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Tuesday, 28 May 2019

सुष्मिता ने जीता MISS TEEN WORLD 2019 का ख़िताब..


भारत की सुष्मिता सिंह ने अल सल्वाडोर में हुए मिस टीन वर्ल्ड (मुंडियाल) प्रतियोगिता का ताज जीत लिया. इस शो के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है और जीत के लिए और भी दुगनी मेहनत करनी होती है. ऐसे ही इस शो के इंटरनेशनल डायरेक्टर फ्रांसिस्को कोर्टेज की ओर से सुष्मिाता को विजेता घोषित किया गया, जबकि ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लेने वाली डोमेनिकन रिपब्लिक और पनामा की सुंदरियों को क्रमश: रनरअप के खिताब से सम्मानित किया गया.
बता दें, सुष्मिता सिंह को पिछले साल यह प्रतियोगिता जीतने वाली डोमेनिकन रिपब्लिक की मिस एंगिवेटे टोरिबियो ने यह ताज पहनाया. इस प्रतियोगिता में जजों ने प्रतियोगियों को उनके व्यवहार, बुद्धिमत्ता, बातचीत करने के तरीके, फैशन, फिटनेस और ग्लैमर की कसौटी पर आंका. यह पूरी प्रक्रिया 8 दिन की अवधि में की गई. जैसा कि आपको बता दें, यहां सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सुंदरियों ने कई गतिविधियों में भाग लिया, जिसमें फैशन परेड, मेयर के यहां विजिट, दर्शनीय स्थल देखने, फोटो सेशन, स्पॉन्सर गतिविधियां और चैरिटेबल इवेंट्स शामिल थे.
उनके बारे में बता दें, 18 वर्ष की मास मीडिया की छात्रा सुष्मिता एक चित्रकार, खिलाड़ी, वक्ता और 'परंपरागत सीमाओं को तोड़ने' वाली युवती हैं. उनसे जब यह सवाल पूछा गया कि अगर वह प्रतियोगिता जीतती हैं तो किस तरह विश्व की सेवा करनी चाहेंगी तो उनके उत्तर ने प्रतियोगिता में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया. उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया था कि मैं खूबसूरत नहीं हूं, पर मैंने कड़ी मेहनत की और आज मैं इस मुकाम पर हूं. मैं उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हूं, जो अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं."
उन्होंने कहा कि उन्होंने वह ताज पहना है, जो इंग्लैंड के किंग एनरीक फोर्थ के ताज से प्रेरणा लेकर निर्मित किया गया है और वह विश्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
वहीं सुष्मिता के माता-पिता सत्यभामा और नवीन सिंह ने कहा, "हम दोनों आज बहुत खुश हैं. हमारा हमेशा से अपने दिलों में यह विश्वास था कि हमारी बेटी ही विजेता बनेगी, मगर जब हम प्रतियोगिता में गए तो हमने वहां सभी लड़कियों को बेहद संगठित तरीके से और अनुशासन में रहकर कड़ी मेहनत करते देखा. अब पूरी दुनिया के लोगों से हमारी दोस्ती हो गई है. हमारा उद्देश्य सभी लड़कियों का प्रतिनिधित्व करना है क्योंकि सभी लड़कियां अपने-अपने क्षेत्र में विजेता हैं."


Friday, 24 May 2019

गर्मी में बालों को ख़राब कर देता है पसीना, ऐसे पाएं छुटकारा


गर्मियों के दिनों में जहाँ चिलचिलाती धूप चेहरे का निखार छीन लेती हैं वहीँ पसीने की वजह से बालों में खुजली की समस्या भी बड़ी परेशान करती हैं। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे उपाय लेकर आए है.

नींबू का रस

नींबू का रस पीएच स्तर को नियमित करता है. नींबू के एक टुकड़े से अपने स्कैल्प की सौम्यता से मालिश करें. इसे 5 से 7 मिनट तक बालों पर लगे रहने दें और फिर हमेशा की तरह बालों को शैम्पू व कंडिशनर करके बालों को धो लें.हफ्ते में दो बार ऐसा करने से आपके स्कैल्प पर डैंड्रफ़ संबंधी फ़ंगल इन्फ़ेक्शन पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगा.

ऐप्पल साइडर विनेगर

ऐप्पल साइडर विनेगर बालों को फंगस के इन्फेक्शन्स से बचाता है. यह आपको खुजली वाले स्कैल्प से राहत देगा. इसके लिए कॉटन बॉल को ऐप्पल साइडर विनेगर में भिगो कर पूरे स्कैल्प पर लगाएं या फिर स्प्रे बॉटल की में डाल लें. इसे अपने स्कैल्प पर स्प्रे करें. अब अपनी उंगलियों की सहायता से स्कैल्प पर दो-तीन मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें. अब इसे बालों पर 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें और फिर बालों को ठंडे पानी से धो लें. बेहतरीन नतीजे के लिए हफ्ते में दो बार लगाएं.

Sunday, 19 May 2019

शरीर को कई तरह से फायदे पहुंचाता है घी


शरीर में फैट बढ़ाने, दिल को सेहतमंद रखने, हड्डियों की मजबूती आदि कार्यों के लिए देशी घी का इस्तेमाल किया जाता है। सुबह खाली पेट घी खाने के भी कई सारे फायदे होते हैं। जोड़ों में दर्द से लेकर बालों और त्वचा तक कई समस्याओं से निजात दिलाने में सवेरे-सवेरे खाली पेट घी का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

 घी एक प्राकृतिक ल्यूब्रिकेंट होता है जो जोड़ों को नमी प्रदान करने का काम करता है। इससे जोड़ों के दर्द और ऐंठन से राहत मिलती है। खाली पेट घी के सेवन से आर्थराइटिस में आराम मिलता है।

घी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड ऑस्टियोपोराइसिस की समस्या से राहत दिलाने में मददगार होता है। सुबह खाली पेट घी का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है।

 प्रातः काल खाली पेट घी का सेवन करने से बालों को भी काफी फायदा पहुंचता है। घी हेयर फॉलिकल्स को पोषण प्रदान करता है। इससे बाल जड़ से मजबूत होते हैं और बालों को रूखेपन से निजात मिलती है।

मस्तिष्क की कोशिकाओं को सही तरह से काम करने के लिए फैट की आवश्यकता होती है। घी में पर्याप्त मात्रा में फैट होता है जो सेल्स को सही तरह से काम करने में मदद करता है।



Thursday, 2 May 2019

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा कर इन समस्या को एलोवेरा करें दूर



