Tuesday, 13 August 2019

इंसानों की तरह ये काम करता दिखा बंदर, वीडियो हुआ वायरल


आप ये जानते हैं कि हमारे पूर्वज वानर हुआ करते थे, इसलिए इंसानों और बंदरों के व्यवहार में अगर कोई समानता दिख भी जाए तो इसमें हैरान होने वाली कोई बात नहीं है. कई बार बंदर ऐसी हरकतें करते दिख जाते हैं जिसे देखकर हैरानी होती है. इसके अलावा बंदरों में यह खासियत पाई जाती है कि वो इंसानों की हर हरकत की हुबहू नकल उतार सकते हैं. चाहें इंसानों के खाने का तरीका हो या बैठने का, ये बंदर आसानी से उनकी कॉपी कर सकते हैं. वैसे ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसके बारे में आपको बताने जा रहे हैं. 
दरअसल, इन दिनों इंटरनेट पर एक ऐसे बंदर का वीडियो वायरल हो रहा है, जो इंसानों की तरह कपड़े धोता नजर आ रहा है. जिस तरह पहले के समय में लोग बिना वाशिंग मशीन के कड़पे धोते थे वैसे ही ये बंदर भी धो रहा है. इसका वीडियो काफी तेज़ी से वायरल हो रहा है. देसी अंदाज में कपड़े धोते हुए इस बंदर के मजेदार वीडियो  को सुशांत नंद नाम के एक आईएफएस अधिकारी ने शेयर किया है.
इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह से एक बंदर कपड़े को बर्तन में रखे पानी में डुबो देता है और फिर उसे धोने लगता है. देसी अंदाज में कपड़े धो रहे इस बंदर के मजेदार वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है. लेकिन बता दें ये पता नहीं चला है कि ये वीडियो कहाँ का है और कब का है. पर सभी को ये वीडियो काफी पसंद आ रहा है. 


ये है सबसे महंगी आलू चिप्स, 5 पीस के लिए देने होंगे 5000 रूपए

 जब भीआप आलू की चिप्स खाना पसंद करते हैं तो आप बाजार से खरीद लेते हैं जो कुछ खास महँगी नहीं आती. ये आप किइस भी समय खा सकते हैं. लेकिन आज हम आपको ऐसे आलू की चिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत सुनकर ही आपके होश उड़ जायेंगे. आपने कभी नहीं होगा कि सिर्फ 5 आलू की चिप्स की कीमत 4000 रूपए भी हो सकती है. आज हम इसी के बारे में बताने जा रहे हैं. आइये जानते हैं क्या है इसमें ऐसा खास.
दरअसल, एक स्वीडिश आलू के चिप्स की कंपनी है जो अपने विशेष आलू होने के कारण उसकी चिप्स के चलते बाजार में मशहूर है. बता दें, सेंट एरिक नामक एक स्वीडिश ब्रेवरी ने दुनिया के सबसे महंगे आलू के चिप्स बनाए हैं. अजीब और चौकाने वाली बात ये है कि इन चिप्स के पैकेट में केवल 5 चिप्स होते हैं, जिसकी कीमत 56 डॉलर है, यानी पांच हजार रूपये के करीब. इसका मतलब है कि एक चिप्स की कीमत 784 रूपये के करीब.
आप देख सकते हैं इन चिप्स का पैकेट ज्वेलरी बॉक्स की तरह है. इसमें पांच चिप्स के लिए अलग-अलग किट हैं. इसकी पैकिंग देखने के लिए आप कंपनी की वेबसाइट पर जा सकते हैं. वहीं सेंट एरिक्स कंपनी के ब्रांड मैनेजर मार्क एरीस का कहना है कि, हम अपनी कंपनी की बीयर के साथ एक विशेष स्नैक परोसना चाहते थे और उसी हैसियत का. उनका कहना है कि हमने बहुत मेहनत की और दुनिया का सबसे खास आलू के चिप्स बनाए'.
इसी के साथ आपको बता दें कि ये नॉर्डिक क्षेत्र में उपलब्ध कुछ सबसे विशिष्ट सामग्रियों से बने हैं और स्वीडिश राष्ट्रीय टीम के प्रतिभाशाली शेफ ने तैयार किए हैं. इसके अलावा ये चिप्स मैत्स्कुट मशरूम ट्रफल्ड सीवीड इंडिया पेल एले वोर्ट क्राउन डिल लेक्सैंड प्याज जैसे पांच फ्लेवर्स में उपलब्ध है. 


