैन फॉलोइंग है वह समय-समय पर लाइव आकर अपने फैंस से बात करती हैं सपना के इंस्टाग्राम पर 18m से भी ज्यादा फॉलोअर्स है।
फिटनेस ट्रेनर सपना व्यास पटेल में अपनी फिटनेस पर बहुत ज्यादा मेहनत की है जहां गए पहले काफी ज्यादा मोटी हुआ करती थी और अब वह बॉलीवुड की लगभग सभी अभिनेत्रियों में से सबसे ज्यादा फिट दिखाई पड़ती है। 
सपना बेहद ही दयालु है और वह हमेशा अपने फैंस से सोशल मीडिया पर बात करती रहती हैं और उन्हें स्वस्थ रहने की टिप्स देती रहती हैं!


Monday, 24 June 2019

बिना ऑपरेशन के भी गुर्दे की पथरी को कर सकते हैं गायब, अपनाये ये आयुर्वेदिक तरीके


आजकल की खराब जीवनशैली और पानी की कमी की वजह से किडनी स्टोन अर्थात पथरी की समस्या बहुत होने लगी हैं। गुर्दे की पथरी, यह काफी दर्द भरी होती है। पथरी का आकार हर इंसान के शरीर में अलग-अलग होता है। अगर पथरी का आकार छोटा है तो वह पेशाब के रास्ते से बाहर निकल जाती है। लेकिन अगर पथरी का आकार बड़ा हो तो वह पेशाब के रास्ते से बाहर नहीं निकल पाती। इस परेशानी से मुक्ति के लिए लोग ऑपरेशन का सहारा लेते हैं। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे आयुर्वेदिक तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से बिना ऑपरेशन के भी पथरी का इलाज कराया जा सकता हैं। तो आइये जानते हैं इन आयुर्वेदिक तरीकों के बारे में।

१.  तुलसी के रस के साथ पानी पीना

तुलसी पूरी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। किडनी के लिए भी इसका सेवन बेहद उपयोगी माना जाता है।  यह हमें हाइड्रेटेड रहने में मदद करता है और यह रोगमुक्त जीवन के लिए शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखता है। यह पाचन और अवशोषण की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है।गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोगों को मूत्र के माध्यम से इन पत्थरों को बाहर निकालने के लिए बहुत सारा पानी पीना चाहिए। सर्वोत्तम प्रभावों के लिए, तुलसी के रस के साथ पानी पीता चाहिए, क्योंकि तुलसी को शरीर में तरल पदार्थ, खनिज और यूरिक एसिड संतुलन बनाए रखने के लिए बेहतर माना जाता है।

२  .नारियल पानी

नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है। पथरी होने पर नारियल का पानी पीना चाहिए। नारियल पोषक तत्वों से भरा है और स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। नारियल पानी जो एक कच्चे हरे नारियल के अंदर मौजूद होता है, स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा होता है और अगर किसी को किडनी में पथरी है तो इसका सेवन करना चाहिए। यह गुर्दे की पथरी के आयुर्वेदिक उपचार का एक अच्छा रूप है और पथरी को गलाने में मदद करता है और अंत में मूत्र के माध्यम से बाहर निकाल देता है।

३  .जौ का पानी

किडनी की पथरी के लिए भी यह अचूक औषधि है। एक गिलास जौ के पानी का रोजाना सेवन करने से किडनी की पथरी शरीर से बाहर निकल जाती है और आपकी किडनी स्वस्थ रहती है।

नीम

४  .नीम आयुर्वेद में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला पेड़ है। इसीलिए पथरी के उपचार के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए आप नीम के पत्तों का सुखाकर इसे जला लें और इसकी राख तैयार कर लें। इस राख को रोगी नियमित रूप से दिन में 3 बार पानी के साथ सेवन करें।

लेमन जूस के साथ ऑलिव ऑयल

५  .नींबू भी गुर्दे में पथरी को रोकने में काफी फायदेमंद साबित होता है। नींबू का रस और खाद्य तेल का संयोजन थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह एक बहुत प्रभावी किडनी स्टोन का आयुर्वेदिक उपचार है। जो लोग अपने गुर्दे से पत्थरों को हटाने की इच्छा रखते हैं, उन्हें प्राकृतिक रूप से इस तरल को रोजाना पीना चाहिए जब तक कि पथरी निकल न जाए। नींबू का रस पत्थरों को तोड़ने में मदद करता है जबकि जैतून का तेल उनके लिए स्नेहक के रूप में कार्य करता है ताकि बिना किसी परेशानी से स्‍टोन बाहर निकल सके। गुनगुने पानी में आधा नीबू का रस डालकर रोजाना पी सकते हैं।


प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में होती है इन तीन चीजों की कमी, आप भी जरूर जानें


किसी भी महिला के लिए गर्भावस्था वो समय होता है जब वो शारीरिक और मानसिक रूप से कई बदलावों से गुजरती है। इसलिए जब भी कोई स्त्री अपने माँ बनने की खबर सुनती है तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता क्योंकि आने वाला शिशु उनके जीवन का सबसे अहम् हिस्सा होता है। लेकिन गर्भवती होने के तुरंत बाद महिलाओं के शरीर में बहुत सी चीजों की कमी होने लगती हैं। इन कमी के बारे में सभी महिलाओं को सही जानकारी होनी चाहिए ताकि महिलाएं खुद का ख्याल रख सके। आज जानने की कोशिश करेंगे उन चीजों के कमी के बारे में जिन चीजों की कमी गर्भवती होने के बाद महिलाओं के शरीर में होती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से की गर्भवती होने के बाद शरीर में होती है इन तीन चीजों की कमी।
१  .कैल्शियम की कमी

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पर्याप्त कैल्शियम की जरूरत होती है, क्‍योंकि जब कोई महिला गर्भवती हो जाती हैं तब उनके शरीर में कैल्शियम की कमी होती हैं। क्यों की गर्भ में भूर्ण के विकास के लिए कैल्शियम की ज़रूरत सबसे अधिक होती हैं। जिसके कारण महिलाओं के शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती हैं। जिसकी आपूर्ति करना जरूरी होता है। जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं मिलता, तो वह हड्डियों से कैल्शियम लेने लगता है। ऐसा होने पर आहार के माध्यम से कैल्शियम की भरपाई आवश्यक हो जाती है। इसलिए सभी महिलाओं को गर्भवती होने के बाद कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर में होने वाले कैल्शियम की इस कमी को दूर किया जा सके।

२  .पानी की कमी

गर्भवती महिलाओं के शरीर में जब भूर्ण का निर्माण होने लगता हैं तब महिलाओं के शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं। जिसके कारण महिलाओं को उल्टी और मितली की समस्या होती हैं। साथ ही साथ महिलाओं के पेट में गैस बनने लगते हैं। इसलिए गर्भवती होने के बाद महिलाओं को भरपूर पानी का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर में होने वाले पानी की कमी को रोका जा सके।