सेहत के लिए एलोवेरा बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसका इस्तेमाल कई औषधि मे किया जाता है। यह शरीर मे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने मे बहुत मददगार होता है। साथ ही यह चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने मे मददगार होता है। तो आज जानते है इसके फायदों के बारे मे


- एलोवेरा में एंटी बैक्टेरिया और एंटी फंगल गुण पाए जाते है। इसका इस्तेमाल चोट, जलने-कटने पर इस जेल को प्रभावित जगह पर लगाए। जिससे तुरन्त ठीक हो जाता है।

खून में शर्करा के स्तर को एलोवेरा बनाए रखता है। ऐसे मे बवासीर, डायबिटीज, पेट की खराबी, फटी एडियों के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है।

  एलोवेरा में एमीनो एसिड, विटामिन जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। एलोवेरा का इस्तेमाल त्वचा पर किया जाता है। जिससे खूबसूरती बढ़ती है।

  एलोवेरा की कांटेदार पत्तियों को छीलकर इसका रस निकाले और ३,4 चम्मच रस नियमित सुबह खाली पेट पिये जिससे दिन-भर चुस्ती-स्फूर्ति बनी रहती है।

 एलोवेरा खून की कमी को दूर करके शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने मे मददगार है। जो हमे अनेक बीमारियो से बचाता  है।


Thursday, 25 April 2019

पृथ्वी शॉ बायोग्राफी – Prithvi Shaw Biography


यूं तो कई लोग एक अच्छा क्रिकेटर बनने का सपना संजोते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही लोग अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर आगे बढ़ पाते हैं, उन्हीं में से एक है पृथ्वी शॉ – जिन्होनें महज 18 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए खेलते हुए अपने पहले टेस्ट मैच में शानदार शतक जड़कर न सिर्फ भारतीय टेस्ट किक्रेट टीम में अपनी जगह बना ली है, बल्कि क्रिकेट जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

वह डेब्यू टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए हैं। आपको बता दें कि सलामी बल्लेबाज शॉ ने पहले तो 99 गेंदों में पहला टेस्ट शतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने अपना नाम रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज करा लिया।

साथ ही वह सचिन तेंदुलकर के बाद टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए शतक बनाने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज भी हैं। लेकिन टीम इंडिया के नया स्टार माने जा रहे पृथ्वी ने एक मामले में सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया।

पृथ्वी शॉ भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान हैं, जाहिर है कि किसी भी टीम की नेतृत्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है, लेकिन पृथ्वी ने अपनी कुशल प्रतिभा के साथ अपनी इस जिम्मेदारी को निभाया और घरेलू स्तर पर भी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे यही नहीं साल 2018 की शुरुआत में ही न्यूजीलैंड में आयोजित अंडर-19 विश्वकप में बेहतरीन कप्तानी को लेकर वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में सुर्खियों में रहे।

हाल ही में जनवरी 2018 में हुई आईपीएल की नीलामी में उन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स ने 1.2 करोड़ रुपये में खरीदकर अपने साथ जोड़ा है।

फिलहाल पृथ्वी शॉ का यहां तक का सफर इतना आसान नहीं था। पृथ्वी शॉ ने संघर्षों की पथरीली डगर पर पग भरते हुए सफलता का सफर तय किया है। आइए जानते हैं पृथ्वी शॉ के निजी जीवन से लेकर उनके करियर के यहां तक का सफर।

पृथ्वी शॉ का जीवन परिचय

वास्तविक नाम – पृथ्वी पंकज शॉ

व्यवसाय – क्रिकेटर (बल्लेबाज)

जन्मतिथि – 9 नवंबर 1999

जन्मस्थान – ठाणे, महाराष्ट्र, भारत

गृहनगर – विरार, महाराष्ट्र, भारत

पिता – पंकज शॉ

माता– नाम ज्ञात नहीं (मृत्यु)

स्कूल/विद्यालय – A.V.S. विद्यामंदिर, विरार, मुंबई,

रिज़वी स्प्रिंगफील्ड हाई स्कूल, मुंबई,

महाविद्यालय/विश्वविद्यालय  रिज़वी महाविद्यालय कला, विज्ञान और वाणिज्यिक, मुंबई,

शैक्षिक योग्यता – स्नातक

धर्म – हिंदू

जाति – वैश्य (मधेशी)

राष्ट्रीयता – भारतीय

कोच– राहुल द्रविड़

रिकॉर्ड – कैरियर टर्निंग प्वाइंट जब उन्होंने हैरिस शिल्ड क्रिकेट टूर्नामेंट में 546 रन बनाए।

साल 2013 में, सभी भारतीय विद्यालयों में हैरिस शिल्ड क्रिकेट टूर्नामेंट में सर्वाधिक 546 रन बनाए।

वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में शतक मारा।

क्रिकेट की दुनिया में उभरते इस युवा किक्रेटर का जन्म 9 नवंबर 1999 को हुआ था। उनके पिता पंकज शॉ एक कपड़े के व्यापारी थे, पृथ्वी के पिता हमेशा से ही अपने बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। या इस तरह कहें कि पृथ्वी अपनी पिता के बदौलत ही आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

पृथ्वी के परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था कि  पृथ्वी जब 4 साल के थे तो उनकी मां की मौत हो गई, जिससे पृथ्वी के परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा वहीं बचपन में ही मां का साया सिर से उठ जाने से पृथ्वी को गहरा सदमा पहुंचा था, लेकिन पृथ्वी के पिता पंकज शॉ ने इस घटना के बाद हिम्मत नहीं हारी और वे पृथ्वी की मां-पिता दोनों के रूप में अपने बेटे पृथ्वी की परवरिश में लग गए।

इसके साथ ही बेटे को क्रिक्रेट बनने का सपना पूरा करने के लिए पृथ्वी के लिए बचपन से ही किक्रेट कोचिंग का इंतजाम करते रहे  उन्होनें महज 3 साल की उम्र में ही पृथ्वी का विराट की क्रिकेट एकेडमी में दाखिला करा दिया।

पृथ्वी आज किक्रेट के सबसे युवा सितारे बनकर उभरे हैं तो  इसके पीछे सबसे बड़ा रोल उनके पिता का ही है। पिता पंकज शॉ ने ही पृथ्वी को उनके सपनों को देखना और जीना सिखाया है।