कश्मीर मामले पर अमेरिकी सांसद ने जताई थी चिंता, अब मांगनी पड़ी माफ़ी


 कश्‍मीर मुद्दे पर विश्व बिरादरी में भारत को बढ़ते समर्थन के बीच एक अमेरिकी सांसद ने अपने पुराने रुख में बदलाव किया है. धारा 370 समाप्‍त होने के बाद कश्‍मीर की वर्तमान हालात पर चिंता जाहिर करते हुए अमेरिकी सांसद थॉमस सुओज्‍जी ने अमेरिकी रक्षा मंत्री माइक पोम्पियो को पत्र भेजा था. इस सिलसिले में भारत का पक्ष रखने के लिए उनके निर्वाचन क्षेत्र न्‍यूयॉर्क 3rd डिस्ट्रिक्‍ट के भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लगभग 100 लोगों ने थॉमस से मुलाकात की.
उनसे मिलने के बाद सांसद महोदय ने बयान जारी करते हुए अपनी गलती के लिए माफी मांग ली है. अपने बयान में थॉमस ने कहा कि, ''उस बैठक के बाद मुझे अहसास हुआ कि खत लिखने से पहले भारतीय-अमेरिकी समुदाय के इन मित्रों से विचार विमर्श नहीं करके मैंने भूल की. मैं माफी चाहता हूं. यदि मैंने पत्र लिखने से पहले उनसे मुलाकात कर ली होती तो मेरी चिंताएं कुछ और होतीं.'' 
आपको बता दें कि जम्‍मू-कश्‍मीर में धारा 370 खत्‍म होने के बाद चीन, अमेरिका सहित विश्‍व बिरादरी में इस मुद्दे को उठाने के बाद भी पाकिस्‍तान को कोई समर्थन नहीं मिला. चीन ने पाक को नसीहत दी है, तो अमेरिका ने भी मामले से पल्‍ला झाड़ लिया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र के उच्च  अधिकारियों ने तो कश्‍मीर मुद्दे पर जवाब देना भी आवश्यक नहीं समझा. भारत की इस बड़ी सफलता को स्‍वीकार करते हुए आखिरकार पाकिस्‍तान ने हार मान ली है.

सुप्रीम कोर्ट ने असम NRC पर दिया बड़ा आदेश, होगा 40 लाख लोगों की किस्मत का फैसला


सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि एनआरसी डाटा में आधार की तरह गोपनीयता बरक़रार रखी जाएगी. 31 अगस्त को फ़ाइनल एनआरसी रिपोर्ट प्रकाशित होगी. इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने असम एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने की समय सीमा 31 अगस्त तक के लिए आगे बढ़ा दी थी. पहले ये समयसीमा 31 जुलाई तक थी. हालांकि अदालत ने एनआरसी ड्राफ्ट में स्थान पाए लोगों की भी दोबारा समीक्षा की केंद्र और प्रदेश सरकार की मांग ठुकरा दी थी.
केंद्र और प्रदेश सरकार ने सीमावर्ती जिलों में 20% की दुबारा जांच शुरू करने की मांग की थी. सरकार ने आशंका जताई थी कि लाखों अवैध शरणार्थी भी स्थानीय NRC अधिकारियों के साथ मिलकर एनआरसी मसौदे में जगह पा लिए. शीर्ष अदालत ने को-ऑर्ड‍िनेटर प्रतीक हजेला से कहा था कि आपको 31 जुलाई की समयसीमा तक अपना कार्य पूरा करना है, केवल इस वजह से प्रक्रिया को जल्दबाजी में न करें.
इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायलय ने कहा था कि कुछ मीडिया रिपोर्ट हैं कि दावे और आपत्तियों के साथ कैसे निपटा जा रहा है और मीडिया हमेशा गलत नहीं होता है. कभी-कभी वे सही भी होते हैं. कृपया यह सुनिश्चित करें कि प्रक्रिया में कोई कमी न रह जाए और यह सही तरीके से संपन्न की जाए.  आपको बता दें कि असम में एनआरसी के फाइनल मसौदा गत 30 जुलाई 2018 को जारी हुआ था जिसमें लगभग 40 लाख लोग बाहर रह गए थे.


मध्य प्रदेश के इस पुलिस डॉग ने कई बदमाशों को पहुँचाया जेल, जीते अवार्ड और अब हुआ रिटायर


मध्य प्रदेश के बैतूल में सोमवार को RPF के डॉग स्क्वाड का सबसे चर्चित स्निफर डॉग सेवानिवृत्त किया गया. आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम और कुंभ मेले के दौरान भी इस डॉग की सेवाएं ली गई थीं. उन्होंने बताया कि इस डॉग ने कई उठाईगीर, बदमाशों और नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों की नाक में दम कर रखा था. वहीं, अब बैतूल RPF में तैनात रहा ये स्निफर डॉग जॉन आज अपनी शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गया.
मध्य प्रदेश के बैतूल स्थित डॉग स्कवॉड में तैनात जॉन को इस अवसर पर भावपूर्ण विदाई दी गई. जॉन अब नागपुर के एक एनजीओ की देखभाल में रहेगा. 9 वर्ष दस महीने तक सेवा देने वाले जॉन ने अपनी सेवा में कई अवार्ड भी जीते हैं. कई प्रशस्ति पत्र से अफसरों ने उसके काम की प्रशंसा की है. स्क्वॉड के मास्टर जीएस सल्लाम के अनुसार, कॉमनवेल्थ गेम एक्सप्रेस हो या फिर कुंभ मेला या फिर रेलवे स्टेशनों पर नशे का कारोबार करने वाले. हर कहीं जॉन ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया.
वहीं,  एनिमल वेलफेयर से संबंधित आफिसर मानते हैं कि जिसने लाखों लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया. उसे रिटायरमेंट के बाद उपेक्षित कर दिया जाता है. सेवानिवृत्ति के बाद उसकी देखभाल, पेंशन, ग्रेज्युटी का इन्तजाम सरकार की तरफ से किया जाना चाहिए.


RSS ने किया 'अखंड भारत' दिवस मनाने का ऐलान, 14 अगस्त को लाखों कार्यकर्ता लेंगे संकल्प


 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके अनुषांगिक संगठनों की तरफ से स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व 14 अगस्त को अखंड भारत दिवस मनाया जाएगा. हालांकि कुछ स्थानों पर ऐसे प्रोग्राम 15 अगस्त को भी होंगे. संघ प्रति वर्ष ऐसे आयोजन करता है. इस दिन देश भर में लगने वाली शाखाओं में जहां संघ के कार्यकर्ता अखंड भारत का संकल्प लेंगे, वहीं विभिन्न इकाइयों की तरफ से आयोजित किए गए कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं को बुलाकर अखंड भारत के सपने को साकार करने पर चर्चा की जाएगी.
संघ का मानना है कि 15 अगस्त को हमें आजादी अवश्य मिली, लेकिन हमें मातृभूमि के विभाजन का गहरा घाव भी सहना पड़ा है. संघ का यह भी कहना है कि अखंडता का मार्ग सांस्कृतिक है, न कि सैन्य कार्रवाई. भारत की अखंडता का आधार भूगोल से अधिक संस्कृति और इतिहास है.
दिल्ली में संघ की कई इकाइयों की तरफ से ऐसे कार्यक्रम आयोजन करने की तैयारियां चल रहीं हैं. संघ कर्मियों और विचारधारा का समर्थन करने वालों को आमंत्रण पत्र भी भेजे जा रहे हैं. आरएसएस की जनकपुरी नगर इकाई की तरफ से एमसीडी सामुदायिक भवन में अखंड भारत संकल्प और भारत माता पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया है. आमंत्रण पत्र में कहा गया है कि हर भारतीय नागरिक का एक ही स्वर्णिम स्वप्न अखंड भारत का है. तो आइए हम सब फिर एक बार मिलकर अखंड भारत का संकल्प लेते हैं.


जम्मू कश्मीर की विधानसभा सीटों का परिसीमन, चुनाव आयोग ने शुरू की बैठक


जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने और केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद प्रदेश में अलग तरीके से परिसीमन होना है. मंगलवार को निर्वाचन आयोग ने इस मामले की पहली बैठक बुलाई है. अब से कुछ देर में ये बैठक आरंभ होनी है, जिसमें जम्मू कश्मीर के विधानसभा सीटों के परिसीमन पर चर्चा की जाएगी. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश होने के साथ ही विधानसभा भी होगी.
निर्वाचन आयोग इस बैठक में शुरुआती चर्चा करेगा. जिसमें विधानसभा सीटों को देखते हुए सभी पक्षों की दलीलों को रखा जाएगा और प्रदेश के हालात को भी देखा जाएगा. निर्वाचन आयोग की इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, दोनों चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है, साथ ही लद्दाख को अलग कर दिया गया है. जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश होने के साथ ही एक विधानसभा भी होगा, मतलब यहां राज्य सरकार होगी और अपना मंत्रिमंडल होगा.
वहीं लद्दाख केवल केंद्र शासित प्रदेश ही रहेगा. साथ ही यहां पर राज्यपाल नहीं उपराज्यपाल का शासन होगा. यदि अभी की बात करें तो जम्मू-कश्मीर में कुल 111 विधानसभा सीटें हैं. जिनमें से 87 जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अंतर्गत हैं. बाकी 24 पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हैं. अब जो नया परिसीमन होगा, उसमें लद्दाख के खाते की 4 सीटें हट जाएंगी क्योंकि वहां पर विधानसभा नहीं होगी.


अंधेरे का फायदा उठाकर बुजुर्ग दंपत्ति के घर में घुसे लुटेरे, पीछे से किया हमला और....


 रात का समय, घर के चारों तरफ सन्नाटा और बुजुर्ग जोड़ा अकेला. दूर-दूर तक चीख पुकार सुनने वाला भी कोई नहीं. इन्हीं बातों का लाभ उठाकर डकैतों ने उन पर हमला कर दिया. आपको क्या लगता है इस लड़ाई में क्या डकैत जीत गए?  ज्यादा सोचिए मत बुजुर्ग दंपत्ति ने मिलकर डकैतों से लोहा लिया और डकैतों को दुम-दबाकर भागना पड़ा. यह घटना तमिलनाडु राज्य के तिरुनेलवी की है.
न्यूज एजेंसी की तरफ से बहादुर बुजुर्ग दंपत्ति का वीडियो जारी किया गया है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर डकैत कैसे बुजुर्ग को अकेला पाकर घर में घुसते हैं. वीडियो में आप देख सकते हैं कि बुजुर्ग व्यक्ति अपने घर के बरामदे में बैठे हुए हैं. उन्हें पता ही नहीं चला कि कब पीछे की ओर से हाथ में गंडासा लिए दो डकैतों ने हमला बोल दिया. एक डकैत ने उनके गले में कपड़ा डालकर उन्हें पीछें खींचा.
बुजुर्ग की आवाज सुनकर उनकी पत्नी भी घर से बाहर निकल आई और बड़ी ही फुर्ती से चप्पल, जूता, कुर्सी, जो हाथ में आया वही फेंककर डकैतों से भिड़ गईं. एक पल तो ऐसा हुआ कि उन्होंने प्लास्टिक की कुर्सी फेंककर डकैतों को मारा. कुर्सी टूट गई. आखिरकार दोनों पति-पत्नी के साहस ने डकैतों को भागने पर मजबूर कर दिया. बिल्कुल जिसको सिर पर पैर रखकर भागना कहते हैं.


बिछड़े भाई से फेसबुक पर मिली बहन, अब 14 साल बाद मनाएगी राखी


आप सभी जानते ही हैं कि राखी आने में कुछ ही समय बचा है. ऐसे में भाई-बहन इस दिन का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं और हाल ही में आई एक खबर में कुछ ऐसा हुआ है कि सुनकर आप खुश हो जाएंगे. जी हाँ, दरअसल इस मामले में फेसबुक ने सालों पहले बिछड़े भाई-बहन को मिलवा दिया है और अब चौदह साल बाद ये बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेगी. जी हाँ, खबरों के मुताबिक़ किशोरी जब तीन साल की थी, तब उसके माता-पिता अलग हो गए थे और भाई पिता के साथ और वो मां के साथ रहने लगी. वहीं उसके बाद मां ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन मां और सौतेले पिता परेशान करते थे.
वहीं पिता और भाई की शक्ल भी लड़की को याद नहीं थी और एक दिन बातों-बातों में मां ने भाई का नाम लिया तो किशोरी ने फेसबुक पर उसकी आईडी सर्च की. उसके बाद फेसबुक पर दिए नंबर को लेकर भाई से संपर्क किया जिसके बाद भाई अपनी बहन को लेने आ गया. जी हाँ, वहीं जब यह मामला पुलिस तक पहुंचा तो एसएचओ संजीव शर्मा ने एसडीएम कोर्ट में किशोरी के बयान दर्ज करवाए और उसे भाई के साथ भेज दिया. इस मामले में पुलिस ने बताया कि ''किशोरी नाबालिग है.
उसने भाई और पिता के साथ रहने की इच्छा जताई, इसलिए उसे एसडीएम कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद भाई के साथ दिल्ली भेज दिया. अब दोनों भाई-बहन 14 साल बाद 15 अगस्त पर रक्षाबंधन मनाएंगे. ये दोनों भाई बहन अब फेसबुक को धन्यवाद दे रहे हैं.''


बाढ़ से महाराष्ट्र के कई जिले जलमग्न, सीएम फडणवीस केंद्र से मांगेंगे 6800 करोड़ रुपए


महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार हो रही वर्षा ने सरकार की मुसीबत बढ़ा दी है. पुणे, नासिक, सांगली और कोल्हापुर जैसे कई जिले जलमग्न हो गए हैं. ऐसे में महाराष्ट्र के बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सूबे की फडणवीस सरकार केंद्र से सहायता मांगने की तैयारी कर रही है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि सरकार एक ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से 6800 करोड़ रुपए की सहायता मांगेगी.
सरकार ने जानकारी दी है कि कोंकण, नासिक और उर्वरित महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 2105 करोड़ की मांग की जाएगी. जबकि कोल्हापुर, सांगली और सतारा के बाढ़ प्रभावितों के लिए 4700 करोड़ रुपए की मदद मांगी जाएगी. मवेशियों के नुकसान की भरपाई स्थानीय सरपंच द्वारा किए गए आंकलन के आधार पर की जाएगी. बाढ़ से जिन लोगों के घरों को क्षति पहुंची है, उन्हें घर बनाने में राज्य सरकार मदद करेगी.
वहीं, बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए फडणवीस मंत्रिमंडल के मंत्रियों ने एक महीने का वेतन दान करने का फैसला लिया है. बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए सीएम ने नेवी, एयरफोर्स और एनडीआरएफ सहित सभी एंजेंसियों का शुक्रिया अदा किया.  आपको बता दें कि महाराष्ट्र में बाढ़ से मरने वालों की तादाद 43 हो गई हैं. अभी तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं.


अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पुछा- कहाँ हैं राम का जन्मस्थान ? हिन्दू पक्षकार ने दिया ये जवाब

 सर्वोच्च न्यायालय में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुनवाई हो रही है। इस मामले की सुनवाई अब प्रतिदिन हो रही है। सोमवार को ईद के कारण अदालत नहीं खुली, किन्तु मंगलवार को जब मामला सुना गया तो अदालत में कई तर्क सुनाई दिए। इसी दौरान न्यायालय ने रामलला के वकील से पूछा कि राम का जन्मस्थान कहां है? जिस पर अधिवक्ता एस सी वैद्यनाथन ने कहा कि बाबरी मस्जिद का जहां पर गुंबद था उसी के नीचे।
दरअसल, सुनवाई के दौरान जब सुप्रीम कोर्ट ने वकील से सवाल किया कि रामलला का जन्मस्थान कहां है? इसी के जवाब में रामलला की ओर से पेश हुए वकील वैद्यनाथन ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बाबरी मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे वाले स्थान को भगवान राम का जन्मस्थान माना है। अधिवक्ता ने कहा कि मुस्लिम पक्ष की ओर से विवादित स्थल पर उनका मालिकाना हक साबित नहीं किया गया था। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि हिंदू जब भी पूजा करने की खुली छूट मांगते हैं तो विवाद आरंभ हो जाता है।
आपको बता दें कि इससे पहले निर्मोही अखाड़ा और रामलला विराजमान की ओर से पक्ष रखे गए थे। मंगलवार को ही रामलला के वकील एस सी वैद्यनाथन ने अपनी तर्क रखे थे। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के एक पुराने फैसले का उल्लेख करते हुए कहा था कि अदालत ने भी माना था कि मंदिर की पुष्टि के लिए मूर्ति का होना आवश्यक नहीं है।


मंगलवार, 13 अगस्त: जानिए आज के पेट्रोल-डीजल के भाव


आज यानि 13 अगस्त को दिल्ली में पेट्रोल का दाम आज 73 रुपये प्रति लीटर है। डीजल 66 रुपये में बिक रहा है।सभी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर कीमतें समान हैं।

पेट्रोल।

जयपुर में एक लीटर पेट्रोल 76 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई में एक लीटर पेट्रोल 78 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल 75 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल 75 रुपये प्रति लीटर।

डीजल।

जयपुर में एक लीटर डीजल 70 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई में एक लीटर डीजल 69 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता में एक लीटर डीजल 68 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई में एक लीटर डीजल 69 रुपये प्रति लीटर है।

Monday, 12 August 2019

लेह-लद्दाख की मस्जिद पर फहराया गया तिरंगा, मुसलमानों ने कहा-हमें मोदी जी पर विश्वास था


धारा 370 हटने और जम्मू कश्मीर से अलग होने के बाद लद्दाख के लोग जमकर ख़ुशी मना रहे हैं, लद्दाख में ख़ुशी का आलम ये है कि – लेह-लद्दाख की सबसे पुरानी मस्जिद पर तिरंगा लहराया गया। इससे पहले यहाँ तिरंगा कभी नहीं लहराया गया था, जामा मस्जिद पर तिरंगा लहराने के बाद लद्दाख के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रिया कहा।
अब्दुल्लाह नाम के एक शख्स ने कहा कि, हमें नरेंद्र मोदी पर पूरा विश्वास है। हमारी पुरानी मांग पूरी हो गई। इस ख़ुशी में हम लेह की पुरानी जामा मस्जिद के ऊपर अपने हिन्दुस्तान का तिरंगा झंडा फहरा रहे हैं। हमें उम्मीद ही नहीं था कि हमें केंद्र शासित राज्य का दर्जा मिलेगा
जब जम्मू कश्मीर और लद्दाख एक में था तो लद्दाख से खूब भेदभाव होता था, ये किसी से छुपाए नहीं छुपा है, इसलिए जम्मू से अलग होने के बाद लद्दाख के लोग खूब खुश हैं, मानों उनको आजादी मिली हुई है और मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र साशित प्रदेश बना दिया, मतलब अब भेदभाव ख़त्म, जो योजना कश्मीर में जायेगी वो लद्दाख भी पहुंचेगी।

रोज बढ़ रहा है इस मंदिर में रखी गणेश भगवान की मूर्ति का आकार, प्रकट होने पर भी किया था चमत्कार


लोग तब तक किसी चमत्कार पर विश्वास नहीं करते जब तक कि वो उसे अपनी आंखों से नहीं देख लेते। आज एक ऐसे ही चमत्कारी मंदिर के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिसके चमत्कार को आप अपनी आंखों से भी देख सकते हैं। असल में एक ऐसा अनोखा मंदिर है जिसमें रखी भगवान गणेश की मूर्ति का आकार हर दिन बढ़ रहा है। गणेश भगवान का ये अनोखा मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर में स्थित है इस मंदिर का नाम कनिकक्कम गणपति मंदिर है।
इस मंदिर की एक और खास बात ये है कि यहां पर गणेश भगवान की जो मूर्ति रखी है वो एक नदी के बीचो बीच रखी है। लोगों में ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का दर्शन करने से भक्तों के सभी पा’पों का ना’श हो जाता है। मूर्ति का आकार बढ़ रहा है इस बात का सबूत ये है कि भक्त ने गणेश भगवान को जो कवच भेंट में दिए थे मूर्ति का आकार लगातार बढ़ने की वजह से अब वो उन्हें पहनाने में मुश्किल होती है।
इस मंदिर के निर्माण को लेकर जो कहानी बताई जाती है वो भी बहुत ही रोचक है। लोगों में प्रचलित कहानी के अनुसार तीन भाई जिनमें से एक गूंगा था, एक बहरा और एक अंधा था, उन तीनों ने एक बार मिलकर जमीन का एक छोटा का टुकड़ा खरीदा, जब उन्हें खेती के लिए पानी की जरूरत पड़ी तो वो उसी जगह पर कुंआ खोदने लगे। बहुत खुदाई करने के बाद पानी निकला और जब उन्होंने थोड़ी और खुदाई कि तो वहां पर एक मूर्ति दिखी मूर्ति हटाने पर वहां से खून की धारा निकली जिसे सारा पानी लाल हो गया। तीनों भाईयों ने जैसे ही उस मूर्ति का दर्शन किया तो वो तीनों एक दम ठीक हो गए और फिर वहां पर उस मूर्ति के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में लोगों ने उस मूर्ति को पानी के बीचोबीच ही स्थापित कर दिया।

मंदिर में पूजा करने के दौरान भक्त संग हुआ ऐसा, जानकर उड़ जाएंगे होश


बिहार में लखीसराय जिले के नगर थाना क्षेत्र के अशोकधाम मंदिर में आज सावन की अंतिम सोमवारी पर पूजा करने के दौरान अत्यधिक भीड़ और गर्मी की वजह से एक श्रद्धालु की मौत हो गयी तथा 15 अन्य बेहोश हो गये।
पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर श्रद्धालु अशोक धाम मंदिर जलाभिषेक करने आये हुये थे।
इसी दौरान अत्यधिक भीड़ और गर्मी की वजह से एक श्रद्धालु की मौत हो गयी जबकि 15 अन्य बेहोश हो गये। मृतक की तत्काल पहचान नही की जा सकी है।
मृतक की उम्र करीब 55 वर्ष है। सूत्रों ने बताया कि बेहोश लोगों का इलाज अशोक धाम स्थित शिविर में किया जा रहा है।