३  .आयरन की कमी

जब कोई महिला गर्भवती होती है तो गर्भवती होने के बाद महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती हैं। यदि खून में हीमोग्लोबिन की कमी हो, तो आयरन की गोलियां खाने की सलाह दी जाती है। महिलाओं को इसकी अधिक जरूरत होती है। आयरन की जरूरत हीमोग्लोगिन बनाने के लिए होती है।  क्यों की गर्भवती होने के बाद जब महिलाओं के गर्भ में भूर्ण का विकास होने लगता हैं तब उसे ब्लड की ज़रूरत होती हैं। जिसके कारण शरीर में आयरन की कमी हो जाती हैं। इसलिए गर्भवती होने के बाद सभी महिलाओं को प्रतिदिन आयरन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए ताकि आयरन की इस कमी से छुटकारा मिल सके।


Friday, 21 June 2019

योग दिवस के खास मौके पर कुत्तों ने भी किया योग, देखें वीडियो


आज पूरी दुनिया योग दिवस मना रही है. देश के हर राज्य में योग मनाया जा रहा है. इस दिन सभी आम इंसान से लेकर बड़े बड़े नेता राजनेता, अभिनेता भी योग कर रहे हैं. योग दिवस में भाग लिया और योगाभ्यास कर पूरी दुनिया को स्वस्थ रहने का संदेश दिया. इस दौरान सबसे दिलचस्प बात यह है कि मानव के सबसे अच्छे दोस्त कहे जाने वाले कुत्तों ने भी योग दिवस पर योगाभ्यास में हिस्सा लिया. इसी में आर्मी के कुछ डॉग्स भी इसमें हिस्सा ले चुके हैं जिनका वीडियो वायरल हो रहा है.
आपको  बता दें, यह कुत्ते हैं आर्मी के, जिन्हें सेना के जवानों ने ट्रेनिंग दी है. ये खास कुत्ते योग का हर आसन कर ले रहे हैं. जानकारी के लिए बता दें कि कुत्तों का भी योगासन होता है जिन्हें डोगा आसन के नाम से जाना जाता है. इसकी शुरूआत पहली बार साल 2002 में न्यूयार्क में की गई थी. आर्मी डॉग्स अपने ट्रेनर यानी की सेना के जवानों के साथ योग करते दिखे. यानि अपने डॉग को फिट रखने के लिए आप भी उसे ये योग करवा सकते हैं. इनका वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है.
दरअसल, पशु प्रशिक्षण स्कूल के भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कर्मियों ने अरुणाचल प्रदेश में लोहित घाटी के नदी तट पर अपने प्रशिक्षित घोड़ों व कुत्तों के साथ योग का आसन किया. इस दौरान वीडियो में कुत्तों को अपने प्रशिक्षकों के साथ आसन करते हुए दिखाया गया है. वहीं जवान घोड़ों पर सवार होकर योग के विभिन्न आसन करते दिखे. इसके अलावा पीएम मोदी ने रांची के प्रभात तारा मैदान में करीब 50 हजार लोगों के साथ योगाभ्यास किया. इसके साथ ही उन्होंने पूरे राष्ट्र को योग के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया.


Sunday, 9 June 2019

एक सूअर इस किसान को बना गया मालामाल, मिली ऐसी चीज़



वैसे तो लगभग हर किसी ने सोने के अंडे देने वाली मुर्गी की कहानी पढ़कर हर किसी के मन में ख्वाहिश आती है. एक शख्स के पास ऐसी मुर्गी तो नहीं आई, लेकिन ऐसा सुअर जरूर मिल गया जो उसे करोड़पति बना गया. उसके पास से कुछ ऐसी चीज़ मिली जिससे करोड़पति हो गया.

दरअसल, सुअर के पेट से शख्स को ऐसी चीज मिली जिसकी दुनिया में काफी मांग है और इसकी कीमत भी लाखों-करोड़ों में है. जब वो इसे लेकर शंघाई गया और वहां इसकी कीमत जानी तो हैरान रह गया. शंघाई में उसे मालूम चला कि पत्थर दिखने वाली इस चीज को Bezoar कहते हैं. 4 इंच के Bezoar की कीमत तकरीबन 4 करोड़ रुपये थी. ये सुनकर तो जैसे उसके होश ही उड़ गए.

इसके बारे में आपको बता दें, Bezoar कुछ जानवरों के अंदर मिलने वाली एक चीज है जो बड़े काम आती है. इससे कई तरह की दवाईयां बनती हैं।

Monday, 3 June 2019

सावधान! ज्यादा चाय पीने के शौकीन जरूर देख ले ये खबर वरना...


अधिक चाय पीने से कई समस्याएं होती है। चाय के ज्यादा सेवन से कई तरह के नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं।

1. दिल की बीमारियां

अधिक चाय पीने से दिल की धड़कन बढ़ जाती है और दिल की बीमारियां होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

2. आंतें खराब करे

अधिक चाय पीने से आंतें खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। जिसके कारण खाने को पचाने में समस्या का सामना करना पड़ता है।

3. अनिद्रा की समस्या

अधिक चाय पीने से अनिद्रा की समस्या उत्पन हो जाती है। साथ ही पूरी नींद न होने पर दिमाग भारी हो जाता है। ऐसे मे चाय का सेवन कम मात्रा में करे।

4. एसिडिटी

अधिक चाय पीने से पेट में एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। साथ ही अधिक चाय पीने से मुंह में छाले भी हो जाते हैं।


The Great Khali


द ग्रेट खली एक ऐसा नाम है जिसने देश विदेश के कई पहलवानों के छक्के छुड़ा दिये और पहलवानी के क्षेत्र में अपने देश का नाम रोशन किया |  दलीप सिंह राणा से जन्म लेकर पैदा हुए , खली ने भारत में एक ऐसा मुकाम प्राप्त किया जिसे कोई पहलवान नही कर पाया था | साधारण गाँव में जन्मे इस महाबली खली ने  professional wrestling में हिस्सा लेकर अपने करियर को एक नया मुकाम दिया | वर्तमान में खली का नाम इतना चर्चित है की उनको देखने के लिए लोगो को भीड़ उमड़ पडती है | आइये आपको उस महाबली खली का जीवन परिचय बताते है जिसने एक साधारण गाँव में जन्म लेकर देश का नाम रोशन किया |

दलीप सिंह राणा का जन्म 27 अगस्त 1972 को हिमाचल प्रदेश के धिरियाना गाँव के एक पंजाबी हिन्दू राजपूत परिवार में हुआ था | दलीप सिंह राणा के पिता का नाम ज्वाला रमा और माँ का नाम तांडी देवी है | दलीप सिंह राणा का परिवार एक बहुत गरीब परिवार था जिसमे उनके पिता को अपने सात बच्चो का पेट भरना बड़ा मुश्किल था | अपने सात भाई बहनों में दिलीप सिंह राणा बिलकुल अलग था क्योंकि वो अपने भाई बहनों से सबसे मजबूत कद काठी का था | कम उम्र में ही वो अपने वो अपने भीमकाय शरीर की वजह से हमेशा गाँव वालो में जिज्ञासा का विषय बना रहता था |

अब गरीब परिवार होने की वजह से दिलीप ज्यादा पढ़ नही पाया और अपने माता पिता की आर्थिक मदद करने के लिए उसने काम ढूँढना शूरू कर दिया | अब पढ़े लिखे नही होने की वजह से उसको मजदूरी करने के अलावा ओर कोई काम नही मिल सकता था | शुरुवात में वो अपने गाँव में ही मजदूरी किया करता था | उसको अधिकतर भारी भरकम पत्थरों को उठाने का काम दिया जता था क्योंकि उसकी कद काठी की वजह  से लोग उसको वही काम देना पसंद करते थे | इसके बाद जब उन्हें ज्यादा पैसा कमाने की आवश्कयता पड़ी तो वो अपने गाँव से शिमला के लिए रवाना हो गया और वहा पर मजदूरी करने लग गया |