पृथ्वी के करियर के लिए पंकज शॉ ने काफी त्याग और बलिदान किया है, यहां तक कि उन्होनें पृथ्वी के लिए अपने बढ़ते परिधान कारोबार को बंद कर दिया, जहां वह थोक विक्रेताओं से परिधान खरीदते थे और सूरत और बड़ौदा में बेचते थे और वे अपना व्याापर छोड़कर मुंबई भी चले गए।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ का परिवार असल में बिहार के गया का रहने वाला है, लेकिन अब वे लोग मुंबई में रहने लगे हैं।

पिता का बिजनेस बंद होने के बाद घर में आर्थिक तंगी रहने लगी क्योंकि बचत के पैसे से भला कितने दिन घर चलेगा। लेकिन जब पृथ्वी को छात्रवृत्ति मिलनी शुरू हुई, तो उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। जिसके चलते शिवसेना के विधायक संजय पोटनीस ने उन्हें वोकला में एक घर दिया, जो बांद्रा में उनके ट्रेनिंग ग्राउंड के पास था।

वहीं उनके पिता, पृथ्वी के लिए कलिना में एयर इंडिया के मैदान पर गेंदबाजी करते थे और पृथ्वी को क्रिकेट प्रक्टिस कराते थे।

महज 3 साल की उम्र में ही पृथ्वी ने क्रिक्रेट खेलना शुरु कर दिया था, शुरु से ही उनका मकसद क्रिकेटर बनने का था लेकिन फिर भी जमाने के साथ चलने के लिए उन्होनें अपनी पढ़ाई से कोई समझौता नहीं किया।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ ने मुंबई के ए.वी.एस विद्यामंदिर और रिजवी स्प्रिंगफील्ड हाईस्कूल से अपने शुरुआती शिक्षा हासिल की है।

सबसे कम उम्र के किक्रेट स्टार पृथ्वी शॉ का क्रिक्रेट खेलने की शैली भी कुछ खास है, उनकी अपनी प्रखर शैली के चलते ही वे आज भारतीय क्रिक्रेट टीम के उभरते हुए सितारा हैं और अपनी बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया है।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ अपनी दाएं हाथ से ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करते हैं और दाएं हाथ से ही कामचलाऊ ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते हैं फिलहाल पृथ्वी एक ऑलराउंडर हैं।

यही नहीं इस युवा क्रिकेटर में सचिन तेंदुलकर की खैल शैली की झलक मिलती है यही वजह है कि उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी शैली की तुलना भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के साथ की जाती है।

वहीं पृथ्वी सिंह, सचिन तेंदुलकर को अपना आइडल भी मानते हैं। आपको बता दें कि सचिन तेंदलुकर भी दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे और दाएं हाथ से ही ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते रहे हैं। पृथ्वी  अपने आदर्श सचिन की तरह ही  गेंदबाजों पर हावी होकर खेलना पसंद करते हैं। पृथ्वी शॉ को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लिए भी दर्जा दिया गया है।

बेहतरीन प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले सबसे कम उम्र के राइजिंग स्टार पृथ्वी शॉ ने अपने किक्रेट करियर की शुरुआत मुंबई के सहारा परिसर बीरां से की थी। मुंबई की टीम से खेलते हुए उन्होनें अपने शानदार प्रदर्शन से बीरां टूर्नामेंट में जीत दिलवाई थी।

भारतीय किक्रेट टीम के पृथ्वी शॉ एक सलामी बल्लेबाज है, वे हमेशा से ही शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। इन्होनें दिलीप ट्रॉफी में अपना दमदार प्रदर्शन कर सबसे कम उम्र में शतक जड़कर एक और रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया।

आपको बता दें कि साल 2017 में दिलीप द्रॉफी के लिए, इंडिया रेड टीम की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए शॉ ने शानदार शुरूआत की, और उन्होंने 249 गेंद का सामना करते हुए 18 चौके और एक छक्के से 154 रन की शतकीय पारी खेली।

उस वक्त पृथ्वी शॉ महज 17 साल के थे और  खास बात ये थी कि ये पृथ्वी का डेब्यू मैच था। आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ से पहले यह रिकॉर्ड महान किक्रेटर सचिन तेंदुलकर के नाम था।

साल 2013 का वह दौर था जब मास्टर ब्लास्टर ने किक्रेट से संन्यास लिया था और पूरा मुल्क अगले सचिन तेंदुलकर के इंतजार की शुरुआत कर रहा था तभी मुंबई के 14 साल के बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने स्कूली क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाकर नया रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

पृथ्वी शॉ तब हैरिस शिल्ड मैच में रिजवी स्प्रिंगफील्ड की तरफ से खेल रहे थे, तभी उन्होनें 330 गेंदो पर 546 रनों का बड़ा स्कोर बनाकर सबको चौंका दिया था।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ ने इस पारी में 6 घंटे,7 मिनट तक बल्लेबाजी की और 85 चौके और 5 छक्के लगाए थे। वहीं उनकी इस शानदार पारी की मदद से रिजवी स्प्रिंगफील्ड स्कूल की टीम ने 991 रन का  बड़ा स्कोर खड़ा किया था, जबकि इसके खिाफ खेल रही सेंट् फ्रांसिस की टीम महज 93 रनों पर ही ऑलआउट हो गई थी। इस तरह रिजवी स्कूल की टीम ने शॉ की शानदार पारी के साथ 898 रन से इस मैच में जीत दर्ज की थी।

शॉ ने अपनी इस शानदार पारी के साथ मुंबई के स्कूल क्रिकेट के लिए अरमान जफर का बनाया पिछला रेकॉर्ड तोड़ दिया है। जफर ने साल 2010-11 में गील्स शील्ड ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 498 रन बनाए थे। वहीं इस मैच के बाद से ही शॉ ने काफी सुर्खियां बटोरी थ। इसके लिए कई महान क्रिकेटर ने भी पृथ्वी शॉ की तारीफ की थी।

पृथ्वी शॉ के कोच राहुल द्रवि़ड़ हैं। राहुल द्रविण ने शॉ को शानदार खिलाड़ी बनाने के लिए काफी टिप्स दिए और शॉ के लिए काफी मेहनत भी की है। वहीं पृथ्वी भी अपनी सफलता का श्रेय राहुल द्रविण को देते है।

फरवरी, साल 2017 सबसे कम उम्र के शानदार किक्रेटर शॉ ने इंडिया अंडर-19 की तरफ से अपना मैच खेला। इस दौरान उन्होनें अपनी शतकीय पारी से सबको चौंका दिया।

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ अपनी ने नवंबर 2017-18 के रणजी ट्राफी टूर्नामेंट में मुंबई की टीम की तरफ से शानदार पारी खेली और इस पारी में शॉ ने लगातार दो शतक ठोंके।

पृथ्वी शॉ की प्रतिभा को देखते हुए 3 दिसंबर 2017 को भारतीय क्रिकेट प्रबंधन ने अंडर-19 टीम के कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी। आपको बता दें कि करिश्माई क्रिकेटर भारत की अंडर-19 टीम की भी अगुवाई कर रहे हैं। इन्होनें अपनी कप्तानी की जिम्मेदारी भी कमाल से निभाई । पृथ्वी शॉ ने अंडर-19 किक्रेट में अपनी कप्तानी के दौरान तीन मैचों में जीत दर्ज करवाई।

शॉ की अंडर-19 की कप्तानी के दौरान, भारत का पहला ग्रुप मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ, जिसमें पृथ्वी शॉ ने 94 रन की शानदार पारी खेली। इस मैच में टीम इंडिया 7 विकेट खोकर 328 रन बनाने में कामयाब रही। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की टीम महज 228 रन बनाकर आउट हो गई। इस तरह टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 100 रनों से जीत हासिल की।

भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से पापुआ न्यूगिनी के खिलाफ खेले गए मैच में पृथ्वी शॉ के 36 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाए जिसकी बदौलत एकतरफा अंदाज में 10 विकेट से मैच अपने नाम कर लिया।

पृथ्वी शॉ की कप्तानी के दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार प्रदर्शन किया और स्पिनर अनुकूल रॉय के 20 गेंदों पर 4 विकेट की बदौलत जिंम्बाम्बे की टीम महज 154 रन बना सकी। वहीं टीम इंडिया ने नई ओपनिंग जोड़ी शुभमन गिल के 59 गेंदों पर 90 रन और हार्विक देसाई के 73 गेंदों पर 56 रनों की बदौलत बिना कोई विकेट खोए यह मैच जीत लिया।

इसी के साथ पृथ्वी की कमाल की कप्तानी के दौरान टीम इंडिया ने अपने तीनों ग्रुप मैच में जीत हासिल की। इसी के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के अगले दौर क्वार्टरफाइनल में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया।

क्वार्टर फाइनल में भारत का मुकाबला बांग्लादेश से हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने  265 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जबकि इसके खिलाफ बांग्लादेश की टीम महज 134 रन बनाकर ही आउट हो गई। इसी के साथ टीम इंडिया 131 रन की प्रभावशाली जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही।

पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने शुभमन गिल के नाबाद 102 रन की बदौलत 9 विकेट खोकर 272 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया वहीं इसके खिलाफ मैच खेल रही पाकिस्तान की टीम महज 69 रन ही बना पाई इसी के साथ 203 रनों के भारी अंतर से जीतकर टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के फाइनल में मैच खेला।

आपको बता दें कि  इस टूर्नामेंट में भारतीय क्रिकेट टीम के राइजिंग स्टार पृथ्वी शॉ ने कप्तान के अलावा एक कुशल बल्लेबाज के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। टूर्नामेंट की चार पारियों में 98.72 की स्ट्राइक रेट से 232 रन बनाए।

3 फरवरी 2018 को हुए फाइनल मैच में आस्ट्रेलियाई टीम महज 216 रन ही बना सकी। जबकि इसके खिलाफ मैच रही भारतीय टीम के मनजोत कालरा ने अपनी शतकीय पारी के साथ 101 रन बनाए वहीं हार्विक देसाई के 47 रनों की बदौलत टीम इंडिया ने 38.5 ओवरों में सिर्फ 2 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।

हालांकि इस मैच में पृथ्वी शॉ ने 41 गेंदों पर सिर्फ 29 रन ही बनाए थे। वहीं इस मैच में शॉ की सूझबूझ भरी कप्तानी को जमकर सराहा गया और ये मैच भारतीय क्रिक्रेट टीम के शानदार  प्रदर्शन और पृथ्वी की कप्तानी के लिए यादगार रहा। इसके साथ ही टीम इंडिय चौथी बार अंडर 19 क्रिकेट वर्ल्ड कप अपने नाम करने में कामयाब हुई।

अंडर 19 विश्व कप में में पृथ्वी शॉ के शानदार प्रदर्शन से  मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन काफी प्रभावित हुआ। इसी के चलते मुंबई क्रिक्रेट एसोसिएशन ने 5 फरवरी 2018 से शुरू होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी के लिए शॉ के नाम को भी शामिल किया आपको बता दें कि इस ट्रॉफी के कुल 16 सदस्य चुने गए थे जिनमें से पृथ्वी शॉ एक थे।

अपनी आक्रामक शैली के कारण अंडर-19 वर्ल्डकप की कमान संभालने वाले पृथ्वी शॉ  को 2018 में इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम ने 1.2 करोड़ रुपए में खरीदा।

पृथ्वी शॉ  ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में शानदार शतक लगाकर जमकर सुर्खियां बटोरी। वहीं इनका ऐसा कारनामा देख कर क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने भी भी पृथ्वी की प्रतिभा की जमकर तारीफ की है।

पृथ्वी शॉ 5वें ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने सबसे कम उम्र में ओपनिंग करते हुए अर्धशतक जड़ा है. 18 साल 329 दिन के पृथ्वीने राजकोट में शानदार अर्धशतक जड़ा।

सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो पृथ्वी शॉ यहां भी तीसरे नंबर पर खड़े हैं। पृथ्वी पहला अर्धशतक जड़ने वाले तीसरे सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं। सचिन तेंदुलकर नंबर वन पर हैं।

पृथ्वी शॉ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 56 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा. ऐसा करने वाले वो चौथे भारतीय खिलाड़ी हैं.

शॉ जितने आक्रामक हैं उतनी ही तकनीकी रूप से सक्षम और धैर्य के साथ खेलने वाले भी क्रिकेटर भी हैं, उन्होनें अपनी बल्लेबाजी से सबसे दिलों में अपने लिए जगह बना ली है। पृथ्वी शॉ ने लगातार संघर्ष करते हुए डेब्यू टेस्ट तक का सफर तय किया है। हमें उम्मीद है कि ये युवा खिलाड़ी आने वाले समय में आसमान की ऊंचाइयों को छूएगा उनके बेहतर भविष्य के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं।




लिप्स को पिंक बनाने के लिए आपको अपनाने होंगे ये टिप्स


यदि आपके होंठ काले हैं तो यह आपके आकर्षण को खराब बना देता है. होंठ काले होने के पीछे कई कारण होते हैं जैसे- अधिक धूम्रपान या फिर अस्वस्थ खान. इसके लिए हम आपको बताने जारहे हैं कुछ खास टिप्स.

1.हाईड्रेटेड रहें।

शरीर हाईड्रेटेड रहता है तो होंठ गुलाबी रहते हैं और यदि होंठ रूखे हो जाते हैं तो बिल्कुल इसका उल्टा होता है. कोशिश करें कि रोजाना कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पिएं.

2.लिपस्टिक लगाने से पहले लिप बाम लगाएं।

लिपस्टिक लगाने से पहले लिप बाम लगाने से होंठ सुरक्षित रहते हैं और लिपस्टिक में मौजूद केमिकल होंठ की त्वचा को प्रभावित नहीं कर पाते हैं. लिप बाम होंठ को मुलायम रखते हैं और नमी भी प्रदान करते हैं.

3.खान-पान रखें।

स्वस्थ और पौष्टिक खाद्य पदार्थो का सेवन आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ होंठ को भी स्वस्थ रखता है. विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ होंठ को मॉइश्चराइज करते हैं और पिगमेंटेशन को कम करते हैं. इसके अलावा फाइबर भी गुलाबी होंठ के लिए लाभकारी होते हैं.

4.अच्छे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।

अच्छे कंपनी के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इनमें हार्श केमिकल नहीं होते हैं जो आपकी होंठ की त्वचा को नुकसान पहुंचाएं. ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें जिनमें जोजोबा ऑयल, शी-बटर या अनार के बीज के तेल मौजूद हों.

Tuesday, 23 April 2019

यदि आपको भी आती है ऑफिस में नींद, तो करें ये काम...


 आज हम नींद को लेकर बात करे तो आपको ये बता दें कि अनेक लोग पूरे दिन कार्यालय में लगातार काम करते रहते हैं, किन्तु फिर भी उन्हें नींद आती रहती है या फिर शरीर में सुस्ती छाई हुई रहती है। यदि आपके संग ही ऐसा होता है तो आपको अपनी दिनचर्या के साथ-साथ अपने खाने-पीने में भी कुछ परिवर्तन करना होगा।


जानकारी के मुताबिक, कार्यालय में लगातार काम करने से भी शरीर शीघ्र थक जाता है, इसलिए एक-दो घंटे के पश्चात हल्का सा ब्रैक लेवे।
इसके संग ही पूरे दिन हल्का-हल्का खाते रहिए। यदि रात को नींद पूरी ना होना भी सारेदिन सुस्ती रहने की सबसे बड़ी वजह है। इसलिए शीघ्र नींद लेने का प्रयास कीजिए और सुबह जल्दी उठिए।


ऐसे होगी दूर इसी संग मुलेठी गले के साथ साथ आपके शरीर हेतु भीकाफी लाभदायक होती है एवं ये शरीर में रहने वाली थकान को दूर भगा सकती है।

इसमें उपस्थित तत्व थकान दूर करते हैं तथा ये गिनसेंग की तरह कोर्टिसोल लेवल को नियंत्रित करती है, जिससे आपके शरीर में फुर्ती बनी रहती है। साथ ही सवेरे उठने के पश्चात कुछ देर व्यायाम करने की आदत डालिए।

बैंगन है आपके स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी


बैंगन एक ऐसी सब्जी है जिससे बहुत कम लोग खाना पसंद करते है| अगर आप भी बैंगन की सब्जी नहीं खाते हैं तो हम आपको बता दें पौष्टिक सब्जी होती है| आइए हम आपको बताते है इसके पौष्टिक गुणों के बारे में जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है|

1 कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करे - बैंगन खाने से रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है| बैंगन में पोटाशियम व मैग्नेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है| इसकी पत्तियों के रस के इस्तेमाल से भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम किया जा सकता है|

2 संक्रमण से रखें मुक्त - बैंगन हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है| यह हमें संक्रमण मुक्त रखता है|

3 दांत के दर्द से दिलाए राहत - बैंगन के रस के सेवन से दांत के दर्द में आराम मिलता है| यह दांत के दर्द को दूर करने के लिए लाभदायक है| अस्थमा के इलाज के लिए भी बैंगन की जड़ो को प्रयोग में लाया जाता है|

4 पेट की समस्या में लाभदायक - बैंगन के सूप में यदि लहसुन व हींग मिलाकर इसका सेवन किया जाए तो यह पेट की समस्या जैसे गैस, बदहजमी और अपच आदि समस्याओं में काफी फायदेमंद रहता है|

5 त्वचा को हाइड्रेट करे - बैंगन में त्वचा को हाइड्रेट करने के गुण पाए जाते है| यह त्वचा को अंदरूनी नमी प्रदान करता है| यदि आप रूखी त्वचा व बालों की समस्या से परेशान है तो बैंगन का सेवन शुरू कर दें|

6 वजन कम करे - बैंगन शरीर की चर्बी को कम करता है| इसमें कम कैलोरीज होती है| बैंगन फाइबर से भरपूर होता है इसके खाने से जल्दी पेट भर जाता है और भूख भी कम लगती है जिससे वजन नहीं बढ़ता|

Tuesday, 9 April 2019

स्वास्थ्य को इस तरह फायदा पहुंचाएगा संतरे का छिलका



संतरे के छिलके में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट त्वचा और बालों में निखार लाने में काफी फायदेमंद है। ग्लोइंग और बेदाग त्वचा के लिए यह एक कारगर तरीका है। अगर ये तथ्य जानें बिना आप अब तक संतरे के छिलकों को कूड़ेदानों के हवाले कर देते थे तो कोई बात नहीं। अब संभल जाइए, और इसे फेंकने की बजाय इसका इस्तेमाल अपनी खूबसूरती में इजाफा करने के लिए करना शुरू कर दीजिए। संतरे के छिलके का प्रयोग करना बहुत कठिन भी नहीं है.


जानकारी के मुताबिक चेहरे की रंगत साफ करने के लिए संतरे का छिलका एक बेहतरीन विकल्प है। चेहरे पर किसी भी प्रकार के दाग-धब्बे को दूर करने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। संतरे के छिलके में क्लीजिंग, एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह पिंपल और एक्ने से लडऩे में सहायक होते हैं। संतरे के छिलकों के पाउडर को बेसन में मिलाकर लगाना ऑइली स्किन वालों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है और पिंपल्स को खत्म कर देता है।


इसी के साथ संतरे के छिलके का पाउडर त्वचा की गंदगी को पूरी तरह से साफ करने में इस्तेमाल किया जाता है। इस पाउडर में थोड़ा सा गुलाबजल मिलाकर लगाने से कील-मुहांसों की समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा इस पाउडर में थोड़ा शहद मिलाकर चेहरे पर लगाने से टैनिंग दूर हो जाती है और चेहरा निखर जाता है।

Thursday, 28 March 2019

नहीं आएगी मुंह से प्याज की बदबू


प्याज का सेवन करने के बाद मुंह से प्याज की बदबू आने लगती है। हालांकि की प्याज में कई पोषक तत्व उच्च मात्रा में मौजूद होते हैं जैसे- विटामिन, फॉलिक एसिड और फाइबर। लेकिन साथ ही प्याज में सल्फर कंपाउंड होता है जिससे मुंह से प्याज की बदबू आने लगता है। इस बदबू के कारण कई बार लोगों को दूसरों के सामने मुंह खोलने में असहजता महसूस होती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कुछ घरेलू उपचारों की भी मदद ले सकते हैं।

हम आपको बता दें नींबू में एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है जो प्याज की बदबू को कम करता है और जो मुंह के बैक्टीरिया को भी खत्म करने में मदद करता है। इसलिए खाना खाने के बाद नींबू के रस को गर्म पानी में मिलाकर पिएं। दूध में फैट होता है जो प्याज में मौजूद सल्फर के दुर्गंध को कम करता है। इसलिए प्याज खाने के बाद आप दूध से कुल्ला करें। ऐसा करना आपके लिए एक बेहतर विकल्प होता है।

इसी के साथ पुदीना में क्लोरोफिल होता है जो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया और प्याज में मौजूद सल्फर को कम करता है जिससे मुंह से प्याज की बदबू आनी बंद हो जाएगी।

Friday, 8 March 2019

30 वर्ष की उम्र में ही कमजोर हो जाता है उन लोगों का शरीर, जो सुबह उठकर करते है ये 3 काम







आजकल के ज़माने के ज़्यादातर लड़कियों और लड़को में ऐसी कई सारी बुरी आदतें होती हैं जिसके कारण उनका शरीर बेहद कमजोर और सुस्त हो जाता है और अगर व्यक्ति अपनी इन आदतों को जल्द से जल्द न बदले तो इन आदतों की वजह से उनका शरीर बेहद कमजोर हो सकता है इसीलिए आज हम उन 3 काम के बारे में बताने जा रहे है जिसे सुबह उठने के बाद बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।




आजकल के ज़माने में कई सारे लोगो में ये आदत होती है की वो लोग सुबह उठते ही अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते है जो की कभी बुरी आदत है क्योंकि सुबह के समय आंखे काफी कमजोर होती है और ऐसे में जब कोई व्यक्ति मोबाइल का इस्तेमाल करता है तो मोबाइल की कारणों का सबसे ज़्यादा असर आंखो पर पड़ता है जिसकी वजह से आंखे खराब होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है, इसीलिए कभी भी सुबह उठने के बाद मोबाइल इस्तेमाल न करे.



नहाना एक अच्छी आदत है क्योंकि नहाने से शरीर की गंदगी साफ़ हो जाती है और शरीर स्वस्थ रहता है लेकिन कई सारे लोग नहीं जानते है की सुबह उठने के बाद बिल्कुल भी नहीं नहाना चाहिए क्योंकि सुबह उठते ही व्यक्ति के शरीर का तापमान काफी ज्यादा होता है और इसे भी तुरंत नहाने की वजह से शरीर में कई सारी बीमारियां होने लगती है, इसीलिए हमेशा सुबह उठने के 20 मिनट बाद ही नहाये।



आजकल के ज़माने में ज़्यादातर व्यक्ति सुबह की शुरूआत चाय या कॉफी से करते है लेकिन कई सारे लोगो को नहीं पता होता है की कभी भी खाली पेट चाय या कॉफी नहीं पीना चाहिए बल्कि सुबह उठने के बाद पहले एक या दो गिलास पानी पीना चाहिए और उसके बाद ही चाय या कॉफी पीना चाहिए।
               
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Monday, 18 February 2019

इन उपायों को आजमाने के बाद शराब का नाम भी भूल जायेंगे आप


हम आपको बता दें यदि आपको शराब की बुरी लत लग चुकी है और इसके बहुत ही खराब परिणाम हो सकते हैं। इसका बहुत ज्यादा सेवन करने से आपको गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अगर आप बहुत ज्यादा शराब पीते हैं तो इसे जल्दी छोड़ने के प्रयास में लग जाइए। वही यदि आपको शराब पूरी तरह से छोड़ सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

ऐसे पा सकते है छुटकारा

जानकारी के लिए हम आपको बता दें शराब छोड़ने के लिए यह जरूरी है कि आप खुद को व्यस्त रखें। अपने काम से फ्री होने के बाद लोगों से मेलजोल बढ़ाए। इसके अलावा अपने परिवार और दोस्तों से नियमित रूप से संपर्क में रहकर बातचीत करते रहें। इससे होगा यह कि आपका ध्यान शराब की तरफ भी नहीं जाएगा और लोगों से मेलजोल बनाए रखने में मदद मिलेगी। आपके परिवार और दोस्तों के बारे में सोचकर आप खुद को मोटिवेट कर सकते हैं जो आपकी शराब छोड़ने में मदद करेगा।

खुद को रखें व्यस्त

इसी के साथ शराब छोड़ना आसान नहीं होता और इसे छोड़ने में कई बार आपके सामने चुनौती आती है कि आप फिर से पीना न शुरु कर दें। कई बार शराब को देखते ही आपको पीने का मन करता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए कोशिश यह करें कि शराब को अपने सामने आने ही न दें। कोशिश करें कि आप उन पार्टियों या कार्यक्रमों में न जाए जहां पर शराब की व्यवस्था हो। इसके अलावा आप व्यायाम, पढ़ने-लिखने, कला या संगीत सीखकर भी खुद को व्यस्त रख सकते हैं।


Sunday, 17 February 2019

क्या पानी के साथ केले का सेवन भी हो सकता है फायदेमंद ?


हम आपको बता दें अधिकतर लोग केले के साथ दूध पीते हैं जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं अगर आप गुनगुने पानी के साथ केले का सेवन करें तो केला भी आपका वजन कम कर सकता है। आज हम आपको केले और गुनगुने पानी पीने के फायदों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें जानकर आप भी गुनगुने पानी के साथ केले खाना शुरू कर देंगे।

जानकारी के लिए बता दें केले के साथ एक कप गुनगुना पानी पीने से आपका पाचन तंत्र ठीक रहता है। केले से आपका पेट भरा रहता है और गर्म पानी आपके शरीर को हाइड्रेट कर ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ा देता है, जिससे आप थका हुआ महसूस नहीं करते हैं। गर्म पानी खाने को ठीक से पचाने में मदद करता है। साथ ही इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है।

आपको बता दें केला सबसे ज्यादा स्टार्स, क्राबोहाइड्रेट का सोर्स होता है। केला खाने से काफी समय तक पेट भरा भरा लगता है और कुछ खाने का मन नहीं होता है। केले के साथ पानी पीने से आपका पेट रहता है और आपके शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है। माना जाता है केले में पाया जाने वाला स्टार्ट और कार्बोहाइड्रेट आपके वजन को बढ़ा सकता है, लेकिन अगर इसके साथ गर्म पानी का सेवन किया जाए तो आप वजन कम करते है।


Saturday, 16 February 2019

बच्चों में अधिक होती है छोटी माता, ऐसे करें देसी इलाज


चिकन पॉक्स यानी छोटी माता एक ऐसी बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है. यह ज्यादातर बच्चों में होती हैं . ऐसे ही आपको हम इलाज बताने जा रहे हैं जिन्हें आप अपना सकते हैं. इसलिए आज हम आपके लिए कुछ घरेलू उपचार लेकर आए है जिनकी मदद से चिकन पॉक्स (छोटी माता) को दूर किया जा सकता हैं. तो आइये जानते है इन उपायों के बारे में.

1. चिकन पॉक्स होने पर शरीर में बहुत तेज खुजली होती है. खुजली से बचने के लिए जई के आटे को पानी में मिलाकर स्नान करना चाहिए. 2 लीटर पानी में 2 कप जई का आटा मिलाकर लगभग 15 मिनट तक उबालें, पके आटे को एक कॉटन के बैग में अच्छी तरह से बांधकर बॉथ टब में डालकर नहाएं.

2. एंटीबायोटिक्स का उपयोग करें. घाव को साफ करने के बाद, एंटीबायोटिक्स क्रीम या मलहम की एक पतली परत लगाए. ये एंटीबायोटिक्स दवाइयां घाव को तेज़ी से ठीक तो नहीं करती, लेकिन वे जीवाणु वृद्धि और संक्रमण को आगे बढ़ने से रोक सकती हैं.

3. ख़ूब पानी पीजिये. चेचक में निर्जलीकरण महत्त्वपूर्ण लक्षणों में से एक है! सुनिश्चित करें कि पानी उबला हुआ और कमरे के तापमान पर ठंडा किया हो. किसी के साथ अपना ग्लास या पानी की बोतल साझा न करें.

4.नीम की पत्तियों को गर्म पानी में डालकर नहाने से खुजली समाप्त होती है. नीम प्राकृतिक रूप से एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. ऐसे में चिकन पॉक्स ठीक करने में बेहद फायदेमंद है.

5. नीम की पत्तियों को गर्म पानी में डालकर नहाने से खुजली समाप्त होती है. नीम प्राकृतिक रूप से एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. ऐसे में चिकन पॉक्स ठीक करने में बेहद फायदेमंद है.

इस तरह करें दूध का सेवन शरीर को मिलेंगे कई लाभ


कई लोगों का मानना है कि गर्म दूध आपकी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है तो कई लोगों का कहना है कि ठंडा दूध पीना चाहिए। हालांकि कई लोग गर्म और ठंडे दूध का चुनाव टेस्ट के आधार पर करते हैं। मगर आपको बता दें कि कई मायनों में गर्म दूध ज्यादा फायदेमंद होता है तो कई मायनों में ठंडा सेहत के लिए लाभदायक होता है।

आपको जानकारी के लिए बता दें गर्म दूध सेहत के साथ साथ आपको अच्छी नींद भी दिलाता है। अगर आपको भी नींद आने में दिक्कत है तो बिस्‍तर पर जाने से पहले एक गिलास गर्म दूध पी सकते हैं। दूध में ट्रिप्‍टोफैन नाम का एमिनो एसिड होता है जो सेरोटोनिन और मेलाटोनिन नाम का केमिकल पैदा करते हैं जिससे आपको आराम मिलता है और अच्‍छी नींद आती है।

इसी के साथ हम आपको बता दें ठंडा दूध पेट में एसिडिटी के कारण होने वाली जलन में राहत पहुंचाने के लिए बेहतर पदार्थ है। खाने के बाद आधा गिलास ठंडा दूध पीने से एसिड उत्‍पादन खत्‍म हो जाता है और एसिडिटी से राहत मिलती है। वही गर्म दूध का सबसे बड़ा लाभ ये है कि ये आसानी से पच जाता है। अगर आपको लैक्‍टोज नहीं पचता तो आप ठंडा दूध पीने से बचें क्‍योंकि इसे पचाना आपके लिए मुश्किल होगा। आप ठंडे दूध का आनंद उसमें अनाज के पदार्थ मिलाकर ही ले सकते हैं।

नाश्ते में जरूर खाएं अंडे, मिलेंगे ये फायदे


आप जानते ही हैं अण्डा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है. हर कोई अंडे खाना पसंद करता है ताकि शरीर की कुछ कमी दूर सके. सुबह का नाश्ता आपकी पूरे दिन की डाइट का सबसे अहम हिस्सा होता है. आपका नाश्ता तब और खास बन जाता है जब उसमें अंडा शामिल होता है. अंडे के सेवन से न सिर्फ सर्दियों में बल्कि हर मौसम में फायदा पहुंचाता है. आज  हम आपको बताने जा रहे हैं कि अंडे खाने के क्या फायदे होते हैं.

1. प्रोटीन: अंडे के सफेद भाग में अल्ब्यूमिन नामक प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है. रोज नाश्ते में अंडे का सेवन करेंगे तो शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन मिलेगा.

2. एनर्जी: अगर आप रोज सुबह उठने में आलस का अनुभव करते हैं तो अंडे का सेवन आपके लिए बहुत जरूरी है. अंडा एक बेहतरीन एनर्जी बूस्टर है. रोज सुबह नाश्ते में इसे लेने से आपको पूरे दिन की ऊर्जा मिलेगी.

3. तेज बुद्धि: अंडे का सेवन आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है. अंडे में कोलाइन नामक तत्व होता है जो मस्तिष्क की निर्णय लेने में सहायता करता है. रोज अंडा खाने से आपकी याददाश्त अच्छी होती है.

4. हेल्दी ब्रेकफास्ट: रोज सुबह नाश्ते में 2 अंडे का सेवन एक भरपूर नाश्ता है जिसके सेवन के बाद बहुत देर तक भू्ख नहीं लगती. ऐसे में आप लंच के पहले अनहेल्दी स्नैक्स नहीं लेंगे.

Friday, 15 February 2019

पिम्पल से हुए चेहरे के गड्ढे को भरने का काम करेंगे ये तरीके


पिम्पल के कारण चेहरे पर गड्ढे हो जाते हैं. ये गड्ढे हमेशा के लिए बन जाते है और चेहरे को ख़राब बनाते हैं. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि इन गड्डों से निजात पाया जाए. इसलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे देसी उपाय लेकर आए है जो आपको इस समस्या से छुटकारा दिलाएँगे. तो आइये जानते है इन उपायों के बारे में.

1. बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा त्वचा के रोम छिद्र को खोलता है. हफ्ते मे 1 या 2 बार एक चमच बेकिंग सोडा मे पानी मिलाकर मुहासों पर लगाये और पांच से दस मिनट तक सुखाने के बाद धो ले.

2. नींबू के पत्ते

चेहरे के गड्ढे भरने के लिए नींबू के पेड़ के पत्तों को पीस कर इसमें समान मात्रा में हल्दी का पेस्ट मिला ले और अपने चेहरे पर मले. अगर नींबू के पेड़ के पत्ते ना मिले तो आप नींबू का रस भी इस्तेमाल कर सकते है. इस नुस्खे को दो हफ़्तों तक करे गड्ढे हो या खड्डे सब भरने लगेंगे.

3. हल्दी का इस्तेमाल

दोस्तों हल्दी में पाए जाने वाले पोषक तत्व और एंटी बैक्टीरियल गुण होने से ये हमारे सरीर और स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है और अगर इसका सेवन किया जाये तो बहुत लाभ होगा. अगर किसी के चेहरे पर गड्ढे हो और दाग धब्बे हो तो अगर हल्दी को सरसों के तेल में पकाकर चेहरे पर लगाया जाये तो बहुत फायदा होगा.

इन तरीकों से लगाएं काजल, नहीं फैलेगा चेहरे पर


काजल की मदद से आँखों के आकर्षण को बढाने में मदद मिलती है. लेकिन महिलाओं के सामने समस्या आती है काजल के फैलने की जिसकी वजह से उनके चेहरा भी खराब हो जाता है. लेकिन इन तरीकों से लगाएंगे तो नहीं फैलेगा काजल जिन तरीकों को हम बताने जा रहे हैं.

1. अगर आपकी आंखों के आसपास काफी ज्यादा मात्रा में ऑयल रहेगा तो आपके काजल का पूरा लुक बिगड़ सकता है. अगर आपकी पलके ऑयली हैं तो थोड़ी-थोड़ी देर बाद उसे रूई से साफ करते रहें.

2. हमेशा ऐसे काजल चुनें जो सम्ज-फ्री और वॉटरप्रूफ हो. वॉटरप्रूफ काजल फैलता नहीं है और लंबे समय तक टिका रहता है.

3. काजल लगाने से पहले बहुत जरूरी है कि आप अपना चेहरा टोनर से साफ कर लें. इससे त्वचा पर मौजूद तेल साफ हो जाएगा जिससे काजल के फैलने का डर कम हो जाएगा.

4. आंखों पर काजल लगाने से पहले आंखों के नीचे थोड़ा सा पाउडर लगाएं. ऑयली स्किन पर काजल जल्द फैल जाता है तो इसे फैलने से बचाने के लिये त्वचा को साफ रखें. आंखों के नीचे ब्रश या पाउडर स्पांज का प्रयोग करें.

क्या आप जानते है वजन घटाने में भी सहायक है आलू, बस ऐसे करें सेवन


हम आपको बता दें यदि आलू को ठीक तरीके से खाया जाए तो यह वजन बढ़ाने की बजाय वजन घटाने का काम करता है। इसमें फाइबर और स्टार्च की मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि इसके सेवन के काफी देर बाद तक आपको भूख ही नहीं लगती है।

हम आपको बता दें आलू में काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखता है जिस कारण इन्सुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है और आगे चलकर इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। इसलिए वाइट ब्रेड या वाइट पास्ता की जगह आलू का सेवन करें। एक आलू में मात्रा 140 कैलोरी होती है, हालांकि आलू के खाने के तरीके से इसमें बदलाव हो जाता है।

जानकारी के लिए हम आपको बता दें आलू खाने से आपका पेट काफी देर तक भरा रहता है। इसमें फाइबर और स्टार्च की मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि इसके सेवन के काफी देर बाद तक आपको भूख ही नहीं लगती है। जिस कारण आप ज्यादा खाने से बच जाते हैं और इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। वहीं प्रोटीन की बात करें तो एक आलू में लगभग 4.5 ग्राम प्रोटीन भी होता है जो कई अन्य सब्जियों से मिलने वाले प्रोटीन से कहीं ज्यादा है।

रोजाना इस तरह करें सौंफ का सेवन, सेहत को होंगे कई लाभ


हम आपको बता दें सौंफ खाने से ना सिर्फ आपके सांस की बदबू कम होती है, बल्कि आपका पेट भी ठीक रहता है। आइए जानते हैं सौंफ खाने के क्या क्या फायदे होते हैं

जानकारी के लिए आपको बता दें सौंफ में मैंगनीस नाम का एक तत्व होता है और जब शरीर इस मिनरल का इस्तेमाल करता है तब एक शक्तिशाली एन्टी-ऑक्सिडेंट एन्जाइम सूपरऑक्साइड डिस्म्यूटेस का उत्पादन होता है जो कैंसर की संभावना को कम करता है। सौंफ चबाने से त्वचा, पेट और स्तन कैंसर की संभावना कुछ हद तक कम होती है। सौंफ एक माउथ फ्रेशनर का काम करती है और इसमें मौजूद तत्व मुंह की बदबू को दूर करने का काम करते हैं।

इसी के साथ हम आपको बता दें जब आप सौंफ का सेवन करते हैं तो आपके मुंह से लार ज्यादा निकलती है और यह मुंह में छिपे हुए पदार्थों को निकालकर हजम करने की क्रिया को शुरू करवाती है। साथ ही एन्टी-बैक्टिरीअल और एन्टी इन्फ्लैमटोरी गुणों के अलावा ये सांस की बदबू और मसूड़ों को संक्रमित करने वाले जीवों को नष्ट करती है।