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Monday, 6 July 2020

भारत के इन राज्यों में जमकर खाया जाता है कुत्तों का मांस, हर साल कटते हैं 30 हजार कुत्ते


नगालैंड में कुत्ते और उसके मांस की बिक्री पर बैन लगाए जाने से स्थानीय लोग नाराज हैं. लोगों का कहना है कि वे कई सालों से कुत्ते का मांस खा रहे हैं, खान-पान पर प्रतिबन्ध लगाना सरासर गलत है. वहीं, मांस के लिए कुत्तों पर हो रही क्रूरता पर कुछ संगठन काफी समय से आवाज उठाते आ रहे हैं. बता दें कि देश में कुत्ते का मांस सबसे अधिक नगालैंड में बिकता है. इसके अतिरिक्त मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल के कुछ पहाड़ी इलाकों में कुत्ते का मांस खाया जाता है. नगालैंड और असम की बॉर्डर पर बसा दीमापुर कुत्ते के मांस का सबसे बड़ा बाजार है. इसी बाजार से पूरे पूर्वोत्तर के प्रदेशों में कुत्तों के तस्करी के तार जुड़ते हैं.
जानकार बताते हैं कि देश के विभिन्न इलाकों से चोरी छिपे कुत्तों की तस्करी होती है. दीमापुर के कसाई खानों में कुत्ते ले जाए जाते हैं और यहीं से कुत्तों का मांस बाजार में बिक्री के लिए आता है. बताया जाता है कि कुत्तों को दीमापुर के बाजार में लाने का काम कई छोटे-छोटे गिरोह को सौपा जाता है. ये गिरोह असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर से कुत्तों को पकड़कर नगालैंड के दीमापुर बाजार में लेकर आते हैं. कुत्तों को पकड़ने का भाव 50 से 150 रुपये तक दिया जाता है. दीमापुर बाजार में कुत्ते एक हजार रुपये तक बिकते हैं. सबसे अधिक कुत्ते का मांस त्योहारों पर बिकता है. इस दौरान 4 हजार रुपये तक मांस का दाम हो जाता है. कुछ लोग तो यह भी बताते हैं कि कुत्ते पकड़ने वाले लोग कई दफा पालतू कुत्तों को भी पकड़कर दीमापुर के बाजार में बोरियों में बंद कर ले जाते हैं.
यहां से कुत्तों का मांस फिर छोटी दुकानों और कई होटल में बिकने के लिए पहुँचता है. अमूमन छोटे दुकानदार कुत्ते का मांस सुखाकर बेचते हैं. इसकी बिक्री 200 से 250 रुपये प्रति किलो के हिसाब से होती है. नगालैंड के होटल और भोजनालयों में भी कुत्ते का मांस चावल के साथ शौक से खाया जाता है. कुत्तों पर हो रही बर्बरता पर आवाज उठाने वाली संस्था ह्यूमन सोसायटी इंटरनेशनल के अनुसार, नगालैंड में हर साल 30 से 40 हजार कुत्तों की तस्करी होती है.

मां-बाप की हुई मौत, चाचा और ताऊ नाबालिग बच्चियों का करने लगे यौन शोषण


दिल्ली से सटे फरीदाबाद में रिश्तों को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है. दो नाबालिग बच्चियों ने अपने चाचा और ताऊ पर छेड़छाड़, यौन शोषण जैसे संगीन इल्जाम लगाए हैं.
दोनों नाबालिग बच्चियों के माता-पिता की मौत के बाद दोनों मासूम अपने भाइयों के साथ चाचा और ताऊ के पास रह रही थीं. दोनों बच्चियों ने चाचा और ताऊ के अत्याचार से तंग आकर जैसे तैसे अपनी जान बचाकर अपनी मौसी को आपबीती सुनाई. इस पर पुलिस कमिश्नर और महिला आयोग को मामले की शिकायत दी गई.
महिला आयोग ने तुरंत कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो और अन्य धाराओं में मामला दर्ज हो गया है. इस बीच आरोपी फरार हो गए हैं.
मासूमों के आरोप के मुताबिक चाचा और ताऊ उन पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे. वे अश्लील हरकतें करते थे और मारपीट करते थे. एक पीड़िता के मुताबिक कई साल पहले उसके पिता की हत्या हो गई थी और इस मामले में मां को जेल हो गई थी. इसके बाद यह पांच बच्चे अपने ताऊ और चाचा के पास रहने लगे थे. जमानत पर जेल से बाहर आई मां को बच्चों से नहीं मिलने दिया जाता था जिसके आहत होकर मां ने खुदकुशी कर ली थी. आरोपों के मुताबिक मां के खुदकुशी करने के बाद बच्चियों पर अत्याचार बढ़ने लगे.
 मौसी जब पीड़ित बच्चियों को लेकर फरीदाबाद के महिला थाने में  शिकायत लेकर पहुंची तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज तो कर लिया लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है. मौसी के मुताबिक जब से बच्चियां चाचा और ताऊ के घर से आई हैं उसके बाद से उसे लगातार धमकी मिल रही हैं और दवाब बनाया जा रहा है कि समझौता कर लो. मौसी का कहना है कि ऐसे दरिंदों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

गैंगस्टर का साथी दया शंकर बोला- पुलिस की दबिश से पहले ही विकास दुबे के पास आ गया था थाने से फोन