उनके गाँव के लोग खली के बारे में बताते है कि खली की कद काठी इतनी विशाल थी कि उनको रास्ते में गुजरता देख लोग उन्हें ताकते रह जाते थे | अपनी विशाल कद काठी की वजह से उनके पैरो की नाप के जूते तक बाजार में नही मिल पाते थे इसलिए वो बाजार में मोची से अपने नाप के जूते बनवाकर पहनते थे | खली को देखकर कई लोग उन्हें चिढाते भी थे जिसे देखकर कभी कभी उनको खुद पर भी गुस्सा आता था लेकिन वो अपने शरीर को लेकर कुछ नही कर सकते थे |

खली को मजदूरी में जो पैसा मिलता था वो उनके परिवार के लिए पर्याप्त नही था क्योंकि उनकी कमाई का अधिकांश हिस्सा तो खुद उनके खाने में ही चला जाता था | कई बार उन्हें घर पर भेजने के लिए एक रुपया तक नही बच पाता था | ऐसा करते करते जब कई साल बीत गये और अब उनकी किस्मत बदलने वाली थी | एक दिन शिमला में पंजाब के एक पुलिस अफसर ने खली को देखा , जो उस समय शिमला में के जगह पर सिक्यूरिटी गार्ड था  , तो वो उसकी कद काठी को देखकर दंग रह गये |  उस पुलिस ऑफिसर ने खली को पंजाब आकर पुलिस में भर्ती होने का प्रस्ताव दिया

1993 में खली को पंजाब पुलिस में नौकरी मिल गयी |  उस समय खली अपने भाई के साथ पंजाब आकर बस गये थे | इसके बाद खली के भाई को भी पंजाब पुलिस में नौकरी लग गयी थी | अब जालन्धर में ही उनकी कद काठी को देखते हुए उन्हें स्थानीय जिम में wrestler बनने के लिए तैयार किया गया | उन दिनों wrestling अमेरिका में बहुत पोपुलर था लेकिन भारत का कोई भी wrestler वहा पर टिक नही पाया था इसलिए उनको प्रोफेशनल wrestler की ट्रेनिंग दी गयी थी |

अब wrestler की ट्रेनिंग मिलने के बाद दलीप सिंह राणा को सन 2000 में अमेरिका के All Pro Wrestling में भेजा गया |  तब उसने World Championship Wrestling के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइंड किया था | उसने 8 महीने वहा बिताये और उसके बाद उसे World Wrestling Federation द्वारा New Japan Pro Wrestling में भेजा गया जहा उनके साथ दुसरे भीमकाय पुरुष Giant Silva की टीम में रखा गया | उन दोनों ने मिलकर जापान के कई पहलवानों को धुल चटा दी थी | इसके बाद 2006 तक वो  All Japan Pro Wrestling में शामिल रहे जब तक कि उनको WWE से बुलावा नही आ गया |

2 जनवरी 2006 को दिलीप सिंह World Wrestling Entertainment में शामिल होने वाले भारत के पहले professional wrestler बने | दिलीप सिंह का पहला ही मुकाबला WWE में कई सालो से राज करने वाले Undertaker से हुआ था लेकिन इस मुकाबले में किसी की जीत नही हुयी थी | इसके बाद से उनको The Great Khali नाम दिया गया | रिंग में उन्होंने सबसे पहली मात Funaki. को दी थी | इसके बाद खली ने एक से बढकर एक WWE के पहलवानों को धुल चटाई जिसके कारण दुसरे पहलवानों में खली का खौफ छा गया था | खली ने 2007,08 में World Heavyweight Champion का ख़िताब भी अपने नाम कर लिया था |

अपनी Wrestling के दम पर उन्होंने कई मुकाबले जीते और कई पुरुस्कार अपने नाम किये | उनकी इस प्रसिधी की वजह से वो मालामाल हो गये और उन्होंने इनमे से अधिकतर पैसो से अपने गाँव का आर्थिक विकास किया था | अपनी लोकप्रियता के चलते उनको कई हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मो के ऑफ़र आये और उन्होंने कई फिल्मो में भी अभिनय किया लेकिन ज्यादा सफल नही रहे | फिल्मो में  नही चल पाने का सबसे बड़ा कारण उनकी आवाज थी क्योंकि एक तो वो हिंदी और अंग्रेजी सही तरीके से बोल नही पाते है और दूसरा उनकी आवाज बहुत भारी है जिसके कारण उनकी हर फिल्म में उनकी आवाज को डब करना पड़ा था | खली की पत्नी का नाम हरमिंदर कौर है और हाल ही उनके एक पुत्री का जन्म हुआ है |

The Great खली रोज शाम को 10 लीटर दूध , 20 उबले हुए अंडे , 5 ग्लास मिक्स जूस और 5 ग्लास अनार का जूस पीता था

Body Building North India Championship 1997-98 में खली ने मि .यूपी रहे अर्णव बेनर्जी और मो.सगीर को बाइसेप्स से लटकाकर व्यायाम करवाया था

एक बार खली किसी मेहमान के यहाँ रुका तो वो 10 मिनट के अंदर 40 रोटिया , 4 किलो सब्जी और 8 कटोरे दाल पी गया तो उन मेहमान की पत्नी ने उनके पति से कहा “इनको वापस लेकर कभी मत आना

रिंग में भी वो माँ काली बोलकर फाइट करता था इसलिए विदेशी रेसलर ने उनका नाम खली रख दिया | खली वैसे माँ काली का परमभक्त है

एक बार खली जब होटल में खाना खाकर वापस अपने कमरे में लौट रहा था तब उसका पैर 40 प्लेटो पर पड़ गया और वो सभी प्लेटे एक सेकंड में चकनाचूर हो गयी


Saturday, 1 June 2019

घरेलु तरीकों से जड़ से खत्म करें अनचाहे मस्से


शरीर और मस्से आपके लुक को ख़राब कर देते हैं. ये बचपन से ही होते हैं जो आसानी से जाते नहीं है. कुछ लोग इसके लिए  भी सर्जरी का इस्तेमाल करते हैं. मस्सों से निजात पाने के लिए आज युवा हर उपाय अपनाने को तैयार है. कभी कभी मस्से का वायरस एक आदमी से दूसरे आदमी की त्वचा पर आकर मस्सा बना देते हैं. इन्हें अगर जड़ से खत्म करना है तो कुछ घरेलु तरीके अपनाने होंगे जिनके बारे में हम बताने जा रहे हैं.

अगरबत्ती

मस्से को समाप्त करने के लिए एक अगरबत्ती जला लें और अगरबत्ती के जले हुए गुल को मस्से का स्पर्श कर तुरन्त हटा लें. ऐसा 8-10 बार करें, ऐसा करने से मस्सा सूखकर झड़ जाएगा.

गुलाब जल

गुलाब जल सुरज की धूप में कुछ देर रखे और हल्का गरम होने पर इसे रुई के फोहे से चेहरे पर लगाए. गुलाब जल के प्रयोग से त्वचा के रोमछिद्रों में जमा चिकनाई निकलती है जिससे स्किन सॉफ होती है. जिन्हें बार बार मस्से निकलते है उनके लिए ये उपाय काफी असरदार है.

शहद

शहद जिसमें कि एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं,का प्रयोग भी मस्से/मस्सा हटाने के लिए किया जा सकता है.रोज़ शहद की कुछ मात्रा अपने मस्सों पर लगाएं.

आलू

आलू का प्रयोग करने से भी मस्से कुछ दिनों में समाप्त हो जाते हैं. इसके लिए आलू को छीलकर उसकी फांक लें और उसे मस्सों पर रगडि़ए. फिर देखिए आपके मस्से कैसे गायब होते हैं.


भांग पीने के ये लाभ जानकर आप रह जाएंगे हैरान!


आज हम भांग को लेकर बात करे तो आपको ये बता दें कि होली के दिन लोग भांग को ठंडाई में मिलाकर सेवन करते है। दरअसल, भांग के सेवन से डोपामीन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है।
बता दें कि भांग का उपयोग दवा के रूप में भी होता है। इसमें अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं। विश्व में इसका उपयोग काफी तेजी संग बढ़ रहा है क्योंकि यह सस्ता मिल जाता है एवं अधिक नशीला होता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन बताता है कि भांग के ठीक उपयोग के कई लाभ हैं। भांग आपके सीखने एवं याद करने की क्षमता बढ़ाती है। भांग का उपयोग अनेक मानसिक बीमारियों में भी की जाती है।
जिन्हें एकाग्रता की कमी होती है, उन्हें चिकित्सक इसके सही मात्रा के उपयोग की सलाह देते हैं। जिन्हें बार-बार यूरिन का रोग होता है, उन्हें भांग के उपयोग की सलाह दी जाती है।
किन्तु आपकी जानकारी हेतु बता दें कि इसको बहुत अधिक मात्रा में लेने से आपको नुकसान भी भुगतना पड़ सकता है। यदि इसे काफी अधिक मात्रा में लिया जाता है तो दिमाग  ठीक से काम करना बंद कर सकता है। चिंता में वृद्धि हो जाती है।
हार्ट अटैक की संभावनाएं एवं ब्लडप्रेशर में वृद्धि हो जाती है, आंखें लाल होने लगती है। सांस लेने की दिक्कतें बढ़ सकती है। इसके संग ही औरतों को गर्भधारण करने में भी दिक्कत हो सकती है।


Wednesday, 29 May 2019

थक गए है मोटापे का इलाज कराके तो इस एक चीज सेवन देगा आपको तत्काल फायदा


आजकल मोटापा सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है मोटापा हर बीमारी की जड़ है।
ऐसे में लोग कई उपाय अपनाते है लेकिन मोटापा है की कम होने का नाम नहीं लेता और मोटापे की वजह से एनर्जी लेवल में भी कमी आ जाती है और महंगी दवाइयों का सेवन शरीर को नुकशान पहुंचाता है।
इसलिए अगर आप मोटापे और गिरते एनर्जी लेवल से परेशान है तो आप एक कप ग्रीन कॉफी का सेवन करे ये एक कप ग्रीन कॉफी आपके मोटापे को तत्काल खत्म करेगी।
क्योंकि इसमें मौजूद तत्व शरीर के मोटापे को घटाने में मदद करते है बल्कि सेहत को भी फायदा पहुंचाते है ग्रीन कॉफी मिनरल्स और विटामिन से भरपूर होती है ग्रीन कॉफी पीने से शरीर की चर्बी कम होती है जिससे आप अपने वजन को बढ़ने से रोक सकते है।
ग्रीन कॉफी में क्रोनॉलोजीकल एसिड काफी मात्रा में होता है, जिससे अगर आप रोजाना ग्रीन कॉफी पीते हैं तो शरीर में मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है, इसकी सही मात्रा होने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और थकावट का एहसास नहीं होता।


Tuesday, 28 May 2019

सुष्मिता ने जीता MISS TEEN WORLD 2019 का ख़िताब..


भारत की सुष्मिता सिंह ने अल सल्वाडोर में हुए मिस टीन वर्ल्ड (मुंडियाल) प्रतियोगिता का ताज जीत लिया. इस शो के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है और जीत के लिए और भी दुगनी मेहनत करनी होती है. ऐसे ही इस शो के इंटरनेशनल डायरेक्टर फ्रांसिस्को कोर्टेज की ओर से सुष्मिाता को विजेता घोषित किया गया, जबकि ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लेने वाली डोमेनिकन रिपब्लिक और पनामा की सुंदरियों को क्रमश: रनरअप के खिताब से सम्मानित किया गया.
बता दें, सुष्मिता सिंह को पिछले साल यह प्रतियोगिता जीतने वाली डोमेनिकन रिपब्लिक की मिस एंगिवेटे टोरिबियो ने यह ताज पहनाया. इस प्रतियोगिता में जजों ने प्रतियोगियों को उनके व्यवहार, बुद्धिमत्ता, बातचीत करने के तरीके, फैशन, फिटनेस और ग्लैमर की कसौटी पर आंका. यह पूरी प्रक्रिया 8 दिन की अवधि में की गई. जैसा कि आपको बता दें, यहां सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सुंदरियों ने कई गतिविधियों में भाग लिया, जिसमें फैशन परेड, मेयर के यहां विजिट, दर्शनीय स्थल देखने, फोटो सेशन, स्पॉन्सर गतिविधियां और चैरिटेबल इवेंट्स शामिल थे.
उनके बारे में बता दें, 18 वर्ष की मास मीडिया की छात्रा सुष्मिता एक चित्रकार, खिलाड़ी, वक्ता और 'परंपरागत सीमाओं को तोड़ने' वाली युवती हैं. उनसे जब यह सवाल पूछा गया कि अगर वह प्रतियोगिता जीतती हैं तो किस तरह विश्व की सेवा करनी चाहेंगी तो उनके उत्तर ने प्रतियोगिता में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया. उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया था कि मैं खूबसूरत नहीं हूं, पर मैंने कड़ी मेहनत की और आज मैं इस मुकाम पर हूं. मैं उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हूं, जो अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं."
उन्होंने कहा कि उन्होंने वह ताज पहना है, जो इंग्लैंड के किंग एनरीक फोर्थ के ताज से प्रेरणा लेकर निर्मित किया गया है और वह विश्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
वहीं सुष्मिता के माता-पिता सत्यभामा और नवीन सिंह ने कहा, "हम दोनों आज बहुत खुश हैं. हमारा हमेशा से अपने दिलों में यह विश्वास था कि हमारी बेटी ही विजेता बनेगी, मगर जब हम प्रतियोगिता में गए तो हमने वहां सभी लड़कियों को बेहद संगठित तरीके से और अनुशासन में रहकर कड़ी मेहनत करते देखा. अब पूरी दुनिया के लोगों से हमारी दोस्ती हो गई है. हमारा उद्देश्य सभी लड़कियों का प्रतिनिधित्व करना है क्योंकि सभी लड़कियां अपने-अपने क्षेत्र में विजेता हैं."


Friday, 24 May 2019

गर्मी में बालों को ख़राब कर देता है पसीना, ऐसे पाएं छुटकारा


गर्मियों के दिनों में जहाँ चिलचिलाती धूप चेहरे का निखार छीन लेती हैं वहीँ पसीने की वजह से बालों में खुजली की समस्या भी बड़ी परेशान करती हैं। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे उपाय लेकर आए है.