पुलिस ने शनिवार को विकास दुबे के एक साथी दया शंकर अग्निहोत्री को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है. पुलिस की ओर से जारी 18 अन्य अभियुक्तों की सूची में दया शंकर अग्निहोत्री का नाम भी शामिल है. उस पर पुलिस ने 25,000 रुपये का इनाम रखा हुआ था. समाचार एजेंसी के मुताबिक, गैंगस्टर विकास दुबे के साथी दया शंकर अग्निहोत्री ने बताया कि पुलिस के गिरफ्तार करने के लिए पहुंचने से पहले ही विकास दुबे के पास पुलिस थाने से फोन आ गया था. इसके बाद उसने करीब 25-30 लोगों को फोन किया. विकास ने पुलिसकर्मियों के ऊपर फायरिंग की. एनकाउंटर के समय मैं घर के अंदर बंद था इसलिए मैंने कुछ नहीं देखा. 
कानपुर के चौबेपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी विकास दुबे अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है. पुलिस ने उसकी तलाश में कई टीमों को लगा रखा है. चौबेपुर थाने पर यह जानने के लिए जांच बिठा दी गई है कि क्या थाने के किसी पुलिसवाले ने विकास दुबे को पुलिस मूवमेंट की जानकारी दी थी, जिससे उसने घेराबंदी करके पुलिसकर्मियों को मार डाला. चौबेपुर थाने के हर पुलिसकर्मी की मुखबिरी के शक में जांच हो रही है. चौबेपुर थाना इंचार्ज विनय तिवारी को मुठभेड़ से भाग जाने के लिए निलंबित कर दिया गया है.
कानपुर जोन के आईजी मोहित अग्रवाल ने एनडीटीवी को बताया कि चौबेपुर थाने के हर कर्मचारी की जांच हो रही है उनकी कॉल डिटेल की जांच की जा रही है. अगर कोई भी घर का भेदी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस द्वारा विकास दुबे का घर गिराये जाने पर अग्रवाल ने कहा, ''गांव के लोगों का कहना था कि दुबे ने दबंगई और गुंडागर्दी से गरीब लोगों की जमीन पर कब्जा किया था और उस जमीन पर घर बनाया था. गांव में यह मकान अपराध का गढ़ था. यहां हथियार जमा होते थे, नीचे बंकर बना रखा था.''

SBI खाताधारकों के लिए जरूरी खबर, ATM के बदले नियम जान लें वर्ना होगी दिक्कत


देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने अपने ATM से पैसे निकालने के नियमों में बदलाव कर दिया है. अगर नियम की जानकारी नहीं हो तो पैसे निकालने में आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. ग्राहकों से अपील की गई है कि जब भी एटीएम से पैसा निकालने जाएं इन नए नियमों को ध्यान में रखें, वरना नकदी मशीन से निकलेगा ही नहीं.
देशभर में बढ़ रहे ATM फ्रॉड को देखते हुए सरकारी बैंक SBI एटीएम से पैसे निकालने के नियम में बदलाव किया है. हमारे सहयोगी के अनुसार अब से ग्राहकों को पैसे निकालने के लिए OTP की जरूरत होगी. यानी आप बिना ओटीपी के पैसे विड्रॉल नहीं कर पाएंगे.
अगर आप रात आठ बजे के बाद SBI के किसी एटीएम से 10 हजार रुपये या उससे ज्यादा की रकम निकालना चाहते हैं तो नए नियम लागू होंगे. इसके तहत आप जैसे ही ये रकम मशीन में इंटर करते हैं आपको ओटीपी नंबर भी डालने को कहा जाएगा. ये ओटीपी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा. इसी लिए रकम निकालने से पहले अपना मोबाइल अपने साथ ही रखें.
बैंक ने ग्राहकों को बताया कि ये सुविधा सिर्फ SBI के एटीएम पर ही मिलेगी. वहीं, अगर आप SBI ग्राहक हैं, लेकिन किसी और बैंक के एटीएम से पैसा निकालते हैं तो आपको इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा. क्योंकि इस फीचर को नेशनल फाइनेंशियल स्विच यानी एनएफएस में डेवलपम नहीं किया गया है. एनएफएस देश का सबसे बड़ा इंटरटॉपरेबल एटीएम नेटवर्क है.
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ट्वीट करके ग्राहकों को इस बारे में बताया था. बैंक के मुताबिक, 'ओटीपी आधारित कैश विड्रॉल सिस्टम को 1 जनवरी 2020 से लागू कर दिया गया है. अगर आप रात को 8 बजे से सुबह 8 बजे तक इस एटीएम से कैश निकालते हैं तो इस सुविधा के तहत संभावित फ्रॉड से बचते सकते हैं.'

जल्‍दी से चेक कर लीजिए बैलेंस, कहीं इनकम टैक्‍सवालों ने आपको तो नहीं भेजा रिफंड


इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 20 लाख टैक्सपेयर्स को फायदा पहुंचाते हुए 62,361 करोड़ का टैक्स रिंफड किया है. कोरोना वायरस महामारी संकट काल के समय टैक्सपेयर्स के लिए ये बहुत बड़ी राहत की बात है.
बता दें सरकार ने 8 अप्रैल को आदेश जारी करके जानकारी दी थी कि कोरोना महामारी के दौरान टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए जितने भी पेंडिग रिंफड हैं उन्हें जल्दी रिलीज कर दिया जाएगा. उसी के बाद आयकर विभाग ने प्रति मिनट 76 केस के पेंडिंग रिफंड जारी किए यानी 8 अप्रैल से 30 जून तक 20.44 लाख टैक्यपेयर्स को 62,361 करोड़ का रिफंड जारी किया गया. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ये रिफंड 56 साप्ताहिक दिनों में किया.
इस पूरे रिफंड के दौरान खास बात ये रही कि सारा रिफंड बिना किसी दिक्कत और फॉलोअप के टैक्सपेयर्स के खाते में चला गया. जबकि पहले टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के चक्कर काटने पड़ते थे.
इनकम टैक्स ने इस साल 19,07,853 मामलों में 23,453,57 करोड़ का इनकम टैक्स रिटर्न जारी किया और 1,36,744 मामलों में 38,908,37 कॉर्पोरेट टैक्स रिफंड जारी किया. इस महामारी के दौरान पैसों का खाते में आना टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की बात है.

Hero Cycles ने भी चीन को दिया जोरदार झटका, रद्द किए 900 करोड़ के ऑर्डर


चीनी उत्पादों के बहिष्कार के बीच साइकिल बनाने वाली कंपनी हीरो साइकिल ने भी एक बड़ा फैसला लेते हुए 900 करोड़ रुपये का व्यापार रद्द कर दिया है. ये व्यापार हीरो ने चीनी कंपनियों के साथ किया था. इससे पहले हीरो साइकिल ने कोरोना से निपटने के लिए सरकार को 100 करोड़ रुपये भी दान में दिए थे.
लुधियाना में कई बड़ी कंपनियां हैं जिनमें से हीरो साइकिल भी प्रमुख है. करोना वायरस के चलते जब पूरी दुनिया भर की कंपनियां अपना कारोबार बचाने के लिए कोशिश कर रही थीं, वहीं पर हीरो साइकिल उस वक्त भी आगे बढ़ रही थी. चीन का बायकॉट करने के लिए भी हीरो साइकिल ने एक अहम फैसला लेते हुए आने वाले 3 महीने में चीन के साथ 900 करोड़ का व्यापार करना था, वह अब रद्द कर दिया गया है. लुधियाना में काफी तादाद में साइकिल के पुर्जे बनाने वाली कई छोटी कंपनियां हैं, जिनकी मदद के लिए अब हीरो साइकिल आगे आई है. छोटी कंपनियों को हीरो साइकिल अपने में मर्ज करने का ऑफर दे रही हैं.
हमारे सहयोगी चैनल से बात करते हुए हीरो साइकिल के एमडी और डायरेक्टर पंकज मुंजाल ने बताया कि चीन का बायकॉट करने के लिए यह फैसला लिया है. अब कंपनी ने चीन के साथ सभी तरह के व्यापार को बंद कर दिया है. विश्व में दूसरे देशों के बीच कंपनी की तरफ से अब भविष्य तलाशा जा रहा है जिसमें जर्मनी अहम है.
मुंजाल ने कहा कि हीरो साइकिल अब जर्मनी में अपना प्लांट लगाने जा रही. इस प्लांट से पूरे यूरोप में हीरो की साइकिल सप्लाई की जाएंगी. पंकज मुंजाल ने यह भी बताया कि बीते दिनों साइकिल की डिमांड बढ़ी है और हीरो साइकिल की तरफ से अपनी कैपेसिटी भी बढ़ाई गई है.  उन्होंने बताया कि हालांकि इस दौरान छोटी कंपनियों का बहुत नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए हीरो साइकिल तैयार है. लुधियाना में बनने वाली साइकिल वैली के साथ हीरो साइकिल ग्लोबल लीडर बन जाएगा. 

ग्राहकों के लिए अलर्ट, अगर की इतने से ज्यादा की नकद निकासी तो लगेगा इतना टैक्स


अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक हैं, तो फिर ये अलर्ट आपके लिए है. बैंक ने अपने ग्राहकों से कहा है कि अगर वो एक साल में 20 लाख रुपये से ज्यादा की नकद निकासी करते हैं, तो फिर उनको टैक्स देना पड़ेगा. हालांकि वो इस टैक्स को लगने से बचा सकते हैं.
बैंक ने कहा है कि जो ग्राहक एक साल में 20 लाख रुपये से ज्यादा की निकासी खाते से कैश के जरिए करेंगे, तो फिर उनके ऊपर टैक्स कटेगा. हालांकि बैंक ने ग्राहकों को तीन आसान से तरीके भी बताएं हैं, जिनके जरिए टैक्स को काटने से रोका जा सकता है. बैंक ने इस बारे में सोशल मीडिया पर ट्वीट करके जानकारी दी है. पिछले तीन सालों से सेक्शन 194एन के तहत 20 लाख रुपये से ज्यादा की नकद निकासी पर टीडीएस कट रहा है.
बैंक ने कहा कि ऐसे ग्राहकों को अपने पैन कार्ड की डिटेल्स देनी होंगी.
अगर ग्राहक के पास पैन नहीं है तो फिर ज्यादा टैक्स कटेगा.
ग्राहकों को अपने आईटीआर की डिटेल्स भी बैंक को देनी होगी.
20 लाख रुपये तक नकद निकासी पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा.
20 लाख से अधिक और 1 करोड़ रुपये से कम की नकद निकासी पर 2 फीसदी ब्याज लगेगा. पैन कार्ड न होने की दशा में 20 फीसदी टैक्स लगेगा.
एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद निकासी पर पैन कार्ड होने पर 5 फीसदी टीडीएस कटेगा. वहीं पैन कार्ड न होने पर 20 फीसदी टीडीएस कटेगा.
हालांकि जिन ग्राहकों ने तीन साल का आईटीआर जमा कर रखा है उन पर 2 फीसदी टीडीएस ही लगेगा. 

बदलने वाली है ट्रेनों की टाइमिंग, जानिए कैसे होगा आपको फायदा


भारतीय रेल सेवा में ट्रेनों के लेट चलने और पहुंचने की बात कोई नई नहीं है. लेकिन इस बीच आपके लिए एक बेहद अच्छी खबर आ रही है. भारतीय रेल ने अब ट्रेनों के टाइम टेबल बदलने का फैसला किया है. इससे यात्रियों को भी फायदा होने वाला है.
ट्रेनों के परिचालन को लेकर भारतीय रेलवे अब नया टाइम टेबल तैयार कर रहा है. कोविड-19 महामारी के कारण जिन ट्रेनों का परिचालन बंद हो गया था, अब जब दोबारा उन ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा तो सभी ट्रेने नये निर्धारित समय के अनुसार चलेंगी. रेलवे इस वक्त जीरो बेस्ड मानकर नया टाइमटेबल बना रहा है. इसके मुताबिक सभी यात्री ट्रेनों का शेड्यूल और उनकी फ्रीक्वेंसी फिर से तैयार होगी.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक रेलवे की योजना है कि ट्रेवल टाइम को कम किया जाये. इसके लिए वह भी मेल और कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों के हॉल्ट को कम करने का प्रयास कर रहा है. इससे यात्री तय समय से अपने निर्धारित स्टेशन पर पहुंच जायेंगे. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण लागू किये गये लॉकडाउन के चलते इस नये फैसले को अमल में लाने में देरी हुई, पर अब इसे लागू कर दिया जायेगा.
बताते चलें कि भारतीय रेलवे ने हाल ही में अपने सभी ट्रेनों को समय पर चलाने और पहुंचाने में 100 का लक्ष्य पूरा किया है. इसके बाद से ही रेलवे विभाग अपनी सभी ट्रेनों को समय पर निकलने और पहुंचने पर गंभीरता से काम कर रहा है.

कोरोना: केरल सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, अगले 1 साल तक लागू होंगे ये नियम


केरल में कोरोना से बचाव के दिशानिर्देशों का अगले एक साल तक पालन किया जाएगा. केरल सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, मास्क और सामाजिक दूरी के नियमों के पालन के नियम जुलाई 2021 तक लागू रहेंगे. बिना सरकारी इजाजत के कोई भी आयोजन  नहीं किया जाएगा. केरल के सीएम ऑफिस से जारी आदेश में कहा गया है कि आज सुबह 6 बजे से ट्रिपल लॉकडाउन यानी ज्यादा प्रतिबंध तिरुवनंतपुरम में एक हफ्ते तक लागू रहेंगे.
केरल सरकार ने लोगों के लिए कोविड 19 सेफ्टी गाइडलाइंस को एक साल तक अनिवार्य कर दिया है जिसके तहत सार्वजनिक जगहों पर एक साल तक मास्क पहनना जरूरी होगा. ये कदम कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं. राज्य सरकार ने कहा है कि नए नियम जुलाई 2021 तक लागू रहेंगे. नई गाइडलाइन जारी की गई है.
गाइडलाइन के अनुसार मास्क लगाने के साथ ही लोगों को सार्वजनिक जगहों और कार्यक्रमों के दौरान 6 फीट की सामाजिक दूरी का भी पालन करना होगा. शादी में 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते. वहीं अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोगों को इजाजत नहीं होगी. नई गाइडलाइन के अनुसार लोग संबंधित अथॅारिटी की लिखित परमिशन के बिना लोग किसी तरह का आयोजन, धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता. वहीं सार्वजनिक जगहों पर थूकना प्रतिबंधित होगा. जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी.

कोरोना: इस शहर के लोगों ने खुद लगाया 8 दिन का लॉकडाउन, जानें पूरी बात


मुंबई से सटे जिले रायगढ़ के महाड़ शहर में 8 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है. कोरोना को बढ़ते मामलों को खत्म करने के लिए लोगों ने ये लॉकडाउन खुद किया है. ये ठीक उसी प्रकार है जब प्रधानमंत्री के आवाहन पर पूरे देश ने खुद को घरों में कैद कर लिया था. जिसे जनता कर्फ्यू नाम दिया गया था.
लॉकडाउन को लागू करने के लिए इलाके की राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता, सोशल वर्कर और दुकानों के प्रतिनिधियों की एक बैठक हुई थी. इस बैठक में मौजूद सभी लोगों ने लॉकडाउन करने के फैसले पर मुहर लगाते हुए इसे लागू कर दिया है. लोगों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जीवन के लिए आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी दुकाने बंद रहेंगी.
साथ ही दूध की ब्रिकी सुबह के दस बजे तक होगी. इसके बाद कोई भी दूध की स्पलाई नहीं करेगा. वहीं मेडिकल की दुकानें 24 घंटे खुली रखने का फैसला बैठक में हुआ है. बताते चलें कि रायगढ़ के इस इलाके में कोरोना मरीजो की संख्या 68 है और अब तक 7 लोग इस गंभीर बीमारी की चपेट में आने से अपनी जान गंवा चुके हैं.

देखें: मनाली में तिब्बती लोगों ने कैसे किया भारतीय सेना का स्वागत


लद्दाख में भारत से तनाव के बीच चीन चौतरफा आलोचना का सामना कर रहा है। यहां तक कि तिब्बत के लोग भी चीन के खिलाफ हैं। शनिवार को तिब्बती लोगों ने चीनी आक्रामकता के खिलाफ जहां न्यूयॉर्क में प्रदर्शन किया। वहीं, मनाली में रह रहे निर्वासित तिब्बती समुदाय के लोगों ने भारतीय सेना के काफिले को देखकर रोड के दोनों किनारों पर खड़े होकर स्वागत किया।
हिमाचल प्रदेश के मनाली में भारतीय सेना के काफिले का स्वागत करते निर्वासित तिब्बती समुदाय के लोगों का विडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें ये लोग स्वतंत्र तिब्बत के झंडे के साथ भारतीय सेना की अगवानी करते दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि ये लोग 1960 के दशक से बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के भारत आने के समय ही उनके साथ यहां आकर बस गए थे।
हिमाचल के धर्मशाला में तिब्बत की निर्वासित सरकार का मुख्यालय हैं। यहीं पर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा भी रहते हैं। बता दें कि तिब्बत पर कब्जे के दौरान चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने कई बौद्ध मठों को न केवल तोड़ दिया था बल्कि कई धार्मिक नेताओं की हत्या भी करवा दी थी। इतना ही नहीं, प्रशासन को खतरा देखते हुए चीन ने कई मठों पर अपना कब्जा भी जमा लिया।

Vikas Dubey: दुर्दांत विकास दुबे पर ढाई लाख का इनाम घोषित, चौबेपुर थाने के तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड


कानपुर के चौबेपुर में हुई मुठभेड़ को 80 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक विकास दुबे का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। विकास दुबे पर इनाम की रकम एक लाख से बढ़ा कर ढाई लाख कर दी गई है। आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद पुलिस की 100 से अधिक टीमें तीन राज्यों में विकास की तलाश कर रही हैं। विकास को पकड़ने के लिए पुलिस ने उन्नाव टोल प्लाजा में उसकी फोटो लगाई है।
8 पुलिसकर्मियों के मौत के जिम्मेदार दहशतगर्द विकास के ऊपर अभी तक एक लाख का इनाम घोषित था। आईजी रेंज कानपुर मोहित अग्रवाल ने डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी को पत्र लिख इनाम बढ़ाने की मांग की थी। जिसके बाद डीजीपी ऑफिस से दुर्दांत विकास दुबे पर इनाम की रकम बढ़ाकर ढाई लाख कर दी गई है।
कानपुर एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसएसपी कानपुर दिनेश कुमार पी ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। चौबेपुर में तैनात दरोगा कुंवर पाल, दरोगा कृष्ण कुमार शर्मा और सिपाही राजीव को निलंबित किए गए हैं। इन तीनों की कॉल डिटेल्स में विकास दुबे का नंबर मिलने पर कार्रवाई हुई है।
यूपी की सीमाओं को सील कर दिया गया है। नेपाल बॉर्डर पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। विकास की अंतिम लोकेशन पुलिस ने औरैया में ट्रेस की थी। पुलिस अधिकारी ये बता रहे हैं कि वो यूपी की सीमाओं को सील करने से पहले ही यूपी छोड़ चुका था।
वहीं पुलिस ने बिकरू गांव में विकास के मकान को जमींदोज कर दिया है। उसके घर से भारी मात्रा में असलहा बारूद मिला है। पुलिस ने उसके घर की दीवारों में चुने हुए हथियार भी बरामद किए है। पुलिस ने विकास के बैंक खातों को सीज कर उसके संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है।

Kanpur Encounter: विकास दुबे की पत्नी रिचा को लेकर हुआ ये बड़ा खुलासा


विकास दुबे के काले कारनामों की जानकारी उसकी पत्नी रिचा दुबे को भी है। इसलिए वह बच्चों के साथ लखनऊ में अलग रहती थी ताकि उसे या बच्चों पर कोई आंच न आए। हालांकि पर्दे के पीछे रहकर वह विकास का साथ देती थी। जब भी पुलिस विकास को घर से गिरफ्तार करती, पत्नी सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल कर देती।
ऐसा वह एनकाउंटर के डर से करती थी। पुलिस को इस संबंध में कई साक्ष्य मिले हैं। रिचा भी अब पुलिस के रडार पर है। रिचा दुबे जिला पंचायत सदस्य है। राजनीति में उसका दबदबा सिर्फ विकास के दम पर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह विकास के अपराधों पर पर्दा डालती आई है। विकास कहां और किस घटना में शामिल है उसे पता रहता था।
शक है कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए रिचा पति विकास का साथ देती थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि बिकरू वाले घर में लगे कैमरे रिचा ने अपने मोबाइल से कनेक्ट कर रखे हैं। यहां की हर गतिविधि पर वो लखनऊ से नजर रखती थी। जब भी पुलिस घर से पकड़ती वह फुटेज वायरल कर देती थी। पुलिस इन सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस अब विकास और उसके परिवार वालों की संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक विकास की अधिकतर संपत्ति, घर, फ्लैट समेत अन्य जायदाद पत्नी के नाम है। ये संपत्ति कई करोड़ की है। पुलिस प्रशासन मिलकर इसका पूरा लेखाजोखा जुटा रहा है।
विकास पहले जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। अब उसकी पत्नी सपा से जिला पंचायत सदस्य है। भविष्य में वह पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनाने का ख्वाब देख रहा था। इसके लिए वो तैयारियां भी कर रहा था। नेताओं तक विकास की पहुंच है। वहीं दर्जनों गांव के लोगों पर भी उसकी कमान है। विकास के दम पर रिचा राजनीति में यहां तक पहुंची।

Saturday, 4 July 2020

Post Office KVP स्कीम में 124 महीने में डबल होंगे पैसे, ऐसे उठा सकते हैं फायदा


हर कोई निवेश से पहले जानना चाहता है कि उसके पैसे पर कितना रिटर्न मिलेगा या कब पैसा दोगुना होगा। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका पैसा गारंटी से डबल हो तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र योजना एक अच्छा विकल्प हैं, क्योंकि पोस्ट ऑफिस में आपका पैसा 100 फीसदी सुरक्षित रहता है। इसलिए आप बिना जोखिम के निवेश कर सकते हैं। किसान विकास पत्र योजना में निवेश करने पर बेहतर रिटर्न की गारंटी मिलती है। पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसान विकास पत्र में 124 महीने यानी 10 साल और 4 महीने की मैच्योरिटी अवधि होती है।
किसान विकास पत्र योजना में आपका निवेश 124 महीने में डबल हो जाएगा। 2021 की दूसरी तिमाही यानी 30 सितंबर तक इसकी ब्याज दर 6.9 फीसदी तय की गई है। अगर आप इस योजना में एकमुश्त एक लाख रुपये की राशि निवेश करते हैं, तो आपको मेच्योरिटी पर 2 लाख रुपये रिटर्न में मिलेंगे।
किसान विकास पत्र योजना में आपको कई सुविधाएं मिलती हैं। आप इसे ढाई साल बाद भुना सकते हैं। इसके अलावा योजना को दूसरे पोस्ट ऑफिस में भी ट्रांसफर किया जा सकता है। किसान विकास पत्र योजना में नॉमिनेशन की सुविधा भी जाती है।
18 साल के बाद कोई भारतीय किसान विकास पत्र योजना में निवेश कर सकता है। खास बात है कि इस योजना में आपको सिंगल अकाउंट और ज्वॉइंट अकाउंट की भी सुविधा मिलती है। हालांकि, इस योजना में नाबालिग भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उनकी देखरेख अभिभावक को करनी होगी।

Bank-Post Office ग्राहकों को हो सकता है बड़ा नुकसान! 3 दिन में जमा कराना होगा फॉर्म


बैंक और पोस्ट ऑफिस में एफडी के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। अगर ग्राहकों ने 7 जुलाई तक 15G और 15H फॉर्म जमा नहीं कराया तो उनको बड़ा नुकसान हो सकता है। आयकर विभाग के मुताबिक, ग्राहकों को 7 जुलाई तक 15G और 15H फॉर्म जमा करना होगा, अन्यथा ब्याज पर TDS काट लिया जाएगा।
बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के चलते जमाकर्ताओं को FD पर देय ब्याज पर टीडीएस को लेकर राहत दी थी। लेकिन, अब 15G और 15H फॉर्म जमा नहीं कराया तो TDS कटेगा। आयकर विभाग ने इस फॉर्म को भरने की अवधि 7 जुलाई तक बढ़ा दी। बता दें कि एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस से राहत के लिए दोनों फार्म भरने जरूरी होते हैं।
आयकर विभाग के अनुसार, 15G और 15H फॉर्म जमा कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर बैंक ब्याज की रकम पर 10 फीसदी टीडीएस काट लेता है। इससे बचने के लिए जमाकर्ता को फॉर्म 15G या फॉर्म 15H भरकर यह बताना होता है कि उनकी आय टैक्स योग्य सीमा से कम है। फॉर्म 15G या 15H ( वरिष्ठ नागरिकों के लिए ) जमा कर ब्याज या किराये जैसी आमदनी पर TDS से बचा जा सकता है।
बता दें कि 15G फॉर्म को 60 साल से कम उम्र के भारतीय नागरिक, HUF या ट्रस्ट कर जमा कर सकते हैं। वहीं, फॉर्म 15H 60 साल से ज्यादा की उम्र के लोग जमा कर सकते हैं। आपको बता दें कि दोनों फॉर्म की अवधि एक साल के लिए होती है। इन्हें हर साल जमा कराना अनिवार्य होता है।
फॉर्म 15G या 15H के जमा करने में देरी के कारण ब्याज पर TDS काट लिया जाता है, जिसके रिफंड के लिए इनकम टैक्स रिफंड फाइल की जाती है।

Sakhi Yojana: इस सरकारी योजना में हर महीने मिलेंगे 4000 रुपये, ऐसे उठा सकते हैं फायदा


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 मई 2020 को सखी योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुंचाना है। इस योजना के अंतर्गत राज्य की महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही साथ प्रदेश के बैंकिंग सिस्टम को सुधारने के लिए भी बड़ी पहल की है। सखी योजना के तहत बैंकिंग सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए सखी की तैनाती की तैयारी है। योजना की शुरुआत में करीब 58,000 बैंकिंग सखी को लगाया जाएगा। इन सखी को काम के बदले में कमीशन दिया जाएगा। योजना में उन महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर है।
सखी योजना का पूरा नाम Banking Correspondent Sakhi Yojna है। इस योजना के तहत गांव की महिलाएं बैंकों से जुड़कर पैसों के लेनदेन की जानकारी घर-घर जाकर देगी। यूपी सरकार की इस योजना के तहत करीब 58 हजार महिलाओं को नौकरी मिलेगी।
इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को शामिल किया जाएगा, जो गांवों में लोगों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्‍ध कराएंगी। इन महिलाओं को 6 महीने तक प्रति माह 4,000 रुपये की सैलरी मिलेगी। इसके अलावा लोगों को बैंकिंग ट्रांजेक्‍शन कराने के लिए इन्‍हें कमीशन भी मिलेगा। इससे बैंकिंग सिस्टम में भी काफी सुधार की संभावना है
राज्य सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है, लेकिन आवेदन को लेकर सरकार विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध कराएगी।

Corona का साइड इफेक्ट, सब्जी बेचने को मजबूर हुआ ये पंजाबी सिंगर


पूरा देश इन दिनों कोरोना वायरस से ग्रसित है। इसी कड़ी में पंजाब के गायक भी काफी बुरे दौर से गुजर रहे हैं। आलम ये है कि सिंगर सब्जी बेचने को मजबूर हैं।
अमृतसर में एक गायक जोड़ी सब्जी बेचने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि पहले दोनों पती-पत्नी बड़े फंक्शन और कार्यक्रमों में गाने गाते थे औऱ उस पैसे से अपना परिवार चलाते थे। लेकिन, लॉकडाउन के कारण उनकी आर्थिक हालत बेहद दयनीय हो गई है। न तो उन्हें कोई ऑर्डर मिल रहा है और ना ही वे पैसे कमा रहे हैं। जिसके कारण ये सब्जी बेचने पर मजबूर हो गए हैं और किसी तरह अपने परिवार का गुजर बसर कर रहे हैं। इस गायक जोड़े का नाम है जीत पोटली और प्रीत कोटली
जीत पोटली और प्रीत कोटली कई गाने गा जुके हैं और उनका एलबम भी रिलीज हो चुका है। हाल ही में उन्होंने एक ऐसा गाना गाया, जो चर्चा का विषय बन गया। भारत-चीन के बीच हिंसक झड़प में सैनिकों की शहादत पर उन्होंने श्रद्धांजलि देते हुए एक गाना रिलीज किया और चीन को चेतावनी भी दी। पूरे इलाके में लोग इन्हें जानते हैं और सब्जी बेचकर दोनों संदेश भी दे रहे हैं। प्रीत कोटली का कहना है कि अपने पति के साथ सब्जी बेचने में उन्हें कोई शर्म नहीं है। उन्होंने कहा कि जब स्टेज पर अपने पति के साथ गाना गा सकती हूं, तो सब्जी बेचने में कैसा शर्म। यहां आपको बता दें कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण कई पंजाबी सिंगर बेरोजगारी के शिकार हो चुके हैं। अपने खर्चे निकालने के लिए कोब फसल की बुआई कर रहा है तो कोई रिक्शा चला रहा है। तो कुछ सब्जियां बेच रहे हैं। इनका कहना है कि पेट पालने के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा।

112 साल से बंजर है धरती का ये हिस्सा, उल्कापिंड गिरने से जमीन से उखड़ गए थे 8 करोड़ पेड़


आकाशगंगा में उल्कापिंडों की हलचल एक आम बात है। मगर जब यहीं एस्ट्रॉयड पृथ्वी से टकराते हुए धरती पर आ गिरते हैं तो भयंकर तबाही लाते हैं। विनाश का ऐसा ही कुछ मंजर 112 साल पहले देखने को मिला था। जब एक विशालकाय उल्कापिंड टूटकर रूस के तुंगुस्‍का में आ गिरा था। सूरज की धधकते इस आग के गोले ने काफी तबाही मचाई थी। इससे जमीन में कई फुट गहरा गड्ढा बन गया। साथ ही 8 करोड़ पेड़ जड़ से उखड़ गए। इस भयावह मंजर को देख हर कोई दहशत में था।
रूस में जूनिलन कैलेंडर के अनुसार 17 जून 1908 को सुबह लगभग 07:17 बजे लोगों ने आकाश में चारों ओर घूमता हुआ एक चमकीला प्रकाश देखा था। जो अचानक पास आते ही एक आग के गोले में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ये आग का गोला पूर्व से उत्तर की ओर चला गया। इसकी गति और आवाज इतनी तेज थी जैसे कोई भूकंप।
इस कंपन का असर जर्मनी, डेनमार्क, क्रोएशिया, यूनाइटेड किंगडम में भी देखने को मिला। रिक्‍टर स्‍केल पर इसकी तीव्रता 5 पाइंट मापी गई जो प्रभावशाली भूकंप के समान थी। बताया जाता है कि इस भयंकर विस्फोट से धूल का इतना बड़ा गुब्बार निकला कि एशिया और यूरोप में पूरा आसमान ढक गया। कई दिनों तक यहां सूरज की रौशनी तक दिखाई नहीं दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि उल्कापिंड जिस जगह गिरा वहां बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ गए। साथ ही वो हिस्सा हमेशा के लिए बजंर हो गया। यहां आज तक कोई पेड़ पौधा नहीं निकला है। उल्कापिंड की आग से धरती के उस हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है।

'शापित' कहलाता है यूपी का ये पुल, 20 साल में 1000 से ज्यादा लोगों ने की खुदकुशी


वैसे तो मॉर्डन जमाने में लोग भूत-प्रेत या शापित जैसी चीजों पर यकीन करना मुश्किल है। इसके बावजूद देश में कई लोग ऐसे हैं जो अभी भी इन अंधविश्वासों को मानते हैं। तभी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित एक पुल को 'शापित' माना जाता है। बीते दो दशक से सुसाइड पॉइंट बना हुआ है। 20 साल में करीब 1000 से ज्यादा लोगों ने इस पुल से कूदकर अपनी जान दे दी है। इसलिए यहां रात में आने से लोग कतराते हैं।
यह पुल यूपी में प्रयागराज को नैनी से जोड़ने के लिए बनाया गया था। इसका नाम यमुना ब्रिज है। मगर लोग इसे 'शापित' हैं। इसलिए इसे अब अब सुसाइड पुल के नाम से जाना जाता है। लोगों का कहना है कि ये पुल आत्महत्या करने के लिए उकसाता है। तभी जिंदगी से हताश होकर लोग यहां खुदकुशी कर लेते हैं। यह पुल साल 2000 मैं तैयार हुआ था। इस पुल के बनने से मिर्जापुर और मध्य प्रदेश की ओर जाने वालों लोगो को आराम हो गया था। प्रयागराज का नया यमुना पुल नैनी और कीडगंज थाने की सीमा में आता है। पुल का उत्तरी हिस्सा कीडगंज में है और दक्षिणी हिस्सा नैनी में है। यहां होने वाले हादसों में सीमा विवाद बहुत होता है। इसके चलते कई बार मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पाती है।
पुल पर लगाकर हो रही आत्महत्याओं को रोकने के मकसद से इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक अधिवक्ता ने पीआईएल दाखिल किया था। जिसमें उन्होंने पुल के दोनों तरफ जाली लगाने की मांग की थी। हालांकि इसके जवाब में पुल का रख—रखाव करने वाली कंपनी एनएचएआई ने दलील दी कि पुल पर अतिरिक्त भार लगाए जाने से ये टूट सकता है। इससे जान-माल को नुकसान हो सकता है।

भारत को विभाजित करना चाहता है ये दल, चीन की हरकतों से मिला सपोर्ट


एक तरफ चीन भारत पर कब्जा जमाने के सपने देख रहा है. दूसरी ओर पंजाब में भी देश विरोधी गतिविधि हो रही है. बता दे कि गुरपतवंत सिंह पन्नू की अलग देश बनाने का सपना लगातार गति पकड़ता जा रहा है. उसने अलग देश की स्थापना की मांग तेज कर दी है. वही, देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की गई. जनहित याचिका पर केंद्र और पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि इस संस्था की प्रत्येक गतिविधि पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नजर है.
पंजाब में रेफरेंडम के प्रयासों को किसी हाल में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. रेफरेंडम कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो पाएगा. बता दे कि केंद्र और पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को कहा कि 1 जुलाई को ही इस संस्था के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित किया जा चुका है. उसकी संस्था सिख फॉर जस्टिस को पंजाब सरकार गत वर्ष 10 जुलाई को बैन कर चुकी है. संस्था के खिलाफ अब तक 16 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और इसके 118 व्हाट्स एप ग्रुप ब्लॉक किए जा चुके हैं.
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सुरक्षा एजेंसियां हर समय उसकी गतिविधी पर नजर रख रही है. ताकि किसी भी सूरते हाल में उसके प्रयास कामयाब नहीं हो पाए. बता दे कि आगे जो कार्रवाई की जा रही है वह सुरक्षा कारणों और मामले की संवेदनशीलता के चलते गोपनीय रखी जा रही है, जिसे बताया नहीं जा सकता है. वहीं, हरियाणा सरकार ने भी इस मामले में हाईकोर्ट को उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. वही, चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने केंद्र सहित पंजाब और हरियाणा सरकार की कार्रवाई पर संतुष्टि जताई. साथ ही पंजाब सरकार को निर्देश दिए हैं, कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाजवा और उसके परिवार की सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किया जाए क्योंकि  यह बेहद ही संवेदनशील मामला है और याचिकाकर्ता की सुरक्षा भी खतरे में हैं.