नींबू का रस

नींबू का रस पीएच स्तर को नियमित करता है. नींबू के एक टुकड़े से अपने स्कैल्प की सौम्यता से मालिश करें. इसे 5 से 7 मिनट तक बालों पर लगे रहने दें और फिर हमेशा की तरह बालों को शैम्पू व कंडिशनर करके बालों को धो लें.हफ्ते में दो बार ऐसा करने से आपके स्कैल्प पर डैंड्रफ़ संबंधी फ़ंगल इन्फ़ेक्शन पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगा.

ऐप्पल साइडर विनेगर

ऐप्पल साइडर विनेगर बालों को फंगस के इन्फेक्शन्स से बचाता है. यह आपको खुजली वाले स्कैल्प से राहत देगा. इसके लिए कॉटन बॉल को ऐप्पल साइडर विनेगर में भिगो कर पूरे स्कैल्प पर लगाएं या फिर स्प्रे बॉटल की में डाल लें. इसे अपने स्कैल्प पर स्प्रे करें. अब अपनी उंगलियों की सहायता से स्कैल्प पर दो-तीन मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें. अब इसे बालों पर 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें और फिर बालों को ठंडे पानी से धो लें. बेहतरीन नतीजे के लिए हफ्ते में दो बार लगाएं.

Sunday, 19 May 2019

शरीर को कई तरह से फायदे पहुंचाता है घी


शरीर में फैट बढ़ाने, दिल को सेहतमंद रखने, हड्डियों की मजबूती आदि कार्यों के लिए देशी घी का इस्तेमाल किया जाता है। सुबह खाली पेट घी खाने के भी कई सारे फायदे होते हैं। जोड़ों में दर्द से लेकर बालों और त्वचा तक कई समस्याओं से निजात दिलाने में सवेरे-सवेरे खाली पेट घी का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

 घी एक प्राकृतिक ल्यूब्रिकेंट होता है जो जोड़ों को नमी प्रदान करने का काम करता है। इससे जोड़ों के दर्द और ऐंठन से राहत मिलती है। खाली पेट घी के सेवन से आर्थराइटिस में आराम मिलता है।

घी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड ऑस्टियोपोराइसिस की समस्या से राहत दिलाने में मददगार होता है। सुबह खाली पेट घी का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है।

 प्रातः काल खाली पेट घी का सेवन करने से बालों को भी काफी फायदा पहुंचता है। घी हेयर फॉलिकल्स को पोषण प्रदान करता है। इससे बाल जड़ से मजबूत होते हैं और बालों को रूखेपन से निजात मिलती है।

मस्तिष्क की कोशिकाओं को सही तरह से काम करने के लिए फैट की आवश्यकता होती है। घी में पर्याप्त मात्रा में फैट होता है जो सेल्स को सही तरह से काम करने में मदद करता है।



Thursday, 2 May 2019

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा कर इन समस्या को एलोवेरा करें दूर



सेहत के लिए एलोवेरा बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसका इस्तेमाल कई औषधि मे किया जाता है। यह शरीर मे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने मे बहुत मददगार होता है। साथ ही यह चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने मे मददगार होता है। तो आज जानते है इसके फायदों के बारे मे


- एलोवेरा में एंटी बैक्टेरिया और एंटी फंगल गुण पाए जाते है। इसका इस्तेमाल चोट, जलने-कटने पर इस जेल को प्रभावित जगह पर लगाए। जिससे तुरन्त ठीक हो जाता है।

खून में शर्करा के स्तर को एलोवेरा बनाए रखता है। ऐसे मे बवासीर, डायबिटीज, पेट की खराबी, फटी एडियों के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है।

  एलोवेरा में एमीनो एसिड, विटामिन जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। एलोवेरा का इस्तेमाल त्वचा पर किया जाता है। जिससे खूबसूरती बढ़ती है।

  एलोवेरा की कांटेदार पत्तियों को छीलकर इसका रस निकाले और ३,4 चम्मच रस नियमित सुबह खाली पेट पिये जिससे दिन-भर चुस्ती-स्फूर्ति बनी रहती है।

 एलोवेरा खून की कमी को दूर करके शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने मे मददगार है। जो हमे अनेक बीमारियो से बचाता  है।


Thursday, 25 April 2019

पृथ्वी शॉ बायोग्राफी – Prithvi Shaw Biography


यूं तो कई लोग एक अच्छा क्रिकेटर बनने का सपना संजोते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही लोग अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर आगे बढ़ पाते हैं, उन्हीं में से एक है पृथ्वी शॉ – जिन्होनें महज 18 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए खेलते हुए अपने पहले टेस्ट मैच में शानदार शतक जड़कर न सिर्फ भारतीय टेस्ट किक्रेट टीम में अपनी जगह बना ली है, बल्कि क्रिकेट जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

वह डेब्यू टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए हैं। आपको बता दें कि सलामी बल्लेबाज शॉ ने पहले तो 99 गेंदों में पहला टेस्ट शतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने अपना नाम रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज करा लिया।

साथ ही वह सचिन तेंदुलकर के बाद टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए शतक बनाने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज भी हैं। लेकिन टीम इंडिया के नया स्टार माने जा रहे पृथ्वी ने एक मामले में सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया।

पृथ्वी शॉ भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान हैं, जाहिर है कि किसी भी टीम की नेतृत्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है, लेकिन पृथ्वी ने अपनी कुशल प्रतिभा के साथ अपनी इस जिम्मेदारी को निभाया और घरेलू स्तर पर भी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे यही नहीं साल 2018 की शुरुआत में ही न्यूजीलैंड में आयोजित अंडर-19 विश्वकप में बेहतरीन कप्तानी को लेकर वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में सुर्खियों में रहे।

हाल ही में जनवरी 2018 में हुई आईपीएल की नीलामी में उन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स ने 1.2 करोड़ रुपये में खरीदकर अपने साथ जोड़ा है।

फिलहाल पृथ्वी शॉ का यहां तक का सफर इतना आसान नहीं था। पृथ्वी शॉ ने संघर्षों की पथरीली डगर पर पग भरते हुए सफलता का सफर तय किया है। आइए जानते हैं पृथ्वी शॉ के निजी जीवन से लेकर उनके करियर के यहां तक का सफर।

पृथ्वी शॉ का जीवन परिचय

वास्तविक नाम – पृथ्वी पंकज शॉ

व्यवसाय – क्रिकेटर (बल्लेबाज)

जन्मतिथि – 9 नवंबर 1999

जन्मस्थान – ठाणे, महाराष्ट्र, भारत

गृहनगर – विरार, महाराष्ट्र, भारत

पिता – पंकज शॉ

माता– नाम ज्ञात नहीं (मृत्यु)

स्कूल/विद्यालय – A.V.S. विद्यामंदिर, विरार, मुंबई,

रिज़वी स्प्रिंगफील्ड हाई स्कूल, मुंबई,

महाविद्यालय/विश्वविद्यालय  रिज़वी महाविद्यालय कला, विज्ञान और वाणिज्यिक, मुंबई,

शैक्षिक योग्यता – स्नातक

धर्म – हिंदू

जाति – वैश्य (मधेशी)

राष्ट्रीयता – भारतीय

कोच– राहुल द्रविड़

रिकॉर्ड – कैरियर टर्निंग प्वाइंट जब उन्होंने हैरिस शिल्ड क्रिकेट टूर्नामेंट में 546 रन बनाए।

साल 2013 में, सभी भारतीय विद्यालयों में हैरिस शिल्ड क्रिकेट टूर्नामेंट में सर्वाधिक 546 रन बनाए।

वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में शतक मारा।

क्रिकेट की दुनिया में उभरते इस युवा किक्रेटर का जन्म 9 नवंबर 1999 को हुआ था। उनके पिता पंकज शॉ एक कपड़े के व्यापारी थे, पृथ्वी के पिता हमेशा से ही अपने बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। या इस तरह कहें कि पृथ्वी अपनी पिता के बदौलत ही आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

पृथ्वी के परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था कि  पृथ्वी जब 4 साल के थे तो उनकी मां की मौत हो गई, जिससे पृथ्वी के परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा वहीं बचपन में ही मां का साया सिर से उठ जाने से पृथ्वी को गहरा सदमा पहुंचा था, लेकिन पृथ्वी के पिता पंकज शॉ ने इस घटना के बाद हिम्मत नहीं हारी और वे पृथ्वी की मां-पिता दोनों के रूप में अपने बेटे पृथ्वी की परवरिश में लग गए।

इसके साथ ही बेटे को क्रिक्रेट बनने का सपना पूरा करने के लिए पृथ्वी के लिए बचपन से ही किक्रेट कोचिंग का इंतजाम करते रहे  उन्होनें महज 3 साल की उम्र में ही पृथ्वी का विराट की क्रिकेट एकेडमी में दाखिला करा दिया।

पृथ्वी आज किक्रेट के सबसे युवा सितारे बनकर उभरे हैं तो  इसके पीछे सबसे बड़ा रोल उनके पिता का ही है। पिता पंकज शॉ ने ही पृथ्वी को उनके सपनों को देखना और जीना सिखाया है।

पृथ्वी के करियर के लिए पंकज शॉ ने काफी त्याग और बलिदान किया है, यहां तक कि उन्होनें पृथ्वी के लिए अपने बढ़ते परिधान कारोबार को बंद कर दिया, जहां वह थोक विक्रेताओं से परिधान खरीदते थे और सूरत और बड़ौदा में बेचते थे और वे अपना व्याापर छोड़कर मुंबई भी चले गए।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ का परिवार असल में बिहार के गया का रहने वाला है, लेकिन अब वे लोग मुंबई में रहने लगे हैं।

पिता का बिजनेस बंद होने के बाद घर में आर्थिक तंगी रहने लगी क्योंकि बचत के पैसे से भला कितने दिन घर चलेगा। लेकिन जब पृथ्वी को छात्रवृत्ति मिलनी शुरू हुई, तो उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। जिसके चलते शिवसेना के विधायक संजय पोटनीस ने उन्हें वोकला में एक घर दिया, जो बांद्रा में उनके ट्रेनिंग ग्राउंड के पास था।

वहीं उनके पिता, पृथ्वी के लिए कलिना में एयर इंडिया के मैदान पर गेंदबाजी करते थे और पृथ्वी को क्रिकेट प्रक्टिस कराते थे।

महज 3 साल की उम्र में ही पृथ्वी ने क्रिक्रेट खेलना शुरु कर दिया था, शुरु से ही उनका मकसद क्रिकेटर बनने का था लेकिन फिर भी जमाने के साथ चलने के लिए उन्होनें अपनी पढ़ाई से कोई समझौता नहीं किया।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ ने मुंबई के ए.वी.एस विद्यामंदिर और रिजवी स्प्रिंगफील्ड हाईस्कूल से अपने शुरुआती शिक्षा हासिल की है।

सबसे कम उम्र के किक्रेट स्टार पृथ्वी शॉ का क्रिक्रेट खेलने की शैली भी कुछ खास है, उनकी अपनी प्रखर शैली के चलते ही वे आज भारतीय क्रिक्रेट टीम के उभरते हुए सितारा हैं और अपनी बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया है।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ अपनी दाएं हाथ से ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करते हैं और दाएं हाथ से ही कामचलाऊ ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते हैं फिलहाल पृथ्वी एक ऑलराउंडर हैं।

यही नहीं इस युवा क्रिकेटर में सचिन तेंदुलकर की खैल शैली की झलक मिलती है यही वजह है कि उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी शैली की तुलना भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के साथ की जाती है।

वहीं पृथ्वी सिंह, सचिन तेंदुलकर को अपना आइडल भी मानते हैं। आपको बता दें कि सचिन तेंदलुकर भी दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे और दाएं हाथ से ही ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते रहे हैं। पृथ्वी  अपने आदर्श सचिन की तरह ही  गेंदबाजों पर हावी होकर खेलना पसंद करते हैं। पृथ्वी शॉ को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लिए भी दर्जा दिया गया है।

बेहतरीन प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले सबसे कम उम्र के राइजिंग स्टार पृथ्वी शॉ ने अपने किक्रेट करियर की शुरुआत मुंबई के सहारा परिसर बीरां से की थी। मुंबई की टीम से खेलते हुए उन्होनें अपने शानदार प्रदर्शन से बीरां टूर्नामेंट में जीत दिलवाई थी।

भारतीय किक्रेट टीम के पृथ्वी शॉ एक सलामी बल्लेबाज है, वे हमेशा से ही शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। इन्होनें दिलीप ट्रॉफी में अपना दमदार प्रदर्शन कर सबसे कम उम्र में शतक जड़कर एक और रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया।

आपको बता दें कि साल 2017 में दिलीप द्रॉफी के लिए, इंडिया रेड टीम की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए शॉ ने शानदार शुरूआत की, और उन्होंने 249 गेंद का सामना करते हुए 18 चौके और एक छक्के से 154 रन की शतकीय पारी खेली।

उस वक्त पृथ्वी शॉ महज 17 साल के थे और  खास बात ये थी कि ये पृथ्वी का डेब्यू मैच था। आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ से पहले यह रिकॉर्ड महान किक्रेटर सचिन तेंदुलकर के नाम था।

साल 2013 का वह दौर था जब मास्टर ब्लास्टर ने किक्रेट से संन्यास लिया था और पूरा मुल्क अगले सचिन तेंदुलकर के इंतजार की शुरुआत कर रहा था तभी मुंबई के 14 साल के बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने स्कूली क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाकर नया रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

पृथ्वी शॉ तब हैरिस शिल्ड मैच में रिजवी स्प्रिंगफील्ड की तरफ से खेल रहे थे, तभी उन्होनें 330 गेंदो पर 546 रनों का बड़ा स्कोर बनाकर सबको चौंका दिया था।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ ने इस पारी में 6 घंटे,7 मिनट तक बल्लेबाजी की और 85 चौके और 5 छक्के लगाए थे। वहीं उनकी इस शानदार पारी की मदद से रिजवी स्प्रिंगफील्ड स्कूल की टीम ने 991 रन का  बड़ा स्कोर खड़ा किया था, जबकि इसके खिाफ खेल रही सेंट् फ्रांसिस की टीम महज 93 रनों पर ही ऑलआउट हो गई थी। इस तरह रिजवी स्कूल की टीम ने शॉ की शानदार पारी के साथ 898 रन से इस मैच में जीत दर्ज की थी।

शॉ ने अपनी इस शानदार पारी के साथ मुंबई के स्कूल क्रिकेट के लिए अरमान जफर का बनाया पिछला रेकॉर्ड तोड़ दिया है। जफर ने साल 2010-11 में गील्स शील्ड ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 498 रन बनाए थे। वहीं इस मैच के बाद से ही शॉ ने काफी सुर्खियां बटोरी थ। इसके लिए कई महान क्रिकेटर ने भी पृथ्वी शॉ की तारीफ की थी।

पृथ्वी शॉ के कोच राहुल द्रवि़ड़ हैं। राहुल द्रविण ने शॉ को शानदार खिलाड़ी बनाने के लिए काफी टिप्स दिए और शॉ के लिए काफी मेहनत भी की है। वहीं पृथ्वी भी अपनी सफलता का श्रेय राहुल द्रविण को देते है।

फरवरी, साल 2017 सबसे कम उम्र के शानदार किक्रेटर शॉ ने इंडिया अंडर-19 की तरफ से अपना मैच खेला। इस दौरान उन्होनें अपनी शतकीय पारी से सबको चौंका दिया।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ अपनी ने नवंबर 2017-18 के रणजी ट्राफी टूर्नामेंट में मुंबई की टीम की तरफ से शानदार पारी खेली और इस पारी में शॉ ने लगातार दो शतक ठोंके।

पृथ्वी शॉ की प्रतिभा को देखते हुए 3 दिसंबर 2017 को भारतीय क्रिकेट प्रबंधन ने अंडर-19 टीम के कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी। आपको बता दें कि करिश्माई क्रिकेटर भारत की अंडर-19 टीम की भी अगुवाई कर रहे हैं। इन्होनें अपनी कप्तानी की जिम्मेदारी भी कमाल से निभाई । पृथ्वी शॉ ने अंडर-19 किक्रेट में अपनी कप्तानी के दौरान तीन मैचों में जीत दर्ज करवाई।

शॉ की अंडर-19 की कप्तानी के दौरान, भारत का पहला ग्रुप मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ, जिसमें पृथ्वी शॉ ने 94 रन की शानदार पारी खेली। इस मैच में टीम इंडिया 7 विकेट खोकर 328 रन बनाने में कामयाब रही। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की टीम महज 228 रन बनाकर आउट हो गई। इस तरह टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 100 रनों से जीत हासिल की।

भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से पापुआ न्यूगिनी के खिलाफ खेले गए मैच में पृथ्वी शॉ के 36 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाए जिसकी बदौलत एकतरफा अंदाज में 10 विकेट से मैच अपने नाम कर लिया।

पृथ्वी शॉ की कप्तानी के दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार प्रदर्शन किया और स्पिनर अनुकूल रॉय के 20 गेंदों पर 4 विकेट की बदौलत जिंम्बाम्बे की टीम महज 154 रन बना सकी। वहीं टीम इंडिया ने नई ओपनिंग जोड़ी शुभमन गिल के 59 गेंदों पर 90 रन और हार्विक देसाई के 73 गेंदों पर 56 रनों की बदौलत बिना कोई विकेट खोए यह मैच जीत लिया।

इसी के साथ पृथ्वी की कमाल की कप्तानी के दौरान टीम इंडिया ने अपने तीनों ग्रुप मैच में जीत हासिल की। इसी के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के अगले दौर क्वार्टरफाइनल में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया।

क्वार्टर फाइनल में भारत का मुकाबला बांग्लादेश से हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने  265 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जबकि इसके खिलाफ बांग्लादेश की टीम महज 134 रन बनाकर ही आउट हो गई। इसी के साथ टीम इंडिया 131 रन की प्रभावशाली जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही।

पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने शुभमन गिल के नाबाद 102 रन की बदौलत 9 विकेट खोकर 272 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया वहीं इसके खिलाफ मैच खेल रही पाकिस्तान की टीम महज 69 रन ही बना पाई इसी के साथ 203 रनों के भारी अंतर से जीतकर टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के फाइनल में मैच खेला।

आपको बता दें कि  इस टूर्नामेंट में भारतीय क्रिकेट टीम के राइजिंग स्टार पृथ्वी शॉ ने कप्तान के अलावा एक कुशल बल्लेबाज के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। टूर्नामेंट की चार पारियों में 98.72 की स्ट्राइक रेट से 232 रन बनाए।

3 फरवरी 2018 को हुए फाइनल मैच में आस्ट्रेलियाई टीम महज 216 रन ही बना सकी। जबकि इसके खिलाफ मैच रही भारतीय टीम के मनजोत कालरा ने अपनी शतकीय पारी के साथ 101 रन बनाए वहीं हार्विक देसाई के 47 रनों की बदौलत टीम इंडिया ने 38.5 ओवरों में सिर्फ 2 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।

हालांकि इस मैच में पृथ्वी शॉ ने 41 गेंदों पर सिर्फ 29 रन ही बनाए थे। वहीं इस मैच में शॉ की सूझबूझ भरी कप्तानी को जमकर सराहा गया और ये मैच भारतीय क्रिक्रेट टीम के शानदार  प्रदर्शन और पृथ्वी की कप्तानी के लिए यादगार रहा। इसके साथ ही टीम इंडिय चौथी बार अंडर 19 क्रिकेट वर्ल्ड कप अपने नाम करने में कामयाब हुई।

अंडर 19 विश्व कप में में पृथ्वी शॉ के शानदार प्रदर्शन से  मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन काफी प्रभावित हुआ। इसी के चलते मुंबई क्रिक्रेट एसोसिएशन ने 5 फरवरी 2018 से शुरू होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी के लिए शॉ के नाम को भी शामिल किया आपको बता दें कि इस ट्रॉफी के कुल 16 सदस्य चुने गए थे जिनमें से पृथ्वी शॉ एक थे।

अपनी आक्रामक शैली के कारण अंडर-19 वर्ल्डकप की कमान संभालने वाले पृथ्वी शॉ  को 2018 में इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम ने 1.2 करोड़ रुपए में खरीदा।

पृथ्वी शॉ  ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में शानदार शतक लगाकर जमकर सुर्खियां बटोरी। वहीं इनका ऐसा कारनामा देख कर क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने भी भी पृथ्वी की प्रतिभा की जमकर तारीफ की है।

पृथ्वी शॉ 5वें ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने सबसे कम उम्र में ओपनिंग करते हुए अर्धशतक जड़ा है. 18 साल 329 दिन के पृथ्वीने राजकोट में शानदार अर्धशतक जड़ा।

सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो पृथ्वी शॉ यहां भी तीसरे नंबर पर खड़े हैं। पृथ्वी पहला अर्धशतक जड़ने वाले तीसरे सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं। सचिन तेंदुलकर नंबर वन पर हैं।

पृथ्वी शॉ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 56 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा. ऐसा करने वाले वो चौथे भारतीय खिलाड़ी हैं.

शॉ जितने आक्रामक हैं उतनी ही तकनीकी रूप से सक्षम और धैर्य के साथ खेलने वाले भी क्रिकेटर भी हैं, उन्होनें अपनी बल्लेबाजी से सबसे दिलों में अपने लिए जगह बना ली है। पृथ्वी शॉ ने लगातार संघर्ष करते हुए डेब्यू टेस्ट तक का सफर तय किया है। हमें उम्मीद है कि ये युवा खिलाड़ी आने वाले समय में आसमान की ऊंचाइयों को छूएगा उनके बेहतर भविष्य के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं।




लिप्स को पिंक बनाने के लिए आपको अपनाने होंगे ये टिप्स


यदि आपके होंठ काले हैं तो यह आपके आकर्षण को खराब बना देता है. होंठ काले होने के पीछे कई कारण होते हैं जैसे- अधिक धूम्रपान या फिर अस्वस्थ खान. इसके लिए हम आपको बताने जारहे हैं कुछ खास टिप्स.

1.हाईड्रेटेड रहें।

शरीर हाईड्रेटेड रहता है तो होंठ गुलाबी रहते हैं और यदि होंठ रूखे हो जाते हैं तो बिल्कुल इसका उल्टा होता है. कोशिश करें कि रोजाना कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पिएं.

2.लिपस्टिक लगाने से पहले लिप बाम लगाएं।

लिपस्टिक लगाने से पहले लिप बाम लगाने से होंठ सुरक्षित रहते हैं और लिपस्टिक में मौजूद केमिकल होंठ की त्वचा को प्रभावित नहीं कर पाते हैं. लिप बाम होंठ को मुलायम रखते हैं और नमी भी प्रदान करते हैं.

3.खान-पान रखें।

स्वस्थ और पौष्टिक खाद्य पदार्थो का सेवन आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ होंठ को भी स्वस्थ रखता है. विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ होंठ को मॉइश्चराइज करते हैं और पिगमेंटेशन को कम करते हैं. इसके अलावा फाइबर भी गुलाबी होंठ के लिए लाभकारी होते हैं.

4.अच्छे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।

अच्छे कंपनी के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इनमें हार्श केमिकल नहीं होते हैं जो आपकी होंठ की त्वचा को नुकसान पहुंचाएं. ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें जिनमें जोजोबा ऑयल, शी-बटर या अनार के बीज के तेल मौजूद हों.

Tuesday, 23 April 2019

यदि आपको भी आती है ऑफिस में नींद, तो करें ये काम...


 आज हम नींद को लेकर बात करे तो आपको ये बता दें कि अनेक लोग पूरे दिन कार्यालय में लगातार काम करते रहते हैं, किन्तु फिर भी उन्हें नींद आती रहती है या फिर शरीर में सुस्ती छाई हुई रहती है। यदि आपके संग ही ऐसा होता है तो आपको अपनी दिनचर्या के साथ-साथ अपने खाने-पीने में भी कुछ परिवर्तन करना होगा।


जानकारी के मुताबिक, कार्यालय में लगातार काम करने से भी शरीर शीघ्र थक जाता है, इसलिए एक-दो घंटे के पश्चात हल्का सा ब्रैक लेवे।
इसके संग ही पूरे दिन हल्का-हल्का खाते रहिए। यदि रात को नींद पूरी ना होना भी सारेदिन सुस्ती रहने की सबसे बड़ी वजह है। इसलिए शीघ्र नींद लेने का प्रयास कीजिए और सुबह जल्दी उठिए।


ऐसे होगी दूर इसी संग मुलेठी गले के साथ साथ आपके शरीर हेतु भीकाफी लाभदायक होती है एवं ये शरीर में रहने वाली थकान को दूर भगा सकती है।

इसमें उपस्थित तत्व थकान दूर करते हैं तथा ये गिनसेंग की तरह कोर्टिसोल लेवल को नियंत्रित करती है, जिससे आपके शरीर में फुर्ती बनी रहती है। साथ ही सवेरे उठने के पश्चात कुछ देर व्यायाम करने की आदत डालिए।

बैंगन है आपके स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी


बैंगन एक ऐसी सब्जी है जिससे बहुत कम लोग खाना पसंद करते है| अगर आप भी बैंगन की सब्जी नहीं खाते हैं तो हम आपको बता दें पौष्टिक सब्जी होती है| आइए हम आपको बताते है इसके पौष्टिक गुणों के बारे में जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है|

1 कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करे - बैंगन खाने से रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है| बैंगन में पोटाशियम व मैग्नेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है| इसकी पत्तियों के रस के इस्तेमाल से भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम किया जा सकता है|

2 संक्रमण से रखें मुक्त - बैंगन हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है| यह हमें संक्रमण मुक्त रखता है|

3 दांत के दर्द से दिलाए राहत - बैंगन के रस के सेवन से दांत के दर्द में आराम मिलता है| यह दांत के दर्द को दूर करने के लिए लाभदायक है| अस्थमा के इलाज के लिए भी बैंगन की जड़ो को प्रयोग में लाया जाता है|

4 पेट की समस्या में लाभदायक - बैंगन के सूप में यदि लहसुन व हींग मिलाकर इसका सेवन किया जाए तो यह पेट की समस्या जैसे गैस, बदहजमी और अपच आदि समस्याओं में काफी फायदेमंद रहता है|

5 त्वचा को हाइड्रेट करे - बैंगन में त्वचा को हाइड्रेट करने के गुण पाए जाते है| यह त्वचा को अंदरूनी नमी प्रदान करता है| यदि आप रूखी त्वचा व बालों की समस्या से परेशान है तो बैंगन का सेवन शुरू कर दें|

6 वजन कम करे - बैंगन शरीर की चर्बी को कम करता है| इसमें कम कैलोरीज होती है| बैंगन फाइबर से भरपूर होता है इसके खाने से जल्दी पेट भर जाता है और भूख भी कम लगती है जिससे वजन नहीं बढ़ता|

Tuesday, 9 April 2019

स्वास्थ्य को इस तरह फायदा पहुंचाएगा संतरे का छिलका



संतरे के छिलके में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट त्वचा और बालों में निखार लाने में काफी फायदेमंद है। ग्लोइंग और बेदाग त्वचा के लिए यह एक कारगर तरीका है। अगर ये तथ्य जानें बिना आप अब तक संतरे के छिलकों को कूड़ेदानों के हवाले कर देते थे तो कोई बात नहीं। अब संभल जाइए, और इसे फेंकने की बजाय इसका इस्तेमाल अपनी खूबसूरती में इजाफा करने के लिए करना शुरू कर दीजिए। संतरे के छिलके का प्रयोग करना बहुत कठिन भी नहीं है.


जानकारी के मुताबिक चेहरे की रंगत साफ करने के लिए संतरे का छिलका एक बेहतरीन विकल्प है। चेहरे पर किसी भी प्रकार के दाग-धब्बे को दूर करने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। संतरे के छिलके में क्लीजिंग, एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह पिंपल और एक्ने से लडऩे में सहायक होते हैं। संतरे के छिलकों के पाउडर को बेसन में मिलाकर लगाना ऑइली स्किन वालों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है और पिंपल्स को खत्म कर देता है।


इसी के साथ संतरे के छिलके का पाउडर त्वचा की गंदगी को पूरी तरह से साफ करने में इस्तेमाल किया जाता है। इस पाउडर में थोड़ा सा गुलाबजल मिलाकर लगाने से कील-मुहांसों की समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा इस पाउडर में थोड़ा शहद मिलाकर चेहरे पर लगाने से टैनिंग दूर हो जाती है और चेहरा निखर जाता